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MP अनुप्रिया पटेल के निर्वाचन को चुनौती, कोर्ट ने 3 हफ्ते में मांगा जवाब

Sarvesh Dubey | News18 Uttar Pradesh
Updated: November 28, 2019, 10:46 PM IST
MP अनुप्रिया पटेल के निर्वाचन को चुनौती, कोर्ट ने 3 हफ्ते में मांगा जवाब
कोर्ट ने खारिज की अनुप्रिया पटेल की वैधता चुनौती वाली याचिका.

मिर्जापुर की सांसद अनुप्रिया पटेल (Anupriya Patel) के खिलाफ दाखिल चुनाव याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने उनसे तीन हफ्ते में जवाब मांगा है. उनके खिलाफ मिर्जापुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़े राम चरन (Ram Charan) ने याचिका दायर की है.

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प्रयागराज. पूर्व केंद्रीय मंत्री और मिर्जापुर की सांसद अनुप्रिया पटेल (Anupriya Patel) के खिलाफ दाखिल चुनाव याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने उनसे तीन हफ्ते में जवाब मांगा है. मिर्जापुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़े राम चरन (Ram Charan) ने चुनाव याचिका दाखिल कर अपना दल प्रमुख अनुप्रिया पटेल के निर्वाचन को चुनौती दी है. इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सुनीता अग्रवाल (Justice Sunita Aggarwal) ने यह आदेश दिया है. जबकि सांसद अनुप्रिया पटेल की ओर से याचिका की वैधता पर आपत्ति की गई है, लेकिन कोर्ट ने उनकी आपत्ति यह कहते हुए खारिज कर दी कि याचिका काल बाधित नहीं है.

अनुप्रिया के वकील ने कही ये बात
अनुप्रिया पटेल की ओर से अधिवक्ता केआर सिंह का कहना था कि याचिका दाखिल करने की अंतिम तिथि 7 जुलाई 2019 थी, लेकिन ये 8 जुलाई 2019 को दाखिल की गई. जबकि दाखिले में एक दिन की देरी होने के कारण याचिका निरस्त करने की उन्होंने अदालत से मांग की थी. हालांकि कोर्ट ने इस मामले में कहा कि महा निबंधक की रिपोर्ट में कहा गया है कि 7 जुलाई को रविवार था. इस दिन अवकाश होने के चलते 8 जुलाई को चुनावी याचिकाएं स्वीकार की गई हैं. साथ ही कोर्ट ने कहा कि रविवार अवकाश का दिन होने के कारण सोमवार 8 जुलाई को दाखिल याचिकाओं को यह नहीं कहा जा सकता कि वह कालबाधित है.

कोर्ट ने कही ये बात

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि चुनाव याचिका परिणाम घोषित होने के 45 दिन के भीतर दाखिल किए जाने का नियम है, लेकिन अंतिम तारीख को अवकाश के कारण कोर्ट खुलने पर दाखिल याचिका काल बाधित नहीं मानी जा सकती. इसके अलावा कोर्ट ने कहा है कि चुनाव याचिका में निर्वाचन अधिकारी पर किसी प्रकार के कदाचार का आरोप नहीं लगाया गया है. ऐसे में उन्हें पक्षकार बनाए जाने का कोई औचित्य नहीं है. इस आधार पर कोर्ट ने चुनाव अधिकारी को याचिका में पक्षकार से हटाने की अर्जी स्वीकार कर ली है. जबकि इस मामले की अगली सुनवाई 17 दिसम्बर को होगी.

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First published: November 28, 2019, 10:07 PM IST
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