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Prayagraj: इस लड़की से मिलिए, जो स्लम की महिलाओं को बांटती है कंडोम, वह भी मुफ्त

आज हम आप को प्रयागराज की ऐसी लड़की से मिलवाते हैं, जो जनसंख्या नियंत्रण के लिए स्लम बस्तियों में जाकर मुफ्त में कंडोम बांट रही है. प्राइवेट कॉलेज से लॉ की पढ़ाई कर रहीं अन्नपूर्णा देश में जनसंख्या वृद्धि को लेकर काफी चिंतित हैं इसलिए अपने स्तर पर एक मुहिम छेड़े हुए हैं.

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रिपोर्ट:योगेश मिश्रा

प्रयागराज. हम सभी जानते हैं कि भारत के सामने बढ़ती जनसंख्या कितनी विकराल समस्या होती जा रही है और इस पर नियंत्रण के उपाय कितने नाकाफी. जानकार भी मानने लगे हैं कि व्यक्तिगत प्रयासों और इकाई तक जागरूकता के अभाव में इस समस्या से जूझना मुश्किल है. सभी को अपने स्तर पर अपने हिस्से की कोशिश करनी ही होगी. प्रयागराज में अन्नपूर्णा मिश्रा अपने हिस्से की भूमिका निभाते हुए पिछले काफी समय से न सिर्फ लोगों को जनसंख्या नियंत्रण के बारे जागरूक कर रही हैं बल्कि मलिन बस्तियों में जाकर अपनी पॉकेट मनी से महिलाओं को कंडोम भी बांट रही हैं. आइए आपको अन्नपूर्णा और उनके इस अभियान के बारे में कुछ रोचक बातें बताते हैं.

न्यूज़ 18 लोकल की टीम से अन्नपूर्णा मिश्रा से बात करते हुए बताया कि पिछले काफी समय से वह इस अभियान को अकेले ही चला रही हैं. बीच-बीच में कुछ दोस्तों की भी मदद मिल जाती है. अन्नपूर्णा का कहना है कि इस अभियान की प्रेरणा उन्हें अपने माता-पिता से मिली. दरअसल वह इकलौती बेटी हैं. उनका कहना है, जब इतने साल पहले मेरे मां-बाप इन चीजों को समझ सकते थे तो आज इतना विकास होने के बाद भी लोगों की सोच बदल जानी चाहिए थी.

नेगेटिव सोच से ऐसे जूझती हैं अन्नपूर्णा

अन्नपूर्णा ने बताया कि बहुत से ऐसे लोग हैं जो जानकारी के अभाव में हैं. उन्हें ही जागरूक करने के लिए उन्होंने यह अभियान चलाया है. स्लम बस्तियों में जाकर लोगों को सीमित परिवार के फायदे बताती हैं और जनसंख्या नियंत्रण के लिए मुफ्त में कंडोम बांटती हैं. यूपी के बलिया की रहने वाली अन्नपूर्णा के पिता पेशे से वकील हैं. वह प्रयागराज के कलंदीपुरम इलाके में किराए के मकान में रह कर कानून की पढ़ाई कर रही हैं.

अन्नपूर्णा ने बताया कि उन्हें परिवार से तो पूरा सपोर्ट मिलता है लेकिन समाज में कुछ नेगेटिव सोच के भी लोग मिलते हैं, जिसकी वजह से उन्हें कुछ परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है. वह फिर भी इन लोगों को दरकिनार करते हुए आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने यह अभियान 2 साल पहले शुरू किया था. कोविड-19 के समय में लॉकडाउन की वजह से यह अभियान रोकना पड़ा था. स्थितियां सामान्य होने पर वह दोबारा से अपने अभियान में जुट गई हैं. इस अभियान में उनके कुछ दोस्त भी उनकी मदद कर रहे हैं.

Tags: Prayagraj News

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