प्रयागराज: अब जेल में बंद पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा की गैंग D-44 के नाम से रजिस्टर्ड, पुलिस खंगाल रही कुंडली
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प्रयागराज: अब जेल में बंद पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा की गैंग D-44 के नाम से रजिस्टर्ड, पुलिस खंगाल रही कुंडली
प्रयागराज: यमुनापार इलाके के नैनी चाका के पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है

पुलिस (Police) गैंग रजिस्टर करने के साथ ही पूर्व ब्लॉक प्रमुख की जन्म कुंडली यानि डोजियर भी तैयार कर ली है. डोजियर के आधार पर पुलिस दिलीप मिश्रा (Dileep Mishra) की अपराध से अर्जित सम्पत्तियों का पता लगाने में जुट गई है.

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प्रयागराज. कानपुर (Kanpur) के बिकरु कांड के बाद योगी सरकार (yogi Government) ने सफेदपोश अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ भी शिकंजा कसना शुरू दिया है. इसी कड़ी में प्रयागराज (Prayagraj) के यमुनापार इलाके के नैनी चाका के पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा (Dileep Mishra) के खिलाफ भी पुलिस (Police) ने कार्रवाई तेज कर दी है. एसएसपी प्रयागराज अभिषेक दीक्षित के आदेश पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा का गैंग भी पुलिस ने रजिस्टर कर लिया है. पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा और उसके दो अन्य साथियों दिलीप तिवारी और विजय मिश्रा के साथ डी-44 नाम से गैंग को रजिस्टर कर लिया है.

गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी

दिलीप मिश्रा की हिस्ट्रीशीट 25 ए है और उसके खिलाफ लूट, हत्या, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा डालने और लोगों को डरा धमकाकर जमीन पर कब्जा करने के गम्भीर मामले दर्ज हैं. पुलिस गैंग रजिस्टर करने के साथ ही पूर्व ब्लॉक प्रमुख की जन्म कुंडली यानि डोजियर भी तैयार कर ली है. डोजियर के आधार पर पुलिस दिलीप मिश्रा की अपराध से अर्जित सम्पत्तियों का पता लगाने में जुट गई है. जिसे गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त करने की पुलिस जल्द कार्रवाई करेगी.



आर्म्स लाइसेंस भी होगा रद्द
इसके साथ ही दिलीप मिश्रा, उनके परिजनों, रिश्तेदारों और साथियों के शस्त्र लाइसेंस का भी पुलिस चिन्हीकरण कर रही है. ताकि इन शस्त्र लाइसेंस को भी निरस्त कराया जा सके. पुलिस द्वारा तैयार करायी गई डोजियर के मुताबिक दिलीप मिश्रा पर कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर रिमोट बम से 2010 में कराये गए जानलेवा हमले समेत कुल 46 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें प्रयागराज जिले के अलग-अलग थानों के साथ ही महाराष्ट्र में भी एक मुकदमा दर्ज है. पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा के नाम रिवाल्वर, डबल बैरल और रायफल के तीन शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत हैं. जिनमें से रिवाल्वर का लाइसेंस 2010 में ही निलम्बित किया जा चुका है. जबकि डबल बैरल और रायफल का लाइसेंस भी 2016 में निलम्बित किया गया है. तीनों शस्त्रों के लाइसेंस निरस्तीकरण का मामला डीएम प्रयागराज के समक्ष विचाराधीन है.

ये है दिलीप मिश्र का आपराधिक इतिहास

गौरतलब है कि आठवीं कक्षा तक पढ़े दिलीप मिश्रा ने नब्बे के दशक में अपराध की दुनिया में कदम रखा था. जिसके बाद उसने मुड़कर कभी पीछे नहीं देखा. अपराध के साथ ही राजनीति का शौक रखने वाले दिलीप मिश्रा का जल्द ही यमुनापार इलाके में आतंक हो गया. उसने अपनी दबंग छवि के आधार न केवल करोड़ों की बेशकीमती जमीनों पर कब्जा कर अवैध रुप से सम्पत्ति अर्जित की. बल्कि चाका का ब्लॉक प्रमुख भी बना. लेकिन 12 जुलाई 2010 को कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता पर रिमोट बम से जानलेवा हमले में नाम आने के बाद दिलीप मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गयी. हांलाकि उसके बाद उसे इस मामले में जमानत भी मिल गई थी. लेकिन इसी साल 29 मई को औद्योगिक थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

जेल में बंद है दिलीप मिश्रा

दरअसल, दिलीप मिश्रा पर नैनी के दो लोगों की हत्या की सुपारी देने का आरोप है. पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिलीप मिश्रा को जेल भेज दिया था. तभी से पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा नैनी सेंट्रल जेल में बंद है. लेकिन पुलिस अब पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा के गैंग को रजिस्टर कर उसके अन्य साथियों का भी पता लगाने में जुट गई है. ताकि जेल में बंद दिलीप मिश्रा को कमजोर करने के लिए उसे आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सके. एसएसपी के मुताबिक दिलीप मिश्रा के अन्य साथियों को भी पुलिस इस गैंग चार्ट में शामिल कर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी.
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