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Mission 2022: सॉफ्ट हिंदुत्व के सहारे बसपा, अयोध्या के बाद अब मथुरा-वृंदावन में ब्राह्मण सम्मेलन की तैयारी

प्रयागराज के प्रबुद्ध वर्ग सम्मलेन में शिरकत करने पहुंचे बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा

प्रयागराज के प्रबुद्ध वर्ग सम्मलेन में शिरकत करने पहुंचे बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा

Prayagraj News: प्रयागराज के गंगापार इलाके के हंडिया विधानसभा क्षेत्र के सैदाबाद में प्रबुद्ध जन विचार गोष्ठी में शिरकत करने पहुंचे बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा ने कहा कि ब्राह्मणों को एकजुट करने का उनका अभियान अब थमने वाला नहीं है.

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प्रयागराज. यूपी में मिशन 2022 (UP Assembly 2022) की तैयारियों में जुटी बीएसपी (BSP) भी अब सॉफ्ट हिन्दुत्व (Soft Hindutva) की राह पर चल पड़ी है. कभी ब्राह्मणों को मनुवादी बताने और भगवान राम के नाम से भी परहेज करने वाली बहुजन समाज पार्टी ने न केवल भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या (Ayodhya) से ब्राह्मण सम्मेलनों (Brahmin Sammelan) की शुरुआत की है. वहीं अब बसपा कान्हा की नगरी मथुरा भी जाने को बेताब दिख रही है. प्रयागराज के गंगापार इलाके के हंडिया विधानसभा क्षेत्र के सैदाबाद में प्रबुद्ध जन विचार गोष्ठी में शिरकत करने पहुंचे बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा ने कहा कि ब्राह्मणों को एकजुट करने का उनका अभियान अब थमने वाला नहीं है. उन्होंने कहा है कि बसपा का ये अभियान लगातार 75 जिलों में जारी रहेगा.

मिश्रा ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बसपा ने प्रबुद्ध जन सम्मेलन की शुरुआत, जहां भगवान राम की नगरी अयोध्या से की है. वहीं दूसरे चरण की शुरुआत अगस्त माह में कान्हा की नगरी मथुरा और वृन्दावन से होगी. उन्होंने कहा कि बांके बिहारी मंदिर में पूजा अर्चना के बाद एक अगस्त से दूसरे चरण के सम्मेलनों की शुरुआत की जायेगी. उन्होंने योगी सरकार में ब्राह्मणों के उत्पीड़न का आरोप भी लगाया है. बसपा महासचिव के इस बयान के बाद अब मथुरा और वृन्दावन को लेकर सियासत तेज हो सकती है, क्योंकि चुनाव से पहले सभी राजनीतिक पार्टियां हिन्दुत्व के ऐजेण्डे पर लौटने को आतुर दिख रही हैं. वहीं 13 फीसदी ब्राह्मण वोटरों को भी एकजुट करने की कोशिशों में जुटी हैं.

सपा भी ब्राह्मणों को एकजुट करने में जुटी
बसपा को उम्मीद है कि सॉफ्ट हिन्दुत्व के ऐजेण्डे पर आगे चलकर वह सोशल इंजीनिजरिंग के जरिए एकबार फिर से यूपी की सत्ता पर काबिज हो सकती है. तो वहीं बसपा के बाद अब सपा भी 22 अगस्त से सिद्धार्थनगर से ब्राह्मणों को एकजुट करने के लिए अभियान शुरु करने जा रही है.

मथुरा-वृन्दावन के विकास को लेकर घेरा
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव ने मथुरा वृन्दावन के विकास को लेकर भी बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने कान्हा की नगरी की उपेक्षा की है. उन्होंने दावा किया है कि बसपा की सरकार रहते मथुरा वृन्दावन में तत्कालीन सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती जमकर विकास कराया है. उन्होंने कहा कि मायावती ने वृन्दावन में साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये से विकास कार्य कराये हैं. बसपा महासचिव ने कहा कि वृन्दावन में बसपा सरकार ने विधवा आश्रम, मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और लड़कियों के लिए स्कूल खोले हैं. इसके साथ ही सीवर लाइन समेत पूरे वृन्दावन का समग्र विकास किया है.

समाज को बांटने की कोशिश
बीजेपी पर निशाना साधते हुए बसपा के राष्ट्रीय महासचिव ने आरोप लगाया कि वे लोग भगवान राम का नाम तो लेते हैं, लेकिन माता सीता को नहीं याद करते हैं. जबकि हम लोग सीता राम कहते हैं. उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी के लोग सीता मैया से आखिर क्यों नाराज रहते हैं. उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में बाल्किमी आश्रम और सीता रसोंई के भी पुर्ननिर्माण की बात कही है. बसपा राष्ट्रीय महासचिव ने बीजेपी पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बसपा लोगों को जोड़ने का काम करती है. उन्होंने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती सबको साथ लेकर चलने और समता मूलक समाज बनाने की बात करती हैं.

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प्रयागराज: बाघम्बरी मठ से जुड़ी करोड़ों की संपत्ति से शुरू हुआ था विवाद! महंत नरेंद्र गिरि पर उठे थे सवाल?

Mahant Narendra Giri Death: बाघम्बरी मठ से जुड़ी करोड़ों की संपत्ति से शुरू हुआ था विवाद!

Mahant Narendra Giri News: बड़े हनुमान मंदिर में देश-विदेश के श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं‌ लेकिन खासतौर पर शनिवार और मंगलवार को मंदिर में श्रद्धालुओं का मेला लगता है. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से यहां पर लाखों का चढ़ावा भी चढ़ता है.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और बाघंबरी मठ के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की मौत मामले में यूपी पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है. हालांकि महंत नरेंद्र गिरि की मौत की असली वजह क्या है इस रहस्य से जांच के बाद ही पर्दा उठेगा. वहीं इतना तो तय है कि श्री मठ बाघम्बरी गद्दी और बड़े हनुमान मंदिर की संपत्ति को लेकर जो विवाद शुरू हुआ था. उसने महंत नरेंद्र गिरि की जीवन लीला समाप्त कर दी.

दरअसल अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी का हंड़िया के सपा विधायक से जमीन को लेकर विवाद हुआ था. यह विवाद 2012 में सपा नेता और हंडिया से विधायक रहे महेश नारायण सिंह से जमीन की खरीद फरोख्त को लेकर हुआ था. फरवरी 2012 में महंत ने सपा नेता महेश नारायण सिंह, शैलेंद्र सिंह, हरिनारायण सिंह व 50 अज्ञात के खिलाफ जार्ज टाउन में मुकदमा दर्ज कराया गया था. दूसरे पक्ष ने भी नरेंद्र गिरि, आनंद गिरि व दो अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

ये रही विवाद की जड़
बता दें कि मठ की जमीन का कुछ हिस्सा महंत नरेंद्र गिरी ने बेच दिया था. ताकि जीर्ण शीर्ण हो चुके मठ का जीर्णोद्धार किया जा सके. लेकिन सपा विधायक महेश नारायण दबंगई के बल पर बगैर पूरा पैसा दिए जमीन लिखवाना चाह रहे थे. इसके लिए वह लगातार महंत नरेंद्र गिरि पर दबाव बना रहे थे. लेकिन महंत नरेंद्र गिरी इस दबाव के आगे झुके नहीं और जमीन की रजिस्ट्री के लिए तैयार नहीं हुए. जिसके बाद मठ में सपा विधायक असलहों के साथ पहुंचे थे काफी हो हंगामा भी हुआ था. बाद में पैसे देने के बाद ही महंत नरेंद्र गिरी ने जमीन की रजिस्ट्री की थी. मौजूदा समय में 7 बीघे जमीन की कीमत 40 करोड़ रुपये बताई जा रही हैं. इस जमीन बिक्री को लेकर भी समय समय पर महंत नरेंद्र गिरी पर आरोप लगते रहे हैं.

करोड़ों में है मठ की संपत्ति
श्री मठ बाघम्बरी गद्दी और बड़े हनुमान मंदिर दोनों पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के तहत नहीं आते हैं. बल्कि सम्पत्ति श्रु मठ बाघमबारी गद्दी के अधीन आती है. मौजूदा समय में श्री मठ की गद्दी में जहां श्री महंत विचारानंद संस्कृत महाविद्यालय संचालित हो रहा है. वहीं यहां पर एक गौशाला के साथ ही कुंभ के दौरान यहां पर तीन मंजिला एक बड़ा भव्य गेस्ट हाउस भी बनाया गया है. कुल मिलाकर इस मठ और संस्कृत महाविद्यालय की संपत्ति करोड़ों में है. जिसको लेकर महंत नरेंद्र गिरी और स्वामी आनंद गिरी के बीच विवाद शुरू हो गया था.

बड़े हनुमान मंदिर के चढ़ावे को लेकर विवाद
बड़े हनुमान मंदिर में देश-विदेश के श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं‌ लेकिन खासतौर पर शनिवार और मंगलवार को मंदिर में श्रद्धालुओं का मेला लगता है. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से यहां पर लाखों का चढ़ावा भी चढ़ता है. जिसे दानपात्र खोलकर निकाला जाता है और उसी से मंदिर के पुजारियों को वेतन, पूजा-पाठ साफ सफाई का खर्च वाहन किया जाता है. बचे हुए पैसे को आश्रम के खर्चे में लिया जाता है.

प्रयागराज: महंत नरेंद्र गिरि को बाघम्बरी मठ में 23 सितंबर को दी जाएगी भू-समाधि

Prayagraj News: प्रयागराज में 20 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरि अपने बाघंबरी मठ में मृत पाए गए थे.  (File photo)

Prayagraj News: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि और निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविन्द्र पुरी ने बताया है कि महंत नरेंद्र गिरि को भू-समाधि 23 सितंबर 2021 (गुरुवार) को श्री बाघम्बरी मठ, प्रयागराज में दी जाएगी.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वर्गीय महंत नरेंद्र गिरि (Late Mahant Narendra Giri) को भू-समाधि 23 सितंबर 2021 को श्री बाघम्बरी मठ, प्रयागराज में दी जाएगी. इस बात की जानकारी अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्री महंत हरि गिरि और निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविन्द्र पुरी ने दिया.

बता दें इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले की कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी द्वारा जांच किये जाने की बात कही साथ ही बताया था कि पंचक होने की वजह से आज (मंगलवार) महंत नरेंद्र गिरी को समाधि नहीं दी जायेगी. बुधवार को 5 डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम होने के बाद मठ बाघम्बरी गद्दी में ही सनातन परम्परा के अनुसार महंत नरेंद्र गिरी को समाधि दी जाएगी.

इसी के हिसाब से अब अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि और निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविन्द्र पुरी ने बताया है कि महंत नरेंद्र गिरि को भू-समाधि 23 सितंबर 2021 (गुरुवार) को श्री बाघम्बरी मठ, प्रयागराज में दी जाएगी.

इससे पहले सीएम योगी ने कहा कि इस दुखद घटना से हम सभी दुखी हैं. कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था. पुलिस के चार बड़े अफसर मामले की जांच कर रहे हैं. घटना का पर्दाफाश होगा. जो भी जिम्मेदार होगा, उसे सजा मिलेगी. दोषियों को कठोर सजा मिलेगी. साथ ही सीएम योगी ने ये भी कहा कि नरेंद्र गिरी मौत मामले की जांच जारी है, इसलिए बेवजह की बयानबाजी से बचना चाहिए.

सीएम ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरी का जाना संत समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है. उन्होंने कहा कि उनके निधन से बेहद दुखी हूं. संत समाज की ओर से श्रद्धांजलि देने आया हूं. इस दुखद घटना से हम सब व्यथित हैं. समाज और देश के हित में किए जाने वाले हर निर्णय में उनका सहयोग प्राप्त होता था. साथ ही यूपी सीएम तमाम साधु-संतों से भी बात कर हालात का संज्ञान लिया.

महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत की जांच CBI से कराने की तैयारी, योगी सरकार कर सकती है गृह मंत्रालय से सिफारिश

Prayagraj News: उत्तर प्रदेश सरकार सीबीआई जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिख सकती है पत्र (File photo)

Mahant Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरी की मौत से जुड़े मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है. जिसे खुद ADG प्रेम प्रकाश और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ एसपी सिंह मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

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दिल्ली. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या (Narendra Giri Suicide Case) के मामले में पुलिस के जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है. निरंजनी अखाड़े के महंत और भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे नरेंद्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई. मौत के मामले में तफ्तीश केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) से करवाने के लिए जल्द ही उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को खत लिखकर अनुशंसा कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक, अगले दो दिनों के अंदर ही योगी सरकार इस मामले की सीबीआई जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिख सकती है.

दरअसल जिस तरह से सोमवार 20 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरी का शव उनके कमरे में भगवा रंग के धोती वाले फंदे से लटका हुआ पाया गया था. बाद में करीब 8 पन्नों का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ. इसके बाद ये बातें सामने आई कि उन्होंने आत्महत्या की है, लेकिन एक संत की आत्महत्या करने का मामला किसी को विश्वास नहीं हो पा रहा है.

सुसाइड नोट पर उठ रहे हैं सवाल?
महंत नरेंद्र गिरी की मौत से जुड़े मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है, जिसे खुद ADG प्रेम प्रकाश और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ एसपी सिंह मॉनिटरिंग कर रहे हैं. क्योंकि कई डॉक्टरों के पैनल गठित कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा, उसके बाद ही मौत की असली वजह पता किया जा सकता. फिलहाल पुलिस की टीम महंत नरेंद्र गिरी के मोबाइल फोन को भी अपने कब्जे में लेकर तफ़्तीश कर रही है कि किन-किन लोगों से ज्यादा बातचीत होती थी और मौत के पहले आखि‍री के पांच दिनों के दौरान किन लोगों से ज्यादा बातचीत हुई है. आंनद गिरी और उनके गुरु महंत नरेंद्र गिरी के बीच तल्खी के मसले पर भी पुलिस की टीम आगे तफ्तीश कर रही है.

पंचक के कारण आज नहीं होगा पोस्टमार्टम
सूत्रों के मुताबिक हिन्दू धर्म और संतों की मान्यता और परंपरा के मुताबिक, मंगलवार 21 सितंबर को पंचक तिथि होने की वजह से महंत नरेंद्र गिरी का पोस्टमार्टम नहीं होगा. दरअसल धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद एवं रेवती हिन्दू धर्म में पांच नक्षत्रों का एक समूह है. धनिष्ठा के प्रारंभ होने से लेकर रेवती नक्षत्र के अंत समय को पंचक कहते हैं. मंगलवार को शुरू होने वाला पंचक अग्नि पंचक कहलाता है. ये अशुभ होता है. इस पंचक में किसी भी तरह का काम अशुभ माना गया है. इसलिए महंत नरेंद्र गिरी का पोस्टमार्टम बुधवार को होने के बाद अंतिम संस्कार संतों की परंपरा के मुताबिक को सम्पन्न किया जाएगा.

Narendra Giri Death Mystery: जब गुरु नरेंद्र गिरि के पैर पकड़कर आनंद गिरि ने मांगी थी माफी, देखें Video

Prayagraj News: शिष्य आनंद गिरि का सामने आया Video

Mahant Narendra Giri Suicide Case: महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार शाम संदिग्ध हालात में मौत हो गई. उनकी मौत के बाद उनके शिष्य एवं योगगुरु आनंद गिरि का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह पिछले दिनों हुए एक विवाद के बाद नरेन्द्र गिरि के पैर पकड़ कर माफी मांगते हुए नजर आ रहे हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 14:32 IST
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प्रयागराज. निरंजनी अखाड़े के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके शिष्य योगगुरु आनंद गिरि का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. बता दें कि पिछले दिनों नरेंद्र गिरि का उनके शिष्य आनंद गिरि से विवाद हुआ था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद एक वीडियो जारी करके विवाद को खत्म बताया जा रहा था. वीडियो में खुद आनंद गिरि ने अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरी के पैर पकड़कर माफी भी मांगी थी.

दरअसल आनंद गिरि को हरिद्वार में संन्यास परंपरा के तोड़ने की वजह से पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की कार्यकारिणी ने निकाल दिया था. तब खुद महंत नरेंद्र गिरि का कहना था कि आनंद गिरि ने नासिक, उज्जैन, प्रयागराज और हरिद्वार कुम्भ में अपने पूरे परिवार को बुलाया था. जबकि अखाड़े की परंपरा के अनुसार परिवार से सम्बंध नहीं रखा जा सकता है. एक माह पहले दी गई चेतावनी के बाद भी जब ये नहीं माने तो महंत ने पहले बाघम्बरी मठ से हटाया उसके बाद अखाड़े से निष्कासन की कार्रवाई की गई थी.

आनंद गिरी ने गुरु के खिलाफ खोल दिया था मोर्चा

निरंजनी अखाड़े से निकाले जाने के बाद स्वामी आनंद गिरि ने अपने गुरु स्वामी नरेंद्र गिरि के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. इसके बाद 26 मई को एक वीडियो जारी किया गया, जिसमें बकायदा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य आनंद गिरि के बीच विवाद को सुलझा हुआ बताया गया. गुरु और शिष्‍य में सुलह होने की बात भी कही गई. वीडियो में आनंद गिरि ने अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरी के पैर पकड़कर माफी भी मांगी थी.

शिष्य आनंद गिरि समेत 3 गिरफ्तार

बता दें कि महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार शाम संदिग्ध हालात में मौत हो गई. उनका शव अल्लापुर में श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के कमरे में फंदे से लटका मिला. मामले में पुलिस ने उनके शिष्य योगगुरु आनंद गिरि, लेटे हुए हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है.

Narendra Giri Death: FIR से समझें कैसे हुई महंत नरेंद्र गिरि की मौत, आरोपी के कॉलम में सिर्फ आनंद गिरि का नाम

RIP Mahant Narendra Giri: आचार्य नरेंद्र गिरी की शव का आज कराया जाएगा पोस्टमॉर्टम.

Narendra Giri Suicide Case: आनंद गिरि के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. महंत नरेन्द्र गिरि के शव के पोस्टमॉर्टम से ही पता चलेगा कि उनकी मौत आत्महत्या है या हत्या.

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प्रयागराज/लखनऊ. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) आत्महत्या मामले में पहली एफआईआर प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाने में दर्ज की गई है. महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य अमर गिरि पवन महाराज की तरफ से दर्ज करवाई गई. एफआईआर में सिर्फ उनके शिष्य आनंद गिरि को नामजद आरोपी बनाया गया है. आनंद गिरि के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. उस पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. पुलिस ने आनंद गिरि को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है और अब उन्हें सड़क मार्ग से प्रयागराज लाया जा रहा है. उधर बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

एफआईआर के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि सोमवार दोपहर लगभग 12:30 बजे बाघम्बरी गद्दी के कक्ष में भोजन के बाद रोज की तरह विश्राम के लिए गए थे. रोज 3 बजे दोपहर में उनके चाय का समय होता था, लेकिन चाय के लिए उन्होंने पहले मना किया था और यह कहा था जब पीना होगा तो वह स्वयं सूचित करेंगे. शाम करीब 5 बजे तक कोई सूचना न मिलने पर उन्हें फोन किया गया. लेकिन महंत नरेंद्र गिरि का फोन बंद था. इसके बाद दरवाजा खटखटाया गया तो कोई आहट नहीं मिली. जिसके बाद सुमित तिवारी, सर्वेश कुमार द्विवेदी, धनंजय आदि ने धक्का देकर दरवाजा खोला. तब नरेन्द्र गिरि पंखे में रस्सी से लटकते हुए पाए गए.

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महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या मामले में दर्ज हुई पहली FIR

FIR में आनंद गिरि पर परेशान करने का जिक्र

FIR में आगे लिखा हुआ है कि जीवन की संभावना को देखते हुए शिष्यों ने रस्सी काटकर नरेेन्द्र गिरि को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थती. एफआईआर में जिक्र है कि महाराज पिछले कुछ महीने से आनंद गिरि को लेकर परेशान रहा करते थे. यह बात कभी-कभी वह स्वयं भी कहते थे कि आनंद गिरि हमें बहुत परेशान करता रहता है.

आज होगा पोस्टमॉर्टम

महंत नरेंद्र गिरी की मौत मामले में यह पहला कानूनी कदम है, जिसमें आनंद गिरि को आरोपी बनाया गया है. अब उनकी मौत हत्या थी या आत्महत्या, इसका पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा. फिलहाल डॉक्टरों के पैनल द्वारा उनका पोस्टमॉर्टम कराने की तैयारी की गई है. उसके बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए बाघंबरी पीठ मठ में रखा जाएगा. जानकारी के मुताबिक मठ में ही नरेंद्र गिरि को भू-समाधि दी जाएगी.

Mhanat Narendra Giri Suicide: देश के इन नामी संतों ने भी की थी खुदकुशी, देखिए लिस्ट

विदा महंत नरेंद्र गिरी.

Narendra Giri Death Case: यह पहला मौका नहीं है जब किसी संत ने आत्महत्या की या उनकी हत्या की गयी या फिर हत्या की कोशिश की गई. अतीत को खंगालने पर पता चलता है कि पहले भी ऐसे कई मौके आये हैं जब ऐसी घटनाओं से देश भर में सन्नाटा पसर गया.

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प्रयागराज. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्र गिरि की मौत (Narendra Giri Death) से संत समाज ही नहीं पूरा देश सन्न है. पुलिस (Police) की तफ्तीश में आत्महत्या (Suicide) की बात सामने आ रही है. हालांकि सभी ये जानकर हैरान हैं कि जो व्यक्ति समाज को दिशा दिखाता हो, वह आत्महत्या जैसी ओछी हरकत कैसे कर सकता है. एक संत आत्महत्या कैसे कर सकता है, सभी इसी सवाल का जवाब चाहते हैं. हालांकि पुलिस की तफ्तीश जारी है. जांच के बाद सभी तथ्य सामने आएंगे कि नरेंद्र गिरि की हत्या हुई या उन्होंने आत्महत्या की. अगर आत्महत्या की तो वो कौन सी वजह थी जिसने एक संत को भी तोड़ दिया.

लेकिन, यह पहला मौका नहीं है जब किसी संत ने आत्महत्या की या उनकी हत्या की गयी या फिर हत्या की कोशिश की गई. अतीत को खंगालने पर पता चलता है कि पहले भी ऐसे कई मौके आये हैं जब ऐसी घटनाओं से देश भर में सन्नाटा पसर गया. आइये जानते हैं कि उन पांच बड़े संतों के बारे में जिनकी मौत से पूरे देश में निराशा फैल गयी.

महंत नरेंद्र गिरि 
प्रयागराज के मठ बाघंबरी के गद्दीनशीन और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की मौत से न सिर्फ पूरा संत समाज बल्कि पूरे देश में निराशा का माहौल है. नरेंद्र गिरि की लाश प्रयागराज में उनके मठ के ही एक कमरे में लटकती मिली. पहली नजर में पुलिस ने आत्महत्या करार दिया है लेकिन, हत्या की आशंका को सिरे से खारिज नहीं किया गया है. जांच चल रही है. संपत्ति के विवाद में उनकी जान जाने का अंदेशा जताया जा रहा है.

संत भय्यू जी महाराज
तीन साल पहले 2018 में भय्यू जी महाराज ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. भय्यू जी महाराज देश के जाने माने संत और कथावाचक थे. उनके निधन से भी देशभर में लोग चौंक गये थे. भय्यू जी महाराज एमपी सरकार में दर्जाधारी मंत्री थे. उनकी लाश के पास से ही पिस्टल और सुसाइड नोट बरामद किया गया था. इस मामले की भी सीबीआई से जांच कराने की मांग उठी थी.

संत बाबा राम सिंह 
पंजाब के इस संत ने पिछले साल 2020 में खुद को गोली मार ली थी. वे तीन कृषि कानूनों को रद्द करने को लेकर सिंघु बार्डर पर हो रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल थे. उन्होंने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था जिसमें किसानों की दुर्दशा से आहत होने और इसी के चलते खुदकुशी करने की बातें लिखी हुई थीं.

संत ज्ञानेश्वर की हुई थी हत्या 
साल 2006 में हुई संत ज्ञानेश्वर की हत्या से तो पूरा देश दहल गया था. प्रयागराज माघ मेले से अपने मठ लौट रहे संत ज्ञानेश्वर और उनके शिष्यों पर हंडिया इलाके में ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गयी थीं. संत समेत सात लोग मारे गये थे. हत्या का आरोप सुल्तानपुर के सोनू-मोनू भाईयों पर लगा. संत ज्ञानेश्वर पर सोनू-मोनू के पिता की हत्या का आरोप लगा था. मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है.

दीनबंधु दास पर बम से हुआ था हमला
अयोध्या के हनुमानगढ़ी मदिर के गद्दीनशीन थे दीनबंधु दास. वैसे तो इन्होंने न आत्महत्या की और ना ही इनकी हत्या हुई थी लेकिन, मंदिर परिसर के भीतर ही इनकी हत्या का प्रयास हुआ था. बात साल 1989-90 की है. गद्दीनशीन दीनबंधु दास की गद्दी के नीचे ही किसी ने बम रख दिया था. उनके बैठते ही बम फट गया और दीनबंधु दास बुरी तरह घायल हो गये. हनुमानगढ़ी मंदिर में बम फटने की घटना से पूरा संत समाज हिल गया था. हालांकि दीनबंधु दास इलाज के बाद ठीक हो गये थे. बाद में इनकी स्वाभाविक मौत हुई.

जब महंत नरेंद्र गिरि ने अपने शिष्य आनंद गिरि को सिडनी भेजे थे 4 करोड़ रुपये, पढ़िए ये खबर

Mahant Narendra Giri Suicide Case: स्वामी आनंद गिरी का विवादों से रहा पुराना नाता (File photo)

Mahant Narendra Giri Death: नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में उनके शिष्य आनंद गिरि (45) के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया गया है.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या (Narendra Giri Suicide Case) के मामले में पुलिस के जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है. स्वामी आनंद गिरी का विवादों से भी नाता रहा है. लेकिन उनके साथ सबसे बड़ा विवाद आस्ट्रेलिया में 2016 और 2018 के एक पुराने मामले में जुड़ा. जबकि अपनी दो महिला शिष्याओं के साथ मारपीट और अभद्रता के मामले में वर्ष 2019 में वे सुर्खियों में आये थे. इस मामले में उन्हें मई 2019 में आस्ट्रेलिया के सिडनी में जेल भी जाना पड़ा था.

हालांकि सितम्बर माह में सिडनी कोर्ट ने उन्हें बाइज्जत बरी करते हुए पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश दे दिया था. जिसके बाद ही स्वामी आनंद गिरि की स्वदेश वापसी हो सकी थी. इस बारे में भी यह कहा जाता है कि उन्हें छुड़ाने के लिए महंत नरेंद्र गिरि ने यहां से 4 करोड़ रुपए भेजे थे. स्वामी आनंद गिरि पर ये भी आरोप लगा था कि बाघम्बरी गद्दी और मंदिर से अर्जित धन वे अपने परिजनों के लिए घर भेजते थे. इस प्रकरण की महंत नरेंद्र गिरी ने अखाड़े के पंच परमेश्वरों से जांच भी करायी थी. पंच परमेश्वरों की जांच में दोनों आरोप सही पाए जाने के बाद ये सख्त कार्रवाई की गई थी.

नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि के खिलाफ FIR दर्ज
नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में उनके शिष्य आनंद गिरि (45) के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया गया है. यह FIR लेटे हनुमान मंदिर के व्यवस्थापक अमर गिरि की ओर से दर्ज करवाई गई है. इसमें आरोप हैं कि आनंद की प्रताड़ना की वजह से ही महंत नरेंद्र गिरि ने जान दी है.

Narendra Giri Death: यूपी पुलिस स्वामी आनंद गिरि को लेकर पहुंची प्रयागराज

UP: महंत नरेंद्र गिरि की मौत मामले में हिरासत में लिए गए स्वामी आनंद गिरि को प्रयागराज पुलिस लाइन में रखा गया है.

Prayagraj News: प्रयागराज में महंत आचार्य नरेंद्र गिरि का शव उनके आश्रम के कमरे में मिला था. महंत की मौत के बाद पुलिस को 8 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला, जिसके बाद देर रात उनके शिष्य आनंद गिरि को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 13:53 IST
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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और बाघंबरी मठ के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की मौत मामले में यूपी पुलिस ने जांच तेज कर दी है. महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य रहे स्वामी आनंद गिरि (Swami Anand Giri) से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है. पता चला है कि यूपी पुलिस स्वामी आनंद गिरि को लेकर प्रयागराज (Prayagraj) पहुंच गई है. आनंद गिरि को पुलिस लाइन में रखा गया है.

बता दें आनंद गिरि महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में नामजद हैं. सूत्रों के अनुसार पुलिस स्वामी आनंद गिरी से थोड़ी देर में पूछताछ करेगी. जार्जटाउन थाने में स्वामी आनंद गिरि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

पता चला है कि आनंद गिरि को पुलिस लाइन के क्राइम ब्रांच में रखा गया है. आज लखनऊ से उन्हें प्रयागराज पुलिस लाइन लाया गया. बता दें महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस को सुसाइट नोट मिला था, जिसमें आनंद गिरि का भी नाम था.

महंत गिरि की मौत के मामले में 6 लोग हिरासत में, गनर से होगी पूछताछ- सूत्र

महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध स्थिति में मौत मामले में प्रयागराज पुलिस ने कई राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के साथ-साथ आधा दर्जन से ज्यादा व्यक्तियों को हिरासत में लिया है. इन सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी. उनके गनर से भी पूछताछ की जाएगी.

बता दें प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी व लेटे हनुमानजी के महंत आचार्य नरेंद्र गिरि का शव कल उनके आश्रम के कमरे में मिला था. मठ में उनकी लाश फांसी के फंदे से लटकती मिली थी. संदिग्ध हालत में महंत की मौत के बाद पुलिस को 8 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला, जिसके बाद देर रात ही उनके शिष्य आनंद गिरि को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया था. पुलिस के मुताबिक, महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरि के ऊपर प्रताड़ना का आरोप लगाया था.

इनपुट: सर्वेश दुबे

महंत नरेंद्र गिर‍ि केस: संत मान रहे हत्‍या, सरकार जांच को तैयार-10 प्‍वाइंट में जानें अब तक क्या-क्या हुआ

महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देते यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

Mahant Narendra Giri Death Case: आईजी केपी सिंह के अनुसार महंत नरेंद्र गिरि का शव उनके शिष्यों ने छत से लटका पाया था. उस जगह से 7 से 8 पन्नों का एक कथित सुसाइड नोट भी मिला था.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 13:48 IST
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नई दिल्‍ली. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्‍यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) के निधन के बाद कई संत उनकी मौत के कारण पर सवाल उठा रहे हैं. साथ ही उनके कथित सुसाइड नोट की सच्‍चाई को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं. वहीं आईजी केपी सिंह के अनुसार महंत गिरि का शव उनके शिष्यों ने छत से लटका पाया था. उस जगह से 7 से 8 पन्नों का एक कथित सुसाइड नोट भी मिला था. इसमें लिखा गया था कि वह मानसिक रूप से परेशान हैं और अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं. पुलिस ने कहा कि उन्‍होंने लिखा था कि वह अपने एक शिष्य से परेशान थे.

पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है लेकिन पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. केपी सिंह ने कहा था कि अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों के आने के बाद महंत के अंतिम संस्कार पर फैसला लिया जाएगा. इस बीच, कई संत और धार्मिक निकाय मृत्यु के कारण पर सवाल उठाते हुए सामने आए और महंत की मृत्यु से संबंधित अपना पक्ष रखा.

यहां कुछ दावे और पुलिस ने अब तक क्या कहा है इसके बारे में जानिये…

अलग रहने वाली पत्नी अगर आत्महत्या कर ले, तो पति पर उकसाने का मामला नहीं बनता: इलाहाबाद HC

UP: हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ पारित दोषसिद्धि के आदेश को किया रद्द

Allahabad High Court order: न्यायमूर्ति अजय त्यागी की पीठ के समक्ष जगवीर सिंह उर्फ​ बंटू ने एक अपील दायर कर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पीलीभीत के उस आदेश को चुनौती दी थी.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने एक पति‍ काे पत्‍नी की आत्‍महत्‍या के मामले में राहत देते हुए कहा क‍ि सिर्फ प्रताड़ना भर से आत्महत्या के लिए उकसाने का केस नहीं बनता है. आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जब तक उकसावे के लिए ऐक्टिव रोल साब‍ित न हो तब तक सिर्फ प्रताड़ना के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस नहीं बनता. हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एक पति के खिलाफ न‍िचली अदालत में दोषी ठहराने के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि पत्नी को अपने जीवन से अलग करना उकसाने की श्रेणी में आने वाला एक कारण नहीं हो सकता है.

न्यायमूर्ति अजय त्यागी की पीठ के समक्ष जगवीर सिंह उर्फ​ बंटू ने एक अपील दायर कर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पीलीभीत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए और 306 के तहत दोषी ठहराया गया था. 14 दिसंबर, 2008 को शिकायतकर्ता ने थाना-जहानाबाद, जिला-पीलीभीत में एक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी, जिसमें कहा गया कि उसकी पोती की हत्या हुई है. उसने बताया कि उसकी पोती की शादी जगवीर सिंह (अपीलकर्ता) से हुई थी. यह स्पष्ट था कि उसे जहर दिया गया है.

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अभियोजन का मामला यह है कि अपीलकर्ता और उसके माता-पिता मृतक की शादी में दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे और वे अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे. जिसे पूरा न करने पर मृतक को प्रताड़ित किया गया था. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आईपीसी की धारा-306 के प्रावधान के मुताबिक आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी के खिलाफ उकसाने के मामले में ऐक्टिव रोल होना चाहिए. या फिर उसकी ऐसी हरकत होनी चाहिए जिससे कि जाहिर हो कि उसने आत्महत्या के लिए सहूलियत प्रदान की है.

Narendra Giri Death: एडिशनल एसपी समेत बीजेपी और सपा के नेता आए पुलिस जांच के दायरे में

RIP Mahant Narendra Giri: पुलिस जांच के दायरे में आए एडिशनल एसपी और बीजेपी व सपा नेता

Mahant Narendra Giri Suicide: जानकारी के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि और स्वामी आनंद गिरि के बीच हुए विवाद में एडिशनल एसपी ओपी पांडे, बीजेपी नेता सुशील मिश्रा और समाजवादी पार्टी इंदु प्रकाश मिश्रा ने मध्यस्थता कराई थी. अब पुलिस इन तीनों से ही गुरुवार को पूछताछ करेगी.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या (Narendra Giri Suicide Case) के मामले में अब पुलिस (Police) जांच के दायरे में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ ही एक एडिशनल एसपी भी आ गए हैं. जानकारी के मुताबिक, महंत नरेंद्र गिरि और स्वामी आनंद गिरि के बीच हुए विवाद में एडिशनल एसपी ओपी पांडे, बीजेपी नेता सुशील मिश्रा और समाजवादी पार्टी इंदु प्रकाश मिश्रा ने मध्यस्थता कराई थी. अब पुलिस इन तीनों से गुरुवार को पूछताछ करेगी. दरअसल, पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर जब समझौता हो गया था तो विवाद क्यों बरकरार रहा?

जानकारी के मुताबिक, एडिशनल एसपी ओपी पांडेय, बीजेपी नेता सुशील मिश्रा और समाजवादी पार्टी के नेता इंदु प्रकाश मिश्रा दोनों ही संतों के करीबी रहे हैं. इन्होंने ही लखनऊ में एक बंद कमरे में दोनों के बीच समझौता कराया था. अब पुलिस इन तीनों से महंत नरेंद्र गिरी और आनंद गिरी के बीच के रिश्तों के बारे में पता लगाएगी. एएसपी ओपी पांडे मध्यस्थता के वक्त मुरादाबाद पीएसी में तैनात थे. पुलिस एडिशनल एसपी ओपी पांडे को गुरुवार को प्रयागराज बुला सकती है.

सुशील मिश्रा ने कही ये बात 
महंत नरेंद्र गिरि और स्वामी आनंद गिरि के बीच समझौता कराने वाले बीजेपी नेता सुशील मिश्रा ने न्यूज़18 से बातचीत में कहा कि उस वक्त महंत नरेंद्र गिरि ने मुझसे कहा था कि आनंद गिरि मीडिया में मेरे बारे में उल्टी सीधी बात कर रहे हैं, उसके बाद हम लोगों ने मध्यस्थता करवाने के लिए आनंद गिरि और महराज की मुलाकात करवाई थी. हम लोग आनंद गिरि को पहले नहीं जानते थे. आनंद गिरि के बारे में हमें कुछ पता नहीं था, लेकिन दोनों ने बंद कमरे में जाकर बात की थी. अंदर क्या बात हुई यह हमें नहीं बताया गया था. मैं पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करूंगा. पुलिस जो भी जानना चाहेगी मैं सब बताऊंगा. अगर समझौता कराना अपराध होता तो हम मठ नहीं जाते, मैने सब के भले के लिए समझौता कराया था.

प्रयागराज: CM योगी बोले- पंचक के कारण आज महंत नरेंद्र गिरि को समाधि नहीं दी जाएगी

UP: दिवंगत महंत नरेंद्र गिरी को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पोस्टमॉर्टम होने के बाद मठ बाघम्बरी गद्दी में ही सनातन परम्परा के अनुसार महंत नरेंद्र गिरि को समाधि दी जाएगी. उन्होंने कहा कि महंत की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 13:28 IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने आज मंगलवार (21 November) को प्रयागराज के बाघंबरी मठ पहुंचकर महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले की कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी द्वारा जांच किये जाने की बात कही. उन्होंने बताया कि पंचक होने की वजह से आज महंत नरेंद्र गिरि को समाधि नहीं दी जायेगी. बुधवार को 5 डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम होने के बाद मठ बाघम्बरी गद्दी में ही सनातन परम्परा के अनुसार महंत नरेंद्र गिरि को समाधि दी जाएगी. इसके साथ ही महंत नरेंद्र गिरि के मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सीएम योगी ने कहा कि इस दुखद घटना से हम सभी दुखी हैं. कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था. पुलिस के चार बड़े अफसर मामले की जांच कर रहे हैं. घटना का पर्दाफाश होगा. जो भी जिम्मेदार होगा, उसे सजा मिलेगी. दोषियों को कठोर सजा मिलेगी. साथ ही सीएम योगी ने ये भी कहा कि नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच जारी है, इसलिए बेवजह की बयानबाजी से बचना चाहिए.

सीएम ने दी श्रद्धांजलि

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UP: प्रयागराज पहुंचे सीएम योगी ने महंत नरेंद्र गिरि को दी श्रद्धांजलि

सीएम ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरि का जाना संत समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है. उन्होंने कहा कि उनके निधन से बेहद दुखी हूं. संत समाज की ओर से श्रद्धांजलि देने आया हूं. इस दुखद घटना से हम सब व्यथित हैं. समाज और देश के हित में किए जाने वाले हर निर्णय में उनका सहयोग प्राप्त होता था. साथ ही यूपी सीएम तमाम साधु-संतों से भी बात कर हालात का संज्ञान लिया.

इनपुट: सर्वेश दुबे

Prayagraj News: सीएम योगी ने महंत नरेंद्र गिरी को दी श्रद्धांजलि, बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

UP: हमारे आध्यात्मिक और धार्मिक समाज की अपूरणीय क्षति

Mahant Narendra Giri Death: सीएम योगी ने कहा कि उनका जाना संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरि के निधन से बेहद दुखी हूं. संत समाज की ओर से श्रद्धांजलि देने आया हूं.

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प्रयागराज. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने मंगलवार को प्रयागराज के बाघंबरी मठ पहुंचकर महंत नरेंद्र गिरि (Narendra Giri) को श्रद्धांजलि अर्पित की. सीएम योगी ने कहा कि इस दुखद घटना से हम सभी दुखी हैं. कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था. इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि पुलिस के चार बड़े अफसर मामले की जांच कर रहे हैं. एक-एक घटना का पर्दाफाश होगा. जो भी जिम्मेदार होगा, उसे सजा मिलेगी. दोषियों को कठोर सजा मिलेगी. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि दोषी बचेगा नहीं, हर हाल में सजा मिलेगी. नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच जारी है इसलिए बेवजह की बयानबाजी से बचना चाहिए. सीएम ने कहा कि पंचक होने के कारण आज महंत नरेंद्र गिरी को समाधि नहीं दी जाएगी. आज जनता के दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर यहां रहेगा. बुधवार को पांच सदस्यीय टीम उनके पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम करेगी. वहीं पोस्टमार्टम के बाद  धार्मिक विधि विधान से अंतिम संस्कार किया जाएगा.

सीएम योगी ने कहा कि उनका जाना संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरि के निधन से बेहद दुखी हूं. संत समाज की ओर से श्रद्धांजलि देने आया हूं. इस दुखद घटना से हम सब व्यथित हैं. यह हमारे आध्यात्मिक और धार्मिक समाज की अपूरणीय क्षति है. मान अपमान की चिंता के बगैर उन्होंने प्रयागराज कुंभ को भव्यता के साथ आयोजित करने में योगदान दिया था. समाज और देश के हित में किए जाने वाले हर निर्णय में उनका सहयोग प्राप्त होता था. साथ ही यूपी सीएम तमाम साधु संतों से भी बात कर हालात का संज्ञान लिया.

शिष्य आनंद गिरि समेत 3 गिरफ्तार
बता दें कि देश भर में अपने बयान से सुर्खियों में रहने वाले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार शाम संदिग्ध हालात में मौत हो गई. उनका शव अल्लापुर में श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के कमरे में फंदे से लटका मिला. मामले में पुलिस ने उनके शिष्य योगगुरु आनंद गिरि, लेटे हुए हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है.

Narendra Giri Death: महंत गिरि की मौत के मामले में 6 लोग हिरासत में, गनर से होगी पूछताछ- सूत्र

Mahant Narendra Giri death: महंत नरेंद्र गिरि मामले में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया.

Mahant Narendra Giri Death: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत मामले में पुलिस ने राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के साथ-साथ कई लोगों को लिया हिरासत में. प्रयागराज स्थित बाघम्बरी मठ में महंत नरेंद्र गिरि का मिला था शव.

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प्रयागराज. अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध स्थिति में मौत के मामले में आज प्रयागराज पुलिस ने कई राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के साथ-साथ आधा दर्जन से ज्यादा व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया है. सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक इन सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि के गनर से भी पूछताछ की जाएगी. महंत को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी.

प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी व लेटे हनुमानजी के महंत आचार्य नरेंद्र गिरि का शव कल उनके आश्रम के कमरे में मिला था. बाघंबरी मठ में उनकी लाश फांसी के फंदे से लटकती मिली थी. संदिग्ध हालत में महंत की मौत के बाद पुलिस को 8 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला था, जिसके बाद कल देर रात ही उनके शिष्य आनंद गिरि को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया था. पुलिस के मुताबिक, महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरि के ऊपर प्रताड़ना का आरोप लगाया था.

महंत नरेंद्र गिरि की मौत खुदकुशी या हत्या? पुल‍िस को म‍िला एक वी‍ड‍ियो, खुल सकते हैं कई राज

इस मामले में पुलिस को मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट मिली है, जिससे कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं. पुलिस के मुताबिक मौत से पहले 6 से 10 घंटे के बीच महंत के साथ जिन-जिन लोगों की बातचीत हुई है, पुलिस उन सभी से पूछताछ करेगी. महंत की मौत को लेकर प्रयागराज पुलिस को एक वीडियो भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है. आपको बता दें कि महंत नरेंद्र गिरि के साथ उनके शिष्य आनंद गिरि का विवाद चल रहा था. पुलिस उनकी मौत को इस विवाद से भी जोड़कर जांच कर रही है.

शिष्य आनंद गिरि के लिए 'पेट्रोल पंप' खोलना चाहते थे महंत नरेंद्र गिरि, जानिए दोनों के बीच क्यों बढ़ी तकरार?

मठ और बड़े हनुमान मंदिर से शिष्य आनंद को दिखाया बाहर का रास्ता (File photo)

Narendra Giri Death Case: महंत नरेंद्र गिरि ने न्यूज़ 18 को इस विवाद के बाद बताया था कि स्वामी आनंद गिरी 10 वर्ष की अवस्था में उन्हें हरिद्वार में मिले थे और वह मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के रहने वाले हैं.

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प्रयागराज. पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी से 14 मई 2021 को निष्कासित किए गए स्वामी आनंद गिरि (Anand Giri) अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) के सबसे करीबी शिष्यों में से एक थे. उन्हें अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी के तौर भी देखा जा रहा था. स्वामी आनंद गिरी की पहचान देश विदेश में योग गुरु के रूप में थी. दरअसल अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि एक पेट्रोल पंप खोलना चाहते थे, लेकिन उनकी शैक्षिक योग्यता न होने के चलते उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि के नाम पेट्रोल पंप लगभग मंजूर करा भी लिया था.

