प्रयागराज: घर बचाने के लिए नेशनल हॉकी प्लेयर PDA ऑफिस के बाहर दे रहा धरना, पीएम-सीएम से लगाई गुहार

हॉकी प्लेयर मोहम्मद तालिब

हॉकी प्लेयर मोहम्मद तालिब

Prayagraj News: नेशनल हॉकी प्लेयर मोहम्मद तालिब की मदद के लिए मोहल्ले के कई लोगों के साथ ही उसके कोच और साथी खिलाड़ी भी आगे आये हैं, लेकिन पीडीए द्वारा मकान बचाने के लिए मांगी जा रही रकम का इंतजाम फिर भी नहीं हो पा रहा है.

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प्रयागराज. संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) में हॉकी (Hockey) का एक नेशनल प्लेयर इन दिनों गले में मेडल डालकर, सर्टिफिकेट और हाकी स्टिक के साथ प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के बाहर धरना देने को मजबूर है. पीडीए के अधिकारियों द्वारा मकान की बकाया किस्त जमा न करने पर उसका घर जबरन खाली करा लिया गया है. जिसके चलते हॉकी प्लेयर का पूरा परिवार पिछले सात दिनों से सड़क पर गुजर बसर करने को मजबूर है. नेशनल हॉकी प्लेयर मोहम्मद तालिब की मदद के लिए मोहल्ले के कई लोगों के साथ ही उसके कोच और साथी खिलाड़ी भी आगे आये हैं, लेकिन पीडीए द्वारा मकान बचाने के लिए मांगी जा रही रकम का इंतजाम फिर भी नहीं हो पा रहा है. वहीं पीडीए द्वारा मकान खाली कराये जाने से बेघर हुए नेशनल हॉकी प्लेयर मोहम्मद तालिब ने देश के प्रधानमंत्री मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगायी है.

करेली इलाके में अटाला के मजीदिया इस्लामिया इंटर कालेज के पास पीडीए की कार्पोरेशन कालोनी के सामने नेशनल हॉकी प्लेयर मोहम्मद तालिब का परिवार कई सालों से रह रहा था. तालिब के पिता शाह आलम को वर्ष 2000 में 25 हजार रुपये जमा करने पर तीन मंजिला पीडीए की बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर पर आवास आबंटित हुआ था. आवास आबंटित होने के बाद आर्थिक तंगी के चलते नौ साल तक किस्त जमा नहीं की जा सकी. जिसके बाद वर्ष 2009 में बकाया रकम ब्याज सहित एक लाख 55 हजार हो गई. जिसके बाद फरवरी 2009 में ओटीएस यानि वन टाइम सेटेलमेंट की स्कीम आयी. जिसके तहत दो किस्तों में एक लाख 27 हजार जमा कराने को पीडीए के अधिकारियों ने कहा. तालिब के पिता के मुताबिक पहली किस्त तो उन्होंने जमा कर दी. लेकिन दूसरी किस्त जमा करने में पीडीएके बाबू ने रिश्वत की मांग की. ऐसा न करने पर दूसरी किश्त जमा करने से इनकार कर दिया। इस मामले को वे उपभोक्ता फोरम में ले गए और तीन साल की लड़ाई के बाद हाईकोर्ट जाने का आदेश हुआ. हांलाकि उन्हें हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली। जिसके बाद 18 मार्च को पीडीए ने सामान बाहर निकाल कर आवास खाली करा लिया। जिसके बाद पिछले सात दिनों से पूरा परिवार सामान के साथ सड़क पर बैठा हुआ है.

मकान बचाने के लिए देना है 21 लाख

वहीं परिवार को बेघर किए जाने की खबर सुनकर कोलकाता में कस्टम विभाग की ओर से कोलकाता हॉकी लीग खेल रहे मोहम्मद तालिब खेल को बीच में छोड़कर प्रयागराज लौट आये हैं. तालिब मध्य प्रदेश और पंजाब की ओर से 2014 और 2018 तक सब जूनियर, जूनियर और सीनियर नेशनल हॉकी चैंपियनशिप में प्रतिभाग कर चुके हैं. परिवार को बेघर किए जाने के बाद मोहम्मद तालिब अब अपने मेडल, सर्टिफिकेट और हॉकी स्टिक के साथ प्रयागराज विकास प्राधिकरण के भी चक्कर लगा रहे हैं. मोहम्मद तालिब अपनी ट्राफी और सर्टिफिकेट के साथ पीडीए के बाहर धरना भी दे रहे हैं. उन्होंने पीडीए के वीसी से भी मुलाकात की. जिसके बाद उन्हें पीडीए के वीसी से अधीनस्थ अधिकारियों के पास भेज दिया। लेकिन अधीनस्थ अधिकारियों ने मकान वापस पाने के लिए जो अदायगी बतायी है, उसे सुनकर ही मोहम्मद तालिब परेशान हो उठे हैं. पीडीए के मुताबिक अगर उन्हें ये मकान बचाना है तो 21 लाख 12 हजार 170 रुपये जमा कराने होंगे। लेकिन मोहम्मद तालिब का कहना है कि उनके परिवार की माली हालत ठीक नहीं और इतनी बड़ी रकम जुटा पाना मुमकिन नहीं है. मोहम्मद तालिब ने देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगायी है.
पीडीए अधिकारी ने कही ये बात

वहीं प्रयागराज विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी आलोक पाण्डेय के मुताबिक परिवार ने आबंटित मकान की किस्तें समय से जमा नहीं की. जिसके चलते 2014 में लगभग पांच लाख की देयता हो गयी थी. लेकिन इस धनराशि को जमा न करने पर इनका आबंटन निरस्त कर दिया गया है. उनके मुताबिक उपभोक्ता फोरम और हाईकोर्ट से भी परिवार को कोई राहत नहीं मिली है. इसके बावजूद परिवार को रकम जमा करने का मौका दिया गया. लेकिन जब धनराशि जमा नहीं की गई तब मजबूरन 18 मार्च को मकान खाली कराने की कार्रवाई की गई है. उनके मुताबिक आबंटन निरस्त होने के बाद रिस्टोर यानि पुर्नस्थापन की है व्यवस्था है. उनके मुताबिक गणना कराकर देयता जमा करने का मौका दिया जायेगा। लेकिन मोहलत के बाद भी धनराशि जमा न करने पर पीडीए किसे दूसरे को मकान आबंटित कर सकता है. उनके मुताबिक हॉकी खिलाड़ी होने के नाते नियमानुसार पीडीए से फिलहाल कोई राहत नहीं मिल सकती है. लेकिन राज्य सरकार और खेल विभाग से पत्राचार करने पर ही कोई मदद हो सकती है.

सात दिनों से सड़क पर है परिवार



बहरहाल, पीडीए द्वारा मकान खाली कराने के चलते नेशनल हॉकी प्लेयर का परिवार पिछले सात दिनों से सड़क पर गुजर बसर करने को मजबूर है. हांलाकि मोहम्मद तालिब की माली हालत को देखते हुए मोहल्ले के लोगों ने भी कुछ धनराशि जुटायी है. इसके साथ ही तालिब के कुछ खिलाड़ी साथी और उनके हॉकी कोच अशरद अल्वी भी मदद के लिए आगे आये हैं. लेकिन मकान के पुर्नस्थापन के लिए जितनी धनराशि की जरुरत है वो काफी ज्यादा है. इसलिये अब इस युवा खिलाड़ी की उम्मीदें यूपी की योगी सरकार पर ही टिकी हुई हैं.
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