प्रयागराज: पहले LGBT वेबसाइट के जरिए 'तनहा' शख्स से दोस्ती, फिर संबंध बनाकर लाखों की ऑनलाइन ठगी, जानिए पूरा मामला

प्रयागराज पुलिस की गिरफ्त में साइबर फ्रॉड करने वाला शख्स रजनीश यादव

प्रयागराज पुलिस की गिरफ्त में साइबर फ्रॉड करने वाला शख्स रजनीश यादव

प्रयागराज पुलिस (Prayagraj Police) के अनुसार जौनपुर (Jaunpur) जिले के बक्शा थाना क्षेत्र का रहने वाला रजनीश यादव बीए प्रथम वर्ष का छात्र है. ये फेसबुक के जरिए होमोसेक्सुअल साइट 'प्लैनेट रोमियो' के सम्पर्क में आया और यहीं से इसने लोगों को शिकार बनाना शुरू कर दिया.

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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) में LGBT (लेस्बियन, गे, बाइसैक्सुअल, ट्रांसजैंडर) वेबसाइट के जरिए दोस्ती कर ऑनलाइन ठगी करने का नये तरीके का आपराधिक मामला सामने आया है. आईजी रेंज कार्यालय में खोले गए साइबर क्राइम पुलिस थाना (Cyber Crime Police Station) ने ठगी करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर इस नए तरीके के अपराध का पर्दाफाश किया है. साइबर थाना पुलिस ने आरोपी के पास से ऑनलाइन ट्रांसफर की गई रकम और उस रकम से की गई खरीददारी के सामान को मिलाकर शत-प्रतिशत बरामदगी का भी दावा किया है. पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के खाते को भी तत्काल प्रभाव से सीज करा दिया है. नये तरीके के इस साइबर अपराध ने पुलिस के आला अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं. पुलिस अब इस मामले में और ज्यादा जानकारी जुटाने में लगी है.

पुलिस के अनुसार 20 साल का रजनीश यादव बेहद शातिर किस्म का साइबर अपराधी है. यह पहले होमोसेक्सुअल साइट के जरिए एकाकी जीवन व्यतीत कर रहे लोगों से सम्पर्क करता है और फिर उनके साथ संबध बनाकर उनके बैंक खातों समेत कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर लेता है. जिसके बाद उन्हें आर्थिक रुप से नुकसान उठाना पड़ता है.

जौनपुर का रहने वाल रजनीश यादव बीए का छात्र है



जौनपुर जिले के बक्शा थाना क्षेत्र का रहने वाला साइबर क्राइम का ये आरोपी रजनीश यादव बीए प्रथम वर्ष का छात्र है. ये फेसबुक के जरिए होमोसेक्सुअल साइट "प्लैनेट रोमियो" के सम्पर्क में आया और यहीं से इसने लोगों को शिकार बनाना शुरू कर दिया. हाल के दिनों में प्रयागराज के झूंसी इलाके के राजीव श्रीवास्तव से इसी वेबसाइट के जरिए इसने सम्पर्क किया. 24 दिसम्बर 2020 को उनके घर गया और दो दिनों तक घर में ही रुका. इस दौरान उसने उनके साथ संबन्ध भी बनाया. जिसके बाद उसने तकनीक का सहारा लेकर उनके बैंक खाते, क्रेडिट और डेविड कार्ड के साथ ही पासबुक की जानकारी हासिल कर ली. इसके साथ ही फोन से एक सिम भी उड़ा लिया और गायब हो गया.

साढ़े 3 लाख से ज्यादा की रकम उड़ाई



फिर इसी सिम के जरिए यूपीआई कोड जनरेट कर मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन 3 लाख 63 हजार 849 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर फरार हो गया. इस मामले की शिकायत ठगी के शिकार राजीव श्रीवास्तव की ओर से साइबर क्राइम थाने में की गई. जिसके बाद पुलिस ने धारा 419/420/406 IPC और 6/66B/66C आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है.

आईजी रेंज प्रयागराज केपी सिंह के मुताबिक साइबर थाना पुलिस ने वर्क आउट करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए कैश और उस रकम से खरीदे गए सामन समेत शत-प्रतिशत रिकवरी की है.



आईजी ने लोगों से सावधान रहने की अपील की



वहीं अपराध के इस नये तरीके पुलिस के भी होश उड़ गए हैं. पुलिस अब ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तरह की वेबसाइट के जरिए कब से साइबर अपराध हो रहा है. आईजी रेंज प्रयागराज के.पी. सिंह ने लोगों से अपील की है कि लोग इस तरह की वेबसाइटों और फेसबुक अपने डिटेल्स कतई शेयर न करें. किसी "गे वेबसाइट", सेक्सुअल वेबसाइट या पोर्नोग्राफी वेबसाइट के भी झांसे में न आएं.  इससे न केवल व्यक्ति के साथ चीटिंग हो सकती है, बल्कि उनकी जान को भी कई बार खतरा भी हो सकता है.

पुलिस टीम को मिला इनाम

आईजी ने कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को घर पर बुलाने और उससे संबंध रखने से कभी भी धोखा हो सकता है. साइबर अपराधी उन्हीं लोगों को निशाना बनाते हैं, जिनकी मैरीड लाइफ ठीक नहीं है, या फिर ऐसे तलाकशुदा लोग जो एकाकी जीवन बिता रहे हैं. आईजी के.पी.सिंह ने मामले को वर्क आउट करने वाले पुलिस टीम के लिए पांच हजार के इनाम की घोषणा की है. पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि यह किन-किन लोगों को सम्पर्क में था और अब तक इसने कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है. इसके साथ ही साइबर थाना पुलिस ऑनलाइन ठगी के इस नए मोडस ऑपरेंडी को लेकर भी नये सिरे रणनीति बनाने में जुट गई है.
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