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सपा विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड: करवरिया बंधू समेत चार को उम्रकैद

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 4, 2019, 5:36 PM IST
सपा विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड: करवरिया बंधू समेत चार को उम्रकैद
जवाहर पंडित हत्याकांड में चारों आरोपियों को उम्र कैद की सजा

हत्याकांड में पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया (Kapil Muni Karwaria), भाई पूर्व विधायक उदय भान करवरिया (Udai Bhan Karwaria), भाई पूर्व एमएलसी सूरज भान करवरिया (Suraj Bhan Karwaria) और रामचंद्र त्रिपाठी को एडीजे बद्री विशाल पाण्डेय की कोर्ट ने सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

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प्रयागराज. बहुचर्चित सपा विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड (Jawahar Pandit Murder Case) मामले में करवरिया बंधु समेत चारों आरोपीयों को एडीजे कोर्ट (ADJ Court) ने सजा का ऐलान कर दिया है. चारों दोषसिद्ध आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. इसके साथ ही अलग-अलग धाराओं में चारों आरोपियों पर कुल 720000 का अर्थदंड भी लगाया गया है. हत्याकांड में पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया (Kapil Muni Karwaria), भाई पूर्व विधायक उदय भान करवरिया (Udai Bhan Karwaria), भाई पूर्व एमएलसी सूरज भान करवरिया (Suraj Bhan Karwaria) और रामचंद्र त्रिपाठी को एडीजे बद्री विशाल पाण्डेय की कोर्ट ने सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. ट्रायल कोर्ट ने करवरिया बंधुओं सहित एक अन्य को 31 अक्टूबर को हत्या का दोषी करार दिया था. एडीजे कोर्ट ने बहस पूरी होने के बाद 18 अक्टूबर को सुरक्षित फैसला कर लिया था.

13 अगस्त 1996 की शाम 7 बजे जवाहर पंडित की गोलियों से भूनकर हत्या हुई थी. सिविल लाइंस में पैलेस सिनेमा और कॉफ़ी हाउस के बीच एके-47 राइफल से जवाहर पंडित की हत्या की गई थी. सपा विधायक जवाहर पंडित के साथ ही उनके ड्राइवर गुलाब यादव और एक राहगीर कमल कुमार दीक्षित की भी गोली लगने से मौत हो गई थी. जबकि विधायक पर हुए हमले में पंकज कुमार श्रीवास्तव और कल्लन यादव घायल हो गए थे.

ट्रायल के दौरान 156 गवाह हुए पेश

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 18 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए थे. वहीं करवरिया बंधुओं को निर्दोष साबित करने के लिए बचाव पक्ष की ओर से 156 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया था.

बता दें मामले में सभी पक्षों की बहस और दलीलें सुनने के बाद ट्रायल कोर्ट (Trial court) ने 18 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित कर लिया था. एडीजे कोर्ट ने फैसला सुनाने के लिए 31 अक्टूबर की तारीख तय की थी.

बता दें हत्याकांड में विधायक की पत्नी की ओर से सिविल लाइंस थाने में करवरिया बंधुओं के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था. सिविल लाइंस थाने के बाद मुकदमे की विवेचना सीबीसीआईडी ने भी की और आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था. मुकदमे के दौरान कुछ साल तक हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के चलते मुकदमे की सुनवाई भी नहीं हो सकी थी.

(इनपुट: सर्वेश दुबे)

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First published: November 4, 2019, 5:36 PM IST
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