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Prayagraj:-गंगा-जमुना तहसीब से आए हैं देश के सात प्रधानमंत्री, इसलिए कहलाता है प्रधानमंत्रियों का शहर

Prayagraj:-गंगा-जमुना तहसीब से आए हैं देश के सात प्रधानमंत्री, इसलिए कहलाता है प्रधानमंत्रियों का शहर

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प्रयागराज शहर को प्रधानमंत्रियों का भी शहर कहा जाता है.1947 से लेकर वर्त्तमान 2022 तक देश को कुल 15 प्रधानमंत्री मिल चुके हैं. नरेन्द्र दामो?

    प्रयागराज, एक ऐसा शहर जिसका गौरवशाली इतिहास है, विकसित होता वर्तमान है और उम्मीदो से भरा भविष्य है.यह शहर अग्रणी भूमिका निभाता रहा है फिर चाही वह धर्म और संस्कारो की बात हो, साहित्य की बात हो या फिर राजनीति की बात हो.प्रयागराज शहर को प्रधानमंत्रियों का भी शहर कहा जाता है.1947 से लेकर वर्त्तमान 2022 तक देश को कुल 15 प्रधानमंत्री मिल चुके हैं. नरेन्द्र दामोदर दास मोदी देश के 15 वे प्रधानमंत्री है. रोचक बात यह है कि इसमें से सात प्रधानमंत्रियो का प्रत्यक्ष(Direct) या अप्रत्यक्ष(indirect) रूप से संगमनगरी प्रयागराज से नाता रहा है. यह शहर किसी की जन्मस्थली रही तो किसी की कर्मस्थली.नेहरू परिवार की विरासत का सीधा संबंध प्रयागराज से रहा. जिसके चलते सातो प्रधानमंत्रियो का शहर से जुड़ाव लाजिमी था. इसके साथ ही इलाहाबाद विश्विद्यालय इन नेताओ की राजनीति की प्रथम पाठशाला बनी. गुलजारीलाल नंदा, चंद्रशेखर राव, वी.पी. सिंह ने अपनी राजनीति की शुरुआत यही से की.अत: अगर प्रयागराज को City of Prime Ministers कहा जाता है तो इसमें मुख्य भूमिका इलाहाबाद विश्वविद्यालय और नेहरू परिवार की विरासत का प्रयागराज में मौजूद होना है.

    1- पंडित जवाहरलाल नेहरु(15 August1947-27 May1964)
    इनका जन्म 1889 में इलाहाबाद (प्रयागराज) में हुआ.
    •1919 में इलाहाबाद के होम रूल लीग के सचिव बने.
    •प्रयागराज की फूलपुर सीट से तीन बार संसद में प्रतिनिधित्व किया.

    2-लाल बहादुर शास्त्री (9June 1964-11Jan 1966)
    • लाल बहादुर शास्त्री ने 1957 और 1962 में इलाहाबाद से लोकसभा का चुनाव जीता दो बार इलाहाबाद से सांसद रहे.
    •1965 में भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध के दौरान इलाहाबाद जिले के करछना विधानसभा के उरुवा ब्लाक में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शास्त्री जी ने पहली बार ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया, जिस संपूर्ण देश के लिए प्रेरणा और देश भक्ति का स्लोगन बन गया.

    3-इंदिरा गांधी(24 jan1966-24 March 1977,14 Jan 1980-31oct 1984)
    इंदिरा प्रियदर्शनी गांधी देश के प्रथम प्रधानमंत्री की बेटी थी और उनका जन्म स्थान प्रयागराज ही था.ऐसे में प्रयागराज की संस्कृति और माहौल का उन पर असर पड़ना स्वाभाविक सी बात है. देश की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कैबिनेट में कई पद संभाले. इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी का विवाह आनंद भवन में हुआ जिसकी निशानियां आज भी यहां मौजूद है

    4-राजीव गांधी (31oct 1984-2 Dec 1989)
    •देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जन्म यूं तो मुंबई में हुआ लेकिन उनका ननिहाल प्रयागराज होने के कारण उनका यहां से काफी लगाव रहा उनकी कर्मभूमि प्रयागराज ही रही.
    •यहीं से उन्होंने अमिताभ बच्चन को चुनाव लड़वाया था. •राजीव गांधी ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रयागराज के लिए कई सारे काम किए.नैनी स्थित हिंदुस्तान केबल फैक्ट्री उनकी देन है.
    •प्रयागराज में हर वर्ष होने वाली अखिल भारतीय इंदिरा प्राइमजनी मैराथन की शुरुआत राजीव गांधी ने हीं की थी.

    5-गुलजारीलाल नंदा(27May 1964-9June1964,11Jan 1966-24Jan1966)
    गुलजारीलाल नंदा देश के दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाए गए.
    •इनकी शिक्षा इलाहाबाद से हुई,1920 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इन्होंने श्रम संबंधी समस्याओं पर एक शोध अध्येता के रूप में काम किया,मजदूर समस्या पर रिसर्च स्कॉलर के तोर पर पढ़ाई की.
    •भारत रत्न गुलजारी लाल नंदा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर एवं कानून की स्नातक उपाधि प्राप्त की.

    6-विश्वनाथ प्रताप सिंह (2 Dec 1989-19Nov.1990)
    •देश के आठवें प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का जन्म इलाहाबाद में हुआ.
    • इन्हें भारत में पिछड़ी जातियों में सुधार करने की कोशिश के लिए जाना जाता है.
    • इनकी शुरुआती और बाद की सभी शिक्षा इलाहाबाद में रहकर ही पूरी हुई.
    • यह इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष भी रहे.

    7-चंद्रशेखर राव(10Nov 1990-21June 1991)
    चंद्रशेखर राव की राजनीति में प्रयागराज के माहौल का काफी असर रहा. इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से MA. की डिग्री हासिल की. इन्हें विद्यार्थी राजनीति में एक ‘फायरब्रांड’ के तौर पर जाना जाता था. कह सकते हैं कि चंद्रशेखर राव ने अपनी राजनीति की प्रथम पाठशाला यहीं से सीखी और 7 महीने के लिए विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को संभाला.

    (रिपोर्ट-प्राची शर्मा,प्रयागराज)

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