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UP: प्रयागराज के सभी विकास खंडों में आयोजित किया गया कोविड-19 टीकाकरण कैंप

इस अभियानको लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. बड़ी संख्या में टीकाकरण के लिए महिलाएं, पुरुष और हर उम्र के व्यक्ति केन्द्रों पर टीकाकरण के लिए पहुंच रहे हैं.

इस अभियानको लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. बड़ी संख्या में टीकाकरण के लिए महिलाएं, पुरुष और हर उम्र के व्यक्ति केन्द्रों पर टीकाकरण के लिए पहुंच रहे हैं.

संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) के सभी 23 विकास खंडों में बृहद कोविड-19 टीकाकरण कैंप आयोजित किये जा रहे हैं. इसमें कई नये केन्द्रों पर भी कोरोना का टीकाकरण किया जा रहा है.

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प्रयागराज. कोरोना वायरस (corona virus) के संक्रमण के खतरे से बचाव के लिए सबसे बड़ा हथियार वैक्सीनेशन ही है. ज्यादा से ज्यादा लोगों का वैक्सीनेशन (vaccination) हो इसके लिए योगी सरकार ने यूपी के 75 जिलों में आज कोविड टीकाकरण का मेगा कैम्प आयोजित किया है. संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) के सभी 23 विकास खंडों में बृहद कोविड-19 टीकाकरण कैंप आयोजित किये जा रहे हैं. इसमें कई नये केन्द्रों पर भी कोरोना का टीकाकरण किया जा रहा है. इस कैम्प में ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन कराकर भी लोग टीका लगवा रहे हैं.

इस अभियानको लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. बड़ी संख्या में टीकाकरण के लिए महिलाएं, पुरुष और हर उम्र के व्यक्ति केन्द्रों पर टीकाकरण के लिए पहुंच रहे हैं. सीडीओ प्रयागराज ने मेगा कैंपेन को सफल बनाने के लिए पर्यवेक्षणीय अधिकारी, सेक्टर ऑफिसर और नोडल अधिकारी को नियुक्त किया है. सीडीओ ने जिले में 8 एसडीएम को पर्यवेक्षणीय अधिकारी तैनात किया है. इसके साथ ही 14 सेक्टर ऑफिसर और 23 नोडल अधिकारी भी तैनात किए गए हैं.

बड़ी संख्या में लोग वैक्सीनेशन कराने के लिए पहुंच रहे हैं
सीडीओ शिपू गिरी ने अधिकारियों को कम से कम 5 टीकाकरण स्थलों का निरीक्षण का भी आदेश दिया है. सीडीओ ने निरीक्षण के बाद शाम 5 बजे तक अधिकारियों से आख्या भी मांगी है. राजरुपपुर इलाके में श्री दिग्गज सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कालिंदीपुरम में भी कोविड वैक्सीनेशन के लिए मेगा कैंप का आयोजित किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग वैक्सीनेशन कराने के लिए पहुंच रहे हैं और योगी सरकार को धन्यवाद भी दे रहे हैं.  बता दें कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर में उत्तर प्रदेश काभी प्रभावित हुआ था. यहां हजारों मरीज रोज संक्रमित होते थे. वहीं, रोज 100 से ज्यादा मरीजों की मौत होती थी. लेकिन योगी सरकार ने लॉकडाउन और उत्तम प्रबंधन से कोरोना पर काबू पा लिया. वहीं, इसके लिए टीकाकरण भी चलाया जा रहा है.

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UPPCL Recruitment 2021: यूपी बिजली विभाग में ARO सहित विभिन्न पदों पर नौकरियां, जानें डिटेल

UPPCL Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने विभिन्न पदों पर भर्तियां निकाली हैं.

UPPCL Recruitment 2021: यूपीपीसीएल ने विभिन्न पदों पर भर्तियां निकाली हैं. अभ्यर्थी इन पदों के लिए निर्धारित तिथि से आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 14:34 IST
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नई दिल्ली. UPPCL Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (Uttar Pradesh Power Corporation Limited) ने सहायक समीक्षा अधिकारी सहित विभिन्न पदों पर भर्तियों  (UPPCL Recruitment 2021) के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इन पदों के लिए अभ्यर्थी यूपीपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट www.uppcl.org के जरिए आवेदन कर सकते हैं.

जारी नोटिफिकेशन के अनुसार कुल 303 रिक्त पदों पर भर्तियां होनी है. इन पदों के लिए अभ्यर्थी ऑनलाइन मोड में आवेदन कर सकते हैं.  इन पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया अक्टूबर में शुरू होगी.

UPPCL Recruitment 2021: इन रिक्त पदों पर होगी भर्तियां
सहायक समीक्षा अधिकारी –  14
कैंप सहायक ग्रेड 3 – 49
सहायक लेखाकार – 240

UPPCL Recruitment 2021: शैक्षणिक योग्यता
कैंप सहायक ग्रेड 3 के पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए. वहीं सहायक समीक्षा अधिकारी पद के लिए अभ्यर्थी के पास स्नातक की डिग्री के साथ कंप्यूटर टाइपिंक स्पीड भी होनी चाहिए. सहायक
लेखाकार के पदों के लिए अभ्यर्थी के पास बीकाम की डिग्री होनी चाहिए

UPPCL Recruitment 2021: आयु सीमा
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की उम्र 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए. वहीं अधिकतम उम्र की सीमा में अन्य पिछड़ा वर्ग, एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 वर्ष की छूट दी गई है.

UPPCL Recruitment 2021: चयन प्रक्रिया
इन पदों पर अभ्यर्थियों का चयन सीबीटी परीक्षा के जरिए किया जाएगा. लिखित परीक्षा के आधार पर तैयार की गई मेरिट लिस्ट के जरिए अंतिम चयन किया जाएगा.

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UPPCL Recruitment 2021: इन महत्वपूर्ण तिथियों का रखें ध्यान
सहायक लेखाकार के पदों के लिए 8 अक्टूबर 2021 से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी और आवेदन की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर 2021 तक चलेगी. वहीं सहायक समीक्षा अधिकारी पद के लिए अभ्यर्थी 7 अक्टूबर 2021 से 27 अक्टूबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. कैंप सहायक ग्रेड 3 पद के लिए 5 अक्टूबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरु होगी और 25 अक्टूबर 2021 को आवेदन की अंतिम तिथि है.

यहां देखें सहायक समीक्षा अधिकारी का नोटिफिकेशन 

यहां देखें कैंप सहायक ग्रेड 3 का नोटिफिकेशन 

यहां देखें सहायक लेखाकार का नोटिफिकेशन 

बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेस वे एक दिन UP के लिए बनेंगी लाइफ लाइन- सुनील बंसल

Prayagraj: पहले उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को काम कराने के लिए देनी पड़ती थी

Yogi Government News: उन्होंने कहा है कि यूपी में पहले अपराधियों और माफियाओं का बोलबाला था. इसलिए उद्योग नहीं लगते थे. लेकिन योगी सरकार द्वारा माफियाओं पर नकेल कसने के बाद उद्योगों के लिए यूपी में बेहतर माहौल तैयार हुआ है.

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प्रयागराज. योगी सरकार (Yogi Government) का साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठन महामंत्री सुनील बंसल (Sunil Bansal) ने कहा है कि यूपी हर क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा है कि यूपी में कहीं पर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बन रहा है. कहीं पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस और कहीं पर गंगा एक्सप्रेस वे बनने की शुरुआत हो रही है. भाजपा संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने कहा है कि ये एक्सप्रेस वे ही एक दिन चलकर भविष्य में यूपी की लाइफ लाइन बनेंगे. क्योंकि सड़कें बनने के बाद कनेक्टिविटी बढ़ती है और कनेक्टिविटी से विकास के रास्ते भी खुलते हैं. उन्होंने कहा है कि केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार दोनों मिलकर शहर के साथ गांवों का भी तेजी से विकास कर रहे हैं.

बीजेपी संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने कहा है कि हाइवे के साथ ही डिफेंस कॉरिडोर बन रहा है, बड़े-बड़े उद्योग लगेंगे. जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा और उनके जीवन में भी खुशहाली आएगी. उन्होंने कहा है कि यूपी में पहले अपराधियों और माफियाओं का बोलबाला था. इसलिए उद्योग नहीं लगते थे. लेकिन योगी सरकार द्वारा माफियाओं पर नकेल कसने के बाद उद्योगों के लिए यूपी में बेहतर माहौल तैयार हुआ है. जिसके बाद उद्योगों ने करोड़ों का यूपी में निवेश किया है. पहले उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को काम कराने के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी और अपराधियों को रंगदारी भी देनी पड़ती थी. लेकिन योगी सरकार में माफियाराज पूरी तरह से समाप्त हो चुका है और कानून का राज है.

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उन्होंने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश के बाहर नौकरी कर रहे लाखों श्रमिक घर वापस आये और लौटकर दोबारा नहीं गए. बंसल के मुताबिक 2017 के पहले सपा और बसपा की 15 सालों की सरकारों में 80 लाख लोगों ने रोजगार की तलाश में प्रदेश छोड़ा था. लेकिन योगी सरकार में श्रमिकों का केवल पलायन ही नहीं रुका है, बल्कि प्रदेश के बाहर रोजगार की तलाश मे गए लाखों युवा कामगार लौटकर यूपी आये हैं और उन्हें अब यहीं पर काम मिल रहा है. उन्होंने कहा है कि यूपी की योगी सरकार चाहे कानून व्यवस्था का मामला हो या फिर ईमानदार और पारदर्शी सरकार देने की बात रही हो हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है.

UP Elections : संजय सिंह ने पूछा - कौन सी मशीन है कि सबका DNA चेक कर लेते हैं योगी

आप सांसद संजय सिंह ने प्रयागराज में बीजेपी को घेरते हुए कहा कि 300 यूनिट फ्री बिजली देने के वादे पर आप अडिग है.

AAP's Strategy : आप सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि 300 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा महज वादा नहीं, उसे हम पूरा करेंगे. लेकिन बीजेपी जो कहती है ठीक उसके उलट काम करती है. संजय सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के नए डीएनए थ्योरी वाले बयान को हास्यास्पद बताया.

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प्रयागराज. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि आम आदमी पार्टी के 300 यूनिट फ्री बिजली देने और बकाया बिजली बिलों को माफ करने के चुनावी वायदे से प्रदेश की भाजपा सरकार बौखला गई है. उन्होंने कहा है कि यह कोई कोरा वायदा नहीं है बल्कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने इसे करके भी दिखाया है.

300 यूनिट फ्री बिजली देने के वादे पर डटी आप

संजय सिंह ने कहा है कि आम आदमी पार्टी के 300 यूनिट बिजली फ्री करने और बकाये बिल माफ करने के वादे पर यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही प्रदेश की जनता को मुफ्तखोर और लालची बताकर उसका अपमान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आखिर जब मंत्रियों और विधायकों को मुफ्त बिजली मिल सकती है, तो किसानों और आम लोगों को क्यों नहीं मिलनी चाहिए.

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‘कौन सी मशीन है कि सबका डीएनए चेक कर लेते हैं योगी’

गोरखपुर में सीएम योगी के नए डीएनए थ्योरी वाले बयान को संजय सिंह ने हास्यास्पद बताया. उन्होंने कहा कि सीएम योगी तो हनुमान जी को भी दलित और आदिवासी बता देते हैं. सीएम योगी ने गोरखपुर में कहा है कि पूरे भारत का डीएनए एक है और इसीलिए भारत एक है. सीएम योगी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने कहा है कि सीएम योगी सभी का डीएनए चेक कर लेते हैं, आखिर कौन सी मशीन उनके पास है. दिन-रात इसी काम में लगे रहते हैं. संजय सिंह ने कहा है कि आखिर जब देश के सभी लोगों का डीएनए एक है, तो नफरत क्यों फैलाते हैं. उन्होंने कहा कि कथनी और करनी का अगर फर्क देखना है तो इसका सबसे बड़ा उदाहरण बीजेपी और योगी आदित्यनाथ हैं.

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कहे के उलट काम करती है बीजेपी : संजय सिंह

संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी जो कहती है, ठीक उसके विपरीत काम करती है. उसने चुनाव से पहले 15 लाख रुपये देने की बात कही और लोगों के घरों से पैसे निकाल लिए. नौजवानों को रोजगार देने की बात कही और सरकारी संपत्तियां बेचकर उसे खत्म कर रही. किसानों को उनकी उपज का दोगुना मूल्य देने की बात कही थी, वह भी नहीं मिल रहा है और किसान आंदोलन कर रहा है. किसान 10 महीने से सड़क पर बैठा है, उसे गुंडा, मवाली, आतंकवादी और पाकिस्तानी बता रहे हैं. बीजेपी को इसका जवाब देश की जनता को देना चाहिए.

Terrorist Arrest: प्रयागराज में शाहरुख नाम के संदिग्ध ने सरेंडर से पहले किया FB लाइव, कहा- मैं बेगुनाह हूं!

Terrorist Arrest: प्रयागराज में शाहरुख नाम के संदिग्ध ने सरेंडर से पहले किया FB लाइव (File photo)

Prayagraj News: इससे पहले, शाहरुख के एक रिश्तेदार उमेद उर रहमान ने भी कल प्रयागराज पुलिस के सामने सरेंडर किया था. उमेद उर रहमान को एटीएस की टीम आज लेकर लखनऊ जाएगी.

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प्रयागराज. देश में दहशत फैलाने के लिए आए आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब दहशतगर्दों के हौसले टूटते नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को प्रयागराज में शाहरुख (Shahrukh) नाम के संदिग्ध ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर पुलिस के सामने सरेंडर करने का दावा किया है. लेकिन पुलिस ने शाहरुख को हिरासत में लेने से मना कर दिया. शाहरुख ही वह शख्स है जिसके पोल्ट्री फॉर्म से एटीएस और दिल्ली पुलिस को आईईडी बरामद हुआ था. शाहरुख का दावा है कि आईईडी उसे एक दिन पहले ही गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी जीशान ने रखने के लिए दिया था. अगले दिन जीशान की निशानदेही पर एटीएस और दिल्ली पुलिस ने छापेमारी कर शाहरुख के पोल्ट्री फार्म से ही आईईडी बरामद की थी. बरामद आईईडी को बम डिस्पोजल स्क्वायड के जरिए डिस्पोज किया गया था.

खुद थाने पहुंचा शाहरुख
शाहरुख ने कल रात फेसबुक लाइव कर खुद को बेगुनाह बताया और कोतवाली थाने में जाकर सरेंडर करने की बात कही. चौक इलाके से किए गए लाइव में वह चलते हुए कोतवाली थाने तक गया है. फेसबुक लाइव में शाहरुख ने दावा किया है कि वह खुद की बेगुनाही साबित करने के लिए पुलिस के सामने पेश हो रहा है. उसने बताया कि जिस दिन उसके पोल्ट्री फार्म से आईईडी बरामद हुई थी एटीएस अफसरों ने उसे फोन किया था. फोन पर वक्त दिए जाने के बावजूद डर की वजह से वह मोबाइल बंद कर फरार हो गया था.

शाहरुख के दो करीबी रिश्तेदार गिरफ्तार
इससे पहले, शाहरुख के एक रिश्तेदार उमेद उर रहमान ने भी कल प्रयागराज पुलिस के सामने सरेंडर किया था. उमेद उर रहमान को एटीएस की टीम आज लेकर लखनऊ जाएगी. बहरहाल, शाहरुख का जिस तरीके का कनेक्शन सामने आया है वह बेहद चौंकाने वाला है. इसी हफ्ते हुई छापेमारी में शाहरुख के दो करीबी रिश्तेदार गिरफ्तार हुए हैं. ओसामा की गिरफ्तारी दिल्ली में और आमिर बेग की गिरफ्तारी लखनऊ से हुई है. जबकि शाहरुख के करीबी जीशान कमर की गिरफ्तारी प्रयागराज से हुई है.

बड़ी साजिश की थी तैयारी
आतंकियों ने देश में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रची थी. उनके निशाने पर कई नामचीन लोग भी थे. इसी के साथ ही कई शहरों में धमाके करने की भी योजना आतंकवादियों ने बना रखी थी. वहीं उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में भी आतंकी दहशत फैलाने वाले थे.

दिल्ली से गिरफ्तार आतंकवादी ओसामा के चाचा हुमैद ने किया प्रयागराज में सरेंडर

दिल्ली से पकड़े गए आतंकी ओसामा से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. (गिरफ्तार आतंकियों की फाइल फोटो)

Terrorists Arrested: दुबई में था हुमैद उर्रहमान का भाई, उसी के इशारे पर भारत में मिशन को हैंडल कर रहा था, फिरलहाल करेली थाने में पुलिस कर रही है पूछताछ.

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प्रयागराज. देश में दहशत फैलाने के लिए आए आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब दहशतगर्दों के हौसले टूटते नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में शुक्रवार को एक बड़ी खबर सामने आई. प्रयागराज में एटीएस के वांटेड आतंकी हुमैद उर्रहमान ने करेली थाने में सरेंडर कर दिया. हुमैद दिल्ली से गिरफ्तार आतंकवादी ओसामा का चाचा है. ओसामा का पिता दुबई में आईएसआई का हैंडलर है और उसी के इशारों पर ओसामा व हुमैद देश में दहशत फैलाने की प्लानिंग कर रहे थे.
इसी के साथ हुमैद का एक और कनेक्‍शन सामने आया है. हुमैद लखनऊ से गिरफ्तार आतंकवादी आमिर बेग की बहन का ससुर भी लगता है. फिलहाल उसे करेली थाने में ही रखा गया है और पुलिस उससे गहनता से पूछताछ कर रही है.

दाऊद के भाई और आईएसआई से कनेक्‍शन
उल्लेखनीय है कि इससे पहले गिरफ्तार किए गए आतंकियों से पूछताछ के दौरान पता चला था कि उनमें से दो की ट्रेनिंग पाकिस्तान में हुई थी और इसका पूरा इंतजाम पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई ने की थी. इसके साथ ये बात भी सामने आई थी कि आतंकियों की मदद दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस इब्राहिम कर रहा था. वो उन्हें विस्फोटक, रुपये और हथियारों की सप्लाई कर रहा था.

बड़ी साजिश रची थी
आतंकियों ने देश में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रची थी. उनके निशाने पर कई नामचीन लोग भी थे. इसी के साथ ही कई शहरों में धमाके करने की भी योजना आतंकवादियों ने बना रखी थी. वहीं उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में भी आतंकी दहशत फैलाने वाले थे. हालांकि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में आतंकियों के की मंशा को ढेर कर दिया गया और सभी को गिरफ्तार कर लिया गया. अब पुलिस आतंकियों के देश में अन्य कनेक्‍शनों का भी पता लगा रही है. जिससे उनके असली हैंडलरों तक पहुंचा जा सके.

BSF जवान की मौत हत्या है या आत्महत्या - इलाहाबाद HC से CBI जांच कराने का अनुरोध

मनोरमा मिश्रा की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

suspicion of murder : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मनोरमा मिश्रा की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. बीएसएफ में सहायक उप निरीक्षक कृष्ण मुरारी मिश्र की मौत भारत-बंग्लादेश सीमा पर 7 अगस्त 2019 की रात सिर में गोली लगने से हुई थी. दूसरी बार हुए पोस्टमॉर्टम में डॉक्टरों की टीम ने हत्या किए जाने की आशंका जताई थी.

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प्रयागराज. भारत-बंग्लादेश सीमा पर गोली लगने से हुई बीएसएफ जवान की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग गई है. दाखिल की गई याचिका में कहा गया है कि बीएसएफ जवान की मौत को विभाग हत्या करार दे रहा है जबकि साक्ष्य हत्या किए जाने की ओर इशारा कर रहे हैं. हाईकोर्ट ने इस याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

मामला देवरिया के जिगना मिश्र गांव के रहनेवाले कृष्ण मुरारी मिश्र का है. वे बीएसएफ में सहायक उप निरीक्षक थे. उनकी तैनाती भारत-बांग्लादेश सीमा पर थी. यहीं 7 अगस्त 2019 की रात सिर में गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी. कृष्ण मुरारी मिश्र के सिर में दाहिनी तरफ से दो गोली लगी थी, जो बाईं तरफ से निकल गई थी. देवरिया के डीएम के आदेश पर डॉक्टरों की टीम ने 10 अगस्त 2019 को दुबारा पोस्टमॉर्टम किया था. डॉक्टरों की टीम ने आत्महत्या के बजाय हत्या की आशंका जताई थी, जबकि विभाग इस मौत को आत्महत्या करार दे रहा है.

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इस मसले पर मनोरमा मिश्रा की ओर से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है. जस्टिस एमसी त्रिपाठी और जस्टिस आरके गौतम के खंडपीठ के सामने पेश इस मामले में याचिका का दावा है कि बीएसएफ के सहायक उप निरीक्षक कृष्ण मुरारी मिश्र की मौत दरअसल हत्या का मामला है. मनोरमा मिश्र ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का अनुरोध किया है. मनोरमा मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एमसी त्रिपाठी और जस्टिस आरके गौतम के खंडपीठ ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को तय की गई है.

UPPSC Admit Card 2021: यूपीपीएससी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा का हॉल टिकट जारी, ऐसे करें डाउनलोड

UPPSC Admit Card 2021: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से इस भर्ती परीक्षा का आयोजन 26 सितंबर को किया जाएगा.

UPPSC Admit Card 2021:  यूपीपीएससी ने आश्रम पद्धति प्रवक्ता भर्ती प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिया है. अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से परीक्षा प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 16:27 IST
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नई दिल्ली (UPPSC Admit Card 2021). उत्तर प्रदेश  लोक सेवा आयोग ने आश्रम पद्धति प्रवक्ता भर्ती परीक्षा के लिए हॉल टिकट (UPPSC Admit Card 2021) जारी कर दिया है. अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in से परीक्षा प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं. परीक्षा का आयोजन 26 सितंबर 2021 को किया जाना है. इस भर्ती परीक्षा के जरिए कुल 124 रिक्त पदों को भरा जाएगा.

भौतिक विज्ञान के 30 पद, रसायन विज्ञान के 26 पद, गणित के 35 पद और जीव विज्ञान के 33 रिक्त पदों के लिए 18 जून से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी और आवेदन की अंतिम तिथि 19 जुलाई 2021 निर्धारित की गई थी. वहीं सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 125 रुपए और एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 65 रुपए आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया था.

UPPSC Admit Card 2021: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
-सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाएं.
-होम पेज पर दिए गए DOWNLOAD ADMIT CARD FOR LECTURER GOVERNMENT ASHRAM PADDHATI INTER COLLEGE (PRE) EXAM-2021 के लिंक पर क्लिक करें.
-यहां मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें.
-एडमिट कार्ड आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा.
-अब उसे डाउनलोड करें.

इस डायरेक्ट लिंक से डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

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UPCET Answer Key 2021: यूपी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की आंसर-की जारी, ऐसे करें डाउनलोड

UPCET Answer Key 2021: उत्तर प्रदेश कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी गई है.

UPCET Answer Key 2021: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यूपी सीईटी 2021 की प्रोविजन आंसर-की जारी कर दी है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट  upcet.nta.nic.in पर इसे चेक कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 09:19 IST
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 नई दिल्ली (UPCET Answer Key 2021). उत्तर प्रदेश कॉमन एंट्रेंस टेस्ट 2021 की प्रोविजनल आंसर-की (UPCET Answer Key 2021) जारी कर दी गई है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upcet.nta.nic.in से इसे डाउनलोड कर सकते हैं. आंसर-की 16 सितंबर 2021 को जारी की गई है. आधिकारिक वेबसाइट पर आज यानी 17 सितंबर 2021 तक आंसर-की उपलब्ध रहेगी. इस परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से किया गया था.

बता दें कि परीक्षा एनटीए की ओर से 5 सितंबर 2021 और 6 सितंबर 2021 को आयोजित की गई थी. जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, जो अभ्यर्थी जारी प्रोविजनल आंसर-की से संतुष्ट नहीं हैं. वह अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं.इसके लिए अभ्यर्थी को प्रति प्रश्न 200 रुपए शुल्क देना होगा. प्रोविजनल आंसर-की पर प्राप्त आपत्तियों के निपटारे के बाद फाइलन आंसर-की जारी की जाएगी.  अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी एनटीए की हेल्पलाइन नंबर 011 4075 9000  पर संपर्क कर सकते हैं.

UPCET Answer Key 2021: ऐसे डाउनलोड करें आंसर-की 
सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट आधिकारिक वेबसाइट upcet.nta.nic.in पर जाएं.
होम पेज पर दिए गए  यूपीसीईटी 2021 आंसर-की के लिंक पर क्लिक करें.
यहां मांगी गई जानकारी को दर्ज कर सबमिट करें.
अब आंसर-की आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा.
उसे डाउनलोड करें.

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Allahabad HC का अहम फैसला, दूसरे धर्म में की है शादी तो वैवाहिक जीवन में परिजन भी नहीं दे सकते दखल


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए दूसरे धर्म में शादी करने वाले युवाओं को बड़ी राहत दी है

Allahabad High Court Decision: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का पूरा अधिकार है, ऐसे में कोई आपत्ति या फिर उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए दूसरे धर्म में शादी करने वाले युवाओं को बड़ी राहत दी है. एक याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि दो अलग-अलग धर्मों के बालिगों ने यदि शादी की है तो उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करने का अधिकार उनके माता पिता को भी नहीं है. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट तौर पर कहा कि यदि कोई दूसरे धर्म में शादी करता है तो उनके वैवाहिक जीवन में कोई भी हस्तक्षेप नहीं कर सकता है साथ ही यदि वे पुलिस सुरक्षा की मांग करते हैं तो पुलिस को उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी होगी.

जानकारी के अनुसार शिफा हसन नामक एक मुस्लिम महिला ने एक हिंदू युवक से शादी की, जिसके बाद उसने जिलाधिकारी से हिंदू धर्म अपनाने की अनुमति मांगी. जिलाधिकारी ने इस संबंध में पुलिस थाने से रिपोर्ट की मांग की. इस पर पुलिस ने जानकारी दी कि युवक के पिता इस शादी से राजी नहीं हैं और दूसरी तरफ लड़की के परिजन भी इसके खिलाफ हैं.

जान को खतरा
इसके बाद शिफ को अपनी और पति की जान को खतरा महसूस हुआ. इस संबंध में उसने कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की मांग की. इस पर कोर्ट ने किसी के हत्सक्षेप न करने और पुलिस की ओर से सुरक्षा प्रदान करवाए जाने के संबंध में आदेश पारित किया. कोर्ट ने इस दौरान साफ तौर पर कहा कि बालिग व्यक्ति को जीवन अपने तौर पर जीने का पूरा अधिकार है और उसमें किसी का भी हस्तक्षेप नहीं हो सकता है.

अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार
हाईकोर्ट ने शिफा की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि एक बा‌लिग को अपनी पसंद के जीवनसाथी को चुनने का पूरा अधिकार है. ऐसे में उसकी पसंद या चुनाव पर कोई भी आपत्ति नहीं उठा सकता है और न ही शादी होने के बाद उनके वैवाहिक संबंधों पर किसी को भी आपत्ति करने का कोई अधिकार है. ये आदेश जस्टिस एमके गुप्ता और जस्टिस दीपक वर्मा की खंडपीठ ने दिया.

UP: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 71वां जन्मदिन आज, BJP करेगी 'सेवा एवं समर्पण' अभियान की शुरुआत

UP: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 71वां जन्मदिन आज (फाइल फोटो)

PM Modi Birthday: पीएम मोदी का 71वां जन्मदिन को प्रयागराज में खास तरीके से मनाने की तैयारी उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी और स्थनीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने की है.

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लखनऊ. पीएम मोदी के जन्मदिन (PM Modi’s Birthday) को खास बनाने के लिए बीजेपी ने खास तैयारी की है. इसी कड़ी में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का ‘सेवा एवं समर्पण’ अभियान की शुरुआत होगी. 7 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में भाजपा के कार्यकर्ता विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचकर लोगों से संपर्क व संवाद करेंगे और सेवा कार्य भी करेंगे. मोर्चों व प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता भी इस अभियान में जुटेंगे.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने गुरुवार शाम पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, क्षेत्र अध्यक्षों, जिलाध्यक्षों व जिला प्रभारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर सेवा एवं समर्पण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए. सेवा एवं समर्पण अभियान के तहत 17 से 20 सितंबर तक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा. चिकित्सा प्रकोष्ठ इसका समन्वय करेगा. युवा मोर्चा के कार्यकर्ता रक्तदान शिविर आयोजित करेंगे, जबकि अनुसूचित मोर्चा के कार्यकर्ता गरीब बस्तियों में फल व अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण कर सेवा कार्य करेंगे.

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उधर, पीएम मोदी का 71वां जन्मदिन को प्रयागराज में खास तरीके से मनाने की तैयारी उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी और स्थनीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने की है. इसे भव्य रूप देने के लिए तमिलनाडु की राजलक्ष्मी मंडा प्रधानमंत्री का कटआउट लगा करीब 9.5 टन वजन वाला ट्रक अपने हाथ से खींचेंगी. उत्तर प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि हम पीएम मोदी का 71वां जन्मदिन सेवा सप्ताह के रूप में मना रहे हैं.

पीएम के कटआउट को खींचेंगी राजलक्ष्मी
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह 71 किलो का केक काटकर इसका शुभारंभ करेंगे. उन्होंने बताया कि इसके बाद दोपहर तीन बजे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक बहन राजलक्ष्मी, प्रधानमंत्री का 71 फुट ऊंचा और 20 चौड़ा कटआउट एक ट्रक पर खड़ा करके लगभग 9.5 टन वजन का ट्रक वो खुद अपने हाथ से खींचकर इस कार्यक्रम को और भव्य रूप प्रदान करेंगी.

अधिवक्ता ने रोक लिया DGP मुकुल का रास्ता, कहा- आपके अधिकारी कुछ नहीं करते

डीजीपी मुकुल गाेयल ने अधिवक्ता की शिकायत सुनने के बाद अफसरों को निर्देश दिए कि समस्या का समाधान जल्द करें. (फाइल फोटो)

UP News: मैनपुरी में छात्रा की संदिग्‍ध मौत को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहे मामले की सुनवाई में पहुंचे थे डीजीपी मुकुल गोयल, एक अधिवक्ता ने अपनी शिकायत दर्ज करवाने के लिए सुनवाई के बाद लौटते अधिकारी का बीच में रोका रास्ता.

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इलाहाबाद. मैनपुरी की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में चल रही इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुनवाई के लिए पहुंचे यूपी डीजीपी मुकुल गोयल को एक अधिवक्ता ने रास्ते में रोक लिया. इतना ही नहीं पहले अधिवक्ता ने डीजीपी को खरी खोटी सुनाई और उसके बाद अपनी परेशानी उनके सामने रखी. इस दौरान अधिवक्ता को रोकने की अन्य पुलिसकर्मियों ने काफी कोशिश की लेकिन वो नहीं माने.
जानकारी के अनुसार डीजीपी मुकुल गोयल कोर्ट रूम से सुनवाई के बाद बाहर निकल रहे थे इसी दौरान वहां पर मौजूद एक अधिवक्ता ने पीछे से उन्हें आवाज लगाई और कहा कि डीजीपी साहब मेरे घर पर पत्‍थर चल रहे हैं और यहां आपके अधिकारी कुछ नहीं कर रहे हैं. आपको मेरी बात सुननी ही होगी.

आईजी-डीआईजी के रोकने पर भी नहीं रुके
इस दौरान अधिवक्ता को आईजी और डीआईजी ने रोकने का पूरा प्रयास किया लेकिन वे नहीं रुके. अधिवक्ता ने कहा कि आपको मेरी बात सुननी ही होगी. स्‍थानीय पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है, आईजी और डीआईजी को भी पत्र दिया लेकिन कोई नहीं सुनता. इस दौरान अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी अधिवक्ता को रोकते रहे लेकिन वो नहीं माना और डीआईजी के काफिले के साथ चल अपनी शिकायत करता रहा.

डीजीपी को आखिर रुकना पड़ा
वकील की परेशानी सुनने के लिए आखिर में डीजीपी मुकुल गोयल रुके और तसल्ली के साथ अधिवक्ता की शिकायत सुनी. इसके साथ ही उन्होंने अधिवक्ता को कार्रवाई करने की संबंध में संतुष्ट किया. गोयल ने तत्काल अधिकारियों को अधिवक्ता की शिकायत सुनने और उस पर तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया. इसके बाद अधिवक्ता शांत हुए और मुकुल गोयल जा सके.

मैनपुरी मामला: HC ने DGP को फिर फटकारा, कहा- सबको अपने कर्मों का फल यहीं भुगतना पड़ता है

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसआईटी को 6 हफ्ते में जांच पूरी करने का आदेश दिया.

16 सितंबर 2019 को एक छात्रा जवाहर नवोदय स्कूल के हॉस्टल में फांसी पर लटकती मिली थी. गुरुवार को डीजीपी मुकुल गोयल इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुए. उन्होंने अदालत को बताया कि एसआईटी की नई जांच टीम गठित कर दी गई है. हाईकोर्ट ने एसआईटी को 6 हफ्ते में अपनी जांच पूरी करने का निर्देश दिया है.

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प्रयागराज. मैनपुरी के जवाहर नवोदय विद्यालय की कक्षा 11 में पढ़ने वाली छात्रा की हॉस्टल में फांसी लगाने से मौत मामले में गुरुवार को डीजीपी मुकुल गोयल इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुए. उन्होंने अदालत को बताया कि एसआईटी की नई जांच टीम गठित कर दी गई है और इसमें अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है. हाईकोर्ट ने एसआईटी को 6 हफ्ते में अपनी जांच पूरी करने का निर्देश दिया है. डीजीपी ने कोर्ट को बताया कि जांच में लापरवाही पर तत्कालीन एएसपी, डिप्टी एसपी व इंस्पेक्टर विवेचक को सस्पेंड कर दिया गया है. हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस मामले में जांच से हाईकोर्ट बार एसोसिएशन व कोर्ट को भी अवगत कराया जाये. हाईकोर्ट ने लड़की के माता-पिता को सुरक्षा मुहैया कराने का भी निर्देश दिया है. कोर्ट को सरकार की ओर से बताया गया कि एडीजी कानून व्यवस्था की निगरानी में जांच पूरी की जाएगी. कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति जिला जज मैनपुरी को भी भेजी जाये, जिसे वहां के सभी न्यायिक अधिकारियों को सर्कुलेट किया जाय.

हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि बलात्कार के मामले में दो माह में जांच पूरी करने को लेकर सर्कुलर जारी किया जाये और विवेचना पुलिस का प्रशिक्षण कराया जाये. डीजीपी ने कोर्ट को बताया कि मैनपुरी के तत्कालीन रिटायर एसपी को सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान रोक दिया गया है. उन्हें केवल प्राविजनल पेंशन का भुगतान किया जा रहा है.

हाईकोर्ट ने डीजीपी समेत कोर्ट में पेश सभी पुलिस अधिकारियों की हाजिरी माफ कर दी है. लेकिन कोर्ट ने अधिकारियों के कोर्ट रूम से बाहर निकलने से पूर्व मार्मिक टिप्पणी भी की और कहा कि स्वर्ग कहीं और नहीं है. सबको अपने कर्मों का फल यहीं भुगतान पड़ता है. कोर्ट ने डीजीपी से यह भी कहा कि पुलिस को जांच के लिए ट्रेनिंग की जरूरत है. अधिकांश जांच कॉन्सटेबिल करता है. दरोगा कभी-कभी जाता है.

बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मैनपुरी में दो साल पहले जवाहर नवोदय विद्यालय में एक नाबालिग छात्रा की फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले में सवालों का जवाब न दे पाने पर नाराजगी जताते हुए डीजीपी मुकुल गोयल को रोक लिया था. एक्टिंग चीफ जस्टिस एमएन भंडारी और जस्टिस एके ओझा के खंडपीठ ने डीजीपी के अलावा आईजी मोहित अग्रवाल व इस मामले में गठित एसआईटी के सदस्य पुलिस अधिकारियों को भी गुरुवार को फिर हाजिर होने का निर्देश दिया था.

कोर्ट ने कहा था कि मामले में न्यायालय द्वारा दिखाई गई गंभीरता और जांच के तरीके के साथ दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ निर्देश के बावजूद कोई अनुवर्ती कार्रवाई नहीं की गई है. बल्कि मामले की जानकारी डीजीपी को नहीं दी जा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी और एसआईटी के सदस्य जांच करने में पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई के बारे में स्पष्ट करने के लिए अदालत में उपस्थित रहेंगे और आगे यह भी बताएंगे कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई उनकी सेवानिवृत्ति से लगभग छह महीने पहले पहले क्यों नहीं पूरी की जा सकी.

डीजीपी मुकुल गोयल से कोर्ट ने इस मामले से जुड़े कई सवाल किए थे. अभियुक्तों का बयान लेकर छोड़ देने और उनकी गिरफ्तारी नहीं करने को कोर्ट ने गंभीरता से लिया था. सुनवाई की शुरुआत में छात्रा की फांसी के बाद हुए शव के पंचनामे की वीडियो रिकार्डिंग देखने के बाद कोर्ट ने डीजीपी से पूछा था कि किसी के भी खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज होने पर पहला काम क्या करते हैं? डीजीपी ने जवाब दिया कि गिरफ्तारी. कोर्ट ने कहा था कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नाबालिग के कपड़ों पर सीमेन पाया गया है. उसके सिर पर चोट के निशान थे. इसके बाद भी तीन महीने में अभियुक्तों का केवल बयान ही लिया गया, ऐसा क्यों? इस पर डीजीपी मुकुल गोयल ने कहा कि फिर से एसआईटी गठित कर देते हैं.

गौरतलब है कि 16 सितंबर 2019 को 16 वर्षीय एक छात्रा अपने जवाहर नवोदय स्कूल में फांसी पर लटकती मिली थी. पुलिस ने शुरू में दावा किया था कि आत्महत्या का मामला है. दूसरी ओर उसकी मां ने आरोप लगाया था कि उसे परेशान किया गया, पीटा गया और जब वह मर गई तो उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया. घटना को लेकर छात्रों ने प्रोटेस्ट किया था. परिवार ने भी कई दिनों तक धरना दिया था. मृतका के पिता ने मुख्यमंत्री से जांच की गुहार लगाई तो एसआईटी ने जांच की गई. 24 अगस्त 2021 को एसआईटी ने केस डायरी हाईकोर्ट में पेश की थी. कोर्ट ने कहा कि छात्रा के पिता का बयान दर्ज नहीं किया जाना संदेह पैदा करता है.

इलाहाबाद HC का अहम फैसला- दूसरे धर्म में की है शादी तो वैवाहिक जीवन में परिजन भी नहीं कर सकते हस्तक्षेप

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में स्पष्ट किया कि बालिग को अपनी पंसद का जीवनसाथी चुनने का पूरा अधिकार है. (फाइल फोटो)

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का पूरा अधिकार है, ऐसे में कोई आपत्ति या फिर उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला देते हुए दूसरे धर्म में शादी करने वाले युवाओं को बड़ी राहत दी है. एक याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि दो अलग अलग धर्मों के बालिगों ने यदि शादी की है तो उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करने का अधिकार उनके माता पिता को भी नहीं है. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट तौर पर कहा कि यदि कोई दूसरे धर्म में शादी करता है तो उनके वैवाहिक जीवन में कोई भी हस्तक्षेप नहीं कर सकता है साथ ही यदि वे पुलिस सुरक्षा की मांग करते हैं तो पुलिस को उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी होगी.
जानकारी के अनुसार शिफा हसन नामक एक मुस्लिम महिला ने एक हिंदू युवक से शादी की. जिसके बाद उसने जिलाधिकारी से हिंदू धर्म अपनाने की अनुमति मांगी. जिलाधिकारी ने इस संबंध में पुलिस थाने से रिपोर्ट की मांग की. इस पर पुलिस ने जानकारी दी कि युवक के पिता इस शादी से राजी नहीं हैं और दूसरी तरफ लड़की के परिजन भी इसके खिलाफ हैं.

जान को खतरा
इसके बाद शिफ को अपनी और पति की जान को खतरा महसूस हुआ. इस संबंध में उसने कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की मांग की. इस पर कोर्ट ने किसी के हत्सक्षेप न करने और पुलिस की ओर से सुरक्षा प्रदान करवाए जाने के संबंध में आदेश पारित किया. कोर्ट ने इस दौरान साफ तौर पर कहा कि बालिग व्यक्ति को जीवन अपने तौर पर जीने का पूरा अधिकार है और उसमें किसी का भी हस्तक्षेप नहीं हो सकता है.

अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार
हाईकोर्ट ने शिफा की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि एक बा‌लिग को अपनी पसंद के जीवनसाथी को चुनने का पूरा अधिकार है. ऐसे में उसकी पसंद या चुनाव पर कोई भी आपत्ति नहीं उठा सकता है. और न ही शादी होने के बाद उनके वैवाहिक संबंधों पर किसी को भी आपत्ति करने का कोई अधिकार है. ये आदेश जस्टिस एमके गुप्ता और जस्टिस दीपक वर्मा की खंडपीठ ने दिया.

AU Admission 2021: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए ओपन हुई विंडो, इस डेट तक करें आवेदन

AU Admission 2021: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए विंडो 3 अक्टूबर तक एक्टिव रहेगी.

Allahabad University Admission 2021: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने के इच्छुक स्टूडेंट आधिकारिक वेबसाइट allduniv.ac.in पर विजिट करके ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. माना जा रहा है कि एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 23:06 IST
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नई दिल्ली. Allahabad University Admission 2021: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में एडमीशन लेने की इच्छा रखने वाले स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, विश्वविद्यालय प्रशासन ने अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएस, रिसर्च और अन्य कोर्सज में एडमिशन के लिए आवेदन विंडो खोल दी है. यह विंडो 3 अक्टूबर तक एक्टिव रहेगी. ऐसे में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने के इच्छुक स्टूडेंट आधिकारिक वेबसाइट allduniv.ac.in पर विजिट करके ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. माना जा रहा है कि एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी.

हालांकि, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के एक बयान के मुताबिक प्रत्येक परीक्षा के लिए बाद में अलग से फाइनल डेट्स घोषित की जाएंगी. इसके साथ ही इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने आवेदन करने वालों छात्रों से अनुरोध किया है कि आवेदन करने से पहले, छात्रों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे कार्यक्रमों के लिए एलिजिबल हों. यदि कोई अभ्यर्थी किसी भी कोर्स की स्टडी के लिए अयोग्य पाया जाता है, तो उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी.

Allahabad University Admission 2021: देश के इन शहरों में होगी प्रवेश परीक्षा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लिए प्रवेश परीक्षा देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित की जाएगी. इनमें पटना, भोपाल, नई दिल्ली, कोलकाता सहित बेंगलुरु, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं. वहीं उत्तर प्रदेश में प्रवेश परीक्षा प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, बरेली और आजमगढ़ में आयोजित की जाएगी. खास बात यह है उत्तर प्रदेश, पटना, भोपाल और नई दिल्ली में परीक्षा केंद्रों को छोड़कर सभी केंद्रों में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा केवल ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी.

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हिंदी भाषा से जुड़े साहित्यकारों की कर्मस्थली रही है संगमनगरी

जाने-माने हिन्दी साहित्य के स्तंभकार

प्रयागराज हमेशा से साहित्यिक आंदोलनों का केंद्र रहा है. जिसके चलते यहां ऐसे-ऐसे साहित्यकार हुए या यहां आकर रच-बस गए.

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अगर बात करें भाषा की तो भाषा के विकास में, उसे बढ़ावा देने में उससे संबंधित साहित्य का महत्वपूर्ण योगदान होता है. हिंदी भाषा की विकास यात्रा में भी हिंदी साहित्य ने अहम भूमिका निभाई है. हिंदी साहित्य (hindi literature)वक्त की सीढ़ियां चढ़ता गया और समाज में उस पायदान पर पहुंचा जहां से लोग आज इसे गर्व के साथ पढ़ते हैं. लेकिन इन सभी के बीच उन सभी साहित्यकारों को भी याद करना चाहिए जो हिंदी भाषा की आत्मा है. ऐसे कई साहित्यकार हुए जिन्होंने हिंदी में अपनी गौरवशाली रचनाएं लिखी और समाज को आईना दिखाया. एक रोचक बात यह है कि 18वीं और 19वीं शताब्दी के अनेकों साहित्यकार संगम नगरी की पावन भूमि से जुड़े हैं. बेशक उनका जन्म यहां या कहीं और हुआ हो लेकिन उन सभी की कर्मस्थली प्रयागराज ही रही है.
गंगा जमुना तहजीब प्रेरणा रही है कई महान साहित्यकारों की. प्रयागराज साहित्यिक आंदोलनों का केंद्र भी रहा है. महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, सुमित्रानंदन पंत, रामकुमार वर्मा, प्रेमचंद, धर्मवीर भारती, नरेश मेहता जैसे कई नाम है जिन्होंने इस धरती को अपनी कर्मस्थली बनाया और समाज को अपनी रचनाओं के रूप में बहुत कुछ दे गए. इसलिए प्रयागराज प्रदेश की साहित्यिक राजधानी(literature capital) के रूप में भी जानी जाती है. संक्षेप में कहें तो प्रयागराज हिंदी भाषा के विकास यात्रा का साक्षी रहा है. यही वह स्थान है जहां हिंदी भाषा वक्त के साथ पली-बढ़ी. अगर यूं कहें कि इलाहाबादियत और हिंदी भाषा का गहरा नाता है तो यह गलत नहीं होगा.

