Covid-19: कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अब रेलकर्मी तकनीक की लेंगे मदद, मोबाइल ऐप लॉन्च

प्रतिदिन डाटा बेस तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा.

प्रतिदिन डाटा बेस तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा.

नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे (एनएफआइआर) ने केंद्र सरकार से अनुमति लेकर डब्ल्यूयूएस (Workers Union Support) नामक मोबाइल ऐप लांच किया है.

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प्रयागराज. कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus Infection) से लड़ाई में रेलकर्मी अब तकनीक की भी मदद लेंगे. श्रमिक संगठन की तरफ से लॉन्च किया गया मोबाइल ऐप (Mobile App) इसमें सहारा बनेगा. इसके जरिए रेल कर्मचारी रेलवे अस्पतालों में टीकाकरण के लिए स्लॉट बुक करा सकेंगे. साथ ही अपनी समस्या से अवगत करा उसका समाधान भी पाएंगे. नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे (एनएफआइआर) ने केंद्र सरकार से अनुमति लेकर डब्ल्यूयूएस (Workers Union Support) नामक मोबाइल ऐप लांच किया है. इसका मकसद रेलकर्मियों को कोरोना से बचाव और टीकाकरण के प्रति जागरूक करना है. रेल कर्मी इस ऐप से अपने और परिवार वालों के लिए टीकाकरण केंद्र तलाश कर स्लॉट भी बुक करा सकेंगे. ऐप में देश के सभी जोनल और मंडलीय अस्पतालों का विवरण मौजूद है.

प्रतिदिन डाटा बेस तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा. एप में टीकाकरण केंद्र पर आयु वर्ग के अनुसार वैक्सीन की उपलब्धता की भी जानकारी मिलेगी. इस ऐप के बारे में एनएफआइआर के संयुक्त महामंत्री व एनसीआरईएस के महामंत्री आरपी सिंह का कहना है कि एनएफआइआर के जनरल सेक्रेट्री एम. राघवैया ने नौ मई को यह एप लॉन्च किया था. अब तक देश में चार लाख और प्रयागराज मंडल में 30 हजार रेलकर्मी ऐप डाउनलोड कर चुके हैं. उन्होंने यह भी बताया है कि ऐप डाउनलोड करने के बाद कर्मचारियों को टीकाकरण के लिए स्लॉट नहीं मिल रहा था. इसको लेकर रेलवे बोर्ड स्तर पर एनएफआइआर के द्वारा पत्र लिखा गया कि स्टाफ बेनीफिट फण्ड के जरिये रेल कर्मचारियों को टीका लगवाया जाए. इसको लेकर बीते 14 मई को रेलवे बोर्ड के द्वारा सभी जोनल मैनेजरों को यह आदेश भी जारी कर दिया गया है कि इस फंड के जरिए कर्मचारियों को टीका लगाया जाए.

जानकारी भी इस ऐप से कर्मचारियों को मिलती रहेगी

इसी को लेकर 9 मई को फेडरेशन के द्वारा डब्ल्यूयूएस ऐप भी लांच किया गया है, जिसके माध्यम से रेल कर्मचारी टीकाकरण के लिए स्लाट बुक कर सकेंगे. डब्ल्यूयूएस एप के जरिए रेलकर्मियों की अन्य समस्याओं के निस्तारण में भी मदद मिलेगी. दरअसल, इस एप के जरिए सभी जानकारी सीधे मुख्यालय पहुंचेगी, इसके जरिए रेलकर्मी वैक्सीनेशन संबंधी समस्या आसानी से बता सकेंगे. इसका समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा. रेलवे बोर्ड से समय समय पर जारी होने वाले निर्देशें की जानकारी भी इस ऐप से कर्मचारियों को मिलती रहेगी.

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