यूपी में दिखा कोलकाता की घटना का असर, जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज बेहाल

अस्पताल में इलाज के लिए आये कई मरीज ऐसे भी हैं जो कि बेहद गरीब हैं और निजी अस्पतालों में इलाज नहीं करा सकते हैं. ऐसे मरीज अस्पताल के वेटिंग हाल में ही डॉक्टरों की हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं.

News18Hindi
Updated: June 15, 2019, 2:42 PM IST
यूपी में दिखा कोलकाता की घटना का असर, जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज बेहाल
जूनियर डॉक्टर्स
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Updated: June 15, 2019, 2:42 PM IST
कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में प्रयागराज के मोती लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है. प्रयागराज मेडिकल कालेज के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवायें पूरी तरह से चरमरा गई हैं और इसका सीधा असर मरीजों की सेहत पर पड़ रहा है. पश्चिम बंगाल की घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेन्सी को छोड़कर अस्पताल की सभी सेवायें ठप कर दी है.

इस क्रम में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने काली पट्टी पहनकर अपना विरोध जता रहे है. एसएन मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) के अध्यक्ष डा. भूपेंद्र चाहर का कहना है कि पश्चिम बंगाल में जूनियर चिकित्सकों के साथ मारपीट करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने जूनियर चिकित्सकों को तत्काल सुरक्षा दिलाए जाने की मांग की है.



काली पट्टी पहने जूनियर डॉक्टर्स


मोती लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी और दवा वितरण केन्द्र में भी ताले लटक रहे हैं. जूनियर डॉक्टर काली पट्टी बांधकर अस्पताल में रजिस्ट्रेशन बिल्डिंग के बाहर नारेबाजी कर धरना दे रहे हैं. हड़ताली जूनियर डॉक्टर अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग कर रहे हैं. जूनियर डॉक्टर जहां अपनी मांगों को लेकर आज शाम छह बजे मेडिकल कालेज से सुभाष चौराहे तक कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन करेंगे.

मोती लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज


वहीं पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों का मामला सरकार द्वारा न सुलझने पर सोमवार से इमरजेंसी सेवायें भी ठप कर अनिश्चितकालीन  हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है. वहीं जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पताल में ओपीडी सेवायें पूरी तरह से ठप हो गयी है. जिससे प्रयागराज और आस-पास के जिलों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बगैर इलाज के ही वापस लौटना पड़ रहा है.

अस्पताल में इलाज के लिए आये कई मरीज ऐसे भी हैं जो कि बेहद गरीब हैं और निजी अस्पतालों में इलाज नहीं करा सकते हैं. ऐसे मरीज अस्पताल के वेटिंग हाल में ही डॉक्टरों की हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं. इस मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के प्रतिनिधिमंडल ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन से मुलाकात की है.
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