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प्रयागराज: TMC सांसद की टिप्पणी पर मौनी महाराज का अनशन जारी, कहा- राष्ट्रपति रद्द करें सदस्यता

TMC सांसद की टिप्पणी पर मौनी महाराज का अनशन जारी
TMC सांसद की टिप्पणी पर मौनी महाराज का अनशन जारी

मौनी महाराज ने कहा कि टीएमसी (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी (MP Kalyan Banerjee) ने भगवान राम की मर्यादा को भी तार-तार करने का काम किया है.

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प्रयागराज. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी (MP Kalyan Banerjee) द्वारा भगवान राम और सीता को लेकर दिए गए अमर्यादित बयान पर प्रयागराज (Prayagraj) माघ मेले में आये शिव योगी मौनी महाराज का अपने शिविर में अनशन लगातार तीसरे दिन भी जारी है. मौनी महाराज तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के बयान को आपत्तिजनक करार देते हुए उनकी संसद सदस्यता रद्द करने की राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मांग कर रहे हैं. उन्होंने हिन्दू देवी देवताओं को अपशब्द कहे जाने को लेकर एक सख्त कानून बनाये जाने की भी केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की है. ताकि कोई भी अधर्मी व्यक्ति हिन्दू देवी देवताओं को गाली देकर हिन्दुओं की आस्था को चोट न पहुंचा सके.

माघ मेले में तीन दिनों से अनशन पर बैठे मौनी महाराज ने कहा है कि अब तक उनसे शासन प्रशासन या फिर किसी राजनीतिक दल के किसी नेता ने कोई सम्पर्क नहीं किया है. उन्होंने कहा है कि माघ मेले में आज से उनका कल्पवास और अनुष्ठान भी शुरु हो रहा है. मौनी महाराज ने कहा कि जब तक उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता है तब तक अपना अनशन इसी तरह से जारी रखेंगे और अनुष्ठान भी करेंगे. गौरतलब है कि शिव योगी मौनी महाराज तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के बयान से आहत होकर 12 जनवरी से माघ मेले में अनशन पर बैठ गए हैं.





उन्होंने टीएमसी सांसद पर सीता माता को गाली देने और भारतीय संस्कृति का अपमान करने का आरोप लगाया है. मौनी महाराज ने कहा कि टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भगवान राम की मर्यादा को भी तार-तार करने का काम किया है.
कल्याण बनर्जी की आमर्यादित टिप्पणी
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने हैं. इसको लेकर प्रदेश में चुनावी माहौल बन रहा है और नेताओं की जुबान फिसलने के साथ ही विवादों का भी सिलसिला शुरु हो गया है. सिलसिले तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने राम और सीता को लेकर 9 जनवरी को बैरकपुर में एक पब्लिक मीटिंग में कहा था कि सीता ने राम से कहा कि ये किस्मत थी कि मुझे रावण ने अगवा किया. अगर मुझे माथे पर भगवा बांधने वाले और जय श्री राम चिल्लाने वाले आपके अनुयायियों ने अगवा किया होता, तो मेरी हालत हाथरस पीड़िता जैसी होती. इसी बयान के सामने आने के बाद साधु संतों का आक्रोश भड़क उठा है.
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