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UP News: गंगाजल से बनी वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल की मांग, HC में याचिका दायर

गंगाजल से बनी वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल की मांग (File photo)

गंगाजल से बनी वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल की मांग (File photo)

बीएचयू (BHU) के डॉक्टरों की टीम ने आईसीएमआर (ICMR) व आयुष मंत्रालय को क्लिनिकल ट्रायल कीअनुमति के लिए शोध प्रस्ताव भेजा है.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने गंगा जल से कोविड19 (Covid19) को खत्म करने की वैक्सीन (Vaccine) तैयार करने के लिए क्लीनिकल ट्रायल की अनुमति देने की मांग में दाखिल याचिका पर इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च एवं भारत सरकार की इथिक्स कमेटी को नोटिस जारी की है. कोर्ट ने नोटिस जारी कर भारत सरकार सहित सभी विपक्षियों से छह हफ्ते में जवाब मांगा है. यह आदेश कार्यवाहक चीफ जस्टिस एमएन भंडारी और जस्टिस राजेन्द्र कुमार की खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अरूण कुमार गुप्ता की जनहित याचिका पर दिया है.

याची अरुण कुमार गुप्ता का कहना है कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. वीएन मिश्र के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने गंगा जल पर रिसर्च कर नोजल स्प्रे वैक्सीन तैयार की है. जो मात्र 30 रूपये में लोगों को कोरोना से राहत दे सकती है. इसकी रिपोर्ट तैयार कर इथिक्स कमेटी को भेजी गयी है और क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति मांगी गयी है. किन्तु कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है. बीएचयू के डॉक्टर का दावा है कि वैक्टीरियो फेज थिरेपी से कोरोना का खात्मा किया जा सकता है.

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अभी तक जितनी भी वैक्सीन है वे वायरस को डीएक्टीवेट करती है. जब कि गंगा जल से प्रस्तावित वैक्सीन कोरोना को खत्म कर देगी. बीएचयू के डॉक्टरों की टीम ने आईसीएमआर व आयुष मंत्रालय को क्लिनिकल ट्रायल कीअनुमति के लिए शोध प्रस्ताव भेजा है. इनके द्वारा कोई रूचि नहीं ली जा रही है. याचिका मे मांग की गयी है कि आयुष मंत्रालय व आई सीएम आर को डॉ. वीएन मिश्र की टीम को क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति देने का समादेश जारी किया जाये. पुणे के वायरोलाजी लैब मे गंगा जल से तैयार वैक्सीन का टेस्ट कराया जाए.

शोध प्रस्ताव राष्ट्रपति को भेजा
याचिका मे मांग की गई है कि आयुष मंत्रालय व आईसीएमआर को डॉ. वीएन मिश्र की टीम को क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति देने का समादेश जारी किया जाए तथा पुणे के वायरोलाजी लैब में गंगा जल से तैयार वैक्सीन का टेस्ट कराया जाए. शोध प्रस्ताव राष्ट्रपति को भी भेजा गया है, जिसमें दावा किया गया है कि गंगा जल का क्लिनिकल ट्रायल कर कोरोना को जड़ से खत्म करने की वैक्सीन तैयार की जा सकती है.

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Narendra Giri Death: महंत गिरि की मौत के मामले में 6 लोग हिरासत में, गनर से होगी पूछताछ- सूत्र

Mahant Narendra Giri death: महंत नरेंद्र गिरि मामले में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया.

Mahant Narendra Giri Death: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत मामले में पुलिस ने राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के साथ-साथ कई लोगों को लिया हिरासत में. प्रयागराज स्थित बाघम्बरी मठ में महंत नरेंद्र गिरि का मिला था शव.

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प्रयागराज. अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध स्थिति में मौत के मामले में आज प्रयागराज पुलिस ने कई राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के साथ-साथ आधा दर्जन से ज्यादा व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया है. सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक इन सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि के गनर से भी पूछताछ की जाएगी. महंत को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी.

प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी व लेटे हनुमानजी के महंत आचार्य नरेंद्र गिरि का शव कल उनके आश्रम के कमरे में मिला था. बाघंबरी मठ में उनकी लाश फांसी के फंदे से लटकती मिली थी. संदिग्ध हालत में महंत की मौत के बाद पुलिस को 8 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला था, जिसके बाद कल देर रात ही उनके शिष्य आनंद गिरि को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया था. पुलिस के मुताबिक, महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरि के ऊपर प्रताड़ना का आरोप लगाया था.

महंत नरेंद्र गिरि की मौत खुदकुशी या हत्या? पुल‍िस को म‍िला एक वी‍ड‍ियो, खुल सकते हैं कई राज

इस मामले में पुलिस को मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट मिली है, जिससे कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं. पुलिस के मुताबिक मौत से पहले 6 से 10 घंटे के बीच महंत के साथ जिन-जिन लोगों की बातचीत हुई है, पुलिस उन सभी से पूछताछ करेगी. महंत की मौत को लेकर प्रयागराज पुलिस को एक वीडियो भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है. आपको बता दें कि महंत नरेंद्र गिरि के साथ उनके शिष्य आनंद गिरि का विवाद चल रहा था. पुलिस उनकी मौत को इस विवाद से भी जोड़कर जांच कर रही है.

शिष्य आनंद गिरि के लिए 'पेट्रोल पंप' खोलना चाहते थे महंत नरेंद्र गिरि, जानिए दोनों के बीच क्यों बढ़ी तकरार?

मठ और बड़े हनुमान मंदिर से शिष्य आनंद को दिखाया बाहर का रास्ता (File photo)

Narendra Giri Death Case: महंत नरेंद्र गिरि ने न्यूज़ 18 को इस विवाद के बाद बताया था कि स्वामी आनंद गिरी 10 वर्ष की अवस्था में उन्हें हरिद्वार में मिले थे और वह मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के रहने वाले हैं.

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प्रयागराज. पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी से 14 मई 2021 को निष्कासित किए गए स्वामी आनंद गिरि (Anand Giri) अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) के सबसे करीबी शिष्यों में से एक थे. उन्हें अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी के तौर भी देखा जा रहा था. स्वामी आनंद गिरी की पहचान देश विदेश में योग गुरु के रूप में थी. दरअसल अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि एक पेट्रोल पंप खोलना चाहते थे, लेकिन उनकी शैक्षिक योग्यता न होने के चलते उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि के नाम पेट्रोल पंप लगभग मंजूर करा भी लिया था.

इसके लिए मठ की एक जमीन भी लीज पर आनंद गिरि के नाम पर कर दी थी, लेकिन इस बीच महंत नरेंद्र गिरि को ऐसा आभास हुआ कि उनके शिष्य आनंद गिरि की मंशा कुछ ठीक नहीं है. जिसके बाद उन्होंने पेट्रोल पंप न लेने की बात कही. जिसको लेकर गुरु और शिष्य के बीच तकरार बढ़ गई थी. दोनों के बीच तकरार इतनी बढ़ गई कि महंत नरेंद्र गिरी को अपने सबसे प्रिय शिष्य को निरंजनी अखाड़े के साथ ही मठ और बड़े हनुमान मंदिर से बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा.

यह भी पढ़ें- UP Crime News: महंत नरेंद्र गिरि की मौत खुदकुशी या हत्या? पुलिस को मोबाइल काल डिटेल में मिला अहम सुराग

महंत नरेंद्र गिरि ने न्यूज़ 18 को इस विवाद के बाद बताया था कि स्वामी आनंद गिरी 10 वर्ष की अवस्था में उन्हें हरिद्वार में मिले थे और वह मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के रहने वाले हैं. अपने घर से भाग कर आए थे और चाय की दुकान पर काम करते हुए उन्हें मिले थे. महंत नरेंद्र गिरि के मुताबिक उन्होंने आनंद गिरि को कुछ रुपए दिए. उनको समझा बुझाकर घर जाने को कहा. लेकिन जब आनंद गिरि घर नहीं गये देखते हुए उन्हें अपने साथ रख लिया और उन्हें संस्कृत की शिक्षा दिलाई.

शिष्य आनंद गिरि समेत 3 लोगों पर FIR
बहरहाल महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके शिष्य आनंद गिरि बड़े हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी के खिलाफ जार्ज टाउन थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराई है. जिसके क्रम में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है.

Narendra Giri Death: केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- साजिश न होती तो महाराज जी कभी नहीं कर सकते थे आत्महत्या

Mahant Narendra Giri Death:  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आत्महत्या को बताया बड़ी साजिश

Mahant Narendra Giri Death: मीडिया से बातचीत में केशव मौर्य ने कहा कि यह एक बड़ी साजिश है. अगर कोई साजिश न होती तो महाराज जी आत्महत्या जैसा बड़ा कदम कभी न उठाते. मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 11:08 IST
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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM Keshav Prasad Maurya) ने  अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की मौत को एक साजिश बताया और कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कारकार जो कोई भी दोषी होगा उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी. बुधवार को प्रयागराज के बाघंबरी मठ पहुंचकर महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दो दिन पहले ही उनका आशीर्वाद प्राप्‍त हुआ था. विश्वास ही नहीं हो रहा है कि अब वे हमारे बीच ही नहीं है.

मीडिया से बातचीत में केशव मौर्य ने कहा कि यह एक बड़ी साजिश है. अगर कोई साजिश न होती तो महाराज जी आत्महत्या जैसा बड़ा कदम कभी न उठाते. मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है. जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच भी कराई जाएगी. किसी भी सूरत में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा.

कांग्रेस को नसीहत 
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कांग्रेस को नसीहत भी दे डाली. उन्होंने कहा कि ऐसे मौके पर कांग्रेस राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि सभी दुखी हैं, लेकिन सरकार बड़ी कार्रवाई करेगी. केशव मौर्य ने कहा कि हम किसी को बख्शने वाले नहीं है. अखाड़ा परिषद अगर चाहेगा तो सीबीआई जांच भी कराई जाएगी. दरअसल, कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि बीजेपी सरकार में आम आदमी के साथ साथ साधु-संत भी सुरक्षित नहीं हैं. कांग्रेस ने पूरे मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की है.

सुसाइड नोट की भी जांच होनी चाहिए: मोनी बाबा
प्रसिद्ध संत मोनी बाबा ने महंत नरेंद्र गिरि की मौत पर कहा मैं उन्हें 1984 से जानता हूं वह आत्महत्या करने वाले व्यक्ति नहीं है मोनी बाबा का बड़ा बयान पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए. मोनी बाबा ने कहा क‍ि जो सुसाइड नोट बरामद हुआ है उसकी भी जांच होनी चाहिए जो लोग पकड़े गए हैं उनसे गहन पूछताछ होनी चाहिए मोनी बाबा का बयान अपराधी नहीं बचना चाहिए मैं उन्हें कई दशक से जानता था वह आत्महत्या नहीं कर सकते
 
हम किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं : कानून मंत्री बृजेश पाठक
कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा है क‍ि कहां हम इस घटना से बहुत दुखी हैं बृजेश पाठक का बयान सरकार पूरे मामले की गंभीरता से जांच करा रही है. हम किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं. कानून मंत्री का बयान एक-एक बिंदु की जांच की जा रही है अपराधी बचेंगे नहीं कानून मंत्री का बयान कई लोगों की गिरफ्तारी की गई है आगे भी कार्रवाई जारी है कानून मंत्री का बयान मैं महंत नरेंद्र गिरि के बहुत करीबी था मैं यही हमेशा प्रवास करता था इसलिए बहुत दुखी हूं किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा

महंत नरेंद्र गिरि की मौत खुदकुशी या हत्या? पुल‍िस को म‍िला एक वी‍ड‍ियो, खुल सकते हैं कई राज

Prayagraj News: पुलिस को मोबाइल काल डिटेल में मिला अहम सुराग (File photo)

Mahant Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरि की मौत से पहले 6 से 10 घंटे के बीच जिन जिन लोगों से बात हुई है उन सभी के नंबर निकाल कर पुलिस उनसे पूछताछ उनसे करेगी.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) की सोमवार को संदिग्‍ध हालात में मौत हो गई. प्रयागराज के बाघंबरी मठ में उनकी लाश फांसी के फंदे से लटकती मिली है. महंत नरेंद्र गिरी के मौत मामले में पुलिस को मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) से अहम सुराग मिले हैंं. महंत नरेंद्र गिरि की मौत से पहले 6 से 10 घंटे के बीच जिन -जिन लोगों से बात हुई है उन सभी के नंबर निकाल कर पुलिस उनसे पूछताछ उनसे करेगी. सूत्र बताते हैं कि पुलिस को वीडियो भी हाथ लगा है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है.

महंत नरेंद्र गिरी की मौत को उनके शिष्य आनंद गिरी से चल रहे विवाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है. उल्लेखनीय है कि नरेंद्र गिरी ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरी की ओर से मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का अरोप लगाया है. इस बीच, उत्तराखंड पुलिस ने महंत नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

शिष्य आनंद ने कहा – करोड़ों का हैं खेल 
इधर, हिरासत में लिए जाने के बाद आनंद गिरी ने कहा है कि गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई है. उन्होंने कहा कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं. आईजी लगातार नरेंद्र गिरी के संपर्क में रहते थे. आनंद गिरी का आरोप है कि मठ और मंदिर का पैसा हड़पने वालों ने महंत जी की हत्या की है. इस साजिश में मठ के कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं. करोड़ों का खेल हैं. गौरतलब है कि महंत नरेंद्र गिरी के पास से मिले सुसाइड नोट में आनंद गिरी, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी पर मानसिक तौर से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है.

आज दोपहर 2 बजे होगा पोस्टमॉर्टम
यूपी पुलिस एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि महंत गिरी की आत्महत्या की सूचना उनके शिष्य बबलू ने फोन पर पुलिस को दी. इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उनके शव को उतारा जा चुका था और नीचे रखा हुआ था. पुलिस के अनुसार महंत नरेंद्र गिरी का पोस्टमॉर्टम मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल से दोपहर 2 बजे करवाया जाएगा.

Narendra Giri Death: गिरफ्तार शिष्य आनंद गिरि का विवादों से रहा है पुराना नाता, जानिए कैसी रही है प्रोफाइल

Mahant Narendra Giri Death: स्वामी आनंद गिरि का विवादों से रहा है पुराना नाता

Mahant Anad Giri Death Case: आनंद गिरि ने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी कम उम्र में संन्यास लिया था. दीक्षा के समय योगी जहां 22 साल के थे, वहीं आनंद महज 10 साल की उम्र में नरेंद्र गिरि के संरक्षण में दीक्षा ली थी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 10:15 IST
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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के आत्महत्या (Mahant Narendra Giri Suicide Case) मामले में गिरफ्तार शिष्य स्वामी आनंद गिरि (Swami Anand Giri) का विवादों से पुराना नाता रहा है. एक साल पहले ही महंत नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि को पंचायती अखाडा श्री निरंजनी, बाघंबरी गाड़ी पीठ और हनुमान मंदिर से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. हालांकि बाद में पैर छूकर माफ़ी मांगने के बाद नरेंद्र गिरि ने उन्हें माफ तो कर दिया था पर उनकी अखाड़े में वापसी नहीं हुई थी. महंत नरेंद्र गिरि ने स्वामी आनंद गिरि को संन्यास धारण करने के बावजूद अपने परिवार से संबंध रखने के कारण उन्हें निष्कासित किया था. उनके मुताबिक संन्यास परंपरा में आने के बाद अपने परिवार से संबंध रखने पर अखाड़े से निष्कासित कर दिया जाता है.

इसके बाद विवाद और तब बढ़ा जब स्वामी आनंद गिरि ने दो वीडियो जारी कर नरेंद्रगिरि पर गंभीर आरोप लगाया था. इतना ही नहीं आनंद गिरि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर  मठ संपत्ति विवाद की सीबीआई जांच की मांग की थी. हालांकि बाद में बड़े ही नाटकीय अंदाज में स्वामी आनंद गिरि का एक वीडियो सामने आया जिसमें वे महंत नरेंद्र गिरि का पैर छूकर माफ़ी मांगते दिखाई दिए.

सिडनी में छेड़छाड़ के आरोप में गए थे जेल
स्वामी आनंद गिरी काफी हाई प्रोफाइल योग गुरु के तौर पर जाने जाते रहे हैं. लेकिन साथ ही साथ विवाद भी उनके साथ हमेशा रहा. ऑस्ट्रेलिया में उन पर दो अलग-अलग मौकों पर दो महिलाओं के साथ मारपीट का आरोप लगा था. आरोप के मुताबिक उन्हें दो अवसरों पर हिंदू प्रार्थना के लिए अपने घरों में आमंत्रित किया गया था. जहां 2016 में उन्होंने अपने घर के बेडरूम में एक 29 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की. इसके बाद 2018 में, गिरि ने लाउंज रूम में 34 वर्षीय एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की. इस मामले में भी महंत नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि की मदद की थी और उनकी जमानत करवाकर रिहा करवाया था.

फ्लाइट में शराब के साथ फोटो हुई थी वायरल
2020 में स्वामी आनंद गिरि की एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें वे एक फ्लाइट के बिज़नेस क्लास में बैठे हैं और उनकी सीट के होल्डिंग पर शराब से भरा एक ग्लास रखा हुआ है. इस तस्वीर के वायरल होने के बाद उनकी काफी किरकिरी हुई थी. हालांकि बाद में सफाई देते हुए आनद गिरि ने कहा था कि वह शराब नहीं एप्पल जूस था. उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है.

10 साल की उम्र में लिया संन्यास
बता दें कि आनंद गिरि ने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी कम उम्र में संन्यास लिया था. दीक्षा के समय योगी जहां 22 साल के थे, वहीं आनंद महज 10 साल की उम्र में नरेंद्र गिरि के संरक्षण में दीक्षा ली थी. संन्यासी के रूप में ही उन्होंने संस्कृत ग्रामर, आयुर्वेद और वेदिक फिलॉसफी की शिक्षा ली. बीएचयू से ग्रैजुएट आनंद गिरि योग तंत्र में पीएचडी की हैं. वे मंत्रयोग, हठयोग, राजयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग और कर्मयोग की ट्रेनिंग देते हैं.

UP: उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने HC में दाखिल की याचिका, CM योगी पर की थी अभद्र टिप्पणी

UP: उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने HC में दाखिल की याचिका (File photo)

UP News: पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने मीडिया को बयान देते हुए कहा था कि योगी सरकार और आजम खान का प्रकरण जालिम और इंसाफ की लड़ाई है.

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प्रयागराज. उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी (Former Governor Aziz Qureshi) इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की शरण में पहुंच गए हैं. पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने अपने विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को रद्द कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. उनके विरुद्ध जिला रामपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया है. उनके खिलाफ बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने राजद्रोह के साथ अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया गया है.

पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने मीडिया को बयान देते हुए कहा था कि योगी सरकार और आजम खान का प्रकरण जालिम और इंसाफ की लड़ाई है. इसके खिलाफ रामपुर की जनता को सड़कों पर आ जाना चाहिए. अभी कुछ दिन पहले ही वह सांसद आजम खान की पत्नी विधायक डॉ ताजीन फातिमा से मिलने उनके आवास पहुंचे थे वहीं उन्होंने मीडिया में योगी आदित्यनाथ को लेकर टिप्पणी की थी. भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने अजीज कुरैशी के विरुद्ध रामपुर के थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया है. सीएम योगी के विरुद्ध की गई टिप्पणी को लेकर दर्ज मुकदमे के खिलाफ पूर्व राज्यपाल ने मामला निरस्त कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुहार लगाई है.

यह भी पढ़ें- Narendra Giri Death Mystery: शिष्य आनंद गिरि का सामने आया Video, जब गुरु नरेंद्र गिरि के पैर और कान पकड़कर मांगी थी माफी

दरअसल अजीज कुरैशी के इस बयान के बाद लोगों में काफी गुस्सा है. इसी को लेकर रामपुर के स्थानीय बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने एफआईआर दर्ज कराई है. उन्होंने लोगों को भड़काने के मामले में पूर्व राज्यपाल के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है. इसके साथ ही उन पर देशद्रोह का भी आरोप लगाया है. क्योंकि अपने संबोधन में पूर्व राज्यपाल ने लोगों को सरकार के खिलाफ भड़काते हुए न केवल सीएम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की बल्कि लोगों को सड़कों पर उतरने और हिंसा फैलाने के लिए भी प्रेरित किया.

Mahant Narendra Giri Death Case Updates Live: पुलिस के हाथ लगा एक वीडियो सहित अहम सुराग

महंत नरेंद्र गिरी को श्रद्धांजलि देने प्रयागराज पहुंचेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Narendra Giri Death Case Live Updates: सुबह 8:30 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ भी श्री मठ बाघम्बरी गद्दी पहुंचेंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देंगे. बता दें महंत नरेंद्र गिरी और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच काफी अच्छे संबंध थे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 09:37 IST
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प्रयागराज. श्री निरंजनी अखाड़े (Shri Niranjani Akhara) के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मंगलवार को अखाड़ा परिषद के पंच परमेश्वरों की सुबह बैठक होगी बैठक. इस बैठक के बाद महंत नरेंद्र गिरि का पार्थिव शरीर जनता के दर्शनों के लिए रखा जाएगा. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के उपाध्यक्ष देवेंद्र शास्त्री ने बताया कि सुबह 11:30 बजे श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में महंत नरेंद्र गिरि का पार्थिव शरीर लोगों के दर्शनों के लिए रखा जाएगा. सुबह 8:30 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ भी श्री मठ बाघम्बरी गद्दी पहुंचेंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देंगे. बता दें महंत नरेंद्र गिरी और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच काफी अच्छे संबंध थे. अक्सर सीएम आवास में विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए महंत नरेंद्र गिरी जाते थे.

Narendra Giri Death Mystery: शिष्य आनंद गिरि का सामने आया Video, जब गुरु नरेंद्र गिरि के पैर और कान पकड़कर मांगी थी माफी

Prayagraj News: शिष्य आनंद गिरि का सामने आया Video

Mahant Narendra Giri News: आपको बता दें कि देश भर में अपने बयान से सुर्खियों में रहने वाले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार शाम संदिग्ध हालात में मौत हो गई.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 08:53 IST
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प्रयागराज. निरंजनी अखाड़े (Niranjani Akhara) के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (All India Akhara Parishad) के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि (Narendra Giri) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके शिष्य योगगुरु आनंद गिरि (Anand Giri) का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. बता दें कि पिछले दिनों नरेंद्र गिरि का उनके शिष्य आनंद गिरि से विवाद हुआ था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद एक वीडियो जारी करके विवाद को खत्म बताया जा रहा था. वीडियो में खुद आनंद गिरि ने अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरी के पैर पकड़कर माफी भी मांगी थी.

दरअसल आनंद गिरि को हरिद्वार में संन्यास परंपरा के तोड़ने की वजह से पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की कार्यकारिणी ने निकाल दिया था. तब खुद महंत नरेंद्र गिरि का कहना था कि आनंद गिरि ने नासिक, उज्जैन, प्रयागराज और हरिद्वार कुम्भ में अपने पूरे परिवार को बुलाया था. जबकि अखाड़े की परंपरा के अनुसार परिवार से सम्बंध नहीं रखा जा सकता है. एक माह पहले दी गई चेतावनी के बाद भी जब ये नहीं माने तो महंत ने पहले बाघम्बरी मठ से हटाया उसके बाद अखाड़े से निष्कासन की कार्रवाई की गई थी.

निरंजनी अखाड़े से निकाले जाने के बाद स्वामी आनंद गिरि ने अपने गुरु स्वामी नरेंद्र गिरि के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. इसके बाद 26 मई को एक वीडियो जारी किया गया जिसमें बकायदा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य आनंद गिरि के बीच विवाद को सुलझा हुआ बताया गया. गुरु और शिष्‍य में सुलह होने की बात भी कही गई. वीडियो में आनंद गिरि ने अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरी के पैर पकड़कर माफी भी मांगी थी.

शिष्य आनंद गिरि समेत 3 गिरफ्तार
आपको बता दें कि देश भर में अपने बयान से सुर्खियों में रहने वाले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार शाम संदिग्ध हालात में मौत हो गई. उनका शव अल्लापुर में श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के कमरे में फंदे से लटका मिला. मामले में पुलिस ने उनके शिष्य योगगुरु आनंद गिरि, लेटे हुए हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है.

Mahant Narendra Giri Death: FIR से समझिए कैसे हुई महंत नरेंद्र गिरि‍ की मौत, आरोपी के कॉलम में सिर्फ आनंद गिरि‍ का नाम

RIP Mahant Narendra Giri: आचार्य नरेंद्र गिरी की शव का आज कराया जाएगा पोस्टमॉर्टम.

Narendra Giri Suicide Case: आनंद गिरि‍ के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. आनंंद गिरि‍ को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. पुलिस ने आनंद गिरी को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है.

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प्रयागराज/लखनऊ. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि‍ (Mahant Narendra Giri) आत्महत्या मामले में पहली एफआईआर (FIR) प्रयागराज (Prayagraj) के जॉर्ज टाउन थाने में दर्ज की गई है. महंत नरेंद्र गिरि‍ के शिष्य अमर गिरि‍ पवन  महाराज की तरफ से दर्ज करवाई गई एफआईआर में सिर्फ उनके शिष्य आनंद गिरि‍ को नामजद आरोपी बनाया गया हो. आनंद गिरि‍ के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. आनंद गिरि‍ को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. पुलिस ने आनंद गिरि‍ को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है और अब उन्हें सड़क मार्ग से प्रयागराज लाया जा रहा है. उधर बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

एफआईआर के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि‍ सोमवार दोपहर लगभग 12:30 बजे बाघम्बरी गद्दी के कक्ष में भोजन के बाद रोज की तरह विश्राम के लिए गए थे. रोज 3 बजे दोपहर में उनके चाय का समय होता था,
लेकिन चाय के लिए उन्होंने पहले मना किया था और यह कहा था जब पीना होगा तो वह स्वयं सूचित करेंगे. शाम करीब 5 बजे तक कोई सूचना न मिलने पर उन्हें फोन किया गया. लेकिन महंत नरेंद्र गिरि‍ का फोन बंद था. इसके बाद दरवाजा खटखटाया गया तो कोई आहट नहीं मिली. जिसके बाद सुमित तिवारी, सर्वेश कुमार द्विवेदी, धनंजय आदि ने धक्का देकर दरवाजा खोला. तब महाराज जी पंखे में रस्सी से लटकते हुए पाए गए.

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महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या मामले में दर्ज हुई पहली FIR

FIR में आनंद गिरि‍ पर परेशान करने का जिक्र
FIR में आगे लिखा हुआ है कि जीवन की संभावना को देखते हुए शिष्यों ने रस्सी काटकर महाराज जी को नीचे उतारा, लेकिन तब तक वह स्वर्ग लोक वासी हो चुके थे. एफआईआर में जिक्र है कि महाराज पिछले कुछ महीने से आनंद गिरि को लेकर परेशान रहा करते थे. यह बात कभी-कभी वह स्वयं भी कहते थे कि आनंद गिरि हमें बहुत परेशान करता रहता है.

आज होगा पोस्टमॉर्टम 
महंत नरेंद्र गिरी की मौत मामले में यह पहला कानूनी कदम है, जिसमें आनद गिरी को आरोपी बनाया गया है. अब उनकी मौत हत्या थी या आत्महत्या इसका पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा. फिलहाल डॉक्टरों के पैनल द्वारा उनका पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा. उसके बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए बाघंबरी पीठ मठ में रखा जाएगा. जानकारी के मुताबिक मठ में ही नरेंद्र गिरी को भू-समाधी दी जाएगी.

UP Education News: यूपी में 10वीं व 12वीं के स्कूल प्रिंसिपल बनेंगे डिजिटल, योगी सरकार देगी टैबलेट

UP Education News:  यूपी में  10वीं व 12वीं के स्कूल प्रिंसिपलों को टैबलेट देगी योगी सरकार.

UP Education News:  उत्तर प्रदेश में जल्द ही प्रदेश सरकार 10वीं और 12वीं के 2204 स्कूलों को टैबलेट देगी. इसके लिए प्रति स्कूल 10 हजार रुपए दिया जाएगा. टैबलेट स्कूल प्रिंसिपलों को दिया जाएगा.  

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 08:35 IST
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नई दिल्ली (UP Education News). यूपी में योगी सरकार अब 10वीं और 12वीं स्कूलों को डिजिटल बनाने पर जोर दे रगी है. अब 10वीं और 12वीं स्कूलों के प्रिंसिपलों को भी नई टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाएगा, जिसका लाभ छात्रों को मिलेगा. साथ ही काम भी आसान होगा. इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से 10वीं और 12वीं स्कूलों प्रिंसिपलों टैबलेट मुहैया कराया जाएगा.

विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रदेश के 2204 स्कूलों को (10वीं और 12वीं) टैबलेट दिया जाएगा. इसके लिए प्रति स्कूल 10 हजार रुपए सरकार देगी. इन स्कूलों को प्रिंसिपलों को टैबलेट देने के लिए प्रदेश सरकार ने 2 करोड़ रुपए खर्ज करने की योजना बनाई हैं.

प्राइमरी स्कूलों को भी टैबलेट देगी सरकार
प्रदेश सरकार ने प्राइमरी स्कूलों को भी इस योजना से जोड़ने का फैसला किया है. एक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 1,59,043 सरकारी स्कूलों, 880 खंड शिक्षा अधिकारियों और 4400 अकादमिक रिसोर्स पर्सन को टैबलेट दिया जाएगा.

यह होगा फायदा
प्रिंसिपलों को टैबलेट मिलने के बाद पढ़ाई और स्कूलों के विकास से संबंधित सभी कार्यों की जानकारी करना आसान हो जाएगा. इससे शिक्षकों की अटेंडेंस बायोमीट्रिक तरीके से लगाने में आसानी होगी. वहीं टैबलेट में मौजूद डेटा को राज्यस्तर पर देखा जा सकेगा. इसमें क्लाउड बेस्ड स्टोरेज होगा. इससे सरकार को भी स्कूलों की मॉनिटरिंग करने में आसानी होगी.

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Narendra Giri Death Case: शिष्य आनंद गिरि गिरफ्तार, हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और बेटे संदीप तिवारी हिरासत में

आनंद गिरी का आरोप है कि महंत नरेंद्र गिरी को मारकर मुझे फंसाने की साजिश है.

Mahant Narendra Giri Death Case: महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या मामले में प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाने में उनके शिष्य आनंद गिरी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है. आनंद गिरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप है.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 08:04 IST
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प्रयागराज. निरंजनी अखाड़े (Niranjani Akhara) के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (All India Akhara Parishad) के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि (Narendra Giri) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में पुलिस ने उनके शिष्य योगगुरु आनंद गिरि,  लेटे हुए हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है. तीनों पर महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा है. आनंद गिरि को हरिद्वार से पुलिस और एसओजी ने गिरफ्तार किया. रात में ही उन्हें पुलिस सड़क मार्ग से यूपी के लिए रवाना हो गई.

उधर बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को देर रत पुलिस ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया. पुलिस महंत नरेंद्र गिरि की  मौत को आत्महत्या मानकर चल रही है.  उनके कमरे से मिले सुसाइड नोट के आधार पर इन तीनों की गिरफ़्तारी हुई है. महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या मामले में प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाने में उनके शिष्य आनंद गिरी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है. आनंद गिरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है. यह एफआईआर नरेंद्र गिरी के शिष्य अमर गिरी पवन महाराज ने दर्ज करवाई है.

ADG लॉ एंड आर्डर ने कही ये बात
एडीजी एलओ प्रशांत कुमार ने बताया कि मौके से मिले सुसाईड नोट में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार बताया गया है. उत्तराखंड पुलिस के सहयोग से आनंद गिरि को देहरादून में हिरासत में लिया गया है. सुसाइड नोट का परीक्षण कराया जाएगा. मंगलवार को डॉक्टर के पैनल से पोस्टमार्टम करवाया जाएगा. शिष्यों की तरफ से तहरीर मिलने पर एफआईआर दर्ज होगी. तहरीर न मिलने की दशा में उचित धाराओं में पुलिस खुद एफआईआर दर्ज करवाएगी.

आनंद गिरि ने बताया फंसाने की साजिश
उधर आद्या तिवारी की पत्नी सरस्वती देवी ने अपने पति और बेटे संदीप तिवारी को निर्दोष बताया है.दूसरी तरफ आनंद  गिरि ने महंत नरेंद्र गिरि की मौत को हत्या बताते हुए उन्हें साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि जब उन्हें लिखना-पढ़ना नहीं आता था तो उन्होंने कैसे सुसाइड नोट लिखा.

Narendra Giri Death Case: सीबीआई जांच को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल हुई पत्र याचिका, डीएम-एसएसपी को बर्खास्त करने की मांग

महंत नरेंद्र गिरी की मौत को लेकर दायर हुई पत्र याचिका

Mahant Narendra Giri Suicide Case: पत्र याचिका में कहा गया है कि इस मामले में यह भी बात निकल कर सामने आ रही है कि कुछ उच्च पुलिस अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं, ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है. लिहाजा कोर्ट मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी से करवाए.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 07:44 IST
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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में एक पत्र याचिका दाखिल कर पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की गई है. अधिवक्ता सुनील चौधरी की तरफ से दाखिल इस याचिका में प्रयागराज के डीएम और एसएसपी को तत्काल बर्खास्त करने की मांग भी की गई है. पत्र याचिका में नरेंद्र गिरी की मौत को संदिग्ध बताते हुए कहा गया है कि कई तरह की बातें सामने आ रही है. मौत पर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं. इस मामले में तीन लोगों के गिरफ़्तारी की भी बात है. साथ ही अखाड़े में वित्तीय अनियमितता की भी बात हो रही है.

पत्र याचिका में कहा गया है कि इस मामले में यह भी बात निकल कर सामने आ रही है कि कुछ उच्च पुलिस अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं, ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है. लिहाजा कोर्ट मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी से करवाए और प्रयागराज के डीएम व एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई भी की जाए. गौरतलब है कि महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर पूरा संत समाज स्तब्ध है और शोक हैं. संतों का कहना है कि एक पहुंचा हुआ संत कभी भी आत्महत्या नहीं कर सकता. पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

मौनी महाराज ने भी की निष्पक्ष जांच की मांग
उधर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी के संदिग्ध मौत पर अग्नि अखाड़े के संत और अमेठी संत परमहंस सगरा आश्रम के पीठाधीश्वर मौनी महाराज ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने महंत नरेंद्र गिरि के ब्रह्मलीन होने पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने कहा कि महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध मौत से पूरा संत समाज ही नहीं पूरा देश आहत है. इसलिए इस मामले में उन्होंने सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. मौनी महाराज ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. इसके साथ ही कठोर कार्यवाही की भी मांग की है. उन्होंने कहा है कि देश के एक बड़े संत के साथ ऐसी घटना होना दुर्भाग्यपूर्ण है और संत समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय भी है.

Narendra Giri death case: रणदीप सुरजेवाला ने दी श्रद्धांजलि, कहा- महंतों की रक्षा करने में भी समर्थ नहीं है BJP सरकार

कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी नरेद्र गिरी की मौत पर दुख जताया. (फाइल फोटो)

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने ट्वीट किया, ‘‘संतों महन्तों की सर्वोच्च संस्था अखाड़ा परिषद के आदरणीय महंत नरेंद्र गिरी जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हृदयविदारक है.‘‘

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 00:00 IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की कथित आत्महत्या पर सोमवार को दुख जताया. साथ ही कांग्रेस ने यह सवाल भी किया कि यह खुदकुशी है या फिर ‘सुनियोजित हत्या’. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने ट्वीट किया, ‘‘संतों महन्तों की सर्वोच्च संस्था अखाड़ा परिषद के आदरणीय महंत नरेंद्र गिरी जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हृदयविदारक है. श्रद्धांजलि.’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या यह आत्महत्या है या सुनियोजित हत्या? उत्तर प्रदेश भाजपा (BJP) की ये कैसी सरकार है जो देश के संतों महंतों की रक्षा करने में भी समर्थ नहीं?’’ कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी नरेद्र गिरी की मौत पर दुख जताया.

लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने ट्वीट किया, ‘‘अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि जी का देहावसान होना भारत के लिए अपूर्णीय क्षति है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करें. ओम शांति.’’

सीबीआई जांच की सिफारिश की जानी चाहिए
वहीं, कुछ देर पहले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की  संदिग्ध मौत पर भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार (Vinay Katiyar) ने बड़ा बयान दिया था. उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच (CBI Probe) कराने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि चाहे हत्या हो या आत्महत्या, योगी सरकार मिसाल कायम करने के लिए सख्त कार्रवाई करेगी. विनय कटियार ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. ऐसे में इस मामले को आगे नहीं बढ़ना चाहिए. सब कुछ बेनकाब होना चाहिए. साथ ही विनय कटियार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच की सिफारिश की जानी चाहिए.

नरेंद्र गिरी का निधन साधु समाज के लिए अपार क्षति के समान है
वहीं, नरेंद्र गिरि के निधन से धर्मनगरी अयोध्या में भी शोक की लहर है. अयोध्या में उनके निधन का समाचार पहुंचते ही संतों में शोक की लहर दौड़ गई. देशभर के नेताओं ने भी महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व सीएम अखिलेश यादव, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है. हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के निधन बेहद दुखद बताया है. राजू दास ने कहा कि भगवान से प्रार्थना है कि मृत आत्मा को शांति प्रदान करें. नरेंद्र गिरी का निधन साधु समाज के लिए अपार क्षति के समान है.

Opinion : हर किसी को सम्मोहित कर लेती थी महंत नरेंद्र गिरी की कार्यशैली

महंत नरेंद्र गिरी की कार्यकुशलता सबको प्रभावित करती थी.

Memories : अतिथि सत्कार और प्रेम का एक प्रत्यक्ष उदाहरण थे नरेंद्र गिरी जी महाराज. उनकी विशेषता थी कि हमेशा अपनी गाड़ी में लेटे हनुमान जी के मंदिर के प्रसाद रूपी लड्डू की पोटली रखा करते थे और जब भी मिलते हमेशा अपने सुरक्षाकर्मियों या ड्राइवर से कहते अरे सगुन बाबू को प्रसाद दो.

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  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 23:17 IST
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शगुन त्यागी

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के श्री महंत परम श्रद्धेय नरेंद्र गिरी जी महाराज के दवलोकन की खबर से क्षुब्ध हूं. वास्तव में अखाड़ा परिषद को असल पहचान मिली ही तब, जब नरेंद्र गिरी जी महाराज ने अखाड़ा परिषद की कमान संभाली. मुझे आज भी साल 2013 का प्रयाग राज महाकुंभ याद है, जब मेरी पहली भेंट नरेंद्र गिरी जी महाराज से हुई. सक्रिय पत्रकारिता छोड़ने के बाद जब मैं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज के संपर्क में आया, तो उन्होंने मुझे अपने मीडिया सलाहकार के पद पर नियुक्त किया. उसी के बाद साल 2013 के प्रयागराज महाकुंभ में मेरी पहली बार भेंट अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में हुई. मैंने प्रत्यक्ष तौर पर देखा किस प्रकार द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी की मेला प्रशासन के साथ मेले में दी जाने वाली भूमि के विवाद को कैसे उन्होंने बेहद सरलता के साथ निपटाया. मैं हमेशा उनकी कार्यकुशलता का कायल रहा हूं. जीवन में पहली बार मैं उसी साल 2013 के महाकुंभ के दौरान अपने गुरु जी कैलाशानंद गिरी जी महाराज के साथ लेटे हनुमान जी के दर्शन के बाद प्रयागराज की बाघंबरी गद्दी मठ गया. उसी दौरान कैलाशानंद गिरी जी महाराज ने मेरा परिचय नरेंद्र गिरी जी महाराज से कराया था. उसके बाद हमेशा मेरे प्रति आत्मीय लगाव रहा. मुझे सगुन बाबू कहकर पुकारा करते थे. लगातार चार कुंभों में मैंने उनके साथ काम किया. उनसे बहुत कुछ सीखा.

बाघंबरी गद्दी मठ में अतिथियों को परोसे जाने वाले दिव्य भोजन और भोजन को प्रेम भाव से खिलाने के तरीके का मैं कायल था. मठ के विद्यार्थियों को हमेशा सख्त लहजे में डांटते थे कि अतिथि को भोजन प्रेम से कराओ. अपने आश्रम की एक चीज पर बड़ी ही बारिक नजर रखते थे. अतिथि सत्कार और प्रेम का एक प्रत्यक्ष उदाहरण थे नरेंद्र गिरी जी महाराज. उनकी विशेषता थी कि हमेशा अपनी गाड़ी में लेटे हनुमान जी के मंदिर के प्रसाद रूपी लड्डू की पोटली रखा करते थे और जब भी मिलते हमेशा अपने सुरक्षाकर्मियों या ड्राइवर से कहते अरे सगुन बाबू को प्रसाद दो.

अभी हाल ही की बात है हरिद्वार कुंभ 2021 के दौरान उन्हें कोरोना ने अपनी चपेट में लिया था लेकिन बावजूद उसके उन्होंने बेहद सफलता पूर्वक महाकुंभ का सफल आयोजन कराया. नरेंद्र गिरी जी महाराज जैसे व्यक्तित्व का यूं समय चक्र को छोड़कर काल चक्र में चले जाना न सिर्फ दुखद है, बल्कि वैदिक सनातन धर्म को बहुत बड़ा आघात है. हाल ही में हरिद्वार कुंभ 2021 के समापन के बाद मुझे किसी खबर के विषय में उन्हें अवगत कराना था, तो मेरी उनसे फोन पर वार्ता हुई. मैंने उनसे कहा कि क्या मैं खबर आपको वॉट्सऐप पर भेजूं महाराज जी? लेकिन कैसे भेजूं, आपके इस नंबर पर तो वॉट्सऐप चलता नहीं है. क्या कोई दूसरा नंबर है? तो उन्होंने बड़ी ही सरलता से जवाब दिया – अरे सगुन बाबू हम तो वॉट्सऐप रखते ही नहीं हैं. बड़ी सिरदर्दी रहती है. तो मैंने उनसे कहा कि फिर आपको कैसे भेजूं क्योंकि मैं तो दिल्ली हूं और आप प्रयागराज. तो उन्होंने कहा कि अरे कोई आवश्यकता नहीं है, आपने पढ़ लिया न और आपने पढ़कर सुना दिया. बस बहुत है. नहीं तो ऐसा करें आप, प्रयागराज आ जाएं. लेटे हनुमान जी के दर्शन भी कर लीजिएगा.

ऐसी एक नहीं, हजारों यादें हैं जो श्री महंत नरेंद्र गिरी जी के साथ जुड़ी हैं. संतों के बीच रहकर मैंने अखाड़ा परिषद और अखाड़ों की परंपरा को बेहद करीब से देखा है. लगातार दूसरी बार अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद पर चुने जाना और अखाड़ा परिषद को एक नए आयाम पर ले जाने का सेहरा नरेंद्र गिरी जी महाराज के सिर ही बांधा गया. 13 अखाड़ों को एकसाथ लेकर चलना. शाही स्नान को लेकर होने वाले विवादों को आपने साल 2013 के प्रयागराज कुंभ से पहले बेशक सुना हो, लेकन जबसे नरेंद्र गिरी जी महाराज ने अखाड़ा परिषद का जिम्मा संभाला तब से 13 के 13 अखाड़े एकजुट रहते और शाही स्नान में कभी किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं देखने को मिला. हमेशा सभी अखाड़ों को एकजुट रखने के लिए (विशेषकर कुंभ में) रात-दिन मेहनत करते थे नरेंद्र गिरी जी महाराज.

लिखने के लिए और भी बहुत कुछ है, लेकिन भावुकता आगे बढ़ने नहीं दे रही है. अंत में यही कहकर अपनी वाणी को विराम दूंगा और प्रभु से प्रार्थना करूंगा कि उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें. साथ ही उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु का सत्य जल्द से जल्द सामने आना चाहिए.

(डिस्क्लेमर: शगुन त्यागी पत्रकार रहे हैं और वे त्यागी कैलाशानंद जी के मीडिया सलाकार हैं. कैलाशानंद गिरी जी उसी निरंजनी के आचार्य महामंडलेश्वर हैं, जिससे नरेंद्र गिरी जुड़े थे. ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)

RIP Narendra Giri: महंत नरेन्द्र गिरी को पहले भी मिली थी जान से मारने की धमकी

RIP Mahant Narendra Giri: आचार्य नरेंद्र गिरी को 2018 में भी मिली थी जान से मारने की धमकी.

Mahant Narendra Giri Suicide: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख महंत आचार्य नरेन्द्र गिरी का शव प्रयागराज स्थित उनके बाघम्बरी आश्रम के कमरे से मिला. सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने उनके शिष्य आचार्य आनंद गिरी को हिरासत में लिया.

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लखनऊ. देश में साधुओं की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है. सोमवार की दोपहर महंत गिरी का शव उनके बाघम्भरी आश्रम स्थित कमरे में फंदे से लटकता मिला. अपनी बेबाकी के लिए पहचाने जाने वाले महंत नरेंद्र गिरी को इससे पहले भी जान से मारने की धमकी मिली थी. साल 2018 में इसको लेकर महंत ने प्रयागराज में एफआईआर भी कराई थी.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने 2018 में प्रयागराज के दारागंज थाने में FIR दर्ज कराई थी. इसमें महंत नरेन्द्र गिरी ने झूंसी थाना क्षेत्र में रहने वाले एक योग गुरु सत्यम पर लगातार जान से मार देने की धमकी देने का आरोप लगाया था. नरेन्द्र गिरि ने बताया था कि ‘14 जुलाई को फोन कर मुझे जान से मारने की धमकी दी गई है. फोन पर व्यक्ति ने कहा कि मैं योगी सत्यम बोल रहा हूं. अगर मेरे खिलाफ किसी भी तरह की टिप्पणी की या फिर कोई बयान दिया, तो मार दिए जाओगे. इस तरह बार-बार फोन कर धमकी दी जा रही थी. जिसके चलते मैंने योगी सत्यम के खिलाफ थाने में तहरीर दी है.’

बाघम्बरी आश्रम से मिले सुसाइड नोट से घेरे में आए आनंद गिरी
महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद पुलिस को उनके बाघम्बरी आश्रम से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. इसके आधार पर स्थानीय पुलिस अभी महंत की मौत को आत्महत्या बता रही है. लेकिन महंत नरेन्द्र गिरी की आत्महत्या की वजह का अब तक कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है. पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है. जिसके तहत आश्रम में मौजूद कुछ लोगो से लगातार पूठताछ भी की जा रही है. ताजा खबरों के मुताबिक आनंद गिरी को हिरासत में ले लिया गया है.

महंत नरेन्द्र गिरी और शिष्य के बीच ये था विवाद
महंत नरेन्द्र गिरी का अपने शिष्य आनंद गिरी से लंबे समय से विवाद चल रहा था. 2019 में  महंत आनंद गिरी को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में महिलाओं से उनके बेडरूम में मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने श्रीनिरंजनी अखाड़े से जुड़े अपने शिष्य आनंद गिरी पर संन्यास परंपरा का उल्लंघन का आरोप लगाया था. इसके साथ ही उन्होंने प्रयागराज स्थित बाघम्बरी पीठ लेटे हनुमान मंदिर की गद्दी से आनंद गिरी को हटाने के साथ-साथ अखाड़े से भी बाहर करवा दिया था. इससे भड़के आनंद गिरी ने अखाड़े की संपत्ति को लेकर महंत नरेन्द्र गिरी पर गंभीर आरोप लगाए थे. इसमें संपत्ति के विवाद में ही निरंजनी अखाड़े से जुड़े महंत आशीष गिरी और महंत दिगंबर गंगापुरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने का दावा कर जांच कराने की मांग की गई थी.

Mahant Narendra Giri Suicide: ‌आद्या तिवारी भी हिरासत में, कभी भी गिरफ्तार हो सकता है आनंद गिरी

आनंद गिरी की गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस उत्तराखंड पहुंच गई है.

Death of Mehant Narendra Giri: उत्तर प्रदेश पुलिस पहुंची आनंद गिरी के आश्रम, कमरे में खुद को बंद कर बैठा है आनंद गिरी, वहीं लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी को पुलिस ने हिरासत में लिया.

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प्रयागराज. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी के लिखे सुसाइड नोट में आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराए गए आरोपियों में से एक आद्या तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने आद्या तिवारी को प्रयागराज से ही गिरफ्तार किया है. आद्या तिवारी बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी हैं. वहीं यूपी पुलिस की एक टीम हरिद्वार स्थित आनंद गिरी के आश्रम पहुंच गई है और बताया जा रहा है कि आनंद की कभी भी गिरफ्तारी की जा सकती है. बताया जा रहा है कि आनंद तिवारी ने आश्रम में खुद को एक कमरे में बंद कर लिया है और वे लगातार किसी से संपर्क में है.
वहीं तीसरे आरोपी और पुजारी आद्या तिवारी के बेटे संदीप तिवारी को अभी हिरासत में नहीं लिया गया है. गौरतलब है कि महंत नरेंद्र गिरी ने सोमवार को आत्महत्या कर ली थी और उनके पास से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने आनंद गिरी, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी पर मानसिक तौर से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था.

वहीं आनंद गिरी का दावा है कि गुरुजी आत्महत्या कर ही नहीं सकते. वहीं रही बात सुसाइड नोट की तो उन्होंने कहा कि महंत नरेंद्र गिरी को लिखना पढ़ना ही नहीं आता था ऐसे में वे 8 पन्नों का सुसाइड नोट कैसे लिख सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जानी चाहिए.
आनंद गिरी ने कहा कि वो इस मामले में किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं और उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है. आनंद गिरी ने कहा कि लोग हमें रास्‍ते से हटाना चाहते थे और कुछ लोग लगातार गुरुजी को परेशान भी कर रहे थे. गौरतलब है कि आनंद गिरी का सुसाइड नोट में नाम आने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार से हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्‍ध हालात में मौत, मौके से मिला सुसाइड नोट

संदिग्‍ध हालात में महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद पुलिस ने बारंबरी मठ को पूरी तरह से सील कर दिया है. (फाइल फोटो)

Mahant Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरी का शव प्रयागराज में बाघंबरी मठ उऩके कमरे में फंदे से लटका मिला. मठ को पुलिस ने पूरी तरह से सील कर दिया है. हालांकि अभी तक किसी भी तरह की जानकारी पुलिस नहीं दे रही है. सूत्रों के अनुसार महंत गिरी के शव के पास से एक सुसाइड नोट भी पुलिस को बरामद हुआ है.

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प्रयागराज. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की सोमवार को संदिग्‍ध हालात में मौत हो गई. जानकारी के अनुसार उनकी मौत प्रयागराज में हुई है. सूत्रों के अनुसार उनका शव बाघंबरी मठ में ही रस्सी के एक फंदे से लटकता मिला है. उल्लेखनीय है कि उनकी मौत साथ ही अखाड़ा परिषद के अंदर मतभेद की खबरें एक बार फिर उठ रही हैं. बताया जा रहा है कि महंत नरेंद्र गिरी का कमरा अंदर से बंद मिला था जिसके बाद शक होने पर उसे खोला गया तो अंदर उऩका शव मिला. उनके पास से एक सुसाइड नोट भी पुलिस को मिला है. जिसमें मानसिक तौर से परेशान होने का जिक्र भी किया गया है. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. बताया जा रहा है कि महंत नरेंद्र गिरी पिछले कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे.

हत्या के मामले से किया इनकार
हालांकि प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने हत्या की बात से इनकार किया है. सूत्रों के अनुसार महंत नरेंद्र गिरी ने आत्महत्या की है. हालांकि अभी पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उनकी मौत का कारण आत्महत्या है या कुछ और. खबर के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और किसी को भी बारंबरी मठ में घुसने की इजाजत नहीं दी जा रही है. फोरेंसिक टीम मौके पर जांच कर रही है.

शिष्य के साथ चल रहा था विवाद
वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महंत नरेंद्र गिरी का अपने एक शिष्य आनंद गिरी से कुछ समय से विवाद चल रहा था. इस विवाद को लेकर महंत नरेंद्र गिरी और उनके शिष्य के बीच कुछ दिनों पहले ही सुलह हुई थी. शिष्य ने उनसे माफी मांगी थी जिसके बाद महंत गिरी ने भी उन्हें माफ कर दिया था. उल्लेखनीय है कि महंत नरेंद्र गिरी कुछ समय पहले ही कोरोना से संक्रमित भी हो गए थे हालांकि वो इसको हरा कर स्वस्‍थ्य हो गए थे.

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी के निधन की खबर आते ही अयोध्या में शोक की लहर फैल गई है. हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के निधन की सूचना बेहद ही दुखद है. भगवान से प्रार्थना है कि मृत आत्मा को शांति प्रदान करें. नरेंद्र गिरी का निधन साधु समाज की अपार क्षति है. सनातन धर्म की रक्षा के लिए वो हमेशा समर्पित रहते थे.

RIP Narendra Giri: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, बाघंबरी गद्दी और लेटे हनुमान जी के महंत थे आचार्य नरेंद्र गिरी

RIP Mahant Narendra Giri: नरेंद्र गिरी न सिर्फ अखाड़ा परिषद के प्रमुख थे, बल्कि प्रयाग के लेटे हनुमानजी के महंत भी थे.

RIP Mahant Narendra Giri: देश में साधु-संतों को मान्यता देने का अंतिम निर्णय करने वाली संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख थे महंत नरेंद्र गिरी. देश के अलग-अलग 13 सनातनी और 3 वैष्णवी अखाड़ों के बीच आपसी समन्वय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी इन्हीं के कंधों पर थी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 22:26 IST
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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख आचार्य नरेंद्र गिरी के निधन से देश के साधु-संत समाज में शोक की लहर व्याप्त है. यह लाजिमी भी है, क्योंकि वैष्णवी अखाड़ों समेत नागा-साधु संन्यासियों की प्रमुखता वाले सभी 13 अखाड़ों (3 वैष्णवी अखाड़े भी) के सर्वमान्य प्रमुख का संदिग्ध परिस्थितियों में चले जाना, सामान्य बात है भी नहीं. अखाड़ा परिषद के प्रमुख के पद पर रहने का महत्व इससे भी समझा जा सकता है कि इनके बीच समन्वय का काम अत्यंत मुश्किल भरा है, जिसे महंत नरेंद्र गिरी बड़ी आसानी से लंबे समय से संभालते आ रहे थे. इसके अलावा वे प्रयागराज की प्रसिद्ध बाघम्बरी गद्दी और संगम-तट पर स्थित लेटे हनुमानजी के भी महंत थे.

आमतौर पर आपने रामभक्त हनुमान की प्रतिमा देश में कहीं भी खड़ी अवस्था में ही देखी होगी, लेकिन तीर्थराज प्रयाग के हनुमानजी सर्वथा अलग हैं. अकबर के बनाए इलाहाबाद के किले के ठीक नीचे लेटे हनुमान जी का मंदिर है. समस्त हिंदू समुदाय में इसकी बड़ी मान्यता है. कहा जाता है कि लेटे हनुमानजी के दर्शन मात्र से कार्य सिद्ध हो जाते हैं. रामभक्त हनुमान की खड़ी मूर्तियां तो हर जगह है, लेकिन ये चुनिंदा मूर्तियों में से है जो लेटे हुए हैं. प्रति वर्ष गंगा नदी का जलस्तर जब बढ़ता है, तो पुण्य-सलिला इन्हें स्नान कराती हैं. कहा जाता है कि उन्हें स्नान करवा कर ही वे घटती हैं. आचार्य नरेंद्र गिरी इन लेटे हनुमानजी के भी महंत थे. यह बात जानने योग्य है कि प्रयागराज की सम्मानित बाघम्बरी गद्दी के महंत भी लेटे हुनुमान जी के आचार्य ही होते हैं. लिहाजा ये पद भी महंत नरेंद्र गिरी के पास ही था.

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13+3 अखाड़ों के अध्यक्ष की जिम्मेदारी

महाकुंभ या गंगा स्नान से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान नागा साधुओं के अखाड़ा स्नान के बारे में तो आपने सुना ही होगा. अखाड़ों का अर्थ है नागा साधुओं का समूह. मान्यता है कि भगवान दत्तात्रेय को मानने वाले ये अखाड़े ही दरअसल सनातन धर्म के रक्षक हैं. गौर करने वाली बात यह है कि जूना अखाड़ा हो या निरंजनी या फिर कोई और, इन सभी अखाड़ों की सोच अलग-अलग है. देश में 13 सनातनी अखाड़े हैं, जबकि 3 वैष्णवी अखाड़ा है. महाकुंभ के समय गंगा स्नान के लिए अक्सर इन अखाड़ों के बीच पहले स्नान को लेकर विवाद होता रहा है. इसी विवाद को खत्म करने और अखाड़ों के बीच आपसी समन्वय बनाए रखने के लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का गठन किया गया.

चूंकि इन अखाड़ों के बीच अपनी श्रेष्ठता को लेकर संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होती है, जिस परेशानी को समाप्त करने के लिए ही अखाड़ा परिषद बना. विभिन्न अर्द्धकुंभ या महाकुंभ के दौरान इनका नेतृत्व करने का जिम्मा यह अखाड़ा परिषद ही संभालती है. इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण कार्य साधु-संतों को मान्यता देने का काम भी परिषद के पास ही है. किसी व्यक्ति को अगर साधु बनना है या कोई अखाड़ा किसी को संत की उपाधि देना चाहता है, तो इसका निर्णय भी परिषद ही करती है. दरअसल, साधु बनने के लिए आपको किसी न किसी अखाड़े से जुड़ना होता है, जिसके बाद अखाड़ा परिषद उसे मान्यता देती है.

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साधु की मान्यता का फैसला परिषद के हाथ

परिषद के पास यह अधिकार भी है कि वह किसी साधु की मान्यता समाप्त कर सकती है. इसका आशय यह कि अगर किसी अखाड़े के प्रमुख संत ने किसी व्यक्ति को लोभवश या अन्य कारणों से साधु का पद दे दिया, तो उसे मान्यता देने या न देने का निर्णय परिषद के पास होता है. राधे मां के महामंडलेश्वर मामले से जुड़े विवाद को याद करें, तो कुछ ऐसी ही कहानी सामने आई थी. अखाड़ों की इसी समग्र संस्था के अध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आचार्य नरेंद्र गिरी के पास थी. उनके निधन के बाद इस पद पर किसे लाया जाए, यह भी एक बड़ा सवाल अब सामने होगा.

Mahant Narendra Giri Suicide: ‌आनंद गिरी का दावा- लिखना-पढ़ना नहीं जानते थे गुरुजी, तो कैसे लिखा सुसाइड नोट

नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी ने कहा है कि वे हर तरह की जांच में सहयोग करेंगे. (फाइल फोटो)

Death of Mehant Narendra Giri: महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद मिले सुसाइड नोट को लेकर शिष्य आनंद गिरी ने कहा कि जब नरेंद्र गिरी को लिखना पढ़ना नहीं आता था तो वे कैसे इतना लंबा सुसाइड नोट लिख सकते हैं.

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हरिद्वार. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी की मौत के बाद सवालों के घेरे में आए उनके शिष्य आनंद गिरी ने अब बड़ा दावा किया है. महंत नरेंद्र गिरी की मौत के बाद मिले सुसाइड नोट और उसमें आनंद गिरी की ओर से मानसिक तौर पर प्रताड़ित की जाने की बात का खुलासा होने के बाद आनंद गिरी ने कहा कि गुरुजी आत्महत्या कर ही नहीं सकते. वहीं रही बात सुसाइड नोट की तो उन्होंने कहा कि महंत नरेंद्र गिरी को लिखना पढ़ना ही नहीं आता था ऐसे में वे 8 पन्नों का सुसाइड नोट कैसे लिख सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जानी चाहिए.
आनंद गिरी ने कहा कि वो इस मामले में किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं और उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है. आनंद गिरी ने कहा कि लोग हमें रास्‍ते से हटाना चाहते थे और कुछ लोग लगातार गुरुजी को परेशान भी कर रहे थे. गौरतलब है कि आनंद गिरी का सुसाइड नोट में नाम आने के बाद उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार से हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

आनंद गिरी ने कहा है कि गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई है. उन्होंने कुछ अधिकारियों पर ही गंभीर आरोप लगाकर साजिश करने की बात कही है. आनंद गिरी ने कहा कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं. आईजी लगातार नरेन्द्र गिरी के संपर्क में रहते थे.

आनंद गिरी का आरोप है कि मठ और मंदिर का पैसा हड़पने वालों ने महंत जी की हत्या की. इस साजिश में मठ के कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं. करोड़ों का खेल हैं. इसमें एक सिपाही अजय सिंह भी है. यही लोग उनकी हत्या कर सकते हैं. आनंद गिरी का आरोप है कि इस घटना में पुलिस के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं.

आनंद गिरी का आरोप है कि महंत नरेंद्र गिरी को मारकर मुझे फंसाने की साजिश है. इसमें पुलिस के बड़े अधिकारी ही शामिल हैं. मैं जांच की मांग करता हूं. उनके खिलाफ बहुत बड़ी साजिश की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मनीष शुक्ला जिनकी उन्होंने शादी महंत नरेंद्र गिरी ने कराई थी. उसे पांच करोड़ का मकान दिया. इसके आलावा अभिषेक मिश्र भी इस मामले में शामिल हो सकते हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए.

Mahant Narendra Giri Death: आनंद गिरी का बड़ा बयान, कहा- गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई

आनंद गिरी का आरोप है कि महंत नरेंद्र गिरी को मारकर मुझे फंसाने की साजिश है.

Mahant Narendra Giri Death: आनंद गिरी ने कहा है कि गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई है. उन्होंने कुछ अधिकारियों पर ही गंभीर आरोप लगाकर साजिश करने की बात कही है. आनंद गिरी ने कहा कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं.

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प्रयागराज. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी (Narendra Giri) का शव संदिग्ध परिस्थिति में मिलने के बाद शोक के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. पु​लिस ने उनके शिष्य आनंद गिरी पर शिकंजा कसना शुरू किया है. उन्हें हरिद्वार में हिरासत में लिया गया है. वहीं आनंद गिरी ने कहा है कि गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई है. उन्होंने कुछ अधिकारियों पर ही गंभीर आरोप लगाकर साजिश करने की बात कही है. आनंद गिरी ने कहा कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं. आईजी लगातार नरेन्द्र गिरी के संपर्क में रहते थे.

आनंद गिरी का आरोप है कि मठ और मंदिर का पैसा हड़पने वालों ने महंत जी की हत्या की. इस साजिश में मठ के कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं. करोड़ों का खेल हैं. इसमें एक सिपाही अजय सिंह भी है. यही लोग उनकी हत्या कर सकते हैं. आनंद गिरी का आरोप है कि इस घटना में पुलिस के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं.

आनंद गिरी का आरोप है कि महंत नरेंद्र गिरी को मारकर मुझे फंसाने की साजिश है. इसमें पुलिस के बड़े अधिकारी ही शामिल हैं. मैं जांच की मांग करता हूं. उनके खिलाफ बहुत बड़ी साजिश की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मनीष शुक्ला जिनकी उन्होंने शादी महंत नरेंद्र गिरी ने कराई थी. उसे पांच करोड़ का मकान दिया. इसके आलावा अभिषेक मिश्र भी इस मामले में शामिल हो सकते हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए.

वो कभी आत्महत्या नहीं कर सकते
संदेह के घेरे में आए आनंद गिरी ने आरोप लगाया कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं. आईजी लगातार उनके संपर्क में रहते थे. आईजी क्लोजली इस विषय को वॉच कर रहे थे और उनके साथ पारिवारिक संबंध थे. यह पूरी तरह से जांच का विषय है. उनके खिलाफ बहुत बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है. मुझे फंसा कर इस केस को रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है. यही षड्यंत्र है. एक तीर से दो निशाने करने के लिए चालबाज लोग साजिश कर रहे हैं. महंत नरेंद्र गिरी के शव के पास एक सुसाइड नोट मिला है. इस सुसाइड नोट में तीन लोगों के नाम दिए गए हैं. इसमें आद्या तिवारी, संदीप तिवारी और आनंद गिरी के नाम शामिल हैं. इसके सामने आने के बाद पुलिस ने इन लोगों की ओर जांच शुरू कर दी है. इसी के बाद आनंद गिरी को हरिद्वार में हिरासत में लिया गया है.

‘मेरा उनसे नहीं मठ की जमीन को लेकर विवाद था’:आनंद गिरी
नरेन्द्र गिरी की रहस्यमय परिस्थिति में मौत के बाद आनंद गिरी बताया, ‘अभी मैं हरिद्वार में हूं, कल प्रयागराज पहुंचकर देखूंगा क्या सच है.’ आनंद गिरी ने कहा ‘हमें अलग इसलिए किया गया, ताकि एक का काम तमाम हो सके. नरेंद्र गिरी से विवादों पर आनंद गिरी ने कहा कि ‘मेरा उनसे नहीं मठ की जमीन को लेकर विवाद था.’ आनंद गिरी ने कहा- ‘शक के दायरे में कई लोग हैं, उन्होंने ही नरेंद्र गिरी को मेरे खिलाफ किया.’ इसके साथ ही आनंद ​गिरी ने उनकी मौत पर कुछ बड़े लोगों और एक पुलिस के अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं.

आनंद गिरी पर रहे संगीन आरोप
संत आनंद गिरी पर दो अलग-अलग मौकों पर दो महिलाओं के साथ मारपीट का आरोप लगा था. आरोप के मुताबिक उन्हें दो अवसरों पर हिंदू प्रार्थना के लिए अपने घरों में आमंत्रित किया गया था. जहां 2016 में उन्होंने अपने घर के बेडरूम में एक 29 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की. इसके बाद 2018 में, गिरि ने लाउंज रूम में 34 वर्षीय एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की.

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