69 हजार शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड बीजेपी नेता चन्द्रमा सिंह यादव गिरफ्तार

बीजेपी नेता चन्द्रमा सिंह यादव गिरफ्तार
बीजेपी नेता चन्द्रमा सिंह यादव गिरफ्तार

Prayagraj News: चन्द्रमा सिंह यादव का शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी कराने में अहम रोल था. आरोप है कि वह अपने कॉलेज में बनाये गए परीक्षा सेंटर से पेपर गिरोह को मुहैया कराते थे.

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प्रयागराज. यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती (69 Thousand Teachers Recruitment) में पेपर लीक कर फर्जीवाड़ा कराने के आरोपी बीजेपी (BJP) नेता चंद्रमा सिंह यादव (Chandrama Singh Yadav) को आखिरकार एसटीएफ ने सोमवार को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया. चन्द्रमा सिंह यादव का शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी कराने में अहम रोल था. उनपर अपने कॉलेज में बनाये गए परीक्षा सेंटर से पेपर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह को मुहैया कराने का आरोप है. लगभग 5 माह के बाद एसटीएफ के हत्थे चढ़ा बीजेपी नेता सूबे की योगी सरकार के एक कद्दावर कैबिनेट मंत्री का प्रतिनिधि भी रह चुके हैं, लेकिन इसी साल जनवरी में टीईई परीक्षा में गड़बड़ी कराने के मामले में एसटीएफ द्वारा गिरफ्तारी किए जाने के बाद कैबिनेट मंत्री ने उन्‍हें हटा दिया था. चंद्रमा बीजेपी के किसान मोर्चे की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्‍य भी रह चुके हैं. साथ ही पार्टी की महानगर इकाई में उपाध्यक्ष भी रहे हैं.

दरअसल, चंद्रमा यादव की गिरफ्तारी न होने पर जांच एजेंसी यूपी एसटीएफ और सरकार की किरकिरी हो रही थी. पांच महीने से फरार बीजेपी नेता की गिरफ्तारी भी पुलिस और एसटीएफ के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी, जिसके बाद एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट ने सोमवार शाम सिविल लाइंस इलाके में शहीद चन्द्र शेखर आजाद पार्क के सामने हिन्दू हॉस्टल चौराहे के पास से उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया. एसटीएफ ने बीजेपी नेता के कब्जे से एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड और कुछ पैसे भी बरामद किए हैं. चंद्रमा यादव शहर के ही धूमनगंज के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में पंचम लाल आश्रम इंटर कॉलेज के संचालक हैं. इंटरमीडिएट तक चलने वाले कॉलेज में लगभग 200 बच्चे पढ़ते हैं. पूरे कॉलेज में सिर्फ 12 कमरे हैं.

टीईटी गड़बड़ी में जा चुके हैं जेल
69 हजार शिक्षक भर्ती में हुए फर्जीवाड़े से पहले चंद्रमा सिंह यादव टीईटी भर्ती में गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं. जून के पहले ही वह जेल से छूटकर आए थे, लेकिन इस बीच तत्कालीन एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के निर्देशन में सोरांव थाना पुलिस ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया. जिस गिरोह के सरगना डॉ केएल पटेल, मायापति दुबे और ललितपति त्रिपाठी के साथ ही चंद्रमा यादव को भी नामजद किया गया था. प्रतापगढ़ के एक अभ्यर्थी राहुल सिंह ने सोरांव थाने में 5 जून को एफआईआर दर्ज करायी थी. एसएसपी ने मामले की जांच एसटीएफ से कराये जाने की सिफारिश कर दी थी. ऐसा माना जाता है कि इसी खुलासे की वजह से तत्कालीन एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का तबादला भी कर दिया गया था.
ऐसे किया जाता था पेपर लीक


चंद्रमा यादव अपने रसूख का इस्तेमाल कर पहले अपने कॉलेज को कई बड़ी भर्ती परीक्षाओं का सेंटर बनवाते थे और परीक्षा से एक दिन पहले पहुंचने वाले पेपर को अपने सेंटर से लीक कर गिरोह के सरगना डॉ केएल पटेल और उनके सॉल्वरों तक पहुंचाते थे. इसके बाद गिरोह के नेटवर्क में शामिल सॉल्वर उसे हल कर ब्लूटूथ और दूसरी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचाते थे. इसके बदले यह लोग अभ्यर्थियों से 6 से 7 लाखय रुपये की मोटी रकम लेते थे. इस मामले में कुल 18 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिनमें से तीन अभ्यर्थियों समेत 15 लोगों को पुलिस और एसटीएफ अब तक गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि तीन लोग अभी भी फरार हैं, जिनकी एसटीएफ तलाश कर रही है.
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