Lockdown 3.0: मुम्बई के दर्जनों ऑटो रिक्शा चालक परिवार लेकर 1500 KM दूर पहुंचे प्रयागराज
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Lockdown 3.0: मुम्बई के दर्जनों ऑटो रिक्शा चालक परिवार लेकर 1500 KM दूर पहुंचे प्रयागराज
मुंबई के कई ऑटो रिक्शा चालक अपने वाहन के साथ यूपी लौट रहे हैं.

मुम्बई से ऑटो से निकले लोग हर दिन ढ़ाई सौ से लेकर तीन सौ किलोमीटर का सफर तय करते प्रयागराज पहुंचे हैं. कई आटो रिक्शा में तो लोगों के पूरे-पूरे परिवार तक मौजूद हैं. वहीं कई लोग ऑटो रिक्शा से ही सवारियों और बीमार लोगों को लेकर प्रयागराज (Prayagraj) पहुंचे हैं.

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प्रयागराज. कोरोना (COVID-19) को लेकर किए गए लॉकडाउन (Lockdown) में देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई (Mumbai) में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हजारों कामगार अभी तक फंसे हुए हैं. योगी सरकार ने ट्रेनों के जरिए उन्हें यूपी लाने के लिए महाऑपरेशन शुरू किया है. लेकिन डेढ़ माह से लॉकडाउन में फंसे कई कामगारों का धैर्य अब जवाब देता जा रहा है. काम धंधा बंद हो जाने से इन कामगारों के सामने खाने-पीने का भी संकट गहराने लगा था. कामगारों को महाराष्ट्र सरकार की ओर से भी लॉकडाउन में पर्याप्त मदद नहीं मिल रही थी. जिसके चलते यूपी के सैकड़ों कामगार अब मुम्बई से अपने वाहनों से ही निकल पड़े हैं.

इसी क्रम में सोमवार को प्रयागराज की सड़कों पर मुम्बई के दर्जनों ऑटो दिखायी पड़े. न्यूज 18 की टीम ने इन ऑटो चालकों को रोककर इनसे बातचीत की. दरअसल लॉकडाउन में घर नहीं आ पा रहे यूपी के लोग जो मुम्बई में आजीविका के लिए आटो रिक्शा चलाते थे, वो अपना ऑटो रिक्शा लेकर ही निकल पड़े हैं. मुम्बई से प्रयागराज की लगभग 1500 किलोमीटर की दूरी इन आटो रिक्शा चालकों ने पांच दिनों में पूरी की है.

रोज 300 किलोमीटर ऑटो चलाकर पहुंचे प्रयागराज



मुम्बई से ऑटो से निकले लोग हर दिन ढ़ाई सौ से लेकर तीन सौ किलोमीटर का सफर तय करते प्रयागराज पहुंचे हैं. कई आटो रिक्शा में तो लोगों के पूरे-पूरे परिवार तक मौजूद हैं. वहीं कई लोग ऑटो रिक्शा से ही सवारियों और बीमार लोगों को लेकर प्रयागराज पहुंचे हैं.
कई ऑटो रिक्शा अभी भी भदोही, वाराणसी, चंदौली की राह पर

कई ऑटो रिक्शा अभी आगे भदोही, वाराणसी और चंदौली जिले के लिए भी रवाना हो रहे हैं. मुम्बई में लॉकडाउन में फंसे सभी लोग इस मुश्किल दौर में जल्द से जल्द घर पहुंचना चाहते हैं. लोगों का कहना है कि उन्हें महाराष्ट्र से घर आने के लिए जब कोई साधन नहीं मिला तो वे मजबूरी में अपने ही साधनों से घर की ओर निकल पड़े हैं.

बड़ी तादाद में दूसरे राज्यों से पैदल निकले कामगार

वहीं दूसरी ओर सरकार की अपील के बावजूद कुछ लोग अभी भी महानगरों से पैदल घरों के लिए निकल रहे हैं. लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे यूपी के कामगारों को उनके घर पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने महाआपरेशन शुरू किया है. अब तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिए यूपी के कई रेलवे स्टेशनों पर हजारों कागमार पहुंचाये गए हैं. लेकिन अभी भी बड़ी तादाद में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से कामगार पैदल ही घरों के लिए निकल पड़े हैं.

प्रयागराज में प्रशासन के इंतजाम नाकाफी

ये कामगार प्रयागराज की सड़कों पर परेशान दिखायी दे रहे हैं लेकिन इनके घर जाने के लिए प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं. महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से निकले ये कामगार पिछले कई दिनों में ट्रकों और पैदल सफर तय करते हुए प्रयागराज तक पहुंच गए हैं. इनमें से कई कामगारों को जहां गोरखपुर जाना है. तो कई कामगारों को प्रयागराज जिले में ही शंकरगढ़ नारीबारी की अस्सी किलोमीटर की दूरी अभी तय करनी बाकी है. लेकिन अपने सामान सिर पर उठाये ये कामगार प्रयागराज की सड़कों पर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं. बसों के लिए इन्हें इधर से उधर दौड़ाया जा रहा है. लेकिन इनके लिए बसों का कोई इंतजाम फिलहाल नहीं किया गया है.

न कोई थर्मल स्कैनिंग न कोई परीक्षण

पुलिस और प्रशासन के अफसरों का दावा है कि जिले में 212 नाकों और चौराहों पर बैरियर लगाकर चेकिंग की जा रही है. लेकिन इन कामगारों को न ही तो कहीं पर रोका जा रहा है और नहीं इनकी थर्मल स्कैनिंग और स्वास्थ्य परीक्षण का ही कोई इंतजाम किया गया है. जबकि योगी सरकार ने बाहरी राज्यों से आ रहे कामगारों के खाने-पीने का इंतजाम करने और उन्हें उनके घरों तक पहुंचाने के लिए रोडवेज की बसों का भी इंतजाम करने का अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है. लेकिन ज्यादातर जगहों पर अधिकारी सीएम के निर्देशों का भी पालन नहीं कर रहे हैं. जिससे चलते बाहरी राज्यों से आये कामगारों को पैदल ही अपने घरों को जाना पड़ रहा है.

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