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इंसाफ की रोशनी के लिए अंधेरे से जंग, बिजली विभाग से अनोखी लड़ाई लड़ रहा प्रयागराज का यह परिवार

Revised Electricity Bill: 8 साल पुराना यह मामला प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र का है. इस परिवार की नीलम जौहरी ने बता ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
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हाइलाइट्स

इस गलत बिल के खिलाफ पीड़ित परिवार ने कई अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन किसी ने न सुनी.
तब इस परिवार को परिवाद दाखिल करना पड़ा, जहां जांच में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई.
बिजली विभाग ने 28000 रुपए के बिल को संशोधित कर 4000 रुपए का बिल इस परिवार को दिया.
परिवार की मांग है कि गलत बिल के दोषी अधिकारियों को सजा दी जाए, तभी ये दोबारा कनेक्शन लेंगे.

रिपोर्टर : योगेश मिश्रा

प्रयाजराज. सरकार का दावा है कि दूरदराज गांवों में रहनेवाले गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. लेकिन प्रयागराज शहर के बीचो-बीच रहनेवाला एक परिवार पिछले 8 साल से अंधेरे में रह रहा है. पीड़ित परिवार का आरोप है कि 2015 में बिजली विभाग ने गलत बिल दिया था. इतना ही नहीं, उसने बिल न भरने पर घर की बिजली का कनेक्शन भी काट दिया था. बाद में विभाग ने बिल की अपनी चूक सुधारते हुए सही बिल जारी कर दिया. लेकिन इस परिवार की मांग है कि गलत बिल देने और घर का बिजली कनेक्शन काटने का आदेश देने वालों को सजा होनी चाहिए. इसके लिए यह परिवार अधिकारियों से लगातार गुहार लगा रहा है पर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही.

यह परिवार प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र में रहता है. इस परिवार की नीलम जौहरी ने न्यूज18 लोकल टीम को बताया कि उनकी बेटी आगरा स्थित आईसीएमआर के सेंटर में रिसर्च प्रोजेक्ट करती थी. आगरा में ही केमिकल रिएक्शन होने की वजह से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. उस वक्त यह परिवार अपनी बेटी की देखभाल करने के लिए आगरा चला गया. कुछ महीने बाद बीमारी ने उनकी बेटी की जान ले ली. फिर जब यह शोकाकुल परिवार अपने घर जनपद प्रयागराज लौटा तो कुछ ही समय बाद बिजली विभाग ने उन्हें 28000 का बिल थमा दिया.

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पीड़ित परिवार ने कई बार इसकी शिकायत तत्कालीन अधिशासी अभियंता और एसडीओ से भी की. लेकिन अधिकारियों ने पीड़ित परिवार की एक न सुनी. मजबूरन पीड़ित परिवार को परिवाद दाखिल करना पड़ा, जहां जांच में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई और पीड़ित परिवार को दिए गए 28000 रुपए का बिल संशोधित कर 4000 रुपए किया गया. पीड़ित परिवार की मांग है कि जब जांच में अधिकारी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई. परिवार का कहना है कि जब तक दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वह बिजली कनेक्शन नहीं लेगा.

वर्तमान अधिशासी अभियंता मनोज गुप्ता ने बताया कि बीते दिनों ऊर्जा मंत्री प्रयागराज में दौरे पर आए थे. उन्होंने इस पीड़ित परिवार को बिजली कनेक्शन देने की बात कही थी. जानकारी में आने के तुरंत बाद ही बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पीड़ित परिवार के घर गए, जहां उनसे बिजली कनेक्शन लगवाने की बात कही. लेकिन पीड़ित परिवार अपनी बात पर अड़ा हुआ है. साथ ही कुछ महीने पहले पीड़ित परिवार ने सोलर पैनल लगा लिया है, जिसके लिए भी अलग से मीटर लगाया जाता है. अगर वह परिवार बिजली विभाग का नेट कनेक्शन लेगा तो उससे परिवार को फायदा भी मिलेगा लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी पीड़ित परिवार अपनी मांग पर अड़ा हुआ है.

Tags: Electricity bill, Prayagraj News, UP news

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