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नई एडवाइजरी जारी, इलाहाबाद हाईकोर्ट में कल से बिना कोट, गाउन के वकीलों को बहस की छूट

इलाहाबाद हाईकोर्ट में 8 मई से बिना कोट और गाउन के वकील प्रैक्टिस कर सकेंगे.

इलाहाबाद हाईकोर्ट में 8 मई से बिना कोट और गाउन के वकील प्रैक्टिस कर सकेंगे.

प्रयागराज (Prayagraj) स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने निर्णय लिया है कि, जरूरी न्यूनतम स्टाफ के जरिए कोर्ट की कार्यवाही चलाई जाएगी. फाइलें अनुभागों से सेनेटाइज करने के बाद ही कोर्ट रूम में भेजी जाएंगी. गेट नंबर 4 और 5 में मुकदमों की रिपोर्टिंग एवं दाखिले किए जा सकेंगे.

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प्रयागराज. प्रयागराज (Prayagraj) स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) प्रशासन ने 8 मई से कोर्ट परिसर में कैसे काम होगा इसको लेकर एक एडवाइजरी जारी की है. कोविड-19 (COVID-19) को देखते हुए अधिवक्ताओं  को कोर्ट में कोट और गाउन पहनने से छूट दी गई है. उन्हें केवल पैंट, शर्ट पहन कर आना है, जिसे घर जाकर आसानी से धुला जा सके. हाईकोर्ट में दो शिफ्ट में काम होगा. पहली शिफ्ट में सिविल मुकदमों की तथा दूसरी शिफ्ट में क्रिमिनल केसों की सुनवाई होगी. यह व्यवस्था फिलहाल इलाहाबाद हाईकोर्ट में ही लागू रहेगी. लखनऊ बेंच में कोर्ट खोलने के पूर्व निर्णय को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. इस पर बाद में निर्णय लिया जाएगा.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी बहस का इंतजाम
इस गाइडलाइन में  कहा गया है कि  जरूरी न्यूनतम स्टाफ के जरिए कोर्ट की कार्यवाही चलाई जाएगी. फाइलें अनुभागों से सेनेटाइज करने के बाद  ही कोर्ट रूम में भेजी जाएंगी.  गेट नंबर 4 और 5 में मुकदमों की रिपोर्टिंग एवं दाखिले किए जा सकेंगे. गेट नंबर 3 पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी  बहस का इंतजाम किया गया है. वहां से भी बहस की जा सकती है. खुली अदालत में सुनवाई की व्यवस्था की गई है. अदालतें  नए  बने भवन  में बैठेंगी. 30 कोर्टों में अदालत चलाने और वकीलों के बैठने की व्यवस्था की गई है. अधिवक्ता  गेट नंबर 1 से परिसर में प्रवेश करेंगे.

ई. पास धारक अधिवक्ता ही कर सकेंगे परिसर में प्रवेश
जिन अधिवक्ताओं के मुकदमे कोर्ट में लगे होंगे न्यायालय प्रशासन द्वारा उन्हें ई. पास जारी किया जाएगा. ई. पास धारक अधिवक्ता को  ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी.  गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि  65 वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्ता एवं हाट स्पाट  जोन में रहने वाले अधिवक्ता अपने घरों में ही रहें. उन्हें  न्यायालय आने की आवश्यकता नहीं है.   न्यायालय में प्रवेश द्वार पर  हैंडवाश, सेनेटाइजेशन  और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है.  वकीलों को हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश से पूर्व स्क्रीनिंग से होकर गुजरना होगा. अधिवक्ताओं  को कोर्ट में कोट  और गाउन नहीं  पहनना है. केवल पैंट, शर्ट पहन कर आना है, जिसे घर जाकर आसानी से धुला जा सके.

जजों के चेंबर और उनके कॉरिडोर में नहीं जा सकेंगे अधिवक्ता
न्यायालय परिसर के भीतर स्थित अधिवक्ताओं के चेंबर बंद रहेंगे उसे खोलने की अनुमति नहीं होगी. जजों के चेंबर और उनके कॉरिडोर में अधिवक्ता नहीं जा सकेंगे. सभी वकील और स्टाफ मास्क,  ग्लब्स पहनकर ही कोर्ट परिसर में आएंगे. एक न्याय कक्ष में 6 से अधिक वकीलों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. बहस करने के बाद अधिवक्ता कोर्ट  से बाहर  चले जाएंगे.  सभी से परिसर के भीतर और बाहर शारीरिक दूरी बनाए रखने का अनुरोध किया गया है. परिसर में थूकने, शराब पीकर आने, पान, गुटखा, तंबाकू खाना प्रतिबंधित कर दिया गया है. यह दंडनीय अपराध माना गया है. सभी से अनुरोध किया गया है कि भीड़ से बचें.

वादकारी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी.  न्यायालय परिसर के आसपास दुकान खोलने पर भी रोक लगा दी गई है. अधिवक्ताओं से यह भी अनुरोध किया गया है कि वाहन की पार्किंग दूरी बनाकर करें और केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का अनुपालन करें. यह गाइडलाइन केवल इलाहाबाद प्रधान पीठ के लिए है. लखनऊ पीठ में 8 मई से कोर्ट खोलने का निर्णय अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है. यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर ने गुरुवार को जारी किया है.

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जब महंत नरेंद्र गिरि ने अपने शिष्य आनंद गिरि को सिडनी भेजे थे 4 करोड़ रुपये, पढ़िए ये खबर

Mahant Narendra Giri Suicide Case: स्वामी आनंद गिरी का विवादों से रहा पुराना नाता (File photo)

Mahant Narendra Giri Death: नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में उनके शिष्य आनंद गिरि (45) के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया गया है.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या (Narendra Giri Suicide Case) के मामले में पुलिस के जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है. स्वामी आनंद गिरी का विवादों से भी नाता रहा है. लेकिन उनके साथ सबसे बड़ा विवाद आस्ट्रेलिया में 2016 और 2018 के एक पुराने मामले में जुड़ा. जबकि अपनी दो महिला शिष्याओं के साथ मारपीट और अभद्रता के मामले में वर्ष 2019 में वे सुर्खियों में आये थे. इस मामले में उन्हें मई 2019 में आस्ट्रेलिया के सिडनी में जेल भी जाना पड़ा था.

हालांकि सितम्बर माह में सिडनी कोर्ट ने उन्हें बाइज्जत बरी करते हुए पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश दे दिया था. जिसके बाद ही स्वामी आनंद गिरि की स्वदेश वापसी हो सकी थी. इस बारे में भी यह कहा जाता है कि उन्हें छुड़ाने के लिए महंत नरेंद्र गिरि ने यहां से 4 करोड़ रुपए भेजे थे. स्वामी आनंद गिरि पर ये भी आरोप लगा था कि बाघम्बरी गद्दी और मंदिर से अर्जित धन वे अपने परिजनों के लिए घर भेजते थे. इस प्रकरण की महंत नरेंद्र गिरी ने अखाड़े के पंच परमेश्वरों से जांच भी करायी थी. पंच परमेश्वरों की जांच में दोनों आरोप सही पाए जाने के बाद ये सख्त कार्रवाई की गई थी.

नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि के खिलाफ FIR दर्ज
नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में उनके शिष्य आनंद गिरि (45) के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया गया है. यह FIR लेटे हनुमान मंदिर के व्यवस्थापक अमर गिरि की ओर से दर्ज करवाई गई है. इसमें आरोप हैं कि आनंद की प्रताड़ना की वजह से ही महंत नरेंद्र गिरि ने जान दी है.

Narendra Giri Death: यूपी पुलिस स्वामी आनंद गिरि को लेकर पहुंची प्रयागराज

UP: महंत नरेंद्र गिरि की मौत मामले में हिरासत में लिए गए स्वामी आनंद गिरि को प्रयागराज पुलिस लाइन में रखा गया है.

Prayagraj News: प्रयागराज में महंत आचार्य नरेंद्र गिरि का शव उनके आश्रम के कमरे में मिला था. महंत की मौत के बाद पुलिस को 8 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला, जिसके बाद देर रात उनके शिष्य आनंद गिरि को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 13:53 IST
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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और बाघंबरी मठ के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की मौत मामले में यूपी पुलिस ने जांच तेज कर दी है. महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य रहे स्वामी आनंद गिरि (Swami Anand Giri) से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है. पता चला है कि यूपी पुलिस स्वामी आनंद गिरि को लेकर प्रयागराज (Prayagraj) पहुंच गई है. आनंद गिरि को पुलिस लाइन में रखा गया है.

बता दें आनंद गिरि महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में नामजद हैं. सूत्रों के अनुसार पुलिस स्वामी आनंद गिरी से थोड़ी देर में पूछताछ करेगी. जार्जटाउन थाने में स्वामी आनंद गिरि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

पता चला है कि आनंद गिरि को पुलिस लाइन के क्राइम ब्रांच में रखा गया है. आज लखनऊ से उन्हें प्रयागराज पुलिस लाइन लाया गया. बता दें महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस को सुसाइट नोट मिला था, जिसमें आनंद गिरि का भी नाम था.

महंत गिरि की मौत के मामले में 6 लोग हिरासत में, गनर से होगी पूछताछ- सूत्र

महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध स्थिति में मौत मामले में प्रयागराज पुलिस ने कई राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के साथ-साथ आधा दर्जन से ज्यादा व्यक्तियों को हिरासत में लिया है. इन सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी. उनके गनर से भी पूछताछ की जाएगी.

बता दें प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी व लेटे हनुमानजी के महंत आचार्य नरेंद्र गिरि का शव कल उनके आश्रम के कमरे में मिला था. मठ में उनकी लाश फांसी के फंदे से लटकती मिली थी. संदिग्ध हालत में महंत की मौत के बाद पुलिस को 8 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला, जिसके बाद देर रात ही उनके शिष्य आनंद गिरि को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया था. पुलिस के मुताबिक, महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरि के ऊपर प्रताड़ना का आरोप लगाया था.

इनपुट: सर्वेश दुबे

महंत नरेंद्र गिर‍ि केस: संत मान रहे हत्‍या, सरकार जांच को तैयार-10 प्‍वाइंट में जानें अब तक क्या-क्या हुआ

महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देते यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

Mahant Narendra Giri Death Case: आईजी केपी सिंह के अनुसार महंत नरेंद्र गिरि का शव उनके शिष्यों ने छत से लटका पाया था. उस जगह से 7 से 8 पन्नों का एक कथित सुसाइड नोट भी मिला था.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 13:48 IST
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नई दिल्‍ली. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्‍यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) के निधन के बाद कई संत उनकी मौत के कारण पर सवाल उठा रहे हैं. साथ ही उनके कथित सुसाइड नोट की सच्‍चाई को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं. वहीं आईजी केपी सिंह के अनुसार महंत गिरि का शव उनके शिष्यों ने छत से लटका पाया था. उस जगह से 7 से 8 पन्नों का एक कथित सुसाइड नोट भी मिला था. इसमें लिखा गया था कि वह मानसिक रूप से परेशान हैं और अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं. पुलिस ने कहा कि उन्‍होंने लिखा था कि वह अपने एक शिष्य से परेशान थे.

पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है लेकिन पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. केपी सिंह ने कहा था कि अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों के आने के बाद महंत के अंतिम संस्कार पर फैसला लिया जाएगा. इस बीच, कई संत और धार्मिक निकाय मृत्यु के कारण पर सवाल उठाते हुए सामने आए और महंत की मृत्यु से संबंधित अपना पक्ष रखा.

यहां कुछ दावे और पुलिस ने अब तक क्या कहा है इसके बारे में जानिये…

अलग रहने वाली पत्नी अगर आत्महत्या कर ले, तो पति पर उकसाने का मामला नहीं बनता: इलाहाबाद HC

UP: हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ पारित दोषसिद्धि के आदेश को किया रद्द

Allahabad High Court order: न्यायमूर्ति अजय त्यागी की पीठ के समक्ष जगवीर सिंह उर्फ​ बंटू ने एक अपील दायर कर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पीलीभीत के उस आदेश को चुनौती दी थी.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने एक पति‍ काे पत्‍नी की आत्‍महत्‍या के मामले में राहत देते हुए कहा क‍ि सिर्फ प्रताड़ना भर से आत्महत्या के लिए उकसाने का केस नहीं बनता है. आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जब तक उकसावे के लिए ऐक्टिव रोल साब‍ित न हो तब तक सिर्फ प्रताड़ना के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस नहीं बनता. हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एक पति के खिलाफ न‍िचली अदालत में दोषी ठहराने के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि पत्नी को अपने जीवन से अलग करना उकसाने की श्रेणी में आने वाला एक कारण नहीं हो सकता है.

न्यायमूर्ति अजय त्यागी की पीठ के समक्ष जगवीर सिंह उर्फ​ बंटू ने एक अपील दायर कर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पीलीभीत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए और 306 के तहत दोषी ठहराया गया था. 14 दिसंबर, 2008 को शिकायतकर्ता ने थाना-जहानाबाद, जिला-पीलीभीत में एक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी, जिसमें कहा गया कि उसकी पोती की हत्या हुई है. उसने बताया कि उसकी पोती की शादी जगवीर सिंह (अपीलकर्ता) से हुई थी. यह स्पष्ट था कि उसे जहर दिया गया है.

यह भी पढे़ं- Prayagraj News: सीएम योगी ने महंत नरेंद्र गिरी को दी श्रदांजलि, बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

अभियोजन का मामला यह है कि अपीलकर्ता और उसके माता-पिता मृतक की शादी में दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे और वे अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे. जिसे पूरा न करने पर मृतक को प्रताड़ित किया गया था. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आईपीसी की धारा-306 के प्रावधान के मुताबिक आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी के खिलाफ उकसाने के मामले में ऐक्टिव रोल होना चाहिए. या फिर उसकी ऐसी हरकत होनी चाहिए जिससे कि जाहिर हो कि उसने आत्महत्या के लिए सहूलियत प्रदान की है.

Narendra Giri Death: एडिशनल एसपी समेत बीजेपी और सपा के नेता आए पुलिस जांच के दायरे में

RIP Mahant Narendra Giri: पुलिस जांच के दायरे में आए एडिशनल एसपी और बीजेपी व सपा नेता

Mahant Narendra Giri Suicide: जानकारी के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि और स्वामी आनंद गिरि के बीच हुए विवाद में एडिशनल एसपी ओपी पांडे, बीजेपी नेता सुशील मिश्रा और समाजवादी पार्टी इंदु प्रकाश मिश्रा ने मध्यस्थता कराई थी. अब पुलिस इन तीनों से ही गुरुवार को पूछताछ करेगी.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या (Narendra Giri Suicide Case) के मामले में अब पुलिस (Police) जांच के दायरे में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ ही एक एडिशनल एसपी भी आ गए हैं. जानकारी के मुताबिक, महंत नरेंद्र गिरि और स्वामी आनंद गिरि के बीच हुए विवाद में एडिशनल एसपी ओपी पांडे, बीजेपी नेता सुशील मिश्रा और समाजवादी पार्टी इंदु प्रकाश मिश्रा ने मध्यस्थता कराई थी. अब पुलिस इन तीनों से गुरुवार को पूछताछ करेगी. दरअसल, पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर जब समझौता हो गया था तो विवाद क्यों बरकरार रहा?

जानकारी के मुताबिक, एडिशनल एसपी ओपी पांडेय, बीजेपी नेता सुशील मिश्रा और समाजवादी पार्टी के नेता इंदु प्रकाश मिश्रा दोनों ही संतों के करीबी रहे हैं. इन्होंने ही लखनऊ में एक बंद कमरे में दोनों के बीच समझौता कराया था. अब पुलिस इन तीनों से महंत नरेंद्र गिरी और आनंद गिरी के बीच के रिश्तों के बारे में पता लगाएगी. एएसपी ओपी पांडे मध्यस्थता के वक्त मुरादाबाद पीएसी में तैनात थे. पुलिस एडिशनल एसपी ओपी पांडे को गुरुवार को प्रयागराज बुला सकती है.

सुशील मिश्रा ने कही ये बात 
महंत नरेंद्र गिरि और स्वामी आनंद गिरि के बीच समझौता कराने वाले बीजेपी नेता सुशील मिश्रा ने न्यूज़18 से बातचीत में कहा कि उस वक्त महंत नरेंद्र गिरि ने मुझसे कहा था कि आनंद गिरि मीडिया में मेरे बारे में उल्टी सीधी बात कर रहे हैं, उसके बाद हम लोगों ने मध्यस्थता करवाने के लिए आनंद गिरि और महराज की मुलाकात करवाई थी. हम लोग आनंद गिरि को पहले नहीं जानते थे. आनंद गिरि के बारे में हमें कुछ पता नहीं था, लेकिन दोनों ने बंद कमरे में जाकर बात की थी. अंदर क्या बात हुई यह हमें नहीं बताया गया था. मैं पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करूंगा. पुलिस जो भी जानना चाहेगी मैं सब बताऊंगा. अगर समझौता कराना अपराध होता तो हम मठ नहीं जाते, मैने सब के भले के लिए समझौता कराया था.

प्रयागराज: CM योगी बोले- पंचक के कारण आज महंत नरेंद्र गिरि को समाधि नहीं दी जाएगी

UP: दिवंगत महंत नरेंद्र गिरी को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पोस्टमॉर्टम होने के बाद मठ बाघम्बरी गद्दी में ही सनातन परम्परा के अनुसार महंत नरेंद्र गिरि को समाधि दी जाएगी. उन्होंने कहा कि महंत की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 13:28 IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने आज मंगलवार (21 November) को प्रयागराज के बाघंबरी मठ पहुंचकर महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले की कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी द्वारा जांच किये जाने की बात कही. उन्होंने बताया कि पंचक होने की वजह से आज महंत नरेंद्र गिरि को समाधि नहीं दी जायेगी. बुधवार को 5 डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम होने के बाद मठ बाघम्बरी गद्दी में ही सनातन परम्परा के अनुसार महंत नरेंद्र गिरि को समाधि दी जाएगी. इसके साथ ही महंत नरेंद्र गिरि के मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सीएम योगी ने कहा कि इस दुखद घटना से हम सभी दुखी हैं. कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था. पुलिस के चार बड़े अफसर मामले की जांच कर रहे हैं. घटना का पर्दाफाश होगा. जो भी जिम्मेदार होगा, उसे सजा मिलेगी. दोषियों को कठोर सजा मिलेगी. साथ ही सीएम योगी ने ये भी कहा कि नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच जारी है, इसलिए बेवजह की बयानबाजी से बचना चाहिए.

सीएम ने दी श्रद्धांजलि

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UP: प्रयागराज पहुंचे सीएम योगी ने महंत नरेंद्र गिरि को दी श्रद्धांजलि

सीएम ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरि का जाना संत समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है. उन्होंने कहा कि उनके निधन से बेहद दुखी हूं. संत समाज की ओर से श्रद्धांजलि देने आया हूं. इस दुखद घटना से हम सब व्यथित हैं. समाज और देश के हित में किए जाने वाले हर निर्णय में उनका सहयोग प्राप्त होता था. साथ ही यूपी सीएम तमाम साधु-संतों से भी बात कर हालात का संज्ञान लिया.

इनपुट: सर्वेश दुबे

Prayagraj News: सीएम योगी ने महंत नरेंद्र गिरी को दी श्रद्धांजलि, बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

UP: हमारे आध्यात्मिक और धार्मिक समाज की अपूरणीय क्षति

Mahant Narendra Giri Death: सीएम योगी ने कहा कि उनका जाना संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरि के निधन से बेहद दुखी हूं. संत समाज की ओर से श्रद्धांजलि देने आया हूं.

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प्रयागराज. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने मंगलवार को प्रयागराज के बाघंबरी मठ पहुंचकर महंत नरेंद्र गिरि (Narendra Giri) को श्रद्धांजलि अर्पित की. सीएम योगी ने कहा कि इस दुखद घटना से हम सभी दुखी हैं. कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था. इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि पुलिस के चार बड़े अफसर मामले की जांच कर रहे हैं. एक-एक घटना का पर्दाफाश होगा. जो भी जिम्मेदार होगा, उसे सजा मिलेगी. दोषियों को कठोर सजा मिलेगी. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि दोषी बचेगा नहीं, हर हाल में सजा मिलेगी. नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच जारी है इसलिए बेवजह की बयानबाजी से बचना चाहिए. सीएम ने कहा कि पंचक होने के कारण आज महंत नरेंद्र गिरी को समाधि नहीं दी जाएगी. आज जनता के दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर यहां रहेगा. बुधवार को पांच सदस्यीय टीम उनके पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम करेगी. वहीं पोस्टमार्टम के बाद  धार्मिक विधि विधान से अंतिम संस्कार किया जाएगा.

सीएम योगी ने कहा कि उनका जाना संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरि के निधन से बेहद दुखी हूं. संत समाज की ओर से श्रद्धांजलि देने आया हूं. इस दुखद घटना से हम सब व्यथित हैं. यह हमारे आध्यात्मिक और धार्मिक समाज की अपूरणीय क्षति है. मान अपमान की चिंता के बगैर उन्होंने प्रयागराज कुंभ को भव्यता के साथ आयोजित करने में योगदान दिया था. समाज और देश के हित में किए जाने वाले हर निर्णय में उनका सहयोग प्राप्त होता था. साथ ही यूपी सीएम तमाम साधु संतों से भी बात कर हालात का संज्ञान लिया.

शिष्य आनंद गिरि समेत 3 गिरफ्तार
बता दें कि देश भर में अपने बयान से सुर्खियों में रहने वाले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार शाम संदिग्ध हालात में मौत हो गई. उनका शव अल्लापुर में श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के कमरे में फंदे से लटका मिला. मामले में पुलिस ने उनके शिष्य योगगुरु आनंद गिरि, लेटे हुए हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है.

Narendra Giri Death: महंत गिरि की मौत के मामले में 6 लोग हिरासत में, गनर से होगी पूछताछ- सूत्र

Mahant Narendra Giri death: महंत नरेंद्र गिरि मामले में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया.

Mahant Narendra Giri Death: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत मामले में पुलिस ने राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के साथ-साथ कई लोगों को लिया हिरासत में. प्रयागराज स्थित बाघम्बरी मठ में महंत नरेंद्र गिरि का मिला था शव.

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प्रयागराज. अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध स्थिति में मौत के मामले में आज प्रयागराज पुलिस ने कई राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के साथ-साथ आधा दर्जन से ज्यादा व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया है. सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक इन सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि के गनर से भी पूछताछ की जाएगी. महंत को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी.

प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी व लेटे हनुमानजी के महंत आचार्य नरेंद्र गिरि का शव कल उनके आश्रम के कमरे में मिला था. बाघंबरी मठ में उनकी लाश फांसी के फंदे से लटकती मिली थी. संदिग्ध हालत में महंत की मौत के बाद पुलिस को 8 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला था, जिसके बाद कल देर रात ही उनके शिष्य आनंद गिरि को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया था. पुलिस के मुताबिक, महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरि के ऊपर प्रताड़ना का आरोप लगाया था.

महंत नरेंद्र गिरि की मौत खुदकुशी या हत्या? पुल‍िस को म‍िला एक वी‍ड‍ियो, खुल सकते हैं कई राज

इस मामले में पुलिस को मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट मिली है, जिससे कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं. पुलिस के मुताबिक मौत से पहले 6 से 10 घंटे के बीच महंत के साथ जिन-जिन लोगों की बातचीत हुई है, पुलिस उन सभी से पूछताछ करेगी. महंत की मौत को लेकर प्रयागराज पुलिस को एक वीडियो भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है. आपको बता दें कि महंत नरेंद्र गिरि के साथ उनके शिष्य आनंद गिरि का विवाद चल रहा था. पुलिस उनकी मौत को इस विवाद से भी जोड़कर जांच कर रही है.

शिष्य आनंद गिरि के लिए 'पेट्रोल पंप' खोलना चाहते थे महंत नरेंद्र गिरि, जानिए दोनों के बीच क्यों बढ़ी तकरार?

मठ और बड़े हनुमान मंदिर से शिष्य आनंद को दिखाया बाहर का रास्ता (File photo)

Narendra Giri Death Case: महंत नरेंद्र गिरि ने न्यूज़ 18 को इस विवाद के बाद बताया था कि स्वामी आनंद गिरी 10 वर्ष की अवस्था में उन्हें हरिद्वार में मिले थे और वह मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के रहने वाले हैं.

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प्रयागराज. पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी से 14 मई 2021 को निष्कासित किए गए स्वामी आनंद गिरि (Anand Giri) अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) के सबसे करीबी शिष्यों में से एक थे. उन्हें अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी के तौर भी देखा जा रहा था. स्वामी आनंद गिरी की पहचान देश विदेश में योग गुरु के रूप में थी. दरअसल अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि एक पेट्रोल पंप खोलना चाहते थे, लेकिन उनकी शैक्षिक योग्यता न होने के चलते उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि के नाम पेट्रोल पंप लगभग मंजूर करा भी लिया था.

इसके लिए मठ की एक जमीन भी लीज पर आनंद गिरि के नाम पर कर दी थी, लेकिन इस बीच महंत नरेंद्र गिरि को ऐसा आभास हुआ कि उनके शिष्य आनंद गिरि की मंशा कुछ ठीक नहीं है. जिसके बाद उन्होंने पेट्रोल पंप न लेने की बात कही. जिसको लेकर गुरु और शिष्य के बीच तकरार बढ़ गई थी. दोनों के बीच तकरार इतनी बढ़ गई कि महंत नरेंद्र गिरी को अपने सबसे प्रिय शिष्य को निरंजनी अखाड़े के साथ ही मठ और बड़े हनुमान मंदिर से बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा.

यह भी पढ़ें- UP Crime News: महंत नरेंद्र गिरि की मौत खुदकुशी या हत्या? पुलिस को मोबाइल काल डिटेल में मिला अहम सुराग

महंत नरेंद्र गिरि ने न्यूज़ 18 को इस विवाद के बाद बताया था कि स्वामी आनंद गिरी 10 वर्ष की अवस्था में उन्हें हरिद्वार में मिले थे और वह मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के रहने वाले हैं. अपने घर से भाग कर आए थे और चाय की दुकान पर काम करते हुए उन्हें मिले थे. महंत नरेंद्र गिरि के मुताबिक उन्होंने आनंद गिरि को कुछ रुपए दिए. उनको समझा बुझाकर घर जाने को कहा. लेकिन जब आनंद गिरि घर नहीं गये देखते हुए उन्हें अपने साथ रख लिया और उन्हें संस्कृत की शिक्षा दिलाई.

शिष्य आनंद गिरि समेत 3 लोगों पर FIR
बहरहाल महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके शिष्य आनंद गिरि बड़े हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी के खिलाफ जार्ज टाउन थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराई है. जिसके क्रम में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है.

Narendra Giri Death: केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- साजिश न होती तो महाराज जी कभी नहीं कर सकते थे आत्महत्या

Mahant Narendra Giri Death:  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आत्महत्या को बताया बड़ी साजिश

Mahant Narendra Giri Death: मीडिया से बातचीत में केशव मौर्य ने कहा कि यह एक बड़ी साजिश है. अगर कोई साजिश न होती तो महाराज जी आत्महत्या जैसा बड़ा कदम कभी न उठाते. मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 11:08 IST
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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM Keshav Prasad Maurya) ने  अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की मौत को एक साजिश बताया और कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कारकार जो कोई भी दोषी होगा उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी. बुधवार को प्रयागराज के बाघंबरी मठ पहुंचकर महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दो दिन पहले ही उनका आशीर्वाद प्राप्‍त हुआ था. विश्वास ही नहीं हो रहा है कि अब वे हमारे बीच ही नहीं है.

मीडिया से बातचीत में केशव मौर्य ने कहा कि यह एक बड़ी साजिश है. अगर कोई साजिश न होती तो महाराज जी आत्महत्या जैसा बड़ा कदम कभी न उठाते. मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है. जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच भी कराई जाएगी. किसी भी सूरत में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा.

