प्रयागराज: माघ मेले में जाने से पहले कराना होगा Corona टेस्ट! प्रशासन कर रहा ये तैयारी

पुलिस प्रशासन माघ मेला को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है.
पुलिस प्रशासन माघ मेला को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है.

Prayagraj Magh Mela 2020: माघ मेले के दौरान COVID-19 के संक्रमण का खतरा न हो, इसके लिए प्रशासन कर रहा तैयारी. कोरोना टेस्ट रिपोर्ट दिखाने पर ही मेले में प्रवेश की होगी व्यवस्था. अखाड़ा परिषद (Akhada Parishad) ने बुजुर्ग श्रद्धालुओं से इस बार मेले में न आने की अपील की.

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प्रयागराज. तीर्थराज प्रयाग में हर साल संगम की रेती पर लगने वाले विश्व के सबसे बड़े धार्मिक और अध्यात्मिक मेले यानि माघ मेले (Prayagraj Magh Mela) की तैयारियां तेज हो गई हैं. COVID-19 काल में आयोजित हो रहे मेले को लेकर पुलिस और प्रशासन की चुनौतियां भी काफी बढ़ गई हैं. कोरोना का संक्रमण फैले बगैर माघ मेले को सम्पन्न कराना पुलिस और प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. मेला प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को कोरोना के संक्रमण से बचाने की होगी.

आईजी केपी सिंह ने दिए ये सुझाव
ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि डब्लूएचओ (WHO) और एम्स (AIIMS) के निदेशक ने भी सर्दियों के मौसम में एक बार फिर से कोरोना के संक्रमण फैलने की संभावना जताई है. माघ मेले के आयोजन के लिए एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा को एसपी माघ मेला और एसीएम प्रथम विवेक चतुर्वेदी को माघ मेला अधिकारी के रूप में तैनाती दे दी गई है. माघ मेले में कोविड का संक्रमण रोकने के लिए पुलिस जहां मास्क को अनिवार्य रूप से लागू करेगी. वहीं आईजी केपी सिंह (IG KP Singh) ने सुझाव दिया है कि मेले में आने वाले हर श्रद्धालु कोविड टेस्ट कराने के बाद ही मेले में प्रवेश करें और अपने साथ कोविड जांच का सर्टिफिकेट जरूर लेकर आएं.

इसके साथ ही जहां से श्रद्धालु चल रहे हैं और जहां पर पहुंच रहे हैं, उन स्थानों पर उनकी थर्मल स्कैनिंग की भी व्यवस्था हो. आईजी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर एक ऐसा प्रोटोकाल तैयार करने की भी तैयारी हो रही है ताकि कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनिंग और कोविड जांच की व्यवस्था की जा सके.
मेले के स्वरूप में भी किया जा रहा बदलाव


गौरतलब है कि माघ मेले में हर साल करोड़ों श्रद्धालु आते हैं. इनमें 5 लाख के लगभग कल्पवासी और हजारों साधु-संत भी शामिल होते हैं. प्रमुख स्नान पर्वों पर आने वाले श्रद्धालुओं की भी बड़ी संख्या होती है, जिन्हें कोरोना काल में नियन्त्रित करना और सुरक्षित घर वापस भेजना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. कोरोना को लेकर इस बार मेले के स्वरूप में थोड़ा बदलाव भी किया जा रहा है. मेला इस बार केवल चार सेक्टरों में 538.34 हेक्टेयर एरिया में ही बसाये जाने की तैयारी है.

महाशिवरात्रि पर होगा समापन
माघ मेले की तैयारियों को लेकर शासन ने 67 करोड़ के बजट को भी मंजूरी दे दी है. इस बार 14 जनवरी को पड़ने वाले पहले स्नान पर्व मकर संक्रान्ति से माघ मेले की शुरुआत होगी. माघ मेले में 28 जनवरी को पौष पूर्णिमा का स्नान पर्व, 11 फरवरी को मौनी अमावस्या, 16 फरवरी को बसंत पंचमी, 27 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 11 मार्च को महाशिवरात्रि के पर्व के साथ माघ मेले का समापन होगा.

पान्टून ब्रिज किए गए कम
आईजी प्रयागराज रेंज केपी सिंह के मुताबिक माघ मेले में हर बनने वाले पांच पान्टून ब्रिज के बजाय इस बार लोक निर्माण विभाग द्वारा 3 पान्टून ब्रिज ही बनाए जाने की तैयारी हो रही है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पहले की ही तरह लोक निर्माण विभाग चेकर्ड प्लेट पाथ-वे, साइनेज का कार्य कराया जाएगा. जल निगम पेयजल व ड्रेनेज और स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर अस्पताल और सफाई व्यवस्था का इंतजाम करेगा. घाटों का भी विस्तार करने की योजना है ताकि एक ही जगह ज्यादा भीड़भाड़ न हो.



अखाड़ा परिषद ने की बुजुर्ग श्रद्धालुओं से मेले में न आने की अपील
इधर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी नरेन्द्र गिरी ने माघ मेले में आने वाले साधु-संतों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि कोरोना काल में वहीं लोग आएं, जिन्हें संकल्पित पूजा-अर्चना करनी है. उन्होंने बुजुर्ग श्रद्धालुओं से मेले में न आने की भी अपील की है. महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि माघ मेले में आने वाले लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे और कथा पंडालों व पूजा स्थलों में भी लोग भीड़-भाड़ से परहेज करेंगे. उनके मुताबिक साधु संत भी ऐसी ही तैयारी कर रहे हैं, ताकि माघ मेले में कोई ऐसी चूक न होने पाए जिससे कि कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा हो.
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