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इलाहाबाद का  रुपेश इस लाइलाज बीमारी प्रोजेरिया से ग्रसित है

इलाहाबाद का रुपेश इस लाइलाज बीमारी प्रोजेरिया से ग्रसित है

हिंदी सिनेमा के सुपर स्टार अमिताभ बच्चन की यादगार फिल्म ” पा ” के उस अनोखे बच्चे ” औरो” के दर्द को कौन भूल पायेगा जो प्रोजेरिया नाम की एक ऐसी बीमारी का शिकार था. वहीं यूपी में इस लाइलाज और अनोखी बीमारी से शिकार पहला बच्चा इलाहाबाद में मिला है.

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हिंदी सिनेमा के सुपर स्टार अमिताभ बच्चन की यादगार फिल्म ” पा ” के उस अनोखे बच्चे ” औरो” के दर्द को कौन भूल पायेगा जो प्रोजेरिया नाम की एक ऐसी बीमारी का शिकार था. वहीं यूपी में इस लाइलाज और अनोखी बीमारी से शिकार पहला बच्चा इलाहाबाद में मिला है.

रुपेश इस लाइलाज बीमारी प्रोजेरिया से ग्रसित है जो 21 साल की उम्र में भी सौ साल से अधिक उम्र का दिखता है. शहर से 22 किलोमीटर दूर हनुमानगंज के घनैचा गांव के रहने वाले रुपेश के मां बाप के मुताबिक़ रुपेश चार भाइयो के बीच सबसे बड़ा बेटा है.

रुपेश पहले सामान्य बच्चों जैसा था लेकिन जैसे जैसे उसकी उम्र बढ़ती गई उसके जिस्म में चौकाने वाले बदलाव सामने आने लगे.रुपेश का सर बेडोल हो गया.  मुंह में 32 की जगह 70 दांत निकल आए और शरीर छोटा होने लगा.

बता दें, कि 21 साल के रुपेश आज भी बच्चों जैसी बातें करते हैं और संतरा केला बिस्किट को देखकर किसी छोटे बालक की तरह मचल जाते हैं. रुपेश के पिता राजपति बेहद गरीब हैं और रुपेश का इलाज कराने में भी असमर्थ.

किसी तरह यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आया तो रूपेश की किस्मत बदल गयी. जिलाधिकारी संजय कुमार ने परिजनों को नगद आर्थिक मदद के अलावा सीएमओ और प्रिंसिपल मेडिकल कालेज को आदेश दिया है कि हर पन्द्रह दिन पर रुपेश का रुटीन चेकअप करायें.

इतना ही नहीं परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद के लिये भी लिखा गया है. परिजनों को आवास देने की भी कवायद शुरू हो गयी है. जिलाधिकारी ने रुपेश को बचाने के लिये हर संभव कोशिश भरोसा दिलाते हुए कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो उसे एसजीपीजीआई और एम्स भी ले जायेगा.

दरअसल इस बीमारी के बच्चों की उम्र बहुत कम होती है.15-20 साल ही जीवित रहने वाले इन बच्चों के बीच रुपेश 21 साल की उम्र तक जीवित है. चिकित्सकों को भरोसा है कि अगर रुपेश की देखभाल होती रही तो वह लम्बी आयु तक जीवित रह सकता है.

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Terrorist Arrest: प्रयागराज में शाहरुख नाम के संदिग्ध ने सरेंडर से पहले किया FB लाइव, कहा- मैं बेगुनाह हूं!

Terrorist Arrest: प्रयागराज में शाहरुख नाम के संदिग्ध ने सरेंडर से पहले किया FB लाइव (File photo)

Prayagraj News: इससे पहले, शाहरुख के एक रिश्तेदार उमेद उर रहमान ने भी कल प्रयागराज पुलिस के सामने सरेंडर किया था. उमेद उर रहमान को एटीएस की टीम आज लेकर लखनऊ जाएगी.

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प्रयागराज. देश में दहशत फैलाने के लिए आए आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब दहशतगर्दों के हौसले टूटते नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को प्रयागराज में शाहरुख (Shahrukh) नाम के संदिग्ध ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर पुलिस के सामने सरेंडर करने का दावा किया है. लेकिन पुलिस ने शाहरुख को हिरासत में लेने से मना कर दिया. शाहरुख ही वह शख्स है जिसके पोल्ट्री फॉर्म से एटीएस और दिल्ली पुलिस को आईईडी बरामद हुआ था. शाहरुख का दावा है कि आईईडी उसे एक दिन पहले ही गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी जीशान ने रखने के लिए दिया था. अगले दिन जीशान की निशानदेही पर एटीएस और दिल्ली पुलिस ने छापेमारी कर शाहरुख के पोल्ट्री फार्म से ही आईईडी बरामद की थी. बरामद आईईडी को बम डिस्पोजल स्क्वायड के जरिए डिस्पोज किया गया था.

खुद थाने पहुंचा शाहरुख
शाहरुख ने कल रात फेसबुक लाइव कर खुद को बेगुनाह बताया और कोतवाली थाने में जाकर सरेंडर करने की बात कही. चौक इलाके से किए गए लाइव में वह चलते हुए कोतवाली थाने तक गया है. फेसबुक लाइव में शाहरुख ने दावा किया है कि वह खुद की बेगुनाही साबित करने के लिए पुलिस के सामने पेश हो रहा है. उसने बताया कि जिस दिन उसके पोल्ट्री फार्म से आईईडी बरामद हुई थी एटीएस अफसरों ने उसे फोन किया था. फोन पर वक्त दिए जाने के बावजूद डर की वजह से वह मोबाइल बंद कर फरार हो गया था.

शाहरुख के दो करीबी रिश्तेदार गिरफ्तार
इससे पहले, शाहरुख के एक रिश्तेदार उमेद उर रहमान ने भी कल प्रयागराज पुलिस के सामने सरेंडर किया था. उमेद उर रहमान को एटीएस की टीम आज लेकर लखनऊ जाएगी. बहरहाल, शाहरुख का जिस तरीके का कनेक्शन सामने आया है वह बेहद चौंकाने वाला है. इसी हफ्ते हुई छापेमारी में शाहरुख के दो करीबी रिश्तेदार गिरफ्तार हुए हैं. ओसामा की गिरफ्तारी दिल्ली में और आमिर बेग की गिरफ्तारी लखनऊ से हुई है. जबकि शाहरुख के करीबी जीशान कमर की गिरफ्तारी प्रयागराज से हुई है.

बड़ी साजिश की थी तैयारी
आतंकियों ने देश में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रची थी. उनके निशाने पर कई नामचीन लोग भी थे. इसी के साथ ही कई शहरों में धमाके करने की भी योजना आतंकवादियों ने बना रखी थी. वहीं उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में भी आतंकी दहशत फैलाने वाले थे.

दिल्ली से गिरफ्तार आतंकवादी ओसामा के चाचा हुमैद ने किया प्रयागराज में सरेंडर

दिल्ली से पकड़े गए आतंकी ओसामा से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. (गिरफ्तार आतंकियों की फाइल फोटो)

Terrorists Arrested: दुबई में था हुमैद उर्रहमान का भाई, उसी के इशारे पर भारत में मिशन को हैंडल कर रहा था, फिरलहाल करेली थाने में पुलिस कर रही है पूछताछ.

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प्रयागराज. देश में दहशत फैलाने के लिए आए आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब दहशतगर्दों के हौसले टूटते नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में शुक्रवार को एक बड़ी खबर सामने आई. प्रयागराज में एटीएस के वांटेड आतंकी हुमैद उर्रहमान ने करेली थाने में सरेंडर कर दिया. हुमैद दिल्ली से गिरफ्तार आतंकवादी ओसामा का चाचा है. ओसामा का पिता दुबई में आईएसआई का हैंडलर है और उसी के इशारों पर ओसामा व हुमैद देश में दहशत फैलाने की प्लानिंग कर रहे थे.
इसी के साथ हुमैद का एक और कनेक्‍शन सामने आया है. हुमैद लखनऊ से गिरफ्तार आतंकवादी आमिर बेग की बहन का ससुर भी लगता है. फिलहाल उसे करेली थाने में ही रखा गया है और पुलिस उससे गहनता से पूछताछ कर रही है.

