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माघ मेले के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि की तैयारियां पूरी, 15 लाख श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी
Allahabad News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 20, 2020, 3:17 PM IST
माघ मेले के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि की तैयारियां पूरी, 15 लाख श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी
कल महाशिवरात्रि के पर्व पर संगम तट पर माघ मेले का आखिरी स्नान पर्व है

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी (Mahant Narendra Giri) के मुताबिक महाशिवरात्रि के पर्व का सनातन धर्म में विशेष महत्व है. इस दिन श्रद्धालुओं को संगम में स्नान कर दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है.

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प्रयागराज. संगम (Sangam) की रेती पर दस जनवरी पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व से चल रहे माघ माघ मेले (Magh Mela) का आखिरी स्नान पर्व शुक्रवार 21 फरवरी को है. महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) के स्नान पर्व के लिए मेला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी करने का दावा किया है. मेला प्रशासन का अनुमान है कि माघ मेले के आखिरी स्नान पर्व पर दस से 15 लाख श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगायेंगे.

महाशिवरात्रि के स्नान पर्व को लेकर मेला प्रशासन ने स्नान घाटों पर विशेष इंतजाम किए हैं. घाटों पर जल पुलिस के साथ ही एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) को तैनात किया गया है. इसके साथ ही घाटों पर साफ-सफाई भी करायी जा रही हैं. हांलाकि एक दिन पहले ही संगम के घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. श्रद्धालु दूर-दूर से संगम में महाशिवरात्रि के स्नान पर्व पर स्नान और दान के लिए पहुंच रहे हैं.

mahashivratri
महाशिवरात्रि के पर्व का खास महत्व है




महाशिवरात्रि का है विशेष महत्व



अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी (Mahant Narendra Giri) के मुताबिक महाशिवरात्रि के पर्व का सनातन धर्म में विशेष महत्व है. गृहस्थों के साथ ही साथ सन्यासियों के लिए भी महाशिवरात्रि के पर्व का खास महत्व है. इस दिन श्रद्धालुओं को संगम में स्नान कर दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. महाशिवरात्रि के पर्व पर भगवान भोले शंकर को प्रिय धतूरा, बेलपत्र, बेर चढ़ाना शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इसी दिन भगवान भोले शंकर और मां पार्वती का विवाह हुआ था. इसलिए भगवान भोले को प्रसन्न करने के लिए शिव भक्त दूध, गंगा जल, शहद और पंचगव्य से अभिषेक भी करते हैं. इस मौके पर प्रयागराज के शिवालयों में भी शिव भक्तों की पर धूम मचेगी. माघ मेले के इस आखिरी स्नान पर्व के साथ ही संगम की रेती पर 43 दिनों तक चले माघ मेले का समापन हो जायेगा.

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First published: February 20, 2020, 3:17 PM IST
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