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ख़ास हैं प्रयागराज के अमरूद, पूरे देश में है इनकी अलग पहचान...

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 4, 2020, 11:20 PM IST
ख़ास हैं प्रयागराज के अमरूद, पूरे देश में है इनकी अलग पहचान...
इलाहाबादी अमरूदों की खूब रहती है डिमांड

संगम नगरी (sangam nagari) प्रयागराज (Prayagraj) अपने अमरुदों (Guava)के लिए पूरे देश और दुनिया में मशहूर है. यहां के सेबिया, सफेदा और अन्य वैराइटी के अमरुदों की महक पूरे देश के कोने-कोने के साथ ही विदेशों तक में भी फैली हुई है.

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प्रयागराज. संगम नगरी (sangam nagari) प्रयागराज (prayagraj) की धार्मिक पहचान जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी से होती है, तो आर्थिक पहचान यहां के अमरुद (Guava) हैं जो अपनी मिठास और गुणवत्ता की वजह से पूरे देश और विदेश में अपनी अलग पहचान रखते हैं. यहां के अमरुदों की विशेषता ये है कि ये सेब जैसे सुर्ख लाल होते हैं और इनका स्वाद भी आम अमरुदों से बिल्कुल अलग होता है. प्रयागराज के लाल सेबिया अमरुद देश में ही नहीं विदेशों में भी खास तौर पर पसन्द किए जाते हैं. इस बार भी सर्दियों के मौसम में प्रयागराज के बाजार में अमरुदों की भरमार है.

प्रयागराज में दोआबे की मिट्टी में होता है उत्पादन
संगम नगरी प्रयागराज अपने अमरुदों के लिए पूरे देश और दुनिया में मशहूर है. यहां के सेबिया, सफेदा और अन्य वैराइटी के अमरुदों की महक पूरे देश के कोने-कोने के साथ ही विदेशों तक में भी फैली हुई है. अमरुदों का सीजन यहां पर नवम्बर से शुरु हो जाता है और दिसम्बर आते-आते यहां अमरुदों की खुशबू छाने लगती है. लोग अमरुदों के औषधीय गुणों के चलते भी इसका भरपूर सेवन करते हैं. प्रयागराज के अमरूद में सबसे ज्यादा डिमांड सुर्खा या सुर्खाब अमरूद की है. इसकी पहचान अपनी विशेष लाल रंगत और लाजबाव स्वाद की वजह से होती है. बाजार में सबसे ज्यादा इसकी डिमांड रहती है. इन दिनों बाजार में यह करीब 70 से 80 रुपए प्रति किलो बिक रहा है. प्रयागराज में अमरुदों का तीस से चालीस करोड़ का सालाना कारोबार होता है, जिसमें से अकेले सेबिया अमरुदों का कारोबार 20 करोड़ का होता है.

खुसरो बाग प्रयागराज (इलाहाबाद)
खुसरो बाग प्रयागराज (इलाहाबाद)


खुसरोबाग में पैदा होने वाले अमरुद हैं मशहूर
इलाहाबाद के अमरुद मुगलकाल में भी खासे मशहूर थे. मुगल शासक अकबर के बेटे जहांगीर ने इलाहाबाद में खुसरो बाग का निर्माण कराया था जिसमें कई तरह के पौधे लगाये गए थे, जिसके एक हिस्से में आज भी अमरुदों की खेती की जाती है. यहां के अमरुद अपने लाजवाब स्वाद के लिए पूरे देश और दुनिया में मशहूर हैं. आज भी खुसरोबाग के बगीचे में अमरुद के सैकड़ों पेड़ लगे हैं. इसकी यहां पर नर्सरी भी तैयार होती है, जहां से पौधों की बिक्री भी होती है और इसके बीज ऑनलाइन कम्पनियों द्वारा देश-विदेश में बेचे जाते हैं.

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First published: February 4, 2020, 11:20 PM IST
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