अरुण जेटली ने राजनीति को कभी संकुचित दायरे में नहीं देखा: केशरी नाथ त्रिपाठी

Sarvesh Kumar Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 24, 2019, 4:47 PM IST
अरुण जेटली ने राजनीति को कभी संकुचित दायरे में नहीं देखा: केशरी नाथ त्रिपाठी
केशरी नाथ त्रिपाठी ने अरुण जेटली के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है.

पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी (Keshari Nath Tripathi) ने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) के निधन पर दुख व्यक्त किया है. त्रिपाठी ने कहा है कि अरुण जेटली ने राजनीति को कभी संकुचित दायरे में नहीं देखा है.

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पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी (Keshari Nath Tripathi) ने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा है कि अरुण जेटली के निधन से देश को बहुत बड़ी क्षति हुई है. पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी ने अरुण जेटली को दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा है कि उन्होंने राजनीति को कभी संकुचित दायरे में नहीं देखा है. यही वजह रही कि उनके लिए देश का हित सबसे ऊपर था और वे हमेशा दूरगामी नीति के पक्षधर भी रहे. उनके अंदर संगठन को मजबूत करने की अद्भुत क्षमता थी. पार्टी पर जब कभी भी संकट आता था तब लोग उन्हीं का सहारा ढ़ूंढ़ते थे.

गौरतलब है कि देश के पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का निधन हो गया है. शनिवार को दिल्ली के एम्स में उन्होंने 12.07 मिनट पर अंतिम सांस ली. वह 66 साल के थे. लंबे समय से बीमार चल रहे जेटली को 9 अगस्त को सांस लेने में तकलीफ के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था.

उनके विचार मुझे बहुत प्रभावित करते थे
केशरी नाथ त्रिपाठी ने कहा कि अरुण जेटली का विधि और संसदीय पद्धति के क्षेत्र में अद्वितीय ज्ञान था. उनकी दूरदर्शिता ने भाजपा की नीतियों को काफी हद तक प्रभावित भी किया. उनके निधन से पार्टी को क्षति हुई है और मुझे भी व्यक्तिग रुप से बहुत दुख हुआ है. पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली से अपने सम्बन्धों को लेकर पंडित केशरी नाथ ने कहा है कि विधानसभा के सदस्य और अध्यक्ष के रूप में मेरा उनसे लगातार सम्पर्क रहा है. उनकी राय और उनके विचार मुझे बहुत हद तक प्रभावित करते थे.

वैधानिक मामलों के एक्सपर्ट थे अरुण जेटली
पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने कहा है कि उनका निधन ऐसे समय में हुआ है जबकि उनकी देश और समाज को और भी ज्यादा जरूरत थी. वे वैधानिक मामलों के एक्सपर्ट माने जाते थे और कार्यकर्ताओं से भी उनका सीधा संवाद होता था. पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को ड्राइंग रूप पॉलीटिशियन कहे जाने को पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी ने गलत बताया है. उन्होंने कहा है कि ड्राइंग रुम में बैठकर नीतियां भी बनाई जाती थीं, जिसमें उनकी सक्रिय भूमिका रहती थी, लेकिन उसके बाहर समाज में और पार्टी के खुले कार्यक्रमों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका हुआ करती थी और लोग उनके मार्गदर्शन की प्रतीक्षा करते थे. एकेडमिक और व्यावहारिक क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान था. उनके निधन से पार्टी, देश और व्यक्तिगत रूप से मुझे भी क्षति हुई है.

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First published: August 24, 2019, 4:40 PM IST
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