इलाहाबाद संग्रहालय में संजोई गई है साहित्यकारों की यादें
प्रयागराज से हिंदी साहित्यकारों का गहरा नाता रहा. इलाहाबाद विश्वविद्यालय, हिंदुस्तानी अकादमी जैसे कई स्थान हैं जहां महान साहित्यकारों ने काम किया और अपनी रचनाएं लिखी. इसी क्रम में इलाहाबाद संग्रहालय में मौजूद है-
सुमित्रानंदन पंत विथिका(sumitranandan pant gallery). जहां प्रयागराज से जुड़े और राष्ट्रीय स्तर के जाने-माने साहित्यकारों की व्यक्तिगत वस्तुएं, असली पांडुलिपि मौजूद हैं जो आज की पीढ़ी के लिए सुरक्षित की गई हैं. सुमित्रानंदन पंत ने अपनी सारी व्यक्तिगत वस्तुओं को म्यूजियम में दान दे दिया जिसके बाद सुमित्रानंदन पंत वीथिका की स्थापना हुई. इसमें सुमित्रानंदन पंत का ज्ञानपीठ पुरस्कार, ताम्रपत्र, चश्मा, कलाकृतियां आदि मौजूद है. छायावाद की स्तंभ कहें जाने वाली महादेवी वर्मा की लिखी पांडुलिपि,पत्र शामिल है. रामकुमार वर्मा का पद्म पुरस्कार, टाई  ,मुंशी प्रेमचंद की पर्सनल डायरी भी रखी गई है. ऐसे ही अन्य साहित्यकारों की कृतियां और समान म्यूजियम में संरक्षित हैं.

प्रयागराज: ट्रेन से गायब हुआ शव रखा ताबूत, 16 घंटे बाद MP में मिला, जानिए कैसे?

लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रयागराज आने वाली एक ट्रेन से शव रखा ताबूत गायब हो गया.

Prayagraj News: प्रतापगढ़ की बुजुर्ग महिला सरवरी बेगम कैंसर से पीड़ित थीं. मुम्बई के टाटा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. परिवारवालों शव को ताबूत में रखकर ट्रेन के ज़रिये प्रयागराज तक लाने और यहां से एम्बुलेंस से घर ले जाने का फैसला किया.

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इलाहाबाद. देश की लाइफलाइन कहे जाने वाले भारतीय रेलवे (Indian Railways) की बड़ी लापरवाही सामने आई है. रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से एक महिला का शव ताबूत के साथ चलती ट्रेन से गायब हो गया? उसे ढूंढ़ने में रेल अफसरों के पसीने छूट गए. मुम्बई से लेकर प्रयागराज तक मचे हड़कंप के बाद रेलवे ने करीब 16 घंटे बाद शव और ताबूत को ढूंढ निकाला और शव को परिजनों को सौंप दिया. इस दौरान परिवार वालों की सांस अटकी रही और मृतक महिला का संस्कार एक दिन बाद हो सका.

इस मामले में रेलवे के अधिकारी अपनी गलती मानने के बजाय दिमागी तौर पर बीमार किसी अंजान शख्स को दोषी बताकर अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश में लगे हुए हैं.

ये है पूरा मामला

दरअसल पूरा मामला यूपी के प्रतापगढ़ जिले के पट्टी इलाके का है. यहां की रहने वाली बुजुर्ग महिला सरवरी बेगम कैंसर की बीमारी से पीड़ित थीं. मुम्बई के टाटा हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था. तीन दिन पहले इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई. परिवार वालों शव को ताबूत में रखकर उसे ट्रेन के ज़रिये प्रयागराज तक लाने और यहां से एम्बुलेंस से घर ले जाने का फैसला किया. परिवार वालों ने लोकमान्य तिलक टर्मिनस से मडुवाडीह तक चलने वाली ट्रेन नंबर 12167 से अपना टिकट स्लीपर क्लास से बुक कराया, जबकि ताबूत को गार्ड के बगल एसएलआर यानी सामान रखने के कोच में बुक करा दिया. मुम्बई में परिवार वालों ने ताबूत को अपनी मौजूदगी में एसएलआर कोच में चढ़वाया.

ताबूत गायब मिला तो मचा हड़कंप

13 सितम्बर को रात करीब 11 बजे ट्रेन जब प्रयागराज के छिवकी स्टेशन पहुंची तो परिवार वाले ताबूत लेने के लिए एसएलआर कोच पहुंचे. वहां उन्हें बताया गया कि कोच में रखा ताबूत गायब हो गया है और संभवतः वह रास्ते में कहीं गिर गया है. परिवारवालों ने हंगामा शुरू किया तो मुम्बई से लेकर जबलपुर तक हड़कंप मचा. सभी जगह आरपीएफ को एलर्ट पर डाला गया.

ट्रैक किनारे क्षत-विक्षत हालत में मिला ताबूत और शव

अधिकारियों ने भी इस लापरवाही को गंभीरता से लिया. जिसके बाद शव और ताबूत मध्य प्रदेश के मैहर जिले में ट्रैक के किनारे की झाड़ियों में पड़ा हुआ मिला. ताबूत कई जगह से टूट गया था. इतना ही नहीं शव को भी नुकसान पहुंचा. बहरहाल ताबूत की मरम्मत कराकर उसे दूसरी ट्रेन से मंगलवार शाम करीब चार बजे प्रयागराज भेजा गया. यहां घंटों की औपचारिकता के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया. परिवार वाले देर रात शव लेकर प्रतापगढ़ पहुंचे. इस लापरवाही की वजह महिला के शव का अंतिम संस्कार बुधवार दोपहर को हो सका.

मामले में पल्ला झाड़ने की कोशिश

इस मामले में नार्थ सेंट्रल रेलवे जोन के सीपीआरओ डॉ शिवम शर्मा ने पहले तो इस मामले को दूसरे जोन का बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की. उन्हें जब यह याद दिलाया गया कि प्रयागराज छिंवकी स्टेशन