Prayagraj News: कोरोना की रफ्तार पर लगा ब्रेक, ऑक्सीजन और ICU बेड की मारामारी भी खत्म

प्रयागराज में कोरोना की रफ़्तार पर लगी ब्रेक

प्रयागराज में कोरोना की रफ़्तार पर लगी ब्रेक

Prayagraj News: जिले में एक दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या जहां ढ़ाई हजार तक पहुंच गई थी, वहीं अधिकतम कोरोना से एक दिन में 25 मौतों का भी रिकॉर्ड बन गया. हांलाकि अगर बीते 24 घंटों की बात करें तो प्रयागराज में केवल 232 नए संक्रमित सामने आए हैं, जबकि 5 लोगों की करोना से मौत हुई है.

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प्रयागराज. संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) में कोरोना (Corona Infection) के लागतार गिरते ग्राफ से यूपी सरकार और प्रशासन के साथ ही आम लोगों को भी बड़ी राहत मिली है. लॉकडाउन और कंटेनमेंट जोन में कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराये जाने के साथ ही ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट के फार्मूले के सफलता पूर्वक क्रियान्वयन किए जाने से अप्रैल माह में बेकाबू हुए कोरोना के संक्रमण की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है. शहर के अस्पतालों में अब ऑक्सीजन और आईसीयू बेड की मारामारी भी लगभग खत्म हो गयी है.

कोरोना की सेकंड वेब आने के बाद संगम नगरी प्रयागराज में कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ा. 6 अप्रैल के बाद कोरोना ने जब रफ्तार पकड़ी तो शहर के अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड कम पड़ गए. लोग ऑक्सीजन के लिए अस्पतालों से लेकर प्लाटों के बाहर जूझते दिखायी दिए. जिले में एक दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या जहां ढ़ाई हजार तक पहुंच गई थी, वहीं अधिकतम कोरोना से एक दिन में 25 मौतों का भी रिकॉर्ड बन गया. हांलाकि अगर बीते 24 घंटों की बात करें तो प्रयागराज में केवल 232 नए संक्रमित सामने आए हैं, जबकि 5 लोगों की करोना से मौत हुई है.

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संक्रमण में 10 गुना कमी 
इसके पहले 17 अप्रैल को 24 घंटे में यहां संक्रमितों की संख्या 2436 पहुंच गयी थी. 17 अप्रैल की तुलना में बीते 24 घंटे में मिले नए संक्रमितों की आंकड़ों में 10 गुना की कमी आयी है. जबकि 17 अप्रैल 11567 और 12 मई को  10509 लोगों की जांच हुई थी. यानी इस दौरान संक्रमण दर यानी पॉजिटिव रेट में भी बड़ा अंतर आ चुका है. 17 अप्रैल को जहां संक्रमण दर 21 फीसदी से अधिक थी, वहां बीते 24 घंटों में ये 2 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है. बड़ी बात ये है कि अब नए संक्रमितों की तुलना में रिकवर होने वालों की संख्या भी कई गुना अधिक हो गयी है. ज़िले में बुधवार को 542 लोग संक्रमण से मुक्त भी हुए है जिनमे 495 लोगों ने होम आइसोलेशन पूरा किया है जबकि 47 लोग अलग अलग अस्पतालों से डिस्चार्ज हुए है. वहीं प्रयागराज में फिलहाल एक्टिव मरीजों की संख्या लगभग 5 हज़ार बनी हुई है.

डिप्टी सीएम ने कही ये बात

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि चिकित्सा के क्षेत्र में केन्द्र व राज्य सरकार ने बहुत कुछ किया है और आगे भी इस दिशा में काम करेगी. पूरे प्रदेश में शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में ऑक्सीजन और बेड की समस्या को सरकार ने दूर करने के लिए कदम उठाये हैं. डिप्टी सीएम ने कहा है कि जिस तरह से पूरे प्रदेश में कोरोना के मामले घट रहे हैं, ऐसी आशा करते हैं कि कोरोना की महामारी पर जल्द विजय मिलेगी. उन्होंने लोगों से अपील की है कि लोग कोरोना को लेकर लापरवाही न बरतें. डिप्टी सीएम ने कहा है कि प्रयागराज में जनता के सहयोग और पुलिस व प्रशासन की कड़ी मेहनत के बल पर ही संक्रमितों की संख्या में कमी लायी जा सकी है.



डीएम बोले बेहतर प्रबंधन से मिली सफलता

वहीं प्रयागराज में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार कमी आने को लेकर डीएम भानु चन्द्र गोस्वामी भी उत्साहित हैं. उनके मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन ने लॉकडाउन और कंटेनमेंट ज़ोन के नियमों का सख्ती से पालन कराया है. इसके साथ ही प्रशासन ने कोरोना की रोकथाम के लिए जो एग्रेसिव कैम्पेन चलाया, संक्रमितोंको चिन्हित कर उनकी जांच और उपचार की व्यवस्था की गई, साथ ही जिस क्षेत्र में ज्यादा संक्रमित मिले उसको कंटेनमेंट ज़ोन बनाकर उस इलाके को बेरिकेट कर उस क्षेत्र में जरूरी सेवाओं के अलावा सभी तरह की गतिविधियों पर रोक भी कोरोना को काबू में करने की बड़ी वजह बनी है. डीएम के मुताबिक बीते एक महीने के दौरान सरकारी अस्पतालों में आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की संख्या में वृद्धि हुई है. उनके मुताबिक प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि कोरोना से मौतें न हो. उन्होंने कहा है कि कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए उठाये जा रहे कदमों को सुनियोजित ढ़ंग से आगे भी चलाया जायेगा.

आम लोगों का भी मिला सहयोग

बहरहाल, देश के कई अन्य राज्यों के साथ ही यूपी के कई दूसरे जिलों में जहां कोरोना का संक्रमण ने अभी रफ्तार पकड़ रखी है, वहीं प्रयागराज जिले में उठाये गए सख्त कदमों और आम जन के सहयोग की वजह से कोरोना की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है. ऐसे में प्रयागराज की तर्ज पर ही अगर दूसरे जिलों में भी कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रयास किए जायेंगे तो निश्चिततौर पर कोरोना का संक्रमण रोकने में बड़ी मदद मिलेगी.

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