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माघ मेले में आए संतों ने कहा- करेंगे कोविड गाइडलाइन का पालन, पर न टूटने देंगे परंपरा, जानें क्या हैं तैयारियां

माघ मेले में आए संतों ने कहा- करेंगे कोविड गाइडलाइन का पालन, पर न टूटने देंगे परंपरा, जानें क्या हैं तैयारियां

माघ मेले में आए स्वामी शेषमणि दासाचार्य ने कहा कि हम कोरोना गाइडलाइन का पालन करेंगे, लेकिन माघ स्नान की परंपरा टूटने नहीं देंगे.

माघ मेले में आए स्वामी शेषमणि दासाचार्य ने कहा कि हम कोरोना गाइडलाइन का पालन करेंगे, लेकिन माघ स्नान की परंपरा टूटने नहीं देंगे.

Magh Mela in Allahabad: माघ मेले में साधु संतों और तीर्थ पुरोहितों का जमघट लगना शुरू हो चुका है. माघ मेले में आए स्वामी शेषमणि दासाचार्य का कहना है कि माघ मेले की परंपरा कोरोना कि वजह से टूटनी नहीं चाहिए. उनका कहना है कि मेला प्रशासन और सरकार की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइन का भी पालन करेंगे.

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इलाहाबाद. संगम की धरती पर हर साल माघ मेले का आयोजन होता है. यह माघ मेला मकर संक्रांति के पर्व से लेकर महाशिवरात्रि के पर्व तक चलता है. माघ मेले में मकर संक्रांति से लेकर महाशिवरात्रि तक पड़ने वाले प्रमुख छह स्नान पर्वों में करोड़ों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने आते हैं. इसके साथ ही लाखों श्रद्धालु और साधु संत भी संगम की रेती पर बने तंबूओं में रहकर कल्पवास यानि कठिन तप और जप करते हैं. दूसरी तरफ देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के आने के बाद थर्ड वेव का भी खतरा बढ़ गया है. कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच माघ मेले को आयोजित कराना किसी चुनौती से कम नहीं है.

हालांकि मेला प्रशासन ने इस चुनौती से निपटने के लिए मेला शुरू होने से पहले ही मेले में कोविड की जांच और वैक्सीनेशन की शुरुआत कर दी है. इसके साथ ही मेले में आने वाले श्रद्धालुओं, साधु-संतों और कल्प वासियों के लिए एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है.

ना टूटे परम्परा

माघ मेले में साधु संतों और तीर्थ पुरोहितों का जमघट लगना शुरू हो चुका है. माघ मेले में आए स्वामी शेषमणि दासाचार्य का कहना है कि माघ मेले की परंपरा कोरोना कि वजह से टूटनी नहीं चाहिए. उनका कहना है कि मेला प्रशासन और सरकार की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइन का भी पालन करेंगे. कल्पवासी भी मेले में आने के लिए तैयार हैं. माघ मेले पर हमेशा मां गंगा की कृपा बनी रहती है इसलिए यहां पर कोरोना का कोई खास असर नहीं पड़ेगा.

दोनों डोज का सर्टिफिकेट जरूरी

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए माघ मेले में आने वाले सभी साधु संतों, श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा. जो लोग भी माघ मेले में आएंगे उन्हें कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने का सर्टिफिकेट भी लाना होगा. माघ मेला अधिकारी शेषमणि पांडेय के मुताबिक मेले में लगभग एक हफ्ते से कोविड जांच भी कराई जा रही है और जिन लोगों ने वैक्सीनेशन नहीं कराया है उन्हें वैक्सीन भी लगाई जा रही है.

मेले में 28 को लगी वैक्सीन

अब तक मेले में 712 लोगों की कोविड जांच कराई गई है और 28 लोगों को वैक्सीन भी लगाई गई है. उन्होंने कहा कि राहत की बात यह है कि अभी तक मेला क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति कोरोना पाजिटिव नहीं मिला है. माघ मेले को सुरक्षित संपन्न कराने के लिए कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाएगा.

स्नान घाटों का दायरा बढ़ा

माघ मेला एसपी राजीव नारायण मिश्रा भी माघ मेले को संपन्न कराने में कोरोना को बड़ी चुनौती मानते हैं. उनके मुताबिक इस चुनौती से निपटने के लिए अभी से तैयारी की जा रही है. सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए इस बार स्नान घाटों का दायरा बढ़ाया गया है. स्नान घाट 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 6 किलोमीटर लंबा कर दिया गया है. इसके साथ ही मेले के सभी 16 एंट्री पॉइंट्स पर स्वास्थ विभाग की टीम और पुलिस लोगों की कोविड जांच का निरीक्षण करेगी. साथ ही सभी ने मास्क पहना है या नहीं इसका भी ध्यान रखेगी. जिन लोगों के पास मास्क नहीं होगा उन्हें मास्क भी मुहैया कराए जाएंगे. इसके बावजूद जो लोग भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ चालान की भी कार्यवाही की जाएगी. माघ मेला एसपी राजीव नारायण मिश्रा के मुताबिक कोरोना संक्रमण माघ मेले में न फैले इसके लिए पुलिस कर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है.

Tags: Makar Sankranti

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