Home /News /uttar-pradesh /

प्रयागराज: गंगा और यमुना के जलस्तर में धीरे-धीरे आने लगी कमी, जानें कितने सेंटीमीटर कम हुआ पानी

प्रयागराज: गंगा और यमुना के जलस्तर में धीरे-धीरे आने लगी कमी, जानें कितने सेंटीमीटर कम हुआ पानी

ग्रामीणों का कहना है कि अगर बांधों से पानी और छोड़ा जाता है तो एक बार फिर से स्थिति भयावह हो सकती है.

ग्रामीणों का कहना है कि अगर बांधों से पानी और छोड़ा जाता है तो एक बार फिर से स्थिति भयावह हो सकती है.

गंगा और यमुना नदियों (Ganga And Yamuna) के साथ ही इसकी सहायक नदियों टोंस और ससुर खदेरी नदी का भी जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है. जिससे लोगों को आने वाले दिनों में राहत मिलने की उम्मीद नजर आने लगी है.

प्रयागराज. संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) में आई बाढ़ के बाद अब गुरुवार से गंगा और यमुना (Ganga And Yamuna) नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है. गुरुवार को दोनों नदियों का जलस्तर पहले स्थिर हुआ, उसके बाद घटना भी शुरू हो गया. हालांकि, अभी भी दोनों नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं. बाढ़ कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते 24 घंटे में गंगा नदी का फाफामऊ (FaFamau) में जलस्तर 56 सेंटीमीटर, छतनाग में 75 सेंटीमीटर और नैनी में यमुना नदी का जलस्तर 51 सेंटीमीटर कम हुआ है. गंगा नदी लगभग 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे और यमुना नदी 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रही है. सुबह 08 बजे फाफामऊ में गंगा नदी का जलस्तर 85.53 मीटर और छतनाग में 84.61 मीटर दर्ज किया गया है. जबकि नैनी में यमुना नदी का जलस्तर 85.33 मीटर रिकॉर्ड किया गया है.

गंगा और यमुना नदियों के साथ ही इसकी सहायक नदियों टोंस और ससुर खदेरी नदी का भी जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है. जिससे लोगों को आने वाले दिनों में राहत मिलने की उम्मीद नजर आने लगी है. हालांकि, बावजूद इसके लोगों की मुसीबतें कम नहीं हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर बांधों से पानी और छोड़ा जाता है तो एक बार फिर से स्थिति भयावह हो सकती है. कसारी मसारी इलाके में ससुर खदेरी नदी का जलस्तर भी लगभग एक मीटर कम हो गया है. ससुर खदेरी नदी के उस पार लखनपुर, दामूपुर, सिलना और भीटी समेत दर्जनों गांवों का संपर्क अभी भी शहर से कटा हुआ है. ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नाव पर सफर करने को मजबूर हैं. नावों पर लाइफ जैकेट या कोई अन्य सुरक्षा के इंतजाम नहीं है.

 जिला प्रशासन हालातों पर नजर बनाए हुए है
ग्रामीणों की मांग है कि इस इलाके में अगर एक आदद पुल का निर्माण हो जाए तो लोगों को हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या से निजात मिल सकती है. डीएम प्रयागराज संजय खत्री का कहना है कि नदियों का जलस्तर घटना शुरू हो गया है. जिससे जल्द ही बाढ़ ग्रस्त इलाकों में राहत मिलने लगेगी. जिले में 98 गांव और मोहल्ले बाढ़ की चपेट में हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में 15 और शहरी क्षेत्रों में 15 बाढ़ राहत शिविर चल रहे हैं जिनमें 5000 से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं. बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए खाने पीने का समुचित इंतजाम किया गया है और मेडिकल की भी व्यवस्था की गई है. बाढ़ का पानी कम होने पर संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा रहता है. इसलिए स्वास्थ्य महकमे को आवश्यक कदम उठाने के दिशा निर्देश दे दिए गए हैं. डीएम के मुताबिक जिला प्रशासन हालातों पर नजर बनाए हुए है.

Tags: Allahabad news, Flood, Ganga, River Yamuna, Uttar pradesh news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर