लाइव टीवी

COVID-19 से बचाव के लिए UP की इन जेलों में कैदी खुद तैयार कर रहे हैं मास्क और साबुन
Allahabad News in Hindi

भाषा
Updated: March 22, 2020, 4:27 PM IST
COVID-19 से बचाव के लिए UP की इन जेलों में कैदी खुद तैयार कर रहे हैं मास्क और साबुन
बीआर वर्मा ने बताया कि हालांकि कैदियों से मुलाकात करने आने वाले लोगों की थर्मल स्कैनिंग के लिए उपकरण उपलब्ध नहीं होने से जेल प्रशासन थोड़ा चिंतित जरूर है. (प्रतीकात्मक फोटो)

नैनी जेल (Nanny jail) में सुबह 8 बजे से शाम साढ़े चार बजे तक मास्क निर्माण का कार्य चल रहा है और सर्दी-जुकाम से ग्रस्त सभी कैदियों को मास्क बांटे जा रहे हैं. वहीं, साबुन की मांग 30 जेलों से आ रही है.

  • Share this:
प्रयागराज. नोवल कोरोना वायरस (Novel corona virus) से खुद की और साथी बंदियों की रक्षा करने के लिए उत्तर प्रदेश की विभिन्न केंद्रीय और जिला जेलों के कैदी साबुन और मास्क (Mask) तैयार कर रहे हैं. यह सामान खुद इस्तेमाल करने के साथ ही दूसरी जेलों में भी भेज रहे हैं. डीआईजी (जेल) बीआर वर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए वर्तमान में वाराणसी (Varanasi) की केंद्रीय जेल और जिला जेल, सोनभद्र जेल, जौनपुर जेल, कौशांबी जेल, नैनी सेंट्रल जेल, प्रतापगढ़ जेल, फतेहपुर जेल और  हमीरपुर जेल में कैदी मास्क तैयार कर रहे हैं.

उन्होंने बताया कि मास्क के अलावा, नैनी, आगरा और बरेली की जेलों में कैदियों द्वारा साबुन तैयार कर अन्य जेलों को भेजा जा रहा है. जेल प्रशासन ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए एहतियातन सभी उपाय किए हैं.  वर्मा ने बताया कि नैनी केंद्रीय जेल में कुछ दिन पहले ही मास्क बनाने का काम शुरू हुआ है जिसके लिए 10 मशीनें उपयोग में लाई जा रही हैं. नैनी जेल में मास्क बनाने के काम में 20 से अधिक कैदी लगाए गए हैं और प्रतिदिन 600-700 मास्क तैयार किए जा रहे हैं.

साबुन की मांग 30 जेलों में
उन्होंने बताया कि नैनी जेल में सुबह 8 बजे से शाम साढ़े चार बजे तक मास्क विनिर्माण का कार्य चल रहा है और सर्दी-जुकाम से ग्रस्त सभी कैदियों को मास्क बांटे जा रहे हैं. वहीं, साबुन की मांग 30 जेलों से आ रही है जिन्हें साबुन की आपूर्ति की जा रही है. वर्मा ने बताया कि जेल के कैदी बाहर से आने वाले लोगों से संक्रमित न हों, यह सुनिश्चित करने के लिए मुलाकातियों की संख्या तीन से घटाकर एक कर दी गई है.



थर्मल स्कैनिंग के लिए उपकरण उपलब्ध नहीं
उन्होंने बताया कि हालांकि कैदियों से मुलाकात करने आने वाले लोगों की थर्मल स्कैनिंग के लिए उपकरण उपलब्ध नहीं होने से जेल प्रशासन थोड़ा चिंतित जरूर है. नैनी केंद्रीय जेल के जेलर बीके त्रिवेदी ने बताया कि बाजार से थर्मल स्कैनिंग का उपकरण नहीं मिल पाने से मुलाकातियों की थर्मल स्कैनिंग नहीं हो पा रही है. नैनी केंद्रीय जेल में वर्तमान में 4,203 कैदी बंद हैं.

ये भी पढ़ें- 

COVID-19 सरकार की साजिश बताकर फंसे पूर्व सपा सांसद रमाकांत यादव

COVID-19: 'Janata Curfew' को लेकर लखनऊ बस अड्डे में फंसे सैकड़ों यात्री

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए इलाहाबाद से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 22, 2020, 4:18 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर