प्रयागराज: लगातार हो रही बारिश से क्रय केन्द्रों पर रखे गेहूं भीग गए, किसानों को हुआ नुकसान

सूबे में एक अप्रैल से क्रय केन्द्रों पर गेहूं खरीद की शुरुआत हुई है. (सांकेतिक फोटो)

क्रय केन्द्र के सहायक शंकर लाल के मुताबिक, बारिश (Rain) की वजह से गेहूं की खरीद प्रभावित जरुर हुई है. लेकिन भीगने से कोई नुकसान नहीं हुआ है.

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प्रयागराज. संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) में ताऊते साइक्लोन की वजह से पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से गेंहू (Wheat) क्रय केन्द्रों पर हो रही खरीद पर भी असर पड़ा है. कई जगहों पर किसानों का गेहूं भीगने से किसानों को नुकसान भी हुआ है. न्यूज 18 की टीम गेहूं क्रय केन्द्रों का जायजा लेने नवाबगंज के कौड़िहार (Kaudihar) के एक ऐसे ही गेहूं क्रय केन्द्र पहुंची, जहां पर बारिश से गेहूं को बचाने के लिए बोरियों को टीन शेड के नीचे रखा गया था. लेकिन क्रय केन्द्र पर जगह न होने के चलते बारिश की वजह गेहूं की तौल रोकनी पड़ रही थी.

1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद भी हो रही है
क्रय केन्द्र के सहायक शंकर लाल के मुताबिक, बारिश की वजह से गेहूं की खरीद प्रभावित जरुर हुई है. लेकिन भीगने से कोई नुकसान नहीं हुआ है. उनके मुताबिक, किसानों से खरीदे गए गेहूं को तत्काल पास में स्थित एफसीआई के गोदाम में भेज दिया गया है. इसके साथ ही किसानों के गेहूं को बारिश के समय ढ़ंक दिया जाता है, जिससे उसे भी बारिश से बचा लिया गया है. वहीं, बारिश में गेहूं की तौल कराने आये किसान अशोक शुक्ला ने भी योगी सरकार के क्रय केन्द्र पर हो रही खरीद पर संतोष जताया है. उन्होंने कहा है कि बारिश की वजह से उन्हें फिलहाल कोई नुकसान नहीं हुआ है और सरकार की ओर से तय किए गए समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद भी हो रही है.

तीन हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है
गौरतलब है कि सूबे में एक अप्रैल से क्रय केन्द्रों पर गेहूं खरीद की शुरुआत हुई है. जबकि प्रयागराज के कौड़िहार के केन्द्र पर 13 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरु हुई थी. क्रय केन्द्र के सहायक शंकर लाल के मुताबिक, इस बार कोरोना के चलते सरकार ने खरीद का कोई लक्ष्य नहीं निर्धारित किया है. लेकिन अब तक इस क्रय केन्द्र पर तीन हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है.