आज मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाएंगी प्रियंका गांधी, साधु-संतों ने कहा- हिंदुत्व से ही होगी नैया पार

प्रियंका गांधी आज प्रयागराज दौरे पर

प्रियंका गांधी आज प्रयागराज दौरे पर

Priyanka Gandhi in Prayagraj: प्रियंका गांधी ने डीएम प्रयागराज को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है. प्रियंका गांधी बगैर वीआईपी प्रोटोकॉल सामान्य स्नानार्थी की तरह संगम में गंगा स्नान करेंगी। हालांकि पुलिस प्रियंका गांधी वाड्रा को सुरक्षा मुहैया कराएगी.

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प्रयागराज. यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) से पहले सॉफ्ट हिंदुत्व एजेंडे को धार देने में जुटीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) गुरुवार को मौनी अमावस्या (Mauni Amawsya) के पर्व पर संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगी. प्रियंका गांधी ने डीएम प्रयागराज को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है. प्रियंका गांधी बगैर वीआईपी प्रोटोकॉल सामान्य स्नानार्थी की तरह संगम में गंगा स्नान करेंगी। हालांकि पुलिस प्रियंका गांधी वाड्रा को सुरक्षा मुहैया कराएगी.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रियंका गांधी के दौरे का का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम जारी किया है. सुबह 10:00 बजे दिल्ली प्रियंका रवाना होंगी। सुबह 11 बजे वे प्रयागराज एयरपोर्ट पर पहुंचेगी। 11:30 बजे नेहरू गांधी परिवार के पैतृक आवास आनंद भवन जाएंगी। दोपहर 1:30 बजे अरैल घाट पहुंचेगी प्रियंका गांधी। मौनी अमावस्या पर संगम में आस्था की डुबकी लगा सकती हैं. 2 बजकर 40 मिनट पर द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य जगतगुरु स्वरूपानंद सरस्वती से मनकामेश्वर मंदिर में मुलाकात करेंगी। इसके बाद दोपहर 3:30 बजे बमरौली एयरपोर्ट पहुंचेंगी प्रियंका गांधी। प्रियंका के दौरे में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना व वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी मौजूद रहेंगे।

साधु-संतों ने किया स्वागत 

उधर प्रियंका गांधी वाड्रा के संगम में आकर डुबकी लगाने की आ रही खबरों पर साधु संतों ने कहा है कि अगर प्रियंका गांधी संगम में आस्था की डुबकी लगाती हैं तो साधु संत उनका स्वागत करेंगे। माघ मेले में आये परमहंस सेवा आश्रम बाबूगंज सगरा अमेठी के पीठाधीश्वर शिव योगी मौनी महाराज ने कहा है कि उनके पूर्वज हिन्दुत्व के मार्ग पर थे. इसलिये कांग्रेस अगर दोबारा हिन्दुत्व के मार्ग पर आ जाये तो उसे बहुत कुछ खोया हुआ वापस भी मिल सकता है.
मौनी महाराज ने कही ये बात 

मौनी महाराज ने कहा है कि संकट में हर कोई भगवान को याद करता है, शायद इसलिये प्रियंका गांधी वाड्रा भी कांग्रेस की डूबती नैया को पार लगाने के लिए ही हिन्दू देवी-देवताओं की शरण में जा रही हैं. सहारनपुर में शाकुंभरी देवी के दर्शन पूजन और रुद्राक्ष की माला जपने को लेकर शिव योगी मौनी महाराज ने कहा है कि कांग्रेस को पुर्नजीवित करने के लिए ही प्रियंका गांधी वाड्रा सनातन धर्म की ओर लौट रही हैं. उन्होंने कहा है कि भारत की राजनीति आज राष्ट्र प्रधान हो गई है और देश में बीजेपी का वर्चस्व लगातार बढ़ता जा रहा है. जिससे मुकाबले के लिए और हिन्दू वोट बैंक को साधने के लिए ही प्रियंका अब सनातन धर्म की ओर लौट रही हैं. मौनी महाराज ने कहा है कि ऐसे में प्रियंका गांधी मौनी अमावस्या के पर्व पर संगम में आस्था की डुबकी लगायें तो इसमें किसी को कोई आश्चर्य भी नहीं होना चाहिए.

वहीं सहारनपुर में किसान आन्दोलन के बाद शाकुंभरी देवी की पूजा अर्चना को लेकर मौनी महाराज ने कहा है कि राजनीति में सफलता के लिए शाकुंभरी देवी की उपासना को तांत्रिक दृष्टि से सर्वोच्च कर्म माना गया है. उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी अगर कोई रुद्राक्ष की माला जप रही है तो अपनी दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पद चिन्हों पर चल रही है. मौनी महाराज के मुताबिक पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के पास एक मुखी रुद्राक्ष की माला थी, जो कि उनकी हत्या के कुछ समय पहले ही टूट गई थी. उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी की दादी पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की रुद्राक्ष की माला विजय श्री दिलाने वाली थी. उनके मुताबिक अगर प्रियंका को कहीं से वही माला मिल गई होगी तो निश्चित तौर पर उन्हें राजनीति में सफलता भी दिलायेगी. लेकिन केवल राजसत्ता के लिए उन्हें कोई अनुष्ठान नहीं करना चाहिए बल्कि उन्हें लोक कल्याण के लिए अनुष्ठान करना चाहिए.



मौनी महाराज ने कहा कि प्रियंका गांधी के पूर्वज भी राम भक्त थे. उनके पिता पूर्व पीएम राजीव गांधी ने न केवल अयोध्या में विवादित स्थल का ताला खुलवाया था, बल्कि राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन भी किया था. जबकि इंदिरा गांधी दुर्गापूजा करतीं थी और नौ दिनों का व्रत भी करती थी. इसलिये प्रियंका गांधी वाड्रा को अगर राजनीति में सफलता चाहिए तो उन्हें भी अपनी दादी और पिता के पद चिन्हों पर आगे बढ़ना चाहिए.
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