दाऊद के भाई और आईएसआई से कनेक्‍शन
उल्लेखनीय है कि इससे पहले गिरफ्तार किए गए आतंकियों से पूछताछ के दौरान पता चला था कि उनमें से दो की ट्रेनिंग पाकिस्तान में हुई थी और इसका पूरा इंतजाम पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई ने की थी. इसके साथ ये बात भी सामने आई थी कि आतंकियों की मदद दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस इब्राहिम कर रहा था. वो उन्हें विस्फोटक, रुपये और हथियारों की सप्लाई कर रहा था.

बड़ी साजिश रची थी
आतंकियों ने देश में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रची थी. उनके निशाने पर कई नामचीन लोग भी थे. इसी के साथ ही कई शहरों में धमाके करने की भी योजना आतंकवादियों ने बना रखी थी. वहीं उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में भी आतंकी दहशत फैलाने वाले थे. हालांकि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में आतंकियों के की मंशा को ढेर कर दिया गया और सभी को गिरफ्तार कर लिया गया. अब पुलिस आतंकियों के देश में अन्य कनेक्‍शनों का भी पता लगा रही है. जिससे उनके असली हैंडलरों तक पहुंचा जा सके.

BSF जवान की मौत हत्या है या आत्महत्या - इलाहाबाद HC से CBI जांच कराने का अनुरोध

मनोरमा मिश्रा की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

suspicion of murder : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मनोरमा मिश्रा की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. बीएसएफ में सहायक उप निरीक्षक कृष्ण मुरारी मिश्र की मौत भारत-बंग्लादेश सीमा पर 7 अगस्त 2019 की रात सिर में गोली लगने से हुई थी. दूसरी बार हुए पोस्टमॉर्टम में डॉक्टरों की टीम ने हत्या किए जाने की आशंका जताई थी.

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प्रयागराज. भारत-बंग्लादेश सीमा पर गोली लगने से हुई बीएसएफ जवान की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग गई है. दाखिल की गई याचिका में कहा गया है कि बीएसएफ जवान की मौत को विभाग हत्या करार दे रहा है जबकि साक्ष्य हत्या किए जाने की ओर इशारा कर रहे हैं. हाईकोर्ट ने इस याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

मामला देवरिया के जिगना मिश्र गांव के रहनेवाले कृष्ण मुरारी मिश्र का है. वे बीएसएफ में सहायक उप निरीक्षक थे. उनकी तैनाती भारत-बांग्लादेश सीमा पर थी. यहीं 7 अगस्त 2019 की रात सिर में गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी. कृष्ण मुरारी मिश्र के सिर में दाहिनी तरफ से दो गोली लगी थी, जो बाईं तरफ से निकल गई थी. देवरिया के डीएम के आदेश पर डॉक्टरों की टीम ने 10 अगस्त 2019 को दुबारा पोस्टमॉर्टम किया था. डॉक्टरों की टीम ने आत्महत्या के बजाय हत्या की आशंका जताई थी, जबकि विभाग इस मौत को आत्महत्या करार दे रहा है.

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इस मसले पर मनोरमा मिश्रा की ओर से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है. जस्टिस एमसी त्रिपाठी और जस्टिस आरके गौतम के खंडपीठ के सामने पेश इस मामले में याचिका का दावा है कि बीएसएफ के सहायक उप निरीक्षक कृष्ण मुरारी मिश्र की मौत दरअसल हत्या का मामला है. मनोरमा मिश्र ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का अनुरोध किया है. मनोरमा मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एमसी त्रिपाठी और जस्टिस आरके गौतम के खंडपीठ ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को तय की गई है.

UPPSC Admit Card 2021: यूपीपीएससी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा का हॉल टिकट जारी, ऐसे करें डाउनलोड

UPPSC Admit Card 2021: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से इस भर्ती परीक्षा का आयोजन 26 सितंबर को किया जाएगा.

UPPSC Admit Card 2021:  यूपीपीएससी ने आश्रम पद्धति प्रवक्ता भर्ती प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिया है. अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से परीक्षा प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 16:27 IST
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नई दिल्ली (UPPSC Admit Card 2021). उत्तर प्रदेश  लोक सेवा आयोग ने आश्रम पद्धति प्रवक्ता भर्ती परीक्षा के लिए हॉल टिकट (UPPSC Admit Card 2021) जारी कर दिया है. अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in से परीक्षा प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं. परीक्षा का आयोजन 26 सितंबर 2021 को किया जाना है. इस भर्ती परीक्षा के जरिए कुल 124 रिक्त पदों को भरा जाएगा.

भौतिक विज्ञान के 30 पद, रसायन विज्ञान के 26 पद, गणित के 35 पद और जीव विज्ञान के 33 रिक्त पदों के लिए 18 जून से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी और आवेदन की अंतिम तिथि 19 जुलाई 2021 निर्धारित की गई थी. वहीं सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 125 रुपए और एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 65 रुपए आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया था.

UPPSC Admit Card 2021: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
-सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाएं.
-होम पेज पर दिए गए DOWNLOAD ADMIT CARD FOR LECTURER GOVERNMENT ASHRAM PADDHATI INTER COLLEGE (PRE) EXAM-2021 के लिंक पर क्लिक करें.
-यहां मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें.
-एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा.
-अब उसे डाउनलोड करें.

इस डायरेक्ट लिंक से डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

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UPCET Answer Key 2021: यूपी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की आंसर-की जारी, ऐसे करें डाउनलोड

UPCET Answer Key 2021: उत्तर प्रदेश कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी गई है.

UPCET Answer Key 2021: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यूपी सीईटी 2021 की प्रोविजन आंसर-की जारी कर दी है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट  upcet.nta.nic.in पर इसे चेक कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 09:19 IST
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 नई दिल्ली (UPCET Answer Key 2021). उत्तर प्रदेश कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2021 की प्रोविजनल आंसर-की (UPCET Answer Key 2021) जारी कर दी गई है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upcet.nta.nic.in से इसे डाउनलोड कर सकते हैं. आंसर-की 16 सितंबर 2021 को जारी की गई है. आधिकारिक वेबसाइट पर आज यानी 17 सितंबर 2021 तक आंसर-की उपलब्ध रहेगी. इस परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से किया गया था.

बता दें कि परीक्षा एनटीए की ओर से 5 सितंबर 2021 और 6 सितंबर 2021 को आयोजित की गई थी. जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, जो अभ्यर्थी जारी प्रोविजनल आंसर-की से संतुष्ट नहीं हैं. वह अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं.इसके लिए अभ्यर्थी को प्रति प्रश्न 200 रुपए शुल्क देना होगा. प्रोविजनल आंसर-की पर प्राप्त आपत्तियों के निपटारे के बाद फाइलन आंसर-की जारी की जाएगी.  अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी एनटीए की हेल्पलाइन नंबर 011 4075 9000  पर संपर्क कर सकते हैं.

UPCET Answer Key 2021: ऐसे डाउनलोड करें आंसर-की 
सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट आधिकारिक वेबसाइट upcet.nta.nic.in पर जाएं.
होम पेज पर दिए गए  यूपीसीईटी 2021 आंसर-की के लिंक पर क्लिक करें.
यहां मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें.
अब आंसर-की आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा.
उसे डाउनलोड करें.

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Allahabad HC का अहम फैसला, दूसरे धर्म में की है शादी तो वैवाहिक जीवन में परिजन भी नहीं दे सकते दखल


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए दूसरे धर्म में शादी करने वाले युवाओं को बड़ी राहत दी है

Allahabad High Court Decision: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का पूरा अधिकार है, ऐसे में कोई आपत्ति या फिर उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए दूसरे धर्म में शादी करने वाले युवाओं को बड़ी राहत दी है. एक याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि दो अलग-अलग धर्मों के बालिगों ने यदि शादी की है तो उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करने का अधिकार उनके माता पिता को भी नहीं है. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट तौर पर कहा कि यदि कोई दूसरे धर्म में शादी करता है तो उनके वैवाहिक जीवन में कोई भी हस्तक्षेप नहीं कर सकता है साथ ही यदि वे पुलिस सुरक्षा की मांग करते हैं तो पुलिस को उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी होगी.

जानकारी के अनुसार शिफा हसन नामक एक मुस्लिम महिला ने एक हिंदू युवक से शादी की, जिसके बाद उसने जिलाधिकारी से हिंदू धर्म अपनाने की अनुमति मांगी. जिलाधिकारी ने इस संबंध में पुलिस थाने से रिपोर्ट की मांग की. इस पर पुलिस ने जानकारी दी कि युवक के पिता इस शादी से राजी नहीं हैं और दूसरी तरफ लड़की के परिजन भी इसके खिलाफ हैं.

जान को खतरा
इसके बाद शिफ को अपनी और पति की जान को खतरा महसूस हुआ. इस संबंध में उसने कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की मांग की. इस पर कोर्ट ने किसी के हत्सक्षेप न करने और पुलिस की ओर से सुरक्षा प्रदान करवाए जाने के संबंध में आदेश पारित किया. कोर्ट ने इस दौरान साफ तौर पर कहा कि बालिग व्यक्ति को जीवन अपने तौर पर जीने का पूरा अधिकार है और उसमें किसी का भी हस्तक्षेप नहीं हो सकता है.

अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार
हाईकोर्ट ने शिफा की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि एक बा‌लिग को अपनी पसंद के जीवनसाथी को चुनने का पूरा अधिकार है. ऐसे में उसकी पसंद या चुनाव पर कोई भी आपत्ति नहीं उठा सकता है और न ही शादी होने के बाद उनके वैवाहिक संबंधों पर किसी को भी आपत्ति करने का कोई अधिकार है. ये आदेश जस्टिस एमके गुप्ता और जस्टिस दीपक वर्मा की खंडपीठ ने दिया.

UP: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 71वां जन्मदिन आज, BJP करेगी 'सेवा एवं समर्पण' अभियान की शुरुआत

UP: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 71वां जन्मदिन आज (फाइल फोटो)

PM Modi Birthday: पीएम मोदी का 71वां जन्मदिन को प्रयागराज में खास तरीके से मनाने की तैयारी उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी और स्थनीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने की है.

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लखनऊ. पीएम मोदी के जन्मदिन (PM Modi’s Birthday) को खास बनाने के लिए बीजेपी ने खास तैयारी की है. इसी कड़ी में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का ‘सेवा एवं समर्पण’ अभियान की शुरुआत होगी. 7 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में भाजपा के कार्यकर्ता विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचकर लोगों से संपर्क व संवाद करेंगे और सेवा कार्य भी करेंगे. मोर्चों व प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता भी इस अभियान में जुटेंगे.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने गुरुवार शाम पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, क्षेत्र अध्यक्षों, जिलाध्यक्षों व जिला प्रभारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर सेवा एवं समर्पण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए. सेवा एवं समर्पण अभियान के तहत 17 से 20 सितंबर तक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा. चिकित्सा प्रकोष्ठ इसका समन्वय करेगा. युवा मोर्चा के कार्यकर्ता रक्तदान शिविर आयोजित करेंगे, जबकि अनुसूचित मोर्चा के कार्यकर्ता गरीब बस्तियों में फल व अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण कर सेवा कार्य करेंगे.

यह भी पढ़ें- अधिवक्ता ने रोक लिया DGP मुकुल का रास्ता, कहा- आपके अधिकारी कुछ नहीं करते

उधर, पीएम मोदी का 71वां जन्मदिन को प्रयागराज में खास तरीके से मनाने की तैयारी उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी और स्थनीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने की है. इसे भव्य रूप देने के लिए तमिलनाडु की राजलक्ष्मी मंडा प्रधानमंत्री का कटआउट लगा करीब 9.5 टन वजन वाला ट्रक अपने हाथ से खींचेंगी. उत्तर प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि हम पीएम मोदी का 71वां जन्मदिन सेवा सप्ताह के रूप में मना रहे हैं.

पीएम के कटआउट को खींचेंगी राजलक्ष्मी
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह 71 किलो का केक काटकर इसका शुभारंभ करेंगे. उन्होंने बताया कि इसके बाद दोपहर तीन बजे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक बहन राजलक्ष्मी, प्रधानमंत्री का 71 फुट ऊंचा और 20 चौड़ा कटआउट एक ट्रक पर खड़ा करके लगभग 9.5 टन वजन का ट्रक वो खुद अपने हाथ से खींचकर इस कार्यक्रम को और भव्य रूप प्रदान करेंगी.

अधिवक्ता ने रोक लिया DGP मुकुल का रास्ता, कहा- आपके अधिकारी कुछ नहीं करते

डीजीपी मुकुल गाेयल ने अधिवक्ता की शिकायत सुनने के बाद अफसरों को निर्देश दिए कि समस्या का समाधान जल्द करें. (फाइल फोटो)

UP News: मैनपुरी में छात्रा की संदिग्‍ध मौत को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहे मामले की सुनवाई में पहुंचे थे डीजीपी मुकुल गोयल, एक अधिवक्ता ने अपनी शिकायत दर्ज करवाने के लिए सुनवाई के बाद लौटते अधिकारी का बीच में रोका रास्ता.

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इलाहाबाद. मैनपुरी की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में चल रही इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुनवाई के लिए पहुंचे यूपी डीजीपी मुकुल गोयल को एक अधिवक्ता ने रास्ते में रोक लिया. इतना ही नहीं पहले अधिवक्ता ने डीजीपी को खरी खोटी सुनाई और उसके बाद अपनी परेशानी उनके सामने रखी. इस दौरान अधिवक्ता को रोकने की अन्य पुलिसकर्मियों ने काफी कोशिश की लेकिन वो नहीं माने.
जानकारी के अनुसार डीजीपी मुकुल गोयल कोर्ट रूम से सुनवाई के बाद बाहर निकल रहे थे इसी दौरान वहां पर मौजूद एक अधिवक्ता ने पीछे से उन्हें आवाज लगाई और कहा कि डीजीपी साहब मेरे घर पर पत्‍थर चल रहे हैं और यहां आपके अधिकारी कुछ नहीं कर रहे हैं. आपको मेरी बात सुननी ही होगी.

आईजी-डीआईजी के रोकने पर भी नहीं रुके
इस दौरान अधिवक्ता को आईजी और डीआईजी ने रोकने का पूरा प्रयास किया लेकिन वे नहीं रुके. अधिवक्ता ने कहा कि आपको मेरी बात सुननी ही होगी. स्‍थानीय पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है, आईजी और डीआईजी को भी पत्र दिया लेकिन कोई नहीं सुनता. इस दौरान अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी अधिवक्ता को रोकते रहे लेकिन वो नहीं माना और डीआईजी के काफिले के साथ चल अपनी शिकायत करता रहा.

डीजीपी को आखिर रुकना पड़ा
वकील की परेशानी सुनने के लिए आखिर में डीजीपी मुकुल गोयल रुके और तसल्ली के साथ अधिवक्ता की शिकायत सुनी. इसके साथ ही उन्होंने अधिवक्ता को कार्रवाई करने की संबंध में संतुष्ट किया. गोयल ने तत्काल अधिकारियों को अधिवक्ता की शिकायत सुनने और उस पर तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया. इसके बाद अधिवक्ता शांत हुए और मुकुल गोयल जा सके.

मैनपुरी मामला: HC ने DGP को फिर फटकारा, कहा- सबको अपने कर्मों का फल यहीं भुगतना पड़ता है

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसआईटी को 6 हफ्ते में जांच पूरी करने का आदेश दिया.

16 सितंबर 2019 को एक छात्रा जवाहर नवोदय स्कूल के हॉस्टल में फांसी पर लटकती मिली थी. गुरुवार को डीजीपी मुकुल गोयल इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुए. उन्होंने अदालत को बताया कि एसआईटी की नई जांच टीम गठित कर दी गई है. हाईकोर्ट ने एसआईटी को 6 हफ्ते में अपनी जांच पूरी करने का निर्देश दिया है.

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प्रयागराज. मैनपुरी के जवाहर नवोदय विद्यालय की कक्षा 11 में पढ़ने वाली छात्रा की हॉस्टल में फांसी लगाने से मौत मामले में गुरुवार को डीजीपी मुकुल गोयल इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुए. उन्होंने अदालत को बताया कि एसआईटी की नई जांच टीम गठित कर दी गई है और इसमें अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है. हाईकोर्ट ने एसआईटी को 6 हफ्ते में अपनी जांच पूरी करने का निर्देश दिया है. डीजीपी ने कोर्ट को बताया कि जांच में लापरवाही पर तत्कालीन एएसपी, डिप्टी एसपी व इंस्पेक्टर विवेचक को सस्पेंड कर दिया गया है. हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस मामले में जांच से हाईकोर्ट बार एसोसिएशन व कोर्ट को भी अवगत कराया जाये. हाईकोर्ट ने लड़की के माता-पिता को सुरक्षा मुहैया कराने का भी निर्देश दिया है. कोर्ट को सरकार की ओर से बताया गया कि एडीजी कानून व्यवस्था की निगरानी में जांच पूरी की जाएगी. कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति जिला जज मैनपुरी को भी भेजी जाये, जिसे वहां के सभी न्यायिक अधिकारियों को सर्कुलेट किया जाय.

हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि बलात्कार के मामले में दो माह में जांच पूरी करने को लेकर सर्कुलर जारी किया जाये और विवेचना पुलिस का प्रशिक्षण कराया जाये. डीजीपी ने कोर्ट को बताया कि मैनपुरी के तत्कालीन रिटायर एसपी को सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान रोक दिया गया है. उन्हें केवल प्राविजनल पेंशन का भुगतान किया जा रहा है.

हाईकोर्ट ने डीजीपी समेत कोर्ट में पेश सभी पुलिस अधिकारियों की हाजिरी माफ कर दी है. लेकिन कोर्ट ने अधिकारियों के कोर्ट रूम से बाहर निकलने से पूर्व मार्मिक टिप्पणी भी की और कहा कि स्वर्ग कहीं और नहीं है. सबको अपने कर्मों का फल यहीं भुगतान पड़ता है. कोर्ट ने डीजीपी से यह भी कहा कि पुलिस को जांच के लिए ट्रेनिंग की जरूरत है. अधिकांश जांच कॉन्सटेबिल करता है. दरोगा कभी-कभी जाता है.

बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मैनपुरी में दो साल पहले जवाहर नवोदय विद्यालय में एक नाबालिग छात्रा की फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले में सवालों का जवाब न दे पाने पर नाराजगी जताते हुए डीजीपी मुकुल गोयल को रोक लिया था. एक्टिंग चीफ जस्टिस एमएन भंडारी और जस्टिस एके ओझा के खंडपीठ ने डीजीपी के अलावा आईजी मोहित अग्रवाल व इस मामले में गठित एसआईटी के सदस्य पुलिस अधिकारियों को भी गुरुवार को फिर हाजिर होने का निर्देश दिया था.

कोर्ट ने कहा था कि मामले में न्यायालय द्वारा दिखाई गई गंभीरता और जांच के तरीके के साथ दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ निर्देश के बावजूद कोई अनुवर्ती कार्रवाई नहीं की गई है. बल्कि मामले की जानकारी डीजीपी को नहीं दी जा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी और एसआईटी के सदस्य जांच करने में पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई के बारे में स्पष्ट करने के लिए अदालत में उपस्थित रहेंगे और आगे यह भी बताएंगे कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई उनकी सेवानिवृत्ति से लगभग छह महीने पहले पहले क्यों नहीं पूरी की जा सकी.