कांग्रेस को नसीहत 
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कांग्रेस को नसीहत भी दे डाली. उन्होंने कहा कि ऐसे मौके पर कांग्रेस राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि सभी दुखी हैं, लेकिन सरकार बड़ी कार्रवाई करेगी. केशव मौर्य ने कहा कि हम किसी को बख्शने वाले नहीं है. अखाड़ा परिषद अगर चाहेगा तो सीबीआई जांच भी कराई जाएगी. दरअसल, कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि बीजेपी सरकार में आम आदमी के साथ साथ साधु-संत भी सुरक्षित नहीं हैं. कांग्रेस ने पूरे मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की है.

सुसाइड नोट की भी जांच होनी चाहिए: मोनी बाबा
प्रसिद्ध संत मोनी बाबा ने महंत नरेंद्र गिरि की मौत पर कहा मैं उन्हें 1984 से जानता हूं वह आत्महत्या करने वाले व्यक्ति नहीं है मोनी बाबा का बड़ा बयान पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए. मोनी बाबा ने कहा क‍ि जो सुसाइड नोट बरामद हुआ है उसकी भी जांच होनी चाहिए जो लोग पकड़े गए हैं उनसे गहन पूछताछ होनी चाहिए मोनी बाबा का बयान अपराधी नहीं बचना चाहिए मैं उन्हें कई दशक से जानता था वह आत्महत्या नहीं कर सकते
 
हम किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं : कानून मंत्री बृजेश पाठक
कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा है क‍ि कहां हम इस घटना से बहुत दुखी हैं बृजेश पाठक का बयान सरकार पूरे मामले की गंभीरता से जांच करा रही है. हम किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं. कानून मंत्री का बयान एक-एक बिंदु की जांच की जा रही है अपराधी बचेंगे नहीं कानून मंत्री का बयान कई लोगों की गिरफ्तारी की गई है आगे भी कार्रवाई जारी है कानून मंत्री का बयान मैं महंत नरेंद्र गिरि के बहुत करीबी था मैं यही हमेशा प्रवास करता था इसलिए बहुत दुखी हूं किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा

महंत नरेंद्र गिरि की मौत खुदकुशी या हत्या? पुल‍िस को म‍िला एक वी‍ड‍ियो, खुल सकते हैं कई राज

Prayagraj News: पुलिस को मोबाइल काल डिटेल में मिला अहम सुराग (File photo)

Mahant Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरि की मौत से पहले 6 से 10 घंटे के बीच जिन जिन लोगों से बात हुई है उन सभी के नंबर निकाल कर पुलिस उनसे पूछताछ उनसे करेगी.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) की सोमवार को संदिग्‍ध हालात में मौत हो गई. प्रयागराज के बाघंबरी मठ में उनकी लाश फांसी के फंदे से लटकती मिली है. महंत नरेंद्र गिरी के मौत मामले में पुलिस को मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) से अहम सुराग मिले हैंं. महंत नरेंद्र गिरि की मौत से पहले 6 से 10 घंटे के बीच जिन -जिन लोगों से बात हुई है उन सभी के नंबर निकाल कर पुलिस उनसे पूछताछ उनसे करेगी. सूत्र बताते हैं कि पुलिस को वीडियो भी हाथ लगा है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है.

महंत नरेंद्र गिरी की मौत को उनके शिष्य आनंद गिरी से चल रहे विवाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है. उल्लेखनीय है कि नरेंद्र गिरी ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरी की ओर से मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का अरोप लगाया है. इस बीच, उत्तराखंड पुलिस ने महंत नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

शिष्य आनंद ने कहा – करोड़ों का हैं खेल 
इधर, हिरासत में लिए जाने के बाद आनंद गिरी ने कहा है कि गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई है. उन्होंने कहा कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं. आईजी लगातार नरेंद्र गिरी के संपर्क में रहते थे. आनंद गिरी का आरोप है कि मठ और मंदिर का पैसा हड़पने वालों ने महंत जी की हत्या की है. इस साजिश में मठ के कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं. करोड़ों का खेल हैं. गौरतलब है कि महंत नरेंद्र गिरी के पास से मिले सुसाइड नोट में आनंद गिरी, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी पर मानसिक तौर से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है.

आज दोपहर 2 बजे होगा पोस्टमॉर्टम
यूपी पुलिस एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि महंत गिरी की आत्महत्या की सूचना उनके शिष्य बबलू ने फोन पर पुलिस को दी. इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उनके शव को उतारा जा चुका था और नीचे रखा हुआ था. पुलिस के अनुसार महंत नरेंद्र गिरी का पोस्टमॉर्टम मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल से दोपहर 2 बजे करवाया जाएगा.

Narendra Giri Death: गिरफ्तार शिष्य आनंद गिरि का विवादों से रहा है पुराना नाता, जानिए कैसी रही है प्रोफाइल

Mahant Narendra Giri Death: स्वामी आनंद गिरि का विवादों से रहा है पुराना नाता

Mahant Anad Giri Death Case: आनंद गिरि ने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी कम उम्र में संन्यास लिया था. दीक्षा के समय योगी जहां 22 साल के थे, वहीं आनंद महज 10 साल की उम्र में नरेंद्र गिरि के संरक्षण में दीक्षा ली थी.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 10:15 IST
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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के आत्महत्या (Mahant Narendra Giri Suicide Case) मामले में गिरफ्तार शिष्य स्वामी आनंद गिरि (Swami Anand Giri) का विवादों से पुराना नाता रहा है. एक साल पहले ही महंत नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि को पंचायती अखाडा श्री निरंजनी, बाघंबरी गाड़ी पीठ और हनुमान मंदिर से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. हालांकि बाद में पैर छूकर माफ़ी मांगने के बाद नरेंद्र गिरि ने उन्हें माफ तो कर दिया था पर उनकी अखाड़े में वापसी नहीं हुई थी. महंत नरेंद्र गिरि ने स्वामी आनंद गिरि को संन्यास धारण करने के बावजूद अपने परिवार से संबंध रखने के कारण उन्हें निष्कासित किया था. उनके मुताबिक संन्यास परंपरा में आने के बाद अपने परिवार से संबंध रखने पर अखाड़े से निष्कासित कर दिया जाता है.

इसके बाद विवाद और तब बढ़ा जब स्वामी आनंद गिरि ने दो वीडियो जारी कर नरेंद्रगिरि पर गंभीर आरोप लगाया था. इतना ही नहीं आनंद गिरि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर  मठ संपत्ति विवाद की सीबीआई जांच की मांग की थी. हालांकि बाद में बड़े ही नाटकीय अंदाज में स्वामी आनंद गिरि का एक वीडियो सामने आया जिसमें वे महंत नरेंद्र गिरि का पैर छूकर माफ़ी मांगते दिखाई दिए.

सिडनी में छेड़छाड़ के आरोप में गए थे जेल
स्वामी आनंद गिरी काफी हाई प्रोफाइल योग गुरु के तौर पर जाने जाते रहे हैं. लेकिन साथ ही साथ विवाद भी उनके साथ हमेशा रहा. ऑस्ट्रेलिया में उन पर दो अलग-अलग मौकों पर दो महिलाओं के साथ मारपीट का आरोप लगा था. आरोप के मुताबिक उन्हें दो अवसरों पर हिंदू प्रार्थना के लिए अपने घरों में आमंत्रित किया गया था. जहां 2016 में उन्होंने अपने घर के बेडरूम में एक 29 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की. इसके बाद 2018 में, गिरि ने लाउंज रूम में 34 वर्षीय एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की. इस मामले में भी महंत नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि की मदद की थी और उनकी जमानत करवाकर रिहा करवाया था.

