Lockdown: प्रियंका गांधी की मदद से घर पहुंचीं दिल्ली में फंसी प्रयागराज की 3 बेटियां
Allahabad News in Hindi

Lockdown: प्रियंका गांधी की मदद से घर पहुंचीं दिल्ली में फंसी प्रयागराज की 3 बेटियां
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की मदद से दिल्ली से प्रयागराज पहुंची तीन बहनें अंजलि, पल्लवी और पारुल

प्रयागराज (Prayuagraj) के नैनी इलाके के त्रिवेणी नगर की रहने वाली अंजलि और पल्लवी दो बहनें दिल्ली के न्यू अशोक नगर में रहकर जॉब करती हैं. वहीं होली (Holi) के मौके पर उनकी बहन पारुल भी दिल्ली (Delhi) उनसे मिलने गई थी. लेकिन इस बीच लॉकडाउन हो जाने से तीनों बहने दिल्ली में ही फंसी हुई थीं.

  • Share this:
लखनऊ. कोरोना (COVID-19) को लेकर किए गए लॉकडाउन (Lockdown) में फंसे लोगों की घर वापसी के लिए जहां योगी सरकार (Yogi Government) ट्रेनें और बसें चला रही है. वहीं कामगारों के पैदल और ट्रकों से चलने को लेकर सूबे की राजनीति भी गरमा गई है. मामले में कांग्रेस और यूपी सरकार के बीच पत्राचार की जंग चल रही है. इन सबके बीच कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा संगम नगरी प्रयागराज की तीन बेटियों की मदद के लिए आगे आई हैं. लॉकडाउन में दिल्ली में फंसी प्रयागराज की तीन बहनों को प्रियंका गांधी वाड्रा ने न केवल सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया है बल्कि उनके घर तक आने का खर्च भी खुद वहन किया है.

न्यू अशोक नगर में रहती थीं

दरअसल प्रयागराज के नैनी इलाके के त्रिवेणी नगर की रहने वाली अंजलि और पल्लवी दो बहनें दिल्ली के न्यू अशोक नगर में रहकर जॉब करती हैं. वहीं होली के मौके पर उनकी बहन पारुल भी दिल्ली उनसे मिलने गई थी. लेकिन इस बीच लॉकडाउन हो जाने से तीनों बहने दिल्ली में ही फंसी हुई थीं. तीनों बहनें घर आने के लिए काफी परेशान थी और जद्दोजहद कर रही थीं.



पिता ने मांगी थी कांग्रेस नेता से मदद
कई बार उन्होंने यूपी सरकार के पोर्टल पर भी ई-पास के लिए आवेदन किया लेकिन हर बार सर्वर में तकनीकी खामी और ओटीपी न मिल पाने की वजह से उनकी घर वापसी की राह मुश्किल नजर आ रही थी. तीनों बहनों के पास पैसे भी खत्म हो रहे थे और मकान मालिक किराए के लिए भी दबाव बना रहे थे. इधर उनके घर में परिवार के लोग भी काफी परेशान थे. तीन बेटियों के पिता राम श्रृंगार शर्मा ने कांग्रेस के स्थानीय नेता विवेक पांडे को बेटियों के दिल्ली में फंसे होने की समस्या बताई. जिसके बाद कांग्रेस नेता ने ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री और ट्रांसपोर्ट कारोबारी अनिल कुशवाहा से संपर्क किया.

प्रियंका से हुआ संपर्क, जारी हुई इ-पास

अनिल कुशवाहा ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से संपर्क स्थापित कराया और उनके कार्यालय को तीनों बहनों का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया. इसके बाद प्रियंका गांधी वाड्रा के प्रयासों से तीनों बहनों के पास इ-पास पहुंचा और एक इनोवा गाड़ी करके उन्हें सकुशल प्रयागराज पहुंचाया गया. दिल्ली में 50 दिनों से ज्यादा समय तक लॉकडाउन में फंसी रहीं तीनों बहनें प्रयागराज पहुंचकर बेहद खुश हैं. यहां आने के बाद उन्होंने अपना मेडिकल चेकअप कराया है और घर के ही ऊपरी हिस्से में 14 दिन के लिए होम क्वॉरेंटाइन को भी पूरा कर रही हैं. लेकिन मुश्किल के दौर में प्रियंका गांधी की ओर से मिली मदद को लेकर तीनों बहनें काफी भावुक हैं.

दिल्ली से घर पहुंची तीनों बहने प्रियंका गांधी का बार-बार शुक्रिया अदा कर रही हैं. तीनों बहनों का कहना है कि जिस तरह से प्रियंका गांधी ने हमें घर भिजवाया इसी तरह से जो लोग सड़कों पर पैदल भूखे-प्यासे चल रहे हैं, उन्हें भी घर तक पहुंचाने के लिए सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए. तीनों बेटियों के पिता भी अपनी बेटियों से मिलकर खासे खुश हैं. उनका कहना है अपनी बेटियों को लेकर वह बहुत परेशान और चिन्तित थे. बेटियों के दिल्ली में फंसे होने की वजह से उन्हें रात-रात भर नींद नहीं आती थी और बेटियों की वापसी की कोई सूरत भी नजर नहीं आ रही थी. लेकिन कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की मदद से उनकी बेटियां अब उनकी आंखों के सामने हैं.

ये भी पढ़ें:

योगी सरकार की सरकारी खर्च में कटौती का UP ब्यूरोक्रेसी पर सीधा असर

UP Board: रेड जोन के 19 जिलों में आज से शुरू होगा कॉपियों का मूल्यांकन
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज