इलाहाबाद हाईकोर्ट की विद्युत कंपनियों को खरी-खरी, कहा- सिंचाई के लिए किसानों को दें बिजली

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए विद्युत कंपनियों को किसानों को खेती और सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली देने का आदेश दिया है

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए विद्युत कंपनियों को किसानों को खेती और सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली देने का आदेश दिया है

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा है कि खेती की सिंचाई के लिए बिजली न देना संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन है, इससे कृषि व्यवसाय प्रभावित हो रहा है. कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकारी एजेंसी का दायित्व है कि खेती की सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति (Electricity Supply) अनवरत जारी रखे और ट्यूबवेल की मरम्मत व देखरेख करे

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 10:16 PM IST
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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने विद्युत कंपनियों (Power Companies) को सिंचाई के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति (Electricity Supply) करने और सभी जिलाधिकारियों (DM) को ट्यूबवेलों की मरम्मत और देखरेख करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि खेती की सिंचाई के लिए बिजली न देना संविधान के अनुच्छेद 19 (Article 19) का उल्लंघन है, इससे कृषि व्यवसाय प्रभावित हो रहा है.

कोर्ट ने यह भी कहा है कि सरकारी एजेंसी का दायित्व है कि खेती की सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति अनवरत जारी रखे और ट्यूबवेल की मरम्मत व देखरेख करे. कोर्ट ने बांदा के जिलाधिकारी को बछेहरा गांव की पिपरी ट्यूबवेल की देखरेख करने का आदेश दिया. यह आदेश चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस एस.एस शमशेरी की खंडपीठ ने नाथू प्रसाद कुशवाहा और 14 अन्य की जनहित याचिका को निस्तारित (निपटारा) करते हुए दिया.

याचिकाकर्ता का कहना था कि ट्यूबवेल का कनेक्शन अक्सर कटा रहता है. साथ ही ट्यूबवेल की भी मरम्मत नहीं की जाती. इसकी मरम्मत के लिए कोई एजेंसी नहीं है जिसके कारण खेती में पानी नही मिल पा रहा है और फसलों को भारी नुकसान हो रहा है. इसपर कोर्ट ने सरकार से जानकारी मांगी तो बताया गया कि विद्युत कनेक्शन जोड़ दिया गया है. इसपर याची ने कहा कि अक्सर कनेक्शन कट जाता है और मरम्मत नहीं की जाती. इसपर कोर्ट की तरफ से प्रदेश की सभी विद्युत वितरण कंपनियों और सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किये गए हैं. साथ ही यह कहा गया है कि सिंचाई के लिए विद्युत आपूर्ति निर्बाध रूप से चालू रखी जाए.
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