प्रयाग के कुम्भ मेले में आएंगे मुसलमान किन्नर: महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी

तीर्थराज प्रयाग में जनवरी 2019 में लगने वाले कुंभ को लेकर किन्नर अखाड़े ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा है कि कुम्भ मेले में मुसलमान किन्नर भी आएंगे.

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 11, 2018, 2:54 PM IST
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Updated: September 11, 2018, 2:54 PM IST
तीर्थराज प्रयाग में जनवरी 2019 में लगने वाले कुंभ को लेकर किन्नर अखाड़े ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा है कि कुम्भ मेले में मुसलमान किन्नर भी आएंगे. उन्होंने कहा कि किन्नर अखाड़ा सांप्रदायिक नहीं है और न ही धर्म और लिंग के आधार पर किन्नर अखाड़ा लोगों में कोई भेदभाव करता है.

लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा है कि पहले भी सनातन धर्म में आस्था रखने वाले मुसलमान कुम्भ मेले में साधु-संतों के शिविरों में आते रहे हैं. किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा है कि उनके अखाड़े में ही हज करने वाले कई किन्नर संत मौजूद है.

उज्जैन कुंभ के बाद प्रयागराज में लगने वाले कुम्भ में भी किन्नर अखाड़ा अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है. कुंभ की तैयारियों को लेकर इलाहाबाद पहुंचे किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर ने स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के आश्रम में बैठक कर 10 किन्नरों को महामंडलेश्वर घोषित किया. इस मौके पर उन्होंने स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती की मौजूदगी में कुम्भ मेले को लेकर किन्नर अखाड़े का एक लोगो भी जारी किया है.

किन्नर अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा है कि कुंभ मेले में प्रयाग के तट पर किन्नर विलेज बसेगा जिसमें देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की प्रदर्शनियां लगेंगी. इसके साथ ही कला के उपासक किन्नर कुंभ मेले में किन्नर पुराण, किन्नर कला क्षेत्र, श्री विन्ध्य साधना कार्यशाला, आध्यात्मिक ज्ञान, अमृत स्नान जैसे कार्यक्रमों के साथ ही देवत्व यात्रा भी निकालेंगे.

वहीं इस मौके पर संत स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा है कि अखाड़ों और साधु संतों को किन्नर अखाड़े के कुम्भ में आने का विरोध नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा है कि किन्नर समाज हमेशा से ही प्रयाग में आता रहा है और गोस्वामी तुलसीदास ने भी रामचरित मानस में किन्नरों के प्रयाग में गंगा स्नान का वर्णन किया है. स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि संतों को किन्नरों का सम्मान करना चाहिए और सम्मान करने से ही सम्मान भी मिलता है. उन्होंने सरकार से भी किन्नरों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए प्रयास करने की बात कही है.

रिपोर्ट - सर्वेश दुबे

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