प्रयागराज: फिर सुर्ख़ियों में आया श्रृंगवेरपुर घाट,अब लोहे की प्लेटों को हटाने पर उठ रहे सवाल

श्रृंगवेरपुर घाट पर पक्की सड़क से गंगा के किनारे तक जाने वाले रास्ते पर बिछाई गई लोहे की चकर्ड प्लेट्स को हटाया जा रहा है.

श्रृंगवेरपुर घाट पर पक्की सड़क से गंगा के किनारे तक जाने वाले रास्ते पर बिछाई गई लोहे की चकर्ड प्लेट्स को हटाया जा रहा है.

Prayagraj News: लोहे की चकर्ड प्लेट के जरिए तकरीबन 700 से 800 मीटर तक का सफर लोग किनारों तक अपने वाहनों से तय कर लेते थे. पैदल आने वाले लोगों को भी सहूलियत होती थी, लेकिन अचानक चकर्ड प्लेट हटाए जाने का फैसला सवालों और विवादों के घेरे में है.

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प्रयागराज. कोरोना काल (Covid-19) में गंगा नदी के किनारे बड़ी संख्या में शवों को दफनाये जाने से सुर्खियों में आये प्रयागराज (Prayagraj) के श्रृंगवेरपुर घाट (Shringwerpur Ghat) पर सरकारी अमले का खेल लगातार बरकरार हैं. पहले लापरवाही बरतते हुए बड़ी संख्या में शवों को दफनाने दिया गया और फिर कब्रों से चुनरी व लकड़ियां हटवा दी गई. अब श्रृंगवेरपुर घाट पर पक्की सड़क से गंगा के किनारे तक जाने वाले रास्ते पर बिछाई गई लोहे की चकर्ड प्लेट्स को हटाया जा रहा है.

दरअसल, लोहे की चकर्ड प्लेट के जरिए तकरीबन 700 से 800 मीटर तक का सफर लोग किनारों तक अपने वाहनों से तय कर लेते थे. पैदल आने वाले लोगों को भी सहूलियत होती थी, लेकिन अचानक चकर्ड प्लेट हटाए जाने का फैसला सवालों और विवादों के घेरे में है. प्रशासन की तरफ से दलील यह दी जा रही है कि मानसून आने पर गंगा का जलस्तर बढ़ते ही पक्के घाट तक पानी आ जाता है. वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां बारिश का पानी जुलाई के दूसरे हफ्ते से पहले नहीं आता है. ऐसे में चकर्ड प्लेट्स को नहीं हटाया जाना चाहिए था और इससे इन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.

कब्रों से चुनरी हटाने की होगी जांच

उधर प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर घाट पर कोराना काल में दफनाए गए शवों की कब्रों से चुनरी,रामनामी दुपट्टे और लकड़ियों के हटाए जाने के मामले के तूल पकड़ने के बाद डीएम प्रयागराज ने दो सदस्यीय जांच बैठा दी है. जिला प्रशासन ने मामले को गंभीर और संवेदनशील बताते हुए पूरे मामले में जांच के आदेश दिए हैं. डीएम भानु चंद्र गोस्वामी और एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से आदेश जारी कर एडीएम प्रशासन और एसपी गंगापार को मामले की जांच सौंपी है. जांच कमेटी ने बुधवार से अपना काम भी शुरू कर दिया है. डीएम और एसएसपी की ओर से सौंपी गई जांच में अधिकारी यह पता लगाएंगे किसने कब्रों से चुनरी और रामनामी दुपट्टे हटाते हुए वीडियो बनाकर वायरल किया है और वीडियो बनाने के पीछे असल मंशा क्या थी. दोनों जांच अधिकारी मौके पर जाकर विस्तृत जांच पड़ताल करेंगे. जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ विधिक कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं.

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