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हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती देंगे महंत नरेंद्र गिरी, बोले-नहीं किया अतिक्रमण !
Allahabad News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 11, 2020, 2:38 PM IST
हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती देंगे महंत नरेंद्र गिरी, बोले-नहीं किया अतिक्रमण !
बड़े हनुमानजी मंदिर के महंत नरेंद्र गिरी अतिक्रमण हटाने के फैसले को चुनौती देंगे

महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) ने कहा 'इस मामले को लेकर हाल में ही केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath singh) से मुलाकात हुई है. रक्षा मंत्री ने मंदिर के आस-पास की जमीन मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए लीज पर दिए जाने की भी सहमति दे दी है'.

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प्रयागराज. संगम (Sangam) में स्थित प्रसिद्ध बड़े हनुमानजी मंदिर के आस-पास अवैध अतिक्रमण (encroachment) तीन माह में हटाये जाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के फैसले को मंदिर के महंत नरेन्द्र गिरी (Mahant Narendra Giri) सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चुनौती देंगे. महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि मंदिर के आस-पास सेना की भूमि पर कोई अवैध अतिक्रमण नहीं किया गया है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिया आश्वासन !
news 18 से बातचीत में महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि मंदिर के नाम पर 4335 वर्ग फीट भूमि दर्ज है. इसके अतिरिक्त जो भी निर्माण कार्य कराया गया है, वह निर्माण माघ मेले और कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ही कराया गया है. उन्होंने कहा है कि भीड़ को नियन्त्रित करने के लिए बैरीकेटिंग और शेड के रुप में कुछ कार्य जरुर कराया गया है. महंत नरेन्द्र गिरी के मुताबिक मंदिर की जमीन को छोड़कर सेना की जमीन पर कहीं पर भी कोई स्थायी निर्माण नहीं हुआ है. उनके मुताबिक बांध पर कई पुराने मंदिर जरुर हैं जो कि सेना की भूमि पर बने हैं लेकिन ये मंदिर भी काफी पुराने हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला जरुर हमारे खिलाफ आया है. लेकिन इस मामले को लेकर हाल में ही दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात भी हो चुकी है. रक्षा मंत्री ने मंदिर के आस-पास की जमीन मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए लीज पर दिए जाने की भी सहमति दे दी है.

हाईकोर्ट ने तीन माह में अतिक्रमण खुद हटा लेने का दिया है निर्देश



गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महंत नरेन्द्र गिरी बड़ा झटका देते हुए 19 मार्च 2020 तक मंदिर के 4335 वर्ग फीट एरिया के अलावा किये गये अवैध निर्माण हटा लेने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि याची यदि निर्माण नहीं हटाता तो सेना व प्राधिकरण को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने का अधिकार होगा. कोर्ट ने माघ मेले को देखते हुए मंदिर के महंत को तीन माह की मोहलत दी है और स्वयं अवैध कब्जा हटा लेने का समय दिया है. जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अजित कुमार की खंडपीठ ने नरेंद्र गिरी महंत बडे हनुमान मंदिर की याचिका को निस्तारित करते हुए ये आदेश दिया है.



बता दें कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने मंदिर एरिया का सर्वे किया था. जिसमें मंदिर एरिया से अधिक भूमि पर अतिक्रमण पाया गया. जिसे हटाने की कार्रवाई के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी. याची का कहना था कि उसने केंद्र सरकार से अनुमति मांगी है. अर्जी पर फैसला लेने तक कार्रवाई रोकी जाये. कोर्ट के आदेश पर अधिवक्ता कमिश्नर ने मौके का निरीक्षण कर नक्शा सहित रिपोर्ट दी. कोर्ट ने इनके प्रयास की तारीफ की है और कहा है कि इससे विवाद का निस्तारण करने में मदद मिली है. कोर्ट ने कहा है कि जितना एरिया मंदिर के नाम दर्ज है उतने में ही महंत का अधिकार है. इसके अलावा शेष एरिया से निर्माण हटाया जाये. क्योंकि केन्द्र सरकार ने अनुमति नहीं दी है.

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First published: January 11, 2020, 2:38 PM IST
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