जेल से रिहा होकर घर पहुंचे प्रोफेसर मो. शाहिद, बोले- तब्लीगी जमात से जुड़ी कोई जानकारी नहीं छिपाई
Allahabad News in Hindi

जेल से रिहा होकर घर पहुंचे प्रोफेसर मो. शाहिद, बोले- तब्लीगी जमात से जुड़ी कोई जानकारी नहीं छिपाई
इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद करीब डेढ़ महीने तक जेल में गुजारने के बाद रिहा होकर अपने घर पहुंच गए हैं

News 18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद ने कहा कि तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) में शामिल होने को लेकर पुलिस और प्रशासन से उन्होंने कोई जानकारी नहीं छिपाई थी.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
प्रयागराज. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (Pandemic Coronavirus) के संक्रमण के समय जमातियों की मदद करने और जमात (Tablighi Jamaat) में शामिल होने की जानकारी छिपाने के आरोप में गिरफ्तार इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (Allahabad Central University) के प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद करीब डेढ़ महीने तक जेल में गुजारने के बाद कोर्ट से जमानत मिलने पर रिहा होकर अब अपने घर पहुंच गए हैं. घर पहुंचने पर विभाग के छात्रों ने उनका जोरदार स्वागत किया. जमानत पर छूटने के बाद घर पहुंचे प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद ने खुद को बेकसूर बताते हुए अपने ऊपर लगाये गए सारे आरोपों को सिरे से नकार दिया.

कोई जानकारी नहीं छिपाई!
गुरुवार को घर पहुंचने के बाद News 18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद ने कहा कि तबलीगी जमात में शामिल होने को लेकर पुलिस और प्रशासन से उन्होंने कोई जानकारी नहीं छिपाई थी. उन्होंने कहा कि इलाहाबाद सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष से अनुमति लेकर ही वे 7 मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन तबलीगी मरकज (Tablighi Markaz) में शामिल होने गए थे और 10 मार्च को ट्रेन से प्रयागराज लौट आये थे. प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद ने इंडोनेशियाई जमातियों को मस्जिद में ठहराने के आरोप को भी निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया के जमातियों से उनकी कोई पुरानी जान पहचान नहीं थी. उन्होंने कहीं से मोबाइल नंबर हासिल कर मुस्लिम मुसाफिर खाने का सिर्फ उनसे पता पूछा था. प्रोफेसर ने जमात के प्रमुख मौलाना साद और एमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी से फोन पर बातचीत होने से भी साफ तौर पर इंकार किया है. हालांकि उन्होंने स्वीकार किया है कि दिल्ली जमात में जाने पर मौलाना साद से कई बार मुलाकात जरुर हुई है. लेकिन उनसे कभी फोन पर कोई बातचीत नहीं हुई है.

कई तरह के अनुभव हुए...



मौलाना साद की अब तक गिरफ्तारी न होने के सवाल पर प्रोफेसर ने कहा कि इस मामले में जांच एजेंसियां ही सही जवाब दे सकती हैं. प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद ने कहा कि न्यायपालिका पर उन्हें पूरा भरोसा है. उनका कहना था कि उन्होंने कोई गलती नहीं की इसी आधार पर कोर्ट ने जमानत भी दी है. प्रोफ़ेसर ने कहा है कि उनके खिलाफ 120- बी और फारेनर्स एक्ट के तहत जो मुकदमे दर्ज किए गए हैं, वे भी बेबुनियाद है. प्रोफेसर ने कहा इस दौरान मुझे कई तरह के अनुभव भी हुए हैं. प्रोफेसर ने कहा कि इस कठिन दौर में तमाम छात्रों और प्रोफसरों ने भी उनका समर्थन किया जिसके लिए वो उनके शुक्रगुजार हैं.



 

ये भी पढ़ें- गन्ना किसान की आत्महत्या पर प्रियंका का ट़्वीट- अब 14 दिन में भुगतान का नाम तक नहीं लेती सरकार


First published: June 5, 2020, 9:08 PM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading