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मौनी अमावस्या: एक दिन के लिए दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर बनेगा प्रयागराज !

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 23, 2020, 10:14 PM IST
मौनी अमावस्या: एक दिन के लिए दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर बनेगा प्रयागराज !
मौनी अमावस्या की पूर्व संध्या पर संगम तट पर उमड़ा जन सैलाब

मौनी अमावस्या के बड़े स्नान पर्व को लेकर मेला क्षेत्र (Magh Mela) व शहर को 12 जोन में बांटा गया है. जबकि माघ मेले को 6 सेक्टर और शहर को 32 सेक्टरों में बांटा गया है. मेले में सुरक्षा के लिए 13 थाने , 38 चौकियां और 13 फायर स्टेशन बनाये गए हैं.

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प्रयागराज. माघ मेले (Magh Mela) में पड़ने वाले सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या (Mouni Amavasya) के लिए मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है. मौनी अमावस्या के स्नान पर्व को लेकर मेला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी करने का दावा किया है. माघ मेले के तीसरे और सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या के मौके पर प्रशासन ने दो करोड़ 25 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के संगम में आस्था की डुबकी लगाने का अनुमान लगाया है. प्रशासन के दावे के मुताबिक अगर सवा दो करोड़ श्रद्धालु यहां स्नान करने पहुंचते हैं तो आबादी के लिहाज से प्रयागराज (Prayagraj) एक दिन के लिए दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर भी बन जायेगा.


ऐसी हैं तैयारियां
गुरुवार को ही मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा चुके हैं. वहीं शुक्रवार को सूर्योदय के साथ ही पुण्य काल शुरु होने पर मौनी अमावस्या के स्नान की संगम तट पर श्रद्धा और भक्ति का अनोखा संगम भी दिखायी देगा. संगम की रेती पर 2560 बीघे में बसाये गए माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए साढ़े सात किलोमीटर के दायरे में 18 स्नान घाट भी बनाये गए हैं. कुम्भ मेले की ही तर्ज पर स्नान घाटों पर डीप वाटर बैरिकेटिंग, जाल और घाटों पर रेत भरकर बोरियां लगायी गई हैं. इसके साथ ही स्नान के बाद घाटों पर निकलने वाले श्रद्धालुओं के लिए कांसा घास भी बिछायी गई है. जबकि महिलाओं के लिए स्नान घाटों पर पर्याप्त चेंन्जिग रुम भी बनाये गए हैं.



मौनी अमावस्या के बड़े स्नान पर्व को लेकर मेला क्षेत्र व शहर को 12 जोन में बांटा गया है. जबकि माघ मेले को छह सेक्टर और शहर को 32 सेक्टरों में बांटा गया है. इसके साथ ही शहर और मेले को मिलाकर 95 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं. इसके साथ ही रेलवे और परिवहन निगम के साथ भी समन्वय स्थापित कर मेला स्पेशल ट्रेनों और बसों का संचालन कराया जा रहा है. वहीं एक साथ करोड़ों लोगों के मेले में पहुंच जाने से प्रयागराज एक दिन के लिए दुनिया का सबसे बड़ी आबादी का जिला बन जायेगा. जिसके मद्देनजर लोगों की सुरक्षा पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी. मौनी अमावस्या के स्नान पर्व को लेकर एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम का दावा किया है. मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए पुलिस ने मेले में ट्रैफिक डायवर्जन भी गुरुवार से ही लागू कर दिया है. मौनी अमावस्या के स्नान पर्व को लेकर पूरे मेला क्षेत्र के साथ ही संगम क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई है. स्नान घाटों पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को भी तैनात किया गया है.

माघ मेला ड्यूटी पर आये पुलिस कर्मियों की ब्रीफिंग की गई है. इसके साथ ही मेले में बनाये गए अलग-अलग प्वाइंट्स पर पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है. मेले में सुरक्षा के लिए 13 थाने , 38 चौकियां और 13 फायर स्टेशन बनाये गए हैं. जबकि मेले की सुरक्षा में विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स बुलायी गई है. मेले में सिविल पुलिस के साथ ही पीएसी और आरएफ को भी तैनात किया गया है. वहीं मेले में भीड़ के चलते किसी भी आतंकी हमले की आशंका के मद्देनजर एटीएस और एसटीएफ की टीमों को भी मेले की सुरक्षा में लगाया गया है. इसके साथ ही पूरे मेले की तीसरी आंख से निगरानी के लिए 174 सीसीटीवी कैमरे भी लगाये गए हैं. जबकि ड्रोन कैमरे से भी मेले पर पुलिस नजर रखेगी.




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First published: January 23, 2020, 10:14 PM IST
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