श्रीराम मन्दिर ट्रस्ट के स्वामी वासुदेवानन्द को बड़ी राहत, योगी सरकार के केस वापसी पर कोर्ट से अनुमति

प्रयागराज कोर्ट से जगतगुरु वासुदेवानन्द सरस्वती को बड़ी राहत मिली है.

प्रयागराज कोर्ट से जगतगुरु वासुदेवानन्द सरस्वती को बड़ी राहत मिली है.

Prayagraj News: वासुदेवानन्द सहित 3 के खिलाफ 2005 में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती की ओर से राजेंद्र मिश्रा ने एफआईआर दर्ज कराई थी. इसी साल 22 जनवरी को योगी सरकार ने मुकदमा वापसी की अर्जी दाखिल की थी.

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  • Last Updated: March 18, 2021, 6:31 PM IST
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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) में जिला न्यायालय (District Court) से श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र निर्माण ट्रस्ट (Shree Ram Mandir Teerth Kshetra Nirman Trust) के वरिष्ठ सदस्य जगतगुरु वासुदेवानन्द सरस्वती (Vasudevanand Saraswati) को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने वर्ष 2005 में झूंसी थाने में दर्ज मुकदमा वापस लेने की अनुमति दे दी है. बता दें वासुदेवानन्द पर मारने, पीटने और मोबाइल छीनने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज दर्ज कराई गई थी. एफआईआर में स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती, छोटे लाल मिश्रा और सुरेश को आरोपी बनाया गया था.

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती की ओर से राजेंद्र मिश्रा ने ये एफआईआर दर्ज कराई थी. मामले में योगी सरकार द्वारा मुकदमा वापस लेने की अर्जी कोर्ट में इसी साल 22 जनवरी को दाखिल की गई थी. अर्जी को अब कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कहा की मुकदमा सजा के लायक़ नहीं है. लिहाजा कोर्ट ने मुकदमा वापस लेने की अर्जी को अनुमति देते हुए सभी लोगों को उन्मोचित कर दिया. मामले में स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती की तरफ से ओंकार नाथ त्रिपाठी ने कोर्ट में बहस की.

जल निगमकर्मियों का सेवानिवृत्ति भुगतान सुनिश्चत कराएं: HC

वहीं दूसरी तरफ खबर हाईकोर्ट से है. यहां फंड की कमी से जल निगमकर्मियों का सालों से भुगतान न होने के मामले में हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को सेवानिवृत्ति भुगतान सुनिश्चित करने दिया निर्देश दिया है. कोर्ट ने अधिकारियों को दो हफ्ते में बैठकर समाधान निकालने का निर्देश दिया है. अपर मुख्य सचिव वित्त, प्रमुख सचिव नगर विभाग, चेयरमैन व प्रबंध निदेशक उप्र जल निगम को ये निर्देश दिया गया है.
हाईकोर्ट ने हलफनामे के जरिये 8 अप्रैल को मामले में की गई कार्यवाही की जानकारी भी मांगी है. कोर्ट ने जल निगम कर्मचारियों की पेंशन व अन्य भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. याची जय मूर्ति देवी की ओर से याचिका दाखिल की गई थी. मामले में अगली सुनवाई अब आठ अप्रैल को होगी. जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्र की एकल पीठ ने ये आदेश दिया है.
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