Positive India: कोरोना काल में प्रयागराज का ये डॉक्टर बना देवदूत, जी जान से कर रहे मरीजों की सेवा

कोरोना संकट काल में डॉ सुनील पांडेय किसी देवदूत की तरह मरीजों की सेवा कर रहे हैं.

कोरोना संकट काल में डॉ सुनील पांडेय किसी देवदूत की तरह मरीजों की सेवा कर रहे हैं.

Positive India: डॉक्टर सुनील पाण्डेय खुद कोरोना पॉजिटिव थे, परिवार भी संक्रमित था, लेकिन महामारी पर जीत हासिल कर फिर से मरीजों की सेवा में जुट गए हैं. जैसे ही उनकी कोविड रिपोर्ट आई, उन्होंने 11 मई को दोबारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फूलपुर का पदभार संभाल लिया.

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प्रयागराज. कोरोना की वैश्विक महामारी (Corona Pandemic) ने पूरे देश और दुनिया को हिला कर रख दिया है. कोरोना की पहली वेब से लेकर दूसरी वेब तक अब तक देश में लाखों लोगों की जानें जा चुकी हैं, लेकिन कोरोना की इस महामारी में लोगों के लिए अगर उम्मीद की कोई किरण है तो धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर. जो कि बगैर अपनी जान की परवाह किए मानवता की सेवा में दिन रात जुटे हुए हैं. ऐसे ही एक कोरोना वारियर्स (Corona Warriors) और सर्वाइवर हैं फूलपुर सीएचसी प्रभारी डॉ सुनील पाण्डेय. कोरोना का प्रकोप जब से शुरु हुआ तब से लगातार डॉ सुनील पाण्डेय कोरोना संक्रमितों का इलाज करते आ रहे हैं.

प्रयागराज में कोरोना का पहला केस 5 अप्रैल 2020 को विदेशी जमाती का रिपोर्ट हुआ था. जिसके बाद कोटवा पीएचसी में बनाये गए लेवल वन अस्पताल में एक माह तक डॉ सुनील पाण्डेय ने अपनी सेवायें दी. इसके बाद सितम्बर माह में दोबारा यूनानी मेडिकल कॉलेज हिम्मतगंज में कोविड मरीजों के इलाज के लिए उन्होंने अपनी सेवायें दी. इस दौरान उन्हें घर परिवार से अलग भी रहना पड़ा और कई-कई घंटों तक पीपीई किट में भी रहना पड़ता था. लेकिन डॉक्टर बनने के समय उन्होंने मरीजों की सेवा की जो शपथ ली थी, इस मुश्किल दौर में उन्हें हमेशा याद रही. शायद इसी वजह से वे अपने फर्ज पर डटे रहे और कभी पीछे नहीं हटे.

पूरा परिवार हुआ कोरोना संक्रमित, लेकिन कम नहीं हुआ जज्बा

हांलाकि इस बीच कोरोना की सेकेंड वेब में खुद को भी कोरोना के संक्रमण से नहीं बचा पाये. डॉ सुनील पाण्डेय बीते माह 24 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हो गए. साथ ही उनके दोनों बेटे 13 साल के ध्रुव और आठ साल के दुष्यन्त की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आयी. वहीं उनकी पत्नी डॉ राखी पाण्डेय भी कोरोना संक्रमित हो गयी. डॉ राखी पाण्डेय जिला महिला अस्पताल डफरिन में पैथोलॉजिस्ट के पद पर तैनात हैं. डॉ सुनील पाण्डेय के लिए ये समय काफी मुश्किलों भरा रहा. क्योंकि उनके साथ उनके अस्सी वर्ष के बुजुर्ग पिता भी रहते थे. जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें बड़े भाई के घर शिफ्ट करना पड़ा. लेकिन इसके बाद भी डॉ सुनील पाण्डेय ने हौसले और हिम्मत से काम लिया. उन्होंने इस मुश्किल दौर में पत्नी और बच्चों को संभालते हुए सरकार की गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन किया और सरकार की ओर से दी जा रही दवाइयों और आयुष काढ़े का नियमित सेवन किया. इसके साथ ही नियमित योग और व्यायाम भी किया. जिससे चलते पूरे परिवार ने जल्द ही कोरोना को हराने में कामयाबी पायी.
ठीक होने के बाद फिर से ज्वाइन की ड्यूटी

डॉ सुनील पाण्डेय कोरोना पर जीत हासिल करने के बाद फिर से मरीजों की सेवा में जुट गए हैं. उन्होंने कोविड रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद 11 मई को दोबारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फूलपुर के चिकित्सा अधिकारी का पदभार संभाल लिया है. डॉ सुनील पाण्डेय फिर से गांव-गांव कोरोना ट्रेसिंग और टेस्टिंग के अभियान को जहां गति देने में जुटे हैं. वहीं सीएचसी पर कराये जा रहे वैक्सीनेशन को भी लगातार बढ़ावा देने में लगे हैं. इसके साथ ही सीएम योगी के निर्देश पर जब सीएचसी को थर्ड वेब के लिए अपग्रेड किया जाना है, उसकी तैयारियों में भी जुट गए हैं. अस्पताल में आक्सीजन प्लान्ट लगवाने से लेकर डॉक्टरों और स्टाफ को नई चुनौती के लिए तैयार कर रहे हैं.

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