फ्लाइट में शराब के साथ फोटो हुई थी वायरल
2020 में स्वामी आनंद गिरि की एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें वे एक फ्लाइट के बिज़नेस क्लास में बैठे हैं और उनकी सीट के होल्डिंग पर शराब से भरा एक ग्लास रखा हुआ है. इस तस्वीर के वायरल होने के बाद उनकी काफी किरकिरी हुई थी. हालांकि बाद में सफाई देते हुए आनद गिरि ने कहा था कि वह शराब नहीं एप्पल जूस था. उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है.

10 साल की उम्र में लिया संन्यास
बता दें कि आनंद गिरि ने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी कम उम्र में संन्यास लिया था. दीक्षा के समय योगी जहां 22 साल के थे, वहीं आनंद महज 10 साल की उम्र में नरेंद्र गिरि के संरक्षण में दीक्षा ली थी. संन्यासी के रूप में ही उन्होंने संस्कृत ग्रामर, आयुर्वेद और वेदिक फिलॉसफी की शिक्षा ली. बीएचयू से ग्रैजुएट आनंद गिरि योग तंत्र में पीएचडी की हैं. वे मंत्रयोग, हठयोग, राजयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग और कर्मयोग की ट्रेनिंग देते हैं.

UP: उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने HC में दाखिल की याचिका, CM योगी पर की थी अभद्र टिप्पणी

UP: उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने HC में दाखिल की याचिका (File photo)

UP News: पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने मीडिया को बयान देते हुए कहा था कि योगी सरकार और आजम खान का प्रकरण जालिम और इंसाफ की लड़ाई है.

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प्रयागराज. उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी (Former Governor Aziz Qureshi) इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की शरण में पहुंच गए हैं. पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने अपने विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को रद्द कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. उनके विरुद्ध जिला रामपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया है. उनके खिलाफ बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने राजद्रोह के साथ अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया गया है.

पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने मीडिया को बयान देते हुए कहा था कि योगी सरकार और आजम खान का प्रकरण जालिम और इंसाफ की लड़ाई है. इसके खिलाफ रामपुर की जनता को सड़कों पर आ जाना चाहिए. अभी कुछ दिन पहले ही वह सांसद आजम खान की पत्नी विधायक डॉ ताजीन फातिमा से मिलने उनके आवास पहुंचे थे वहीं उन्होंने मीडिया में योगी आदित्यनाथ को लेकर टिप्पणी की थी. भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने अजीज कुरैशी के विरुद्ध रामपुर के थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया है. सीएम योगी के विरुद्ध की गई टिप्पणी को लेकर दर्ज मुकदमे के खिलाफ पूर्व राज्यपाल ने मामला निरस्त कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुहार लगाई है.

यह भी पढ़ें- Narendra Giri Death Mystery: शिष्य आनंद गिरि का सामने आया Video, जब गुरु नरेंद्र गिरि के पैर और कान पकड़कर मांगी थी माफी

दरअसल अजीज कुरैशी के इस बयान के बाद लोगों में काफी गुस्सा है. इसी को लेकर रामपुर के स्थानीय बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने एफआईआर दर्ज कराई है. उन्होंने लोगों को भड़काने के मामले में पूर्व राज्यपाल के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है. इसके साथ ही उन पर देशद्रोह का भी आरोप लगाया है. क्योंकि अपने संबोधन में पूर्व राज्यपाल ने लोगों को सरकार के खिलाफ भड़काते हुए न केवल सीएम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की बल्कि लोगों को सड़कों पर उतरने और हिंसा फैलाने के लिए भी प्रेरित किया.

Mahant Narendra Giri Death Case Updates Live: पुलिस के हाथ लगा एक वीडियो सहित अहम सुराग

महंत नरेंद्र गिरी को श्रद्धांजलि देने प्रयागराज पहुंचेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Narendra Giri Death Case Live Updates: सुबह 8:30 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ भी श्री मठ बाघम्बरी गद्दी पहुंचेंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देंगे. बता दें महंत नरेंद्र गिरी और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच काफी अच्छे संबंध थे.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 09:37 IST
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प्रयागराज. श्री निरंजनी अखाड़े (Shri Niranjani Akhara) के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मंगलवार को अखाड़ा परिषद के पंच परमेश्वरों की सुबह बैठक होगी बैठक. इस बैठक के बाद महंत नरेंद्र गिरि का पार्थिव शरीर जनता के दर्शनों के लिए रखा जाएगा. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के उपाध्यक्ष देवेंद्र शास्त्री ने बताया कि सुबह 11:30 बजे श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में महंत नरेंद्र गिरि का पार्थिव शरीर लोगों के दर्शनों के लिए रखा जाएगा. सुबह 8:30 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ भी श्री मठ बाघम्बरी गद्दी पहुंचेंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देंगे. बता दें महंत नरेंद्र गिरी और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच काफी अच्छे संबंध थे. अक्सर सीएम आवास में विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए महंत नरेंद्र गिरी जाते थे.

Narendra Giri Death Mystery: शिष्य आनंद गिरि का सामने आया Video, जब गुरु नरेंद्र गिरि के पैर और कान पकड़कर मांगी थी माफी

Prayagraj News: शिष्य आनंद गिरि का सामने आया Video

Mahant Narendra Giri News: आपको बता दें कि देश भर में अपने बयान से सुर्खियों में रहने वाले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार शाम संदिग्ध हालात में मौत हो गई.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 08:53 IST
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प्रयागराज. निरंजनी अखाड़े (Niranjani Akhara) के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (All India Akhara Parishad) के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि (Narendra Giri) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके शिष्य योगगुरु आनंद गिरि (Anand Giri) का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. बता दें कि पिछले दिनों नरेंद्र गिरि का उनके शिष्य आनंद गिरि से विवाद हुआ था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद एक वीडियो जारी करके विवाद को खत्म बताया जा रहा था. वीडियो में खुद आनंद गिरि ने अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरी के पैर पकड़कर माफी भी मांगी थी.

दरअसल आनंद गिरि को हरिद्वार में संन्यास परंपरा के तोड़ने की वजह से पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की कार्यकारिणी ने निकाल दिया था. तब खुद महंत नरेंद्र गिरि का कहना था कि आनंद गिरि ने नासिक, उज्जैन, प्रयागराज और हरिद्वार कुम्भ में अपने पूरे परिवार को बुलाया था. जबकि अखाड़े की परंपरा के अनुसार परिवार से सम्बंध नहीं रखा जा सकता है. एक माह पहले दी गई चेतावनी के बाद भी जब ये नहीं माने तो महंत ने पहले बाघम्बरी मठ से हटाया उसके बाद अखाड़े से निष्कासन की कार्रवाई की गई थी.

निरंजनी अखाड़े से निकाले जाने के बाद स्वामी आनंद गिरि ने अपने गुरु स्वामी नरेंद्र गिरि के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. इसके बाद 26 मई को एक वीडियो जारी किया गया जिसमें बकायदा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य आनंद गिरि के बीच विवाद को सुलझा हुआ बताया गया. गुरु और शिष्‍य में सुलह होने की बात भी कही गई. वीडियो में आनंद गिरि ने अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरी के पैर पकड़कर माफी भी मांगी थी.

शिष्य आनंद गिरि समेत 3 गिरफ्तार
आपको बता दें कि देश भर में अपने बयान से सुर्खियों में रहने वाले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार शाम संदिग्ध हालात में मौत हो गई. उनका शव अल्लापुर में श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के कमरे में फंदे से लटका मिला. मामले में पुलिस ने उनके शिष्य योगगुरु आनंद गिरि, लेटे हुए हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है.

Mahant Narendra Giri Death: FIR से समझिए कैसे हुई महंत नरेंद्र गिरि‍ की मौत, आरोपी के कॉलम में सिर्फ आनंद गिरि‍ का नाम

RIP Mahant Narendra Giri: आचार्य नरेंद्र गिरी की शव का आज कराया जाएगा पोस्टमॉर्टम.

Narendra Giri Suicide Case: आनंद गिरि‍ के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. आनंंद गिरि‍ को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. पुलिस ने आनंद गिरी को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है.

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प्रयागराज/लखनऊ. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि‍ (Mahant Narendra Giri) आत्महत्या मामले में पहली एफआईआर (FIR) प्रयागराज (Prayagraj) के जॉर्ज टाउन थाने में दर्ज की गई है. महंत नरेंद्र गिरि‍ के शिष्य अमर गिरि‍ पवन  महाराज की तरफ से दर्ज करवाई गई एफआईआर में सिर्फ उनके शिष्य आनंद गिरि‍ को नामजद आरोपी बनाया गया हो. आनंद गिरि‍ के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. आनंद गिरि‍ को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. पुलिस ने आनंद गिरि‍ को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है और अब उन्हें सड़क मार्ग से प्रयागराज लाया जा रहा है. उधर बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

एफआईआर के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि‍ सोमवार दोपहर लगभग 12:30 बजे बाघम्बरी गद्दी के कक्ष में भोजन के बाद रोज की तरह विश्राम के लिए गए थे. रोज 3 बजे दोपहर में उनके चाय का समय होता था,
लेकिन चाय के लिए उन्होंने पहले मना किया था और यह कहा था जब पीना होगा तो वह स्वयं सूचित करेंगे. शाम करीब 5 बजे तक कोई सूचना न मिलने पर उन्हें फोन किया गया. लेकिन महंत नरेंद्र गिरि‍ का फोन बंद था. इसके बाद दरवाजा खटखटाया गया तो कोई आहट नहीं मिली. जिसके बाद सुमित तिवारी, सर्वेश कुमार द्विवेदी, धनंजय आदि ने धक्का देकर दरवाजा खोला. तब महाराज जी पंखे में रस्सी से लटकते हुए पाए गए.

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महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या मामले में दर्ज हुई पहली FIR

FIR में आनंद गिरि‍ पर परेशान करने का जिक्र
FIR में आगे लिखा हुआ है कि जीवन की संभावना को देखते हुए शिष्यों ने रस्सी काटकर महाराज जी को नीचे उतारा, लेकिन तब तक वह स्वर्ग लोक वासी हो चुके थे. एफआईआर में जिक्र है कि महाराज पिछले कुछ महीने से आनंद गिरि को लेकर परेशान रहा करते थे. यह बात कभी-कभी वह स्वयं भी कहते थे कि आनंद गिरि हमें बहुत परेशान करता रहता है.

आज होगा पोस्टमॉर्टम 
महंत नरेंद्र गिरी की मौत मामले में यह पहला कानूनी कदम है, जिसमें आनद गिरी को आरोपी बनाया गया है. अब उनकी मौत हत्या थी या आत्महत्या इसका पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा. फिलहाल डॉक्टरों के पैनल द्वारा उनका पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा. उसके बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए बाघंबरी पीठ मठ में रखा जाएगा. जानकारी के मुताबिक मठ में ही नरेंद्र गिरी को भू-समाधी दी जाएगी.

UP Education News: यूपी में 10वीं व 12वीं के स्कूल प्रिंसिपल बनेंगे डिजिटल, योगी सरकार देगी टैबलेट

UP Education News:  यूपी में  10वीं व 12वीं के स्कूल प्रिंसिपलों को टैबलेट देगी योगी सरकार.

UP Education News:  उत्तर प्रदेश में जल्द ही प्रदेश सरकार 10वीं और 12वीं के 2204 स्कूलों को टैबलेट देगी. इसके लिए प्रति स्कूल 10 हजार रुपए दिया जाएगा. टैबलेट स्कूल प्रिंसिपलों को दिया जाएगा.  

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 08:35 IST
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नई दिल्ली (UP Education News). यूपी में योगी सरकार अब 10वीं और 12वीं स्कूलों को डिजिटल बनाने पर जोर दे रगी है. अब 10वीं और 12वीं स्कूलों के प्रिंसिपलों को भी नई टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाएगा, जिसका लाभ छात्रों को मिलेगा. साथ ही काम भी आसान होगा. इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से 10वीं और 12वीं स्कूलों प्रिंसिपलों टैबलेट मुहैया कराया जाएगा.

विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रदेश के 2204 स्कूलों को (10वीं और 12वीं) टैबलेट दिया जाएगा. इसके लिए प्रति स्कूल 10 हजार रुपए सरकार देगी. इन स्कूलों को प्रिंसिपलों को टैबलेट देने के लिए प्रदेश सरकार ने 2 करोड़ रुपए खर्ज करने की योजना बनाई हैं.

प्राइमरी स्कूलों को भी टैबलेट देगी सरकार
प्रदेश सरकार ने प्राइमरी स्कूलों को भी इस योजना से जोड़ने का फैसला किया है. एक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 1,59,043 सरकारी स्कूलों, 880 खंड शिक्षा अधिकारियों और 4400 अकादमिक रिसोर्स पर्सन को टैबलेट दिया जाएगा.

यह होगा फायदा
प्रिंसिपलों को टैबलेट मिलने के बाद पढ़ाई और स्कूलों के विकास से संबंधित सभी कार्यों की जानकारी करना आसान हो जाएगा. इससे शिक्षकों की अटेंडेंस बायोमीट्रिक तरीके से लगाने में आसानी होगी. वहीं टैबलेट में मौजूद डेटा को राज्यस्तर पर देखा जा सकेगा. इसमें क्लाउड बेस्ड स्टोरेज होगा. इससे सरकार को भी स्कूलों की मॉनिटरिंग करने में आसानी होगी.

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Narendra Giri Death Case: शिष्य आनंद गिरि गिरफ्तार, हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और बेटे संदीप तिवारी हिरासत में

आनंद गिरी का आरोप है कि महंत नरेंद्र गिरी को मारकर मुझे फंसाने की साजिश है.

Mahant Narendra Giri Death Case: महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या मामले में प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाने में उनके शिष्य आनंद गिरी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है. आनंद गिरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप है.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 08:04 IST
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प्रयागराज. निरंजनी अखाड़े (Niranjani Akhara) के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (All India Akhara Parishad) के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि (Narendra Giri) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में पुलिस ने उनके शिष्य योगगुरु आनंद गिरि,  लेटे हुए हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है. तीनों पर महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा है. आनंद गिरि को हरिद्वार से पुलिस और एसओजी ने गिरफ्तार किया. रात में ही उन्हें पुलिस सड़क मार्ग से यूपी के लिए रवाना हो गई.

उधर बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को देर रत पुलिस ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया. पुलिस महंत नरेंद्र गिरि की  मौत को आत्महत्या मानकर चल रही है.  उनके कमरे से मिले सुसाइड नोट के आधार पर इन तीनों की गिरफ़्तारी हुई है. महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या मामले में प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाने में उनके शिष्य आनंद गिरी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है. आनंद गिरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है. यह एफआईआर नरेंद्र गिरी के शिष्य अमर गिरी पवन महाराज ने दर्ज करवाई है.

ADG लॉ एंड आर्डर ने कही ये बात
एडीजी एलओ प्रशांत कुमार ने बताया कि मौके से मिले सुसाईड नोट में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार बताया गया है. उत्तराखंड पुलिस के सहयोग से आनंद गिरि को देहरादून में हिरासत में लिया गया है. सुसाइड नोट का परीक्षण कराया जाएगा. मंगलवार को डॉक्टर के पैनल से पोस्टमार्टम करवाया जाएगा. शिष्यों की तरफ से तहरीर मिलने पर एफआईआर दर्ज होगी. तहरीर न मिलने की दशा में उचित धाराओं में पुलिस खुद एफआईआर दर्ज करवाएगी.

आनंद गिरि ने बताया फंसाने की साजिश
उधर आद्या तिवारी की पत्नी सरस्वती देवी ने अपने पति और बेटे संदीप तिवारी को निर्दोष बताया है.दूसरी तरफ आनंद  गिरि ने महंत नरेंद्र गिरि की मौत को हत्या बताते हुए उन्हें साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि जब उन्हें लिखना-पढ़ना नहीं आता था तो उन्होंने कैसे सुसाइड नोट लिखा.

Narendra Giri Death Case: सीबीआई जांच को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल हुई पत्र याचिका, डीएम-एसएसपी को बर्खास्त करने की मांग

महंत नरेंद्र गिरी की मौत को लेकर दायर हुई पत्र याचिका

Mahant Narendra Giri Suicide Case: पत्र याचिका में कहा गया है कि इस मामले में यह भी बात निकल कर सामने आ रही है कि कुछ उच्च पुलिस अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं, ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है. लिहाजा कोर्ट मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी से करवाए.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 07:44 IST
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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में एक पत्र याचिका दाखिल कर पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की गई है. अधिवक्ता सुनील चौधरी की तरफ से दाखिल इस याचिका में प्रयागराज के डीएम और एसएसपी को तत्काल बर्खास्त करने की मांग भी की गई है. पत्र याचिका में नरेंद्र गिरी की मौत को संदिग्ध बताते हुए कहा गया है कि कई तरह की बातें सामने आ रही है. मौत पर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं. इस मामले में तीन लोगों के गिरफ़्तारी की भी बात है. साथ ही अखाड़े में वित्तीय अनियमितता की भी बात हो रही है.

पत्र याचिका में कहा गया है कि इस मामले में यह भी बात निकल कर सामने आ रही है कि कुछ उच्च पुलिस अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं, ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है. लिहाजा कोर्ट मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी से करवाए और प्रयागराज के डीएम व एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई भी की जाए. गौरतलब है कि महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर पूरा संत समाज स्तब्ध है और शोक हैं. संतों का कहना है कि एक पहुंचा हुआ संत कभी भी आत्महत्या नहीं कर सकता. पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

मौनी महाराज ने भी की निष्पक्ष जांच की मांग
उधर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी के संदिग्ध मौत पर अग्नि अखाड़े के संत और अमेठी संत परमहंस सगरा आश्रम के पीठाधीश्वर मौनी महाराज ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने महंत नरेंद्र गिरि के ब्रह्मलीन होने पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने कहा कि महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध मौत से पूरा संत समाज ही नहीं पूरा देश आहत है. इसलिए इस मामले में उन्होंने सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. मौनी महाराज ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. इसके साथ ही कठोर कार्यवाही की भी मांग की है. उन्होंने कहा है कि देश के एक बड़े संत के साथ ऐसी घटना होना दुर्भाग्यपूर्ण है और संत समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय भी है.

Narendra Giri death case: रणदीप सुरजेवाला ने दी श्रद्धांजलि, कहा- महंतों की रक्षा करने में भी समर्थ नहीं है BJP सरकार

कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी नरेद्र गिरी की मौत पर दुख जताया. (फाइल फोटो)

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने ट्वीट किया, ‘‘संतों महन्तों की सर्वोच्च संस्था अखाड़ा परिषद के आदरणीय महंत नरेंद्र गिरी जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हृदयविदारक है.‘‘

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 00:00 IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की कथित आत्महत्या पर सोमवार को दुख जताया. साथ ही कांग्रेस ने यह सवाल भी किया कि यह खुदकुशी है या फिर ‘सुनियोजित हत्या’. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने ट्वीट किया, ‘‘संतों महन्तों की सर्वोच्च संस्था अखाड़ा परिषद के आदरणीय महंत नरेंद्र गिरी जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हृदयविदारक है. श्रद्धांजलि.’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या यह आत्महत्या है या सुनियोजित हत्या? उत्तर प्रदेश भाजपा (BJP) की ये कैसी सरकार है जो देश के संतों महंतों की रक्षा करने में भी समर्थ नहीं?’’ कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी नरेद्र गिरी की मौत पर दुख जताया.

लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने ट्वीट किया, ‘‘अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि जी का देहावसान होना भारत के लिए अपूर्णीय क्षति है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करें. ओम शांति.’’

सीबीआई जांच की सिफारिश की जानी चाहिए
वहीं, कुछ देर पहले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की  संदिग्ध मौत पर भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार (Vinay Katiyar) ने बड़ा बयान दिया था. उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच (CBI Probe) कराने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि चाहे हत्या हो या आत्महत्या, योगी सरकार मिसाल कायम करने के लिए सख्त कार्रवाई करेगी. विनय कटियार ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. ऐसे में इस मामले को आगे नहीं बढ़ना चाहिए. सब कुछ बेनकाब होना चाहिए. साथ ही विनय कटियार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच की सिफारिश की जानी चाहिए.

नरेंद्र गिरी का निधन साधु समाज के लिए अपार क्षति के समान है
वहीं, नरेंद्र गिरि के निधन से धर्मनगरी अयोध्या में भी शोक की लहर है. अयोध्या में उनके निधन का समाचार पहुंचते ही संतों में शोक की लहर दौड़ गई. देशभर के नेताओं ने भी महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व सीएम अखिलेश यादव, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है. हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के निधन बेहद दुखद बताया है. राजू दास ने कहा कि भगवान से प्रार्थना है कि मृत आत्मा को शांति प्रदान करें. नरेंद्र गिरी का निधन साधु समाज के लिए अपार क्षति के समान है.

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