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प्रयागराज: माघ मेले में पर्यटकों व श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार है संगम नगरी
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News18 Uttar Pradesh
Updated: January 4, 2020, 3:48 PM IST
प्रयागराज: माघ मेले में पर्यटकों व श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार है संगम नगरी
10 जनवरी से संगम नगरी में होगा माघ मेले का आगाज

प्रयागराज (Pryagraj) के पवित्र संगम तट (Sangam bank) की रेती पर लगने वाले माघ मेले की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. 10 जनवरी को शुरु होकर 43 दिनों तक चलेगा आध्यात्मिक मेला....

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प्रयागराज. संगम नगरी (Sangam city) की रेती पर 10 जनवरी 2020 से माघ मेले (Magh Mela) की शुरुआत होने जा रही है. माघ मेले में बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) से लेकर साधु-सन्तों, श्रद्धालुओं (tourists) और पर्यटकों (devotees) को बेहतर सुविधायें देने का मेला प्रशासन दावा कर रहा है. इस बार माघ मेले का क्षेत्रफल पिछली बार से पांच सौ बीघे बढ़ाकर 2560 बीघे कर दिया गया है.

पहली बार मेला प्राधिकरण कर रहा इंतजाम
प्रयागराज में 10 जनवरी को पड़ने वाले पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व से लेकर 21 फरवरी को पड़ने वाले महाशिवरात्रि के पर्व तक मेला 43 दिनों तक चलेगा. इस दौरान संगम की रेती पर बने तम्बुओं में जहां एक माह तक साधु-संत कठिन तप और साधना करेंगे. तो वहीं मोक्ष की कामना को लेकर कल्पवासी भी एक माह तक संगम की रेती पर नियमित और संयमित दिनचर्या के साथ कल्पवास करेंगे.

sangam city, magh mela
माघ मेला क्षेत्र




 



वैसे तो संगम की रेती पर हर साल माघ मेला लगता है लेकिन मेला प्राधिकरण गठित होने के बाद पहली बार आयोजित हो रहे माघ मेले का क्षेत्रफल बढ़ाकर 2560 बीघे कर दिया है. दो जोन और छह सेक्टर में बसाये जा रहे माघ मेले में इनफ्रास्ट्रक्चर पर प्रशासन खास तौर पर ध्यान दे रहा है. पांच पान्टून पुलों और आठ पाइप पुलियों का निर्माण कराया जा रहा है. माघ मेले में पांच किलोमीटर लम्बा स्नान घाट बनाया जा रहा है. गंगा और यमुना के किनारों पर 16 स्नान घाट बनाये जा रहे हैं. यहां एक मिनट में 12 से 15 हजार श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे. इसके साथ ही मेले में पेयजल आपूर्ति के लिए नलकूल और पेयजल लाइनें भी बिछायी जा रही हैं. मेला क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली पोल और विद्युत सब स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं. स्नान घाटों पर 50 हाई-मास्ट लाइटें भी लगायी जा रही है. मेले की खूबसूरती में चार चांद लगाने और बिजली बचाने के लिए एलईडी लाइटों का भी प्रयोग किया जा रहा है. इसके साथ ही मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल के लिए वाटर एटीएम भी लगाये जा रहे हैं.

25 हजार शौचालयों का निर्माण
मेला प्रशासन स्वच्छता पर विशेष फोकस कर रहा है और मेले में 25 हजार शौचालयों का भी निर्माण कराया गया है. मेले के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए लगभग दो सौ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. यह पहला मौका होगा जब इतने बड़े पैमाने पर माघ मेले में सीसीटीवी कैमरे मेले में लगाए जाएंगे. 43 दिन तक चलने वाले आस्था और पुण्य के इस मेले में 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. मेला 10 जनवरी को पौष पूर्णिमा से शुरू होगा और 21 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा.

डीआईजी प्रयागराज रेंज केपी सिंह के मुताबिक मेले में किसी आतंकी हमले का कोई इनपुट नहीं है लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर 2018 के माघ मेले से 25 प्रतिशत अधिक पुलिस फोर्स इस बार मेले में तैनात की जा रही है. पानी के अंदर करीब पांच किलोमीटर लंबी बैरीकेडिंग भी की जा रही है. जिससे नावों का संचालन नियंत्रित किया जाएगा. तीन जोन में बंटे मेले में तीन एएसपी, 15 डिप्टी एसपी, 30 इंस्पेक्टर, एटीएस कमांडों की दो टीमें, आरएएफ की दो कंपनियां, जल पुलिस के 50 जवान, 16 घुड़सवार जवानों के साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की एक-एक कंपनियां भी मेले में तैनात होंगी.

कुम्भ मेले के सफल आयोजन के बाद आयोजित हो रहे इस माघ मेले से साधु सन्तों और श्रद्धालुओं को भी काफी उम्मीदें हैं. मेले के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर 32 लाख, दूसरे स्नान पर्व मकर संक्रांति पर 80 लाख, मौनी अमावस्या पर दो करोड़ 25 लाख, बसंत पंचमी पर 75 लाख, माघी पूर्णिमा पर 75 लाख और महाशिवरात्रि पर 15 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है.

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First published: January 4, 2020, 3:48 PM IST
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