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कड़ाके की ठंड में भीषण कोहरे से भी नहीं थमेगी ट्रेनों की रफ्तार, नार्थ सेंट्रल रेलवे ने की तैयारी
Agra News in Hindi

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: December 19, 2019, 11:49 AM IST
कड़ाके की ठंड में भीषण कोहरे से भी नहीं थमेगी ट्रेनों की रफ्तार, नार्थ सेंट्रल रेलवे ने की तैयारी
कोहरे के कारण देश भर में कई ट्रेनों की रफ्तार पर हर साल असर पड़ता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नार्थ सेंट्रल रेलवे ने इस बार फॉग सेफ्टी डिवाइस यानि एफएसडी के प्रयोग की तैयारी कर ली है. ये एफएसडी नार्थ सेंट्रल रेलवे के तीनों मंडलों इलाहाबाद, आगरा और झांसी में ट्रेन ड्राइवरों को दिए जाएंगे.

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प्रयागराज. कड़ाके की ठंड के दौरान पड़ने वाले कोहरे (Fog) से इस बार ट्रेनों (Trains) की रफ्तार नहीं थमेगी. कोहरे में ट्रेनों को लेटलतीफी से रोकने और दुर्घटनाओं से बचाने के लिए नार्थ सेंट्रल रेलवे ने इस बार फॉग सेफ्टी डिवाइस यानि एफएसडी के प्रयोग की तैयारी कर ली है. ये एफएसडी नार्थ सेंट्रल रेलवे के तीनों मंडलों इलाहाबाद, आगरा और झांसी में ट्रेन ड्राइवरों को दिए जाएंगे. जीपीएस आधारित इस डिवाइस की मदद से चालकों को सिग्नल की जानकारी करीब 500 मीटर पहले ही मिल जाएगी. इससे ट्रेनों की रफ्तार नहीं थमेगी और घने कोहरे में भी ट्रेनें 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी. यह डिवाइस लोको पायलट के पास होगी, जो उसे यात्रा शुरू करने से पहले ड्राइवर लॉबी में मिल जाएगी.

एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह के मुताबिक तीनों मंडलों के सभी लोको पायलट जल्द इस डिवाइस से लैस होंगे. उनके मुताबिक ड्यूटी रजिस्टर साइन करते ही लोको पायलट को यह डिवाइस मिल जाएगी. लैपटॉप की तरह दिखने वाली इस डिवाइस में एक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया गया है. जिसकी मदद से इलाके की सटीक जानकारी लोको पायलट को मिल सकेगी. सिर्फ एनसीआर ही नहीं बल्कि सभी जोन को इस सॉफ्टवेयर में मैप के जरिए निर्देशित किया गया है. लोको पायलट इसे हासिल करने के बाद इसमें यात्रा शुरू करने और समाप्ति के स्टेशनों की जानकारी फीड करेगा और इसके बाद यह काम करना शुरू कर देगा.

डिवाइस में ट्रेन के रास्ते में पड़ने वाले सभी सिग्नल, खंभे और पुलिया की जानकारी भी होगी. कोहरे के कारण होने वाली कम विजिबिलिटी के बावजूद एफएसडी लोको पायलट को इसकी जानकारी एक सायरन के माध्यम से देगा. जिससे लोको पायलट अलर्ट हो जाएगा और सिग्नल के मुताबिक ट्रेन को चलाएगा. डिवाइस का ऑटोमेटिक सिगनलिंग रिपीटिंग प्लान डिवाइस में मौजूद कोऑर्डिनेट्स के तहत स्पीकर के माध्यम से यह जानकारी देने में सक्षम होगा.

गौरतलब है कि सर्दियों के मौसम में पड़ने वाले कोहरे के चलते दिल्ली-हाबड़ा रूट पर ट्रेनों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा से भी कम हो जाती है, जिसके चलते जहां ट्रेनें कई घंटे लेट हो जाती हैं, तो कई बार तो ट्रेनों को कैंसल भी करना पड़ता है.

रेलवे ट्रैक के गश्ती दल पेट्रोल मैन को भी डिवाइस दी गई
इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ट्रैक के गश्ती दल पेट्रोल मैन को भी जीपीएस आधारित डिवाइस दी गई है, जिससे कि उसकी ट्रैकिंग हो सके. रेलवे के सभी बोर्ड कोहरे में दिखे इसके लिए उन्हें रेट्रोरेफलेक्टिव किया गया है और ट्रेन कोचेज में भी ठंड से बचाव के उपाय किए गए हैं. कोहरे की वजह से ट्रेनें लेट होने पर यात्रियों के सुविधा के लिए रिजर्वेशन कराते समय दिए गए मोबाइल नम्बर पर ट्रेन की स्थिति की सही जानकारी आटोमैटिक मैसेज के जरिए भी रेलवे देगा. कोहरे के दौरान स्टेशनों पर प्लेटफार्म न बदले जाने के भी निर्देश दिए गए हैं. ताकि भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने से कोई हादसा न हो. फिलहाल इस बार सर्दियों के मौसम में रेलवे सुरक्षा और यात्री सुविधाओं दोनों फ्रंट पर खास तैयारी का दावा कर रहा है.

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First published: December 19, 2019, 11:47 AM IST
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