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ताजमहल विवाद: सांसद दीया कुमारी के समर्थन में आए इतिहासकार योगेश्वर तिवारी, स्वामित्व पर दिया ये बड़ा तर्क

प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी ने कहा है कि अगर जयपुर राजघराने के पोथी खाने में यह दस्तावेज मौजूद हैं तो इससे अच्छी कोई बात नहीं हो सकती है.

प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी ने कहा है कि अगर जयपुर राजघराने के पोथी खाने में यह दस्तावेज मौजूद हैं तो इससे अच्छी कोई बात नहीं हो सकती है.

Taj Mahal Latest Controversy: ताजमहल को लेकर छिड़े ताजा विवाद पर राजसमंद की बीजेपी सांसद दीया कुमारी के दावों का इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के इतिहासकार प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी ने समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि इस बात के ऐतिहासिक प्रमाण मौजूद हैं कि जयपुर के राजा सवाई जय सिंह की जमीन पर ही ताजमहल का निर्माण कराया गया था. दीया कुमारी सच कह रही हैं, क्योंकि जमीनों से संबंधित दस्तावेज राजघरानों के पोथी खाने में ही रखे जाते हैं

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प्रयागराज. ताजमहल को लेकर छिड़े ताजा विवाद पर राजसमंद की बीजेपी सांसद दीया कुमारी के दावों का इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के इतिहासकार प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी ने समर्थन किया है. प्रो तिवारी ने कहा है कि इस बात के ऐतिहासिक प्रमाण मौजूद हैं कि जयपुर के राजा सवाई जय सिंह की जमीन पर ही ताजमहल का निर्माण कराया गया था. दिल्ली सल्तनत के बादशाह शाहजहां ने राजा सवाई जयसिंह को मुआवजा देकर यह जमीन ली थी. उनके मुताबिक राजसमंद की सांसद दीया कुमारी सच कह रही हैं, क्योंकि जमीनों से संबंधित दस्तावेज राजघरानों के पोथी खाने में ही रखे जाते हैं.

प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी ने कहा है कि अगर जयपुर राजघराने के पोथी खाने में यह दस्तावेज मौजूद हैं तो इससे अच्छी कोई बात नहीं हो सकती है. उन्होंने कहा कि इस बात को इतिहासकारों ने भी प्रमाणित किया है. इतिहासकार प्रोफेसर योगेश्वर तिवारी ने कहा है कि अब वक्त आ गया है कि ताजमहल को लेकर उठा विवाद शांत हो और लोगों के सामने सच्चाई आनी चाहिए.

इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और जाने-माने इतिहासकार योगेश्वर तिवारी ने कहा है कि जहां तक ताजमहल के 22 कमरों को खोले जाने का प्रश्न है, इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल की गई है. उन्होंने बतौर इतिहासकार इस बात का समर्थन किया है कि किसी भी धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल के बंद कमरे खुलने चाहिए. इससे लोगों को वहां के बारे में तमाम जानकारी हासिल होती हैं.

उन्होंने मांग की है कि दक्षिण भारत के पद्मनाभ मंदिर की तर्ज पर ही ताजमहल के बंद कमरों को भी खोल देना चाहिए. उन्होंने कहा है कि ताजमहल की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के पास है. इसलिए समय-समय पर ताजमहल के बंद कमरों को खोल कर उसकी साफ-सफाई भी होती रहनी चाहिए और देश की जनता को भी इसके बारे में पता भी होना चाहिए.

इतिहासकार योगेश्वर तिवारी ने कहा कि पर्यटकों को भी ताजमहल की सच्चाई जानने का पूरा अधिकार है. उन्होंने कहा है कि जब कोई पर्यटक ताजमहल देखने आता है तो एक निश्चित शुल्क देकर आता है. लेकिन उसे ताजमहल आधा अधूरा ही दिखाया जाता है. इस लिहाज से यह किसी पर्यटक के अधिकारों का भी हनन है. उन्होंने मांग की है कि पर्यटक को उसके अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए.

Tags: Agra taj mahal, Diya Kumari, Prayagraj News, UP news

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