इसके लिए मठ की एक जमीन भी लीज पर आनंद गिरि के नाम पर कर दी थी, लेकिन इस बीच महंत नरेंद्र गिरि को ऐसा आभास हुआ कि उनके शिष्य आनंद गिरि की मंशा कुछ ठीक नहीं है. जिसके बाद उन्होंने पेट्रोल पंप न लेने की बात कही. जिसको लेकर गुरु और शिष्य के बीच तकरार बढ़ गई थी. दोनों के बीच तकरार इतनी बढ़ गई कि महंत नरेंद्र गिरी को अपने सबसे प्रिय शिष्य को निरंजनी अखाड़े के साथ ही मठ और बड़े हनुमान मंदिर से बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा.

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महंत नरेंद्र गिरि ने न्यूज़ 18 को इस विवाद के बाद बताया था कि स्वामी आनंद गिरी 10 वर्ष की अवस्था में उन्हें हरिद्वार में मिले थे और वह मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के रहने वाले हैं. अपने घर से भाग कर आए थे और चाय की दुकान पर काम करते हुए उन्हें मिले थे. महंत नरेंद्र गिरि के मुताबिक उन्होंने आनंद गिरि को कुछ रुपए दिए. उनको समझा बुझाकर घर जाने को कहा. लेकिन जब आनंद गिरि घर नहीं गये देखते हुए उन्हें अपने साथ रख लिया और उन्हें संस्कृत की शिक्षा दिलाई.

शिष्य आनंद गिरि समेत 3 लोगों पर FIR
बहरहाल महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके शिष्य आनंद गिरि बड़े हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी के खिलाफ जार्ज टाउन थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराई है. जिसके क्रम में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है.

Narendra Giri Death: केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- साजिश न होती तो महाराज जी कभी नहीं कर सकते थे आत्महत्या

Mahant Narendra Giri Death:  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आत्महत्या को बताया बड़ी साजिश

Mahant Narendra Giri Death: मीडिया से बातचीत में केशव मौर्य ने कहा कि यह एक बड़ी साजिश है. अगर कोई साजिश न होती तो महाराज जी आत्महत्या जैसा बड़ा कदम कभी न उठाते. मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 11:08 IST
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प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM Keshav Prasad Maurya) ने  अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की मौत को एक साजिश बताया और कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कारकार जो कोई भी दोषी होगा उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी. बुधवार को प्रयागराज के बाघंबरी मठ पहुंचकर महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दो दिन पहले ही उनका आशीर्वाद प्राप्‍त हुआ था. विश्वास ही नहीं हो रहा है कि अब वे हमारे बीच ही नहीं है.

मीडिया से बातचीत में केशव मौर्य ने कहा कि यह एक बड़ी साजिश है. अगर कोई साजिश न होती तो महाराज जी आत्महत्या जैसा बड़ा कदम कभी न उठाते. मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है. जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच भी कराई जाएगी. किसी भी सूरत में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा.

कांग्रेस को नसीहत 
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कांग्रेस को नसीहत भी दे डाली. उन्होंने कहा कि ऐसे मौके पर कांग्रेस राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि सभी दुखी हैं, लेकिन सरकार बड़ी कार्रवाई करेगी. केशव मौर्य ने कहा कि हम किसी को बख्शने वाले नहीं है. अखाड़ा परिषद अगर चाहेगा तो सीबीआई जांच भी कराई जाएगी. दरअसल, कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि बीजेपी सरकार में आम आदमी के साथ साथ साधु-संत भी सुरक्षित नहीं हैं. कांग्रेस ने पूरे मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की है.

सुसाइड नोट की भी जांच होनी चाहिए: मोनी बाबा
प्रसिद्ध संत मोनी बाबा ने महंत नरेंद्र गिरि की मौत पर कहा मैं उन्हें 1984 से जानता हूं वह आत्महत्या करने वाले व्यक्ति नहीं है मोनी बाबा का बड़ा बयान पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए. मोनी बाबा ने कहा क‍ि जो सुसाइड नोट बरामद हुआ है उसकी भी जांच होनी चाहिए जो लोग पकड़े गए हैं उनसे गहन पूछताछ होनी चाहिए मोनी बाबा का बयान अपराधी नहीं बचना चाहिए मैं उन्हें कई दशक से जानता था वह आत्महत्या नहीं कर सकते
 
हम किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं : कानून मंत्री बृजेश पाठक
कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा है क‍ि कहां हम इस घटना से बहुत दुखी हैं बृजेश पाठक का बयान सरकार पूरे मामले की गंभीरता से जांच करा रही है. हम किसी को छोड़ने वाले नहीं हैं. कानून मंत्री का बयान एक-एक बिंदु की जांच की जा रही है अपराधी बचेंगे नहीं कानून मंत्री का बयान कई लोगों की गिरफ्तारी की गई है आगे भी कार्रवाई जारी है कानून मंत्री का बयान मैं महंत नरेंद्र गिरि के बहुत करीबी था मैं यही हमेशा प्रवास करता था इसलिए बहुत दुखी हूं किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा

महंत नरेंद्र गिरि की मौत खुदकुशी या हत्या? पुल‍िस को म‍िला एक वी‍ड‍ियो, खुल सकते हैं कई राज

Prayagraj News: पुलिस को मोबाइल काल डिटेल में मिला अहम सुराग (File photo)

Mahant Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरि की मौत से पहले 6 से 10 घंटे के बीच जिन जिन लोगों से बात हुई है उन सभी के नंबर निकाल कर पुलिस उनसे पूछताछ उनसे करेगी.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) की सोमवार को संदिग्‍ध हालात में मौत हो गई. प्रयागराज के बाघंबरी मठ में उनकी लाश फांसी के फंदे से लटकती मिली है. महंत नरेंद्र गिरी के मौत मामले में पुलिस को मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) से अहम सुराग मिले हैंं. महंत नरेंद्र गिरि की मौत से पहले 6 से 10 घंटे के बीच जिन -जिन लोगों से बात हुई है उन सभी के नंबर निकाल कर पुलिस उनसे पूछताछ उनसे करेगी. सूत्र बताते हैं कि पुलिस को वीडियो भी हाथ लगा है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है.

महंत नरेंद्र गिरी की मौत को उनके शिष्य आनंद गिरी से चल रहे विवाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है. उल्लेखनीय है कि नरेंद्र गिरी ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरी की ओर से मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का अरोप लगाया है. इस बीच, उत्तराखंड पुलिस ने महंत नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

शिष्य आनंद ने कहा – करोड़ों का हैं खेल 
इधर, हिरासत में लिए जाने के बाद आनंद गिरी ने कहा है कि गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई है. उन्होंने कहा कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं. आईजी लगातार नरेंद्र गिरी के संपर्क में रहते थे. आनंद गिरी का आरोप है कि मठ और मंदिर का पैसा हड़पने वालों ने महंत जी की हत्या की है. इस साजिश में मठ के कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं. करोड़ों का खेल हैं. गौरतलब है कि महंत नरेंद्र गिरी के पास से मिले सुसाइड नोट में आनंद गिरी, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी पर मानसिक तौर से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है.

आज दोपहर 2 बजे होगा पोस्टमॉर्टम
यूपी पुलिस एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि महंत गिरी की आत्महत्या की सूचना उनके शिष्य बबलू ने फोन पर पुलिस को दी. इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उनके शव को उतारा जा चुका था और नीचे रखा हुआ था. पुलिस के अनुसार महंत नरेंद्र गिरी का पोस्टमॉर्टम मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल से दोपहर 2 बजे करवाया जाएगा.

