Phulpur Election Result 2018: केशव मौर्य के 'शौर्य' पर भारी पड़ा सपा का ये 'रईस'

नागेंद्र ने जो नामांकन पत्र दाखिल किया, उसके हिसाब से वह फूलपुर से सबसे ज्यादा अमीर प्रत्याशी रहे. उनकी कुल संपत्ति 33 करोड़ रुपये है.

Ajayendra Rajan | News18Hindi
Updated: March 14, 2018, 5:03 PM IST
Phulpur Election Result 2018: केशव मौर्य के 'शौर्य' पर भारी पड़ा सपा का ये 'रईस'
नागेंद्र सिंह पटेल. (File Photo)
Ajayendra Rajan
Ajayendra Rajan | News18Hindi
Updated: March 14, 2018, 5:03 PM IST
फूलपुर लोकसभा चुनाव में नागेंद्र सिंह पटेल ने बीजेपी को 59613 मतों से मात दे दी है. 32 राउंड की मतगणना के बाद नागेंद्र सिंह पटेल को 3,42,796 वोट मिले. वहीं बीजेपी के कौशलेंद्र सिंहं पटेल 2,83,183 वोट ही हासिल कर सके. जीत के बाद नागेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि वह जीत के प्रति शुरू से ही आश्वस्त थे. इस जीत के लिए जनता और कार्यकर्ताओं को आभार.

इस जीत के साथ ही फूलपुर में एक बार फिर समाजवादी पार्टी का वर्चस्व कायम हो गया है. इस जीत में सपा ने बहुजन समाज पार्टी के समर्थन को भी श्रेय दिया है. 2009 में बसपा ने ही सपा से ये सीट छीनी थी. उसके बाद 2014 में बीजेपी ने यहां पहली बार कमल खिला दिया. वैसे समाजवादी पार्टी की इस जीत में उसके प्रत्याशी नागेंद्र सिंह पटेल की व्यक्गित छवि का भी अहम योगदान माना जा रहा है. नागेंद्र ने जो नामांकन पत्र दाखिल किया, उसके हिसाब से वह फूलपुर से सबसे ज्यादा अमीर प्रत्याशी रहे. उनकी कुल संपत्ति 33 करोड़ रुपये है.

नागेंद्र सिंह पटेल ने 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान केपी कॉलेज मैदान में हुई शिवपाल यादव की सभा में सैकड़ों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी. उन्होंने टिकट पाने के लिए ही सपा का दामन थामा था लेकिन तब उन्हें किसी विधानसभा क्षेत्र से टिकट नहीं मिला था. सपा की सरकार बनने के बाद उनको पार्टी में जिला महासचिव बना दिया गया था.

लेकिन इस बार उपचुनाव में टिकट के लिए उन्होंने ब​गावती सुर तक अख्तियार कर लिए थे. वैसे सपा से टिकट के लिए कई दावेदार लगे हुए थे. इनमें पूर्व सांसद धर्मराज पटेल भी शामिल थे, लेकिन नागेंद्र पटेल की दावेदारी की जिस तरीके से लामबंदी चल रही थी और बड़े नेताओं से नजदीकी के बाद उनका नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ था.

बताया जाता है कि नागेंद्र सिंह ने बागी सुर दिखाते हुए पहले ही नामांकन पत्र खरीद लिया था. जिसके बाद सपा में हड़कंप मच गया था. लंबी जद्दोजहद और फूलपुर चुनाव की बागडोर संभाल रहे चुनाव प्रभारियों के प्रस्ताव पर आखिरकार नागेंद्र सिंह का नाम सबसे ऊपर नजर आया.

नागेंद्र ने जो नामांकन पत्र दाखिल किया, उसके हिसाब से वह फूलपुर से सबसे ज्यादा अमीर प्रत्याशी रहे. उनकी कुल संपत्ति 33 करोड़ रुपये है. वैसे नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई इलाहाबाद से की और सियासत की शुरुआत भी इलाहाबाद से ही की. 1991 में इलाहाबाद डिग्री कॉलेज में उपाध्यक्ष का चुनाव लड़ने के साथ ही नागेंद्र प्रताप सिंह सक्रिय राजनीति में आ गए. छात्र राजनीति के दौरान ही नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल उस वक्त के बसपा के कद्दवर नेता जंग बहादुर पटेल के संपर्क में आ गए.

1996 में जंग बहादुर पटेल बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे और फूलपुर से सांसद थे. 1996 में के लोकसभा चुनाव में जंगबहादुर पटेल और उस वक्त बसपा सुप्रीमो कांशीराम के बीच झगड़े की नौबत आ गई. बात इतनी बढ़ी कि जंग बहादुर पटेल ने बसपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया.
इसके बाद कांशीराम खुद जंग बहादुर के खिलाफ फूलपुर से मैदान में उतर गए. नतीजे आए तो कांशीराम चुनाव हार गए. कांशीराम के खिलाफ जंग बहादुर की जीत ने जंग बहादुर को बड़े नेता के तौर पर स्थापित कर दिया. 1998 में जब फिर से चुनाव हुए तो सपा के टिकट पर फिर से जंग बहादुर पटेल ने ही जीत दर्ज की.
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