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प्रयागराज को क्यों कहते हैं प्रधानमंत्रियों का शहर? एक-दो नहीं, संगमनगरी से 7 प्रधानमंत्री का रहा जुड़ाव

प्रयागराज को क्यों कहते हैं प्रधानमंत्रियों का शहर? एक-दो नहीं, संगमनगरी से 7 प्रधानमंत्री का रहा जुड़ाव

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City of Prime Ministers: उत्तर प्रदेश का प्रयागराज यानी पुराना इलाहाबाद, देश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है. इस शहर से देश के एक-दो नहीं, बल्कि सात-सात प्रधानमंत्रियों का जुड़ाव रहा है, जिसके कारण ही इसे प्रधानमंत्रियों के शहर के रूप में जाना जाता है. यूपी के चुनावी माहौल में आइए प्रयागराज के इतिहास के इस अध्याय पर एक नजर डालते हैं...

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    प्रयागराज. उत्तर प्रदेश की संगम नगरी कहें या कभी पूरब का ऑक्सफोर्ड कहा जाने वाला शहर इलाहाबाद, आज के प्रयागराज का राजनीतिक इतिहास बड़ा समृद्ध रहा है. खासकर जब चुनाव का माहौल हो तो इस शहर की चर्चा लाजिमी हो जाती है. यूपी में विधानसभा चुनाव के माहौल में यह जानना दिलचस्प है कि प्रयागराज को देश में ‘प्रधानमंत्रियों के शहर’ के तौर पर जाना जाता है. यहां से एक-दो नहीं, बल्कि सात प्रधानमंत्रियों का सीधा जुड़ाव रहा है. देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू हों या महज 7 महीने के लिए देश की सत्ता संभालने वाले चंद्रशेखर या फिर कार्यवाहक पीएम के तौर पर जाने गए गुलजारी लाल नंदा हों, प्रयागराज देश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है.

    प्रयागराज, देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी का जन्मस्थान रहा है. नेहरू परिवार तो इसी शहर का ही है. वहीं लाल बहादुर शास्त्री इस शहर से दो बार सांसद हुए, जबकि विश्वनाथ प्रताप सिंह और चंद्रशेखर ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल कर ‘राजनीति का ककहरा’ सीखा. यही वजह है कि प्रयागराज को City of Prime Ministers के तौर पर देशभर में जाना जाता है.

    वे 7 प्रधानमंत्री जिनका प्रयागराज से रहा कनेक्शन

    1- पंडित जवाहरलाल नेहरू (15 August 1947-27 May 1964)- देश के पहले प्रधानमंत्री का जन्म 1889 में इलाहाबाद में हुआ था. नेहरू परिवार की विरासत का गवाह आनंद भवन, का स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण स्थान है. देश की आजादी के बाद जब पंडित नेहरू प्रधानमंत्री बने, वे इलाहाबाद की फूलपुर संसदीय सीट के ही प्रतिनिधि थे. पंडित नेहरू तीन बार फूलपुर से सांसद चुने गए थे.

    2- लाल बहादुर शास्त्री (9 June 1964-11 Jan 1966)- लाल बहादुर शास्त्री ने 1957 और 1962 में इलाहाबाद से लोकसभा का चुनाव जीता. 1965 में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध के दौरान इलाहाबाद की करछना विधानसभा के उरुवा ब्लॉक में हुई एक जनसभा में ही उन्होंने पहली बार ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया था.

    3- इंदिरा गांधी (24 Jan1966-24 March 1977, 14 Jan 1980-31oct 1984)- देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म स्थान प्रयागराज ही था. इस शहर की संस्कृति और माहौल का उन पर असर पड़ना स्वाभाविक ही है. यही नहीं, इंदिरा और फिरोज गांधी का विवाह आनंद भवन में ही हुआ था, जिसकी निशानियां आज भी यहां मौजूद हैं.

    4- राजीव गांधी (31Oct 1984-2 Dec 1989)- इंदिरा गांधी की असामयिक मृत्यु के बाद प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले राजीव गांधी का भी इस शहर से लगाव रहा था. यही वजह रही कि अपने मित्र और बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन को उन्होंने इसी शहर से चुनावी मैदान में उतारा था. प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए राजीव गांधी ने अपने कार्यकाल के दौरान इस शहर के लिए कई काम किए. नैनी स्थित हिंदुस्तान केबल फैक्ट्री उनकी देन है.

    5- गुलजारीलाल नंदा (27May 1964-9 June 1964, 11 Jan 1966-24 Jan 1966)- देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री का पदभार दो-दो बार संभालने वाले गुलजारीलाल नंदा भी इलाहाबाद से जुड़े हुए थे. उनकी शिक्षा इलाहाबाद से ही हुई थी. उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर और कानून की पढ़ाई की थी. साथ ही रिसर्च स्कॉलर भी रहे थे.

    6- विश्वनाथ प्रताप सिंह (2 Dec 1989-19Nov 1990)- देश के आठवें प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का जन्म भी इलाहाबाद में ही हुआ था. भारत में पिछड़ी जातियों को हक दिलाने के लिए याद किए जाने वाले वीपी सिंह ने भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ही उच्च शिक्षा पाई थी. वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष भी रहे थे.

    7- चंद्रशेखर (10Nov 1990-21June 1991)- देश में युवा-तुर्क के तौर पर जाने गए पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की राजनीति में इलाहाबाद का महत्वपूर्ण स्थान रहा है. उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से MA की डिग्री हासिल की. चंद्रशेखर ने राजनीति का पहला पाठ, इसी शहर में रहकर पढ़ा था.

    (रिपोर्ट-प्राची शर्मा,प्रयागराज)

    Tags: Allahabad university, UP Election 2022

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