डीजीपी मुकुल गोयल से कोर्ट ने इस मामले से जुड़े कई सवाल किए थे. अभियुक्तों का बयान लेकर छोड़ देने और उनकी गिरफ्तारी नहीं करने को कोर्ट ने गंभीरता से लिया था. सुनवाई की शुरुआत में छात्रा की फांसी के बाद हुए शव के पंचनामे की वीडियो रिकार्डिंग देखने के बाद कोर्ट ने डीजीपी से पूछा था कि किसी के भी खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज होने पर पहला काम क्या करते हैं? डीजीपी ने जवाब दिया कि गिरफ्तारी. कोर्ट ने कहा था कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नाबालिग के कपड़ों पर सीमेन पाया गया है. उसके सिर पर चोट के निशान थे. इसके बाद भी तीन महीने में अभियुक्तों का केवल बयान ही लिया गया, ऐसा क्यों? इस पर डीजीपी मुकुल गोयल ने कहा कि फिर से एसआईटी गठित कर देते हैं.

गौरतलब है कि 16 सितंबर 2019 को 16 वर्षीय एक छात्रा अपने जवाहर नवोदय स्कूल में फांसी पर लटकती मिली थी. पुलिस ने शुरू में दावा किया था कि आत्महत्या का मामला है. दूसरी ओर उसकी मां ने आरोप लगाया था कि उसे परेशान किया गया, पीटा गया और जब वह मर गई तो उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया. घटना को लेकर छात्रों ने प्रोटेस्ट किया था. परिवार ने भी कई दिनों तक धरना दिया था. मृतका के पिता ने मुख्यमंत्री से जांच की गुहार लगाई तो एसआईटी ने जांच की गई. 24 अगस्त 2021 को एसआईटी ने केस डायरी हाईकोर्ट में पेश की थी. कोर्ट ने कहा कि छात्रा के पिता का बयान दर्ज नहीं किया जाना संदेह पैदा करता है.

इलाहाबाद HC का अहम फैसला- दूसरे धर्म में की है शादी तो वैवाहिक जीवन में परिजन भी नहीं कर सकते हस्तक्षेप

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में स्पष्ट किया कि बालिग को अपनी पंसद का जीवनसाथी चुनने का पूरा अधिकार है. (फाइल फोटो)

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का पूरा अधिकार है, ऐसे में कोई आपत्ति या फिर उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला देते हुए दूसरे धर्म में शादी करने वाले युवाओं को बड़ी राहत दी है. एक याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि दो अलग अलग धर्मों के बालिगों ने यदि शादी की है तो उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करने का अधिकार उनके माता पिता को भी नहीं है. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट तौर पर कहा कि यदि कोई दूसरे धर्म में शादी करता है तो उनके वैवाहिक जीवन में कोई भी हस्तक्षेप नहीं कर सकता है साथ ही यदि वे पुलिस सुरक्षा की मांग करते हैं तो पुलिस को उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी होगी.
जानकारी के अनुसार शिफा हसन नामक एक मुस्लिम महिला ने एक हिंदू युवक से शादी की. जिसके बाद उसने जिलाधिकारी से हिंदू धर्म अपनाने की अनुमति मांगी. जिलाधिकारी ने इस संबंध में पुलिस थाने से रिपोर्ट की मांग की. इस पर पुलिस ने जानकारी दी कि युवक के पिता इस शादी से राजी नहीं हैं और दूसरी तरफ लड़की के परिजन भी इसके खिलाफ हैं.

जान को खतरा
इसके बाद शिफ को अपनी और पति की जान को खतरा महसूस हुआ. इस संबंध में उसने कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की मांग की. इस पर कोर्ट ने किसी के हत्सक्षेप न करने और पुलिस की ओर से सुरक्षा प्रदान करवाए जाने के संबंध में आदेश पारित किया. कोर्ट ने इस दौरान साफ तौर पर कहा कि बालिग व्यक्ति को जीवन अपने तौर पर जीने का पूरा अधिकार है और उसमें किसी का भी हस्तक्षेप नहीं हो सकता है.

अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार
हाईकोर्ट ने शिफा की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि एक बा‌लिग को अपनी पसंद के जीवनसाथी को चुनने का पूरा अधिकार है. ऐसे में उसकी पसंद या चुनाव पर कोई भी आपत्ति नहीं उठा सकता है. और न ही शादी होने के बाद उनके वैवाहिक संबंधों पर किसी को भी आपत्ति करने का कोई अधिकार है. ये आदेश जस्टिस एमके गुप्ता और जस्टिस दीपक वर्मा की खंडपीठ ने दिया.

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