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प्रयागराज : जवाहर यादव हत्याकांड में 23 साल बाद आया फैसला, करवरिया बंधुओं समेत 4 दोषी करार

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 31, 2019, 5:30 PM IST
प्रयागराज : जवाहर यादव हत्याकांड में 23 साल बाद आया फैसला, करवरिया बंधुओं समेत 4 दोषी करार
इलाहाबाद में सपा विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड में कोर्ट ने करवरिया बंधुओं को दोषी करार दिया है. सजा का ऐलान 4 नवंबर को होगा.

प्रयागराज के बहुचर्चित जवाहर यादव हत्याकांड में पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया (Kapil Muni Karwariya), भाई पूर्व विधायक उदय भान करवरिया (Udaibhan Karwariya), भाई पूर्व एमएलसी सूरज भान करवरिया (Surajbhan Karwariya) और रामचंद्र त्रिपाठी दोषी करार दिए गए हैं.

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प्रयागराज. बहुचर्चित सपा विधायक जवाहर यादव पंडित (SP MLA Jawahar Yadav Pandit) हत्याकांड मामले में ट्रायल कोर्ट (Trial Court) ने अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने मामले में करवरिया बंधुओं सहित एक अन्य को हत्या का दोषी करार दिया है. हत्याकांड में पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया (Kapil Muni Karwariya), भाई पूर्व विधायक उदय भान करवरिया (Udaibhan Karwariya), भाई पूर्व एमएलसी सूरज भान करवरिया (Surajbhan Karwariya) और रामचंद्र त्रिपाठी दोषी करार दिए गए हैं. अब 4 नवंबर को ट्रायल कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगी. बता दें कि जवाहर पंडित की 13 अगस्त 1996 की शाम 7 बजे गोलियों से भूनकर हत्या की गई थी. सिविल लाइंस में पैलेस सिनेमा और काफी हाउस के बीच एके-47 से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था.

18 अक्टूबर को किया गया था फैसला सुरक्षित
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 18 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए थे. वहीं करवरिया बंधुओं को निर्दोष साबित करने के लिए बचाव पक्ष की ओर से 156 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया था.
बता दें मामले में सभी पक्षों की बहस और दलीलें सुनने के बाद ट्रायल कोर्ट (Trial court) ने 18 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित कर लिया था. एडीजे कोर्ट ने फैसला सुनाने के लिए 31 अक्टूबर की तारीख तय की थी.

हत्‍याकांड में ये थे आरोपी
जवाहर पंडित हत्‍याकांड में पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया, उनके भाई पूर्व विधायक उदय भान करवरिया, पूर्व एमएलसी सूरजभान करवरिया और राम चंद्र त्रिपाठी आरोपी हैं. झूंसी विधानसभा से सपा विधायक जवाहर यादव पंडित की हत्या 23 साल पहले 13 अगस्त 1996 को सिविल लाइंस में पैलेस सिनेमा और कॉफी हाउस के बीच एके 47 से गोलियां बरसाकर की गई थी. सपा विधायक जवाहर पंडित के साथ ही उनके ड्राइवर गुलाब यादव और एक राहगीर कमल कुमार दीक्षित की भी गोली लगने से मौत हो गई थी. जबकि विधायक पर हुए हमले में पंकज कुमार श्रीवास्तव और कल्लन यादव घायल हो गए थे.

बता दें हत्याकांड में विधायक की पत्नी की ओर से सिविल लाइंस थाने में करवरिया बंधुओं के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था. सिविल लाइंस थाने के बाद मुकदमे की विवेचना सीबीसीआईडी ने भी की और आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था. मुकदमे के दौरान कुछ साल तक हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के चलते मुकदमे की सुनवाई भी नहीं हो सकी थी.
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योगी सरकार ने करवारिया बंधुओं से लिया था मुकदमा वापस
इस बीच प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सरकार ने करवरिया बंधुओं से मुकदमा वापस ले लिया था, जिसका विरोध पूर्व विधायक विजमा यादव ने किया और अदालत में कानूनी लड़ाई भी लड़ी. इसके बाद कोर्ट ने सरकार के फैसले को यह कहते हुए वापस लौटा दिया था कि ट्रायल कोर्ट में चल रहे मुकदमे की सुनवाई फैसले के करीब है. मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपियों को सजा दिलाने के लिए अभियोजन की तरफ से जहां 18 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए थे, वहीं करवरिया बंधुओं को निर्दोष साबित करने के लिए बचाव पक्ष की ओर से 156 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया है.

इस मामले भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे और मौजूदा समय में राजस्थान के गवर्नर कलराज मिश्रा की भी गवाही हो चुकी है. फिलहाल दोनों ही पक्षों को 23 साल चली इस लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब फैसले का बेसब्री से इंतजार है.

(रिपोर्ट: सर्वेश दुबे)

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First published: October 31, 2019, 3:41 PM IST
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