प्रयागराज: विजय मिश्रा की पत्नी को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट से सशर्त अंतरिम अग्रिम जमानत मंजूर 

कोर्ट ने कहा है कि शर्त उल्लंघन की दशा में इस कोर्ट में अंतरिम अग्रिम जमानत के विरुद्ध अर्जी दी जा सकती है. (फाइल फोटो)
कोर्ट ने कहा है कि शर्त उल्लंघन की दशा में इस कोर्ट में अंतरिम अग्रिम जमानत के विरुद्ध अर्जी दी जा सकती है. (फाइल फोटो)

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने इनके बेटे बिष्णु मिश्र (Bishnu Mishra) को अग्रिम जमानत देने से इंकार करते हुए अर्जी खारिज कर दी है. यह आदेश जस्टिस यशवंत वर्मा ने सह अभियुक्तों की अर्जियों की सुनवाई करते हुए दिया है.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने भदोही से विधायक विजय मिश्रा (Vijay Mishra) की पत्नी श्रीमती रामलली की सशर्त अंतरिम अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है. लेकिन कोर्ट ने इनके बेटे बिष्णु मिश्र (Bishnu Mishra) को अग्रिम जमानत देने से इंकार करते हुए अर्जी खारिज कर दी है. यह आदेश जस्टिस यशवंत वर्मा ने सह अभियुक्तों की अर्जियों की सुनवाई करते हुए दिया है. रामलली को हाईकोर्ट ने डेढ़ लाख रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि वह 7 अक्तूबर से एक हफ्ते तक रोज 11 बजे विवेचनाधिकारी (Discretionary Officer) के समक्ष हाजिर होंगी. विवेचना में सहयोग करेंगी. इसके बाद भी बुलाये जाने पर विवेचनाधिकारी के समक्ष  पूछताछ के लिए हाजिर होंगी. बिना कोर्ट की अनुमति विदेश यात्रा पर नहीं जायेगी. यदि पासपोर्ट हो तो संबंधित उसे एसएसपी/एसपी के समक्ष जमा कर देंगी. वह प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पीड़ित पक्ष को धमकी या प्रलोभन नहीं देंगी.

कोर्ट ने कहा है कि शर्त उल्लंघन की दशा में इस कोर्ट में अंतरिम अग्रिम जमानत के विरुद्ध अर्जी दी जा सकती है. कोर्ट ने अर्जी पर राज्य सरकार से 4 हफ्ते में जानकारी मांगी है और अर्जी को सुनवाई के लिए 4 हफ्ते बाद पेश करने का निर्देश दिया है.

वह विवेचना में सहयोग नहीं कर रहे हैं
जानकारी के मुताबिक, कोर्ट ने सह अभियुक्त बिष्णु मिश्र को यह कहते हुए अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है कि वह विवेचना में सहयोग नहीं कर रहे हैं. उनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया गया है. इसके खिलाफ पुनरीक्षण अर्जी खारिज कर दी गयी है. सारा व्यवसाय याची देख रहा है. एफआईआर दर्ज होने के बाद बैंक से पैसे निकाले हैं. पीड़ित पक्ष ने धमकी देने की शिकायत भी की है. ऐसे में अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती. इनके खिलाफ संत रविदास नगर भदोही के गोपीगंज थाने में एफआईआर दर्ज करायी  गयी है. गिरफ्तारी से बचने के लिए इन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी.
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