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प्रयागराज: माघ मेले में शराब न पीने और अच्छे बिहैवियर वाले पुलिसवालों की ड्यूटी, इंग्लिश बोलने वालों को तरजीह

यूपी पुलिस (फाइल फोटो)
यूपी पुलिस (फाइल फोटो)

Prayagraj News: मेला ड्यूटी में शामिल किए जाने वाले पुलिस कर्मियों में बड़ी तादाद में ऐसे पुलिस कर्मियों को भी शामिल किया जा रहा है, जो पहले माघ मेले या फिर कुम्भ मेले में ड्यूटी किए हों.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 3, 2020, 12:03 PM IST
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प्रयागराज. संगम की रेती पर 14 जनवरी से आयोजित होने जा रहे माघ मेले (Magh Mela) की सुरक्षा के लिए पांच हजार पुलिसकर्मियों (Policemen) को तैनात किये जाने की तैयारी है. लेकिन खास बात ये है कि माघ मेले की सुरक्षा में तैनात होने वाले पुलिसकर्मी फिजिकली फिट, नॉन अल्कोहलिक होंगे और अच्छे बिहैवियर यानि अच्छे आचार विचार वाले होंगे. ताकि माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और देशी-विदेशी पर्यटकों से बातचीत कर उनकी मदद कर सकें. इसलिये इंग्लिश भाषा की अच्छी समझ रखने वाले पुलिसकर्मियों को भी मेला ड्यूटी में वरीयता दी जा रही है.

आईजी प्रयागराज रेंज केपी सिंह के मुताबिक इसी आधार पर पुलिस कर्मियों का चयन मेला ड्यूटी के लिए किया जा रहा है. मेला ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों की मेले के प्रति आस्था और श्रद्धा होना भी जरुरी है, ताकि वे मेले में आने वाले महिला और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के साथ ही साथ साधु संतों के गाइड और फैसिसेलेटर के रुप में भी काम कर सकें. मेला ड्यूटी में शामिल किए जाने वाले पुलिस कर्मियों में बड़ी तादाद में ऐसे पुलिस कर्मियों को भी शामिल किया जा रहा है, जो पहले माघ मेले या फिर कुम्भ मेले में ड्यूटी किए हों. इससे जहां पुलिस महकमे को उनके अनुभवों का लाभ मिलेगा, वहीं पहली बार मेला ड्यूटी करने आये पुलिस कर्मियों को भी उनसे बहुत कुछ सीखने और समझने को मिलेगा.

अन्य जिलों से भी बुलाई जा रही फ़ोर्स
14 जनवरी मकर संक्रान्ति से 11 मार्च महाशिव रात्रि के पर्व तक चलने वाले माघ मेले के लिए बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स बाहरी जिलों से बुलायी जा रही है. आईजी के मुताबिक साढ़े तीन हजार पुलिस फोर्स बाहरी जिलों से बुलायी जा रही है. जबकि 1500 पुलिस फोर्स प्रयागराज जिले की होगी. कोविड के संक्रमण के चलते मेला ड्यूटी पर आने वाले इन पुलिस कर्मियों को खास ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की जा रही है. आईजी मुताबिक मेला ड्यूटी में आ रहे पुलिस कर्मियों को कई चरणों में ट्रेनिंग दी जायेगी. जिसमें उन्हें मेले की भौगोलिक स्थिति के साथ ही साथ मेले में स्वास्थ्य सुविधाओं, ट्रैफिक की जानकारी और मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और साधु संतों से कैसे व्यवहार करना है, इसकी ट्रेनिंग दी जायेगी.
ऐसी होगी व्यवस्था


गौरतलब है कि इस बार कोविड के संक्रमण काल में मेले का क्षेत्रफल भी घटाकर काफी कम कर दिया गया है. इस बार मेला चार सेक्टरों में ही बसाया जा रहा है और माघ मेले में 13 पुलिस थाने और 38 पुलिस चौकियां बनायी जा रही हैं. इसके साथ ही मेले में 13 फायर स्टेशन भी बनाये जा रहे हैं. मेले की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और जगह-जगह वॉच टावर भी बनाये जायेंगे. इसके साथ ही ड्रोन कैमरे से भी मेले पर नजर रखी जायेगी. मेले में बनाये गए स्नान घाटों पर पर्याप्त संख्या में जल पुलिस, नावें और गोताखोर भी तैनात किए जायेंगे. मेले में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एटीएस, बीडीएस और एसटीएफ की टीमें भी काम करेंगी. कोविड के चलते स्नान घाटों का विस्तार भी किया जा रहा है ताकि मेले में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके. इस बार पुलिस पर लोगों के मास्क अनिवार्य रुप से पहनने और उनकी कोविड जांच रिपोर्ट चेक करने भी अतिरिक्त जिम्मेदारी रहेगी.
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