Narendra Giri Death: गिरफ्तार शिष्य आनंद गिरि का विवादों से रहा है पुराना नाता, जानिए कैसी रही है प्रोफाइल

Mahant Narendra Giri Death: स्वामी आनंद गिरि का विवादों से रहा है पुराना नाता

Mahant Anad Giri Death Case: आनंद गिरि ने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी कम उम्र में संन्यास लिया था. दीक्षा के समय योगी जहां 22 साल के थे, वहीं आनंद महज 10 साल की उम्र में नरेंद्र गिरि के संरक्षण में दीक्षा ली थी.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 10:15 IST
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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhara Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के आत्महत्या (Mahant Narendra Giri Suicide Case) मामले में गिरफ्तार शिष्य स्वामी आनंद गिरि (Swami Anand Giri) का विवादों से पुराना नाता रहा है. एक साल पहले ही महंत नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि को पंचायती अखाडा श्री निरंजनी, बाघंबरी गाड़ी पीठ और हनुमान मंदिर से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. हालांकि बाद में पैर छूकर माफ़ी मांगने के बाद नरेंद्र गिरि ने उन्हें माफ तो कर दिया था पर उनकी अखाड़े में वापसी नहीं हुई थी. महंत नरेंद्र गिरि ने स्वामी आनंद गिरि को संन्यास धारण करने के बावजूद अपने परिवार से संबंध रखने के कारण उन्हें निष्कासित किया था. उनके मुताबिक संन्यास परंपरा में आने के बाद अपने परिवार से संबंध रखने पर अखाड़े से निष्कासित कर दिया जाता है.

इसके बाद विवाद और तब बढ़ा जब स्वामी आनंद गिरि ने दो वीडियो जारी कर नरेंद्रगिरि पर गंभीर आरोप लगाया था. इतना ही नहीं आनंद गिरि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर  मठ संपत्ति विवाद की सीबीआई जांच की मांग की थी. हालांकि बाद में बड़े ही नाटकीय अंदाज में स्वामी आनंद गिरि का एक वीडियो सामने आया जिसमें वे महंत नरेंद्र गिरि का पैर छूकर माफ़ी मांगते दिखाई दिए.

सिडनी में छेड़छाड़ के आरोप में गए थे जेल
स्वामी आनंद गिरी काफी हाई प्रोफाइल योग गुरु के तौर पर जाने जाते रहे हैं. लेकिन साथ ही साथ विवाद भी उनके साथ हमेशा रहा. ऑस्ट्रेलिया में उन पर दो अलग-अलग मौकों पर दो महिलाओं के साथ मारपीट का आरोप लगा था. आरोप के मुताबिक उन्हें दो अवसरों पर हिंदू प्रार्थना के लिए अपने घरों में आमंत्रित किया गया था. जहां 2016 में उन्होंने अपने घर के बेडरूम में एक 29 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की. इसके बाद 2018 में, गिरि ने लाउंज रूम में 34 वर्षीय एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की. इस मामले में भी महंत नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि की मदद की थी और उनकी जमानत करवाकर रिहा करवाया था.

फ्लाइट में शराब के साथ फोटो हुई थी वायरल
2020 में स्वामी आनंद गिरि की एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें वे एक फ्लाइट के बिज़नेस क्लास में बैठे हैं और उनकी सीट के होल्डिंग पर शराब से भरा एक ग्लास रखा हुआ है. इस तस्वीर के वायरल होने के बाद उनकी काफी किरकिरी हुई थी. हालांकि बाद में सफाई देते हुए आनद गिरि ने कहा था कि वह शराब नहीं एप्पल जूस था. उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है.

10 साल की उम्र में लिया संन्यास
बता दें कि आनंद गिरि ने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी कम उम्र में संन्यास लिया था. दीक्षा के समय योगी जहां 22 साल के थे, वहीं आनंद महज 10 साल की उम्र में नरेंद्र गिरि के संरक्षण में दीक्षा ली थी. संन्यासी के रूप में ही उन्होंने संस्कृत ग्रामर, आयुर्वेद और वेदिक फिलॉसफी की शिक्षा ली. बीएचयू से ग्रैजुएट आनंद गिरि योग तंत्र में पीएचडी की हैं. वे मंत्रयोग, हठयोग, राजयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग और कर्मयोग की ट्रेनिंग देते हैं.

UP: उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने HC में दाखिल की याचिका, CM योगी पर की थी अभद्र टिप्पणी

UP: उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने HC में दाखिल की याचिका (File photo)

UP News: पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने मीडिया को बयान देते हुए कहा था कि योगी सरकार और आजम खान का प्रकरण जालिम और इंसाफ की लड़ाई है.

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प्रयागराज. उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी (Former Governor Aziz Qureshi) इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की शरण में पहुंच गए हैं. पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने अपने विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को रद्द कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. उनके विरुद्ध जिला रामपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया है. उनके खिलाफ बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने राजद्रोह के साथ अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया गया है.

पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने मीडिया को बयान देते हुए कहा था कि योगी सरकार और आजम खान का प्रकरण जालिम और इंसाफ की लड़ाई है. इसके खिलाफ रामपुर की जनता को सड़कों पर आ जाना चाहिए. अभी कुछ दिन पहले ही वह सांसद आजम खान की पत्नी विधायक डॉ ताजीन फातिमा से मिलने उनके आवास पहुंचे थे वहीं उन्होंने मीडिया में योगी आदित्यनाथ को लेकर टिप्पणी की थी. भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने अजीज कुरैशी के विरुद्ध रामपुर के थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया है. सीएम योगी के विरुद्ध की गई टिप्पणी को लेकर दर्ज मुकदमे के खिलाफ पूर्व राज्यपाल ने मामला निरस्त कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुहार लगाई है.

यह भी पढ़ें- Narendra Giri Death Mystery: शिष्य आनंद गिरि का सामने आया Video, जब गुरु नरेंद्र गिरि के पैर और कान पकड़कर मांगी थी माफी

दरअसल अजीज कुरैशी के इस बयान के बाद लोगों में काफी गुस्सा है. इसी को लेकर रामपुर के स्थानीय बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने एफआईआर दर्ज कराई है. उन्होंने लोगों को भड़काने के मामले में पूर्व राज्यपाल के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है. इसके साथ ही उन पर देशद्रोह का भी आरोप लगाया है. क्योंकि अपने संबोधन में पूर्व राज्यपाल ने लोगों को सरकार के खिलाफ भड़काते हुए न केवल सीएम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की बल्कि लोगों को सड़कों पर उतरने और हिंसा फैलाने के लिए भी प्रेरित किया.

Mahant Narendra Giri Death Case Updates Live: पुलिस के हाथ लगा एक वीडियो सहित अहम सुराग

महंत नरेंद्र गिरी को श्रद्धांजलि देने प्रयागराज पहुंचेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Narendra Giri Death Case Live Updates: सुबह 8:30 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ भी श्री मठ बाघम्बरी गद्दी पहुंचेंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देंगे. बता दें महंत नरेंद्र गिरी और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच काफी अच्छे संबंध थे.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 09:37 IST
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प्रयागराज. श्री निरंजनी अखाड़े (Shri Niranjani Akhara) के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मंगलवार को अखाड़ा परिषद के पंच परमेश्वरों की सुबह बैठक होगी बैठक. इस बैठक के बाद महंत नरेंद्र गिरि का पार्थिव शरीर जनता के दर्शनों के लिए रखा जाएगा. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के उपाध्यक्ष देवेंद्र शास्त्री ने बताया कि सुबह 11:30 बजे श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में महंत नरेंद्र गिरि का पार्थिव शरीर लोगों के दर्शनों के लिए रखा जाएगा. सुबह 8:30 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ भी श्री मठ बाघम्बरी गद्दी पहुंचेंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देंगे. बता दें महंत नरेंद्र गिरी और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच काफी अच्छे संबंध थे. अक्सर सीएम आवास में विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए महंत नरेंद्र गिरी जाते थे.

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