सपा सांसद आजम खान के निर्वाचन को जया प्रदा ने दी चुनौती, हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका

इसके साथ ही लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खान द्वारा जयाप्रदा के खिलाफ की गई बदजुबानी को भी याचिका में आधार बनाया गया है.

Sarvesh Dubey | ETV UP/Uttarakhand
Updated: July 5, 2019, 5:00 PM IST
सपा सांसद आजम खान के निर्वाचन को जया प्रदा ने दी चुनौती, हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका
हाईकोर्ट पहुंची जयप्रदा
Sarvesh Dubey | ETV UP/Uttarakhand
Updated: July 5, 2019, 5:00 PM IST
पूर्व सांसद और फिल्म अभिनेत्री जया प्रदा ने रामपुर से सपा सांसद मोहम्मद आजम खान के निर्वाचन को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है. जयप्रदा के वकील के रूप में राज्यसभा सांसद अमर सिंह भी इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे थे. उन्होंने जयाप्रदा की ओर से निर्वाचन याचिका दाखिल कर मोहम्मद आजम खान की लोकसभा की सदस्यता रद्द करने की मांग की है. याचिका में ऑफिस ऑफ प्रॉफिट और करप्ट प्रैक्टिस के आधार पर मोहम्मद आजम खान के निर्वाचन के रद्द करने की मांग की गई है.

इसके साथ ही लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खान द्वारा जया प्रदा के खिलाफ की गई बदजुबानी को भी याचिका में आधार बनाया गया है. जया प्रदा के वकील अमर सिंह के मुताबिक, वे सिर्फ जया प्रदा की लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं बल्कि नारी सम्मान की इस लड़ाई में वे उनका साथ दे रहे हैं. सांसद अमर सिंह ने सपा मुखिया अखिलेश यादव की तुलना कालीदास से की. उन्होंने कहा कि अखिलेश जिस पेड़ पर बैठे उसी शाखायें काटीं. अमर सिंह कहते हैं कि पिता (मुलायम सिंह यादव), चाचा शिवपाल यादव और मुझे पार्टी से निकाला. इसी वजह से विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी बुरी तरह से हार गई.

राज्यसभा सांसद अमर सिंह


अमर सिंह ने कहा है कि ऑफिस ऑफ प्रॉफिट और करप्ट प्रैक्टिस के साथ नारी सम्मान की लड़ाई के लिए वे हर उस दरवाजे को खटखटायेंगे, जहां उन्हें न्याय की रोशनी दिखेगी. इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता जया प्रदा ने राज्य निर्वाचन आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखा था. पत्र में उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के नवनिर्वाचित सांसद आजम खान के निर्वाचन को अवैध बताया है. साथ ही जयाप्रदा ने आजम खान का निर्वाचन निरस्त करने की मांग की है.

बता दें, 2 अप्रैल को आजम खान ने जब लोकसभा चुनाव का नामांकन किया था, तब वह जौहर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति थे. ऐसे में जया प्रदा का कहना है कि आजम खान द्वारा लाभ के पद पर रहने के कारण भारतीय संविधान के अनुच्छेद 102(1)ए, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के सेक्शन 9(ए) और संविधान के अनुछेद 191 (ए) का उल्‍लंघन किया गया है.

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First published: July 5, 2019, 4:25 PM IST
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