प्रयागराज में नगर निगम बनवाएगा 6 विद्युत शवदाह गृह, भूमि की गई चिन्हित

वहीं, निगम जल्द टेंडर (Tender) जारी करने की तैयारी भी कर रहा है.

वहीं, निगम जल्द टेंडर (Tender) जारी करने की तैयारी भी कर रहा है.

मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी (Mayor Abhilasha Gupta Nandi) के मुताबिक, विद्युत शवदाह गृहों के निर्माण से जहां शवों के दफानाने की परम्परा पर रोक लगेगी वहीं, विद्युत शवदाह गृहों में दाह संस्कार करने से समय और धन दोनों की बचत भी होगी.

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प्रयागराज. कोरोना काल (Corona Era) में संगम नगरी प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर, फाफामऊ और छतनाग श्मशान घाटों पर बड़ी संख्या में गंगा नदी के किनारे शवों को दफनाये जाने के मामले को तूल पकड़ने बाद अब नगर निगम प्रयागराज ने छह विद्युत शव दाह गृहों (Electric corpse houses) के निर्माण की कार्ययोजना तैयार की है. हालांकि, गंगा नदी के किनारे शवों को दफनाये जाने की खबर न्यूज 18 पर प्रमुखता से दिखाये जाने के बाद जिला प्रशासन ने 18 मई को शवों को दफनाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी थी. लेकिन शवों को दफनाये जाने की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ही नगर निगम की सीमा में छह विद्युत शवदाह गृह बनाने की तैयारी है. इसके लिए नगर निगम ने जहां भूमि चिन्हित कर ली है, वहीं जल्द टेंडर (Tender) जारी करने की तैयारी भी कर रहा है.

मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी के मुताबिक, विद्युत शवदाह गृहों के निर्माण से जहां शवों के दफानाने की परम्परा पर रोक लगेगी वहीं, विद्युत शवदाह गृहों में दाह संस्कार करने से समय और धन दोनों की बचत भी होगी. विद्युत शवदाह गृह में एक शव का अंतिम संस्कार करने में लगभग 450 रुपये का ही खर्च आयेगा. इसके साथ ही विद्युत शवदाह गृह पूरी तरह से पर्यावरण के भी अनुकूल हैं. इससे जहां शवों के अंतिम संस्कार में होने वाली लकड़ी की खपत कम हो जायेगी. वहीं, हरे पेड़ों की कटान पर भी रोक लगेगी. मेयर के मुताबिक, नगर निगम की सीमा में फाफामऊ, छतनाग, अरैल, करैलाबाग, महेवा और कन्हईपुर में विद्युत शव दाह गृह बनाने के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है. मेयर के मुताबिक जगह की उपलब्धता के अनुसार शव दाह गृहों के निर्माण पर अलग-अगल धनराशि खर्च आयेगी. उनके मुताबिक इन विद्युत शवदाह गृहों में ग्रीन एरिया भी विकसित किया जायेगा और लोगों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था भी रहेगी.

अंतिम संस्कार में आने वाली समस्या भी दूर होगी

मेयर की मानें तो इसके साथ ही जिला प्रशासन नगर निगम सीमा के बाहर श्रृंगवेरपुर और शहर पश्चिमी विधानसभा के फतेहपुर घाट पर भी एक-एक विद्युत शवदाह गृह बनाने की तैयारी कर रहा है. अभी शहर में दो विद्युत शवदाह गृह पहले से मौजूद है. इनमें दारागंज और शंकरघाट संचालित है. लेकिन दारागंज के खराब पड़े विद्युत शवदाह गृह को भी जल्द मरम्मत कराने की बात मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने कही है. उन्होंने कहा है कि विद्युत शव दाह गृहों के निर्माण से बारिश के महीने में गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने से गंगा के घाटों के जलमग्न होने के चलते शवों के अंतिम संस्कार में आने वाली समस्या भी दूर होगी.

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