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रेलवे ट्रिब्यूनल की पीठ से 17 जिलों के लोग लाभान्वित होंगे: न्यायमूर्ति गोविंद माथुर

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 13, 2019, 3:52 PM IST
रेलवे ट्रिब्यूनल की पीठ से 17 जिलों के लोग लाभान्वित होंगे: न्यायमूर्ति गोविंद माथुर
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने कहा कि इलाहाबाद में रेलवे दावा अधिकरण की पीठ स्थापित किए जाने से प्रदेश के 17 जिलों के लोगों को न्याय के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा.

इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर (Govind Mathur) ने कहा कि, सभी का केंद्र बिंदु वादी होता है. वादी की सफलता के लिए न्यायाधीश, अधिवक्ता और कर्मचारी का संयुक्त प्रयास आवश्यक है.

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प्रयागराज. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने यहां रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल  (आरसीटी) की पीठ स्थापित किए जाने का स्वागत करते हुए रविवार को कहा कि इस पीठ से प्रदेश के 17 जिलों के लोगों को न्याय के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा.

रेलवे दावा अधिकरण की इलाहाबाद पीठ के उद्घाटन के अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति माथुर ने कहा, किसी भी अधिकरण में न्यायिक कार्य केवल उसके पीठासीन अधिकारी से नहीं चलता है, बल्कि अधिवक्ता, कर्मचारी का भी इसमें उतना ही सहयोग होता है.

इस अधिकरण को सफल बनाने में पूरा सहयोग देगा बार एसोसिएशन

मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने कहा कि, मेरा पूरा विश्वास है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय का बार एसोसिएशन इस अधिकरण को सफल बनाने में पूरा सहयोग देगा. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेलवे दावा अधिकरण के चेयरमैन न्यायमूर्ति के. एस. अहलूवालिया ने कहा, मुआवजा लेने वाले ज्यादातर यात्री प्रथम श्रेणी के यात्री नहीं होते. दुर्घटना के शिकार अधिकतर लोग मजदूरी के लिए दूसरे स्थानों पर पलायन करने वाले लोग होते हैं.

लखनऊ से इलाहाबाद कर दिया गया है पीठ का स्थानांतरण
न्यायमूर्ति ने कहा, मुआवजा लेने वाले यात्री जनरल बोगी या द्वितीय श्रेणी में यात्रा करने वाले होते हैं. उन्हें मुआवजा लेने के लिए बहुत दूर जाना पड़े, यह बड़े कष्ट की बात है. अभी तक उत्तर प्रदेश के लोगों को लखनऊ जाना पड़ता था, लेकिन अब वे इलाहाबाद में न्याय पा सकेंगे.” उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने बताया कि यह पीठ पहले लखनऊ में थी जिसे स्थानांतरित कर इलाहाबाद लाया गया है.
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पूरे पूर्वी जोन का प्रभारी होगा इस पीठ का पीठासीन अधिकारी
न्यायाधीश गोविंद माथुर ने बताया कि इस पीठ के तहत प्रदेश के 17 जिले आएंगे जिनमें बांदा, भदोही, चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, जालौन, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, कौशांबी, ललितपुर, महोबा, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, सोनभद्र और वाराणसी शामिल हैं. चौधरी ने बताया कि इस पीठ के लिए अभी एक न्यायिक सदस्य की तैनाती हुई है. इस पीठ का पीठासीन अधिकारी पूरे पूर्वी जोन का प्रभारी होगा.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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First published: October 13, 2019, 3:49 PM IST
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