Home /News /uttar-pradesh /

यूपी में अब मोहर्रम पर दफन नहीं होंगे ताजिये, इलाहाबाद HC का परमिशन देने से इनकार

यूपी में अब मोहर्रम पर दफन नहीं होंगे ताजिये, इलाहाबाद HC का परमिशन देने से इनकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट को मिले नए जज.. (Demo Pic)

इलाहाबाद हाईकोर्ट को मिले नए जज.. (Demo Pic)

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) का कहना है कि कोविड-19 को लेकर शासन की गाइडलाइन में किसी भी तरह का विभेद नहीं किया गया है. सरकार ने कोरोना संक्रमण (COVID-19) फैलने की आशंका को देखते हुए सभी धार्मिक समारोहों पर रोक लगाई है.

अधिक पढ़ें ...
प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) से यूपी सरकार को बड़ी राहत मिली है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोविड महामारी के संक्रमण के चलते धार्मिक समारोहों के आयोजन पर लगी रोक को हटाकर मोहर्रम का ताजिया निकालने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है. कोर्ट ने ताजिये दफन करने की परमीशन दिए जाने की मांग वाली सभी अर्जियों को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि कोविड-19 को लेकर शासन की गाइडलाइन (COVID-19 Guideline) में किसी तरह का विभेद नहीं किया गया है. कोर्ट ने कहा है कि सरकार ने कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए सभी धार्मिक समारोहों पर रोक लगाई है.

हाईकोर्ट का कहना है कि किसी समुदाय विशेष के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है. जन्माष्टमी पर झांकी और गणेश चतुर्थी पर पंडालों पर भी रोक लगाई गई थी. ठीक उसी तरह मुहर्रम में ताजिया निकालने पर भी रोक लगी है. किसी समुदाय को टार्गेट करने का आरोप निराधार है. सरकार ने कोरोना फैलाव रोकने के लिए ही ये कदम उठाया है. कोर्ट ने कहा है कि महामारी के दौर में सड़कों पर भीड़ की इजाज़त नहीं दी जा सकती है.

ये भी पढ़ें: यूपी में CM हाउस के पास डबल मर्डर, IRTS अधिकारी की पत्नी और बेटे की गोली मारकर हत्या

कोविड-19 गाइडलाइन का करें कड़ाई से पालन: कोर्ट

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि सभी देशवासियों को कोविड-19 की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करना चाहिए. याचिकाकर्ता के वकील सीनियर एडवोकेट वीएम जैदी ने जगन्नाथ रथ यात्रा की तर्ज पर ताजिए दफन करने के लिए पांच या दस लोगों के शामिल होने की अनुमति मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि जगन्नाथ रथ यात्रा में परिस्थितियां अलग थीं. वहां सिर्फ एक जगह का ही मामला था, इसलिए वहां पर मिली परमीशन को आधार नहीं बनाया जा सकता है. ताज़िया दफनाने की परमीशन दिए जाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में रोशन खान और तीन अन्य की ओर से याचिकायें दाखिल की गईं थीं. सभी चार अर्जियों में मांग की गई थी कि सरकार ने ताज़िया बनाने और घर में रखने की इजाज़त दी है तो उन्हें दफनाने की परमीशन भी मिलनी ही चाहिए. याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने अर्जियों को खारिज करने की सिफारिश की थी. हाईकोर्ट ने बहस पूरी होने के बाद 28 अगस्त को फैसला रिजर्व कर लिया था. इसके बाद शनिवार दोपहर बाद जस्टिस शशिकांत गुप्ता और जस्टिस शमीम अहमद की डिवीजन बेंच ने ये अहम फैसला सुनाया है.

Tags: Allahabad news, CM Yogi Aditya Nath, Lucknow news, Muharram, Up news in hindi, UP news updates, Uttar pradesh news

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर