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महंत का गनर और हनुमान मंद‍िर का पंड‍ित कैसे कुछ सालों में बन गए करोड़पत‍ि? नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उठे कई सवाल


अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है.

Mahant Narendra Giri Suicide Case: महंत के मौत के पर्दे के पीछे की कहानी क्या है? इसकी जांच में लगी एसआईटी की टीम अब ऐसे कई लोगों की संपत्‍त‍ि खंगाल रही है.

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है. पर इस मामले में अब की जांच में सबसे बड़ी बात यह सामने आई है क‍ि कैसे महंत के साथ रहने वाला एक गनर अभिषेक मिश्रा और हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी ज‍िनकी सैलेरी महज 10 हज़ार रुपये प्रति माह थी. बीते कुछ सालों में करोड़पत‍ि बन गए. महंत के मौत के पर्दे के पीछे की कहानी क्या है? इसकी जांच में लगी एसआईटी की टीम अब ऐसे कई लोगों की संपत्‍त‍ि खंगाल रही है. एसआईटी इन तीनों के अलावा आनंद गिरी, आद्या प्रसाद तिवारी के संदीप तिवारी और महंत नरेंद्र गिरी के सुरक्षाकर्म‍ियों की संपत्ति तलाश करने में जुटी है.

महज 10 हज़ार रुपये की सैलरी वाला पंड‍ित कैसे बना करोड़पत‍ि?
महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या मामले में एसआईटी की टीम आनंद गिरी, आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी के आमदनी और प्रॉपर्टी के कागजात पुलिस खनगल रही है. किसके नाम कितनी प्रॉपर्टी है और आमदनी क्या है? बड़े हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी का सैलेरी महज 10 हज़ार रुपये प्रति माह है लेकिन उन्होंने नैनी शिव नगर में 3 बिस्सा की जमीन पर आलीशान मकान बनाया है. साथ में अपने पुस्तैनी मकान को भी बनवाया है. नैनी की आलीशान मकान की कीमत करोड़ों की है. आद्या प्रसाद तिवारी अपने पूरी परिवार के साथ नैनी के इस मकान में रहते थे. महंत नरेंद्र गिरी ने कथित सुसाइड नोट में आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे का भी नाम लिखा है. बताया जा रहा है कि बड़े हनुमान मंदिर के चढ़ावा को लेकर नाराज थे. महंत नरेंद्र गिरी, पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी ने महंत नरेंद्र गिरी को हिसाब भी दिया था, जिसके बाद बड़े हनुमान मंदिर में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया. एसआईटी की टीम आद्या प्रसाद तिवारी के नैनी के इस मकान भी आई थी. पुलिस ने पूरे घर की तलाशी ली है.

आद्या प्रसाद तिवारी के बहू ममता तिवारी ने बताया है क‍ि उनके ससुर की सैलरी 10 हज़ार रुपये प्रति माह थी. यहां मकान बनवाया, गांव पर पुस्तैनी मकान बनवाया. पुलिस यहां आयी थी और पूरे घर की तलाशी ली ऊपर नीचे हर तरफ की. आद्या प्रसाद तिवारी के एक पडोसी महिला ने बताया क‍ि रात में पुलिस आई थी सिविल ड्रेस में और पूरे घर में तलाशी ली. वो अपने घर से देख रही थी.

महंत के गनर अभ‍िषेक पर एसआईटी की टेढ़ी न‍िगाहें
एसआईटी महंत नरेंद्र गिरि के सुरक्षाकर्मियों की संपत्ति तलाश करने में जुटी है, तो वहीं उनके गनर अभिषेक मिश्रा पर भी एसआईटी की निगाहें टेढ़ी हो गई है, जिनके पास लग्जरी कारें और करोड़ों के बंगले भी है. अभिषेक मिश्रा के घर और उसकी तस्वीरें न्‍यूज 18 के पास है जो यह बताती है कि वह कितना बड़ा आदमी बन चुका है. अब एसआईटी अभ‍िषेक के बारे में यह जानकारी जुटाने पर लगी है.
1. नरेंद्र गिरी का गनर अभिषेक मिश्रा करोड़पति कैसे बना ?
2. करोड़ों का घर और लग्जरी कार कहां से मिला ?
3. भक्तों के दान का पैसा क्या सेवादार के पास जाता है?
4. माथे पर टीका कलाई पर रक्षा और हाथ में हथियार?
5. जौनपुर का नया बाहुबली बनना चाहता है अभिषेक ?
6. चंद सालों में सड़कों से करोड़पति बनने का सच गाना अभिषेक की अलग कहानी है?
7. जौनपुर के शाहगंज तहसील और खुटहन थाना के विशनपुर गांव के लोगों से दुश्मनी लेता है अभिषेक!
8. अभिषेक के पिता एक पशु आहार का दुकान चलाते हैं बेटा अभिषेक मिश्रा का जलवा इतना है लाखों-करोड़ों नीचे बात नहीं करता है?
9. महंगी गाड़ियों के शौकीन और हथियारों का शौक …
10. 1 साल में 50 से 60 करोड़ की संपत्ति बना ली?
11. अभी कुछ दिनों पहले अभिषेक की शादी हुई, जिसमें नरेंद्र गिरी खुद आशीर्वाद देने पहुंचे.

जौनपुर में अभ‍िषेक की करोड़ों की संपत्‍त‍ि
जौनपुर जनपद के खुटहन थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव निवासी अभिषेक मिश्रा जो महंत नरेंद्र गिरी के गनर और परम भक्त बताए जाते है. अभिषेक के पिता गांव में पशु आहार की छोटी दुकान चलाते हैं, जबकि गांव में बड़ी हवेली बनी हुई है. छोटी दुकान, बड़े मकान के पीछे लेकर सवाल उठ रहे हैं. न्यूज़ 18 की टीम जब जौनपुर के खुटहन थाना क्षेत्र के बिसुनपुर गांव स्थित अभिषेक मिश्रा के आलीशान हवेली पर पहुंची हवेली की बड़ी सी गेट बंद मिला. हमें बताया गया कि अंदर कोई नहीं है परिवार के सभी लोग इन दोनों इलाहाबाद में है जब से महंत जी की मौत हुई है. हमारे कैमरे पर ग्रामीणों ने बताया कि महंत नरेंद्र गिरि पिछले 6 माह पहले इस हवेली पर आए थे अभिषेक मिश्रा के शादी समारोह कार्यक्रम में, ग्रामीणों की मानें तो चर्चा यहां तक है कि महंत जी ने ही यह हवेली बनवा कर अपने परम शिष्य अभिषेक मिश्रा को दिए हैं. फिलहाल परिवार के सभी लोग इलाहाबाद में है इलाहाबाद के आवास पर आवास पर है. अभिषेक मिश्रा के पिता सत्य प्रकाश मिश्रा जो गांव में ही छोटी सी दुकान पशु आहार की चलाते हैं.
जेल में क्‍या कर रहे हैं आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में आत्म हत्या के लिए उकसाने के आरोपियों को नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया है. नैनी सेंट्रल जेल में बंद आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी को मामले की संवेदनशीलता के चलते अलग-अलग सुरक्षा सेल में रखा गया है. उन्हें सामान्य बंदियों से भी अलग रखा गया है. इनके लिए जो भी संवेदनशील बंदियों के लिए सुरक्षा इंतजाम होते हैं उसका प्रबंध किया गया है. इनके लिए जेल मुख्यालय, शासन के आदेशों और जेल मैनुअल का सख्ती से पालन किया जा रहा है. नैनी सेंट्रल जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक पी एन पांडेय के मुताबिक, जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अलर्ट कर दिया गया है. आनन्द गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी दोनों संवेदनशील बंदी है. इसलिए इनसे मुलाकात, इनके जेल के अंदर मूवमेंट और खान पान पर नियमानुसार नजर रखी जा रही है.

वरिष्ठ जेल अधीक्षक के मुताबिक, आनन्द गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी ने जेल में अब तक कोई डिमांड नहीं की है. उन्हें अंडर ट्रायल कैदियों के जो भी अधिकार हैं मिल रहे हैं. जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों की जो ड्यूटी है उसका भी जेल प्रशासन पालन कर रहा है. इसके साथ ही तीसरे आरोपी संदीप तिवारी को भी गुरुवार 23 सितंबर को कोर्ट ने नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया है. वहीं हम आपको बता दें कि आनंद गिरि ने सीजेएम कोर्ट में अपने वकील के माध्यम से अर्जी दाखिल कर विशेष सुरक्षा दिए जाने की मांग की थी. जिस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट ने जेल मैनुअल और अन्य विधिक प्रावधानों के तहत का कार्रवाई का निर्देश दिया है. इसके साथ-साथ कोर्ट ने अगले आदेश तक वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी का भी आदेश दिया है. इस आदेश के तहत पांच अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी होगी. गौरतलब है कि कोर्ट में पेशी के दौरान आनन्द गिरि के साथ धक्का मुक्की हुई थी और मारपीट व दुर्व्यवहार भी किया गया था, जिसके चलते आनन्द गिरि ने पेशी के दौरान हमले की आशंका के चलते सुरक्षा की मांग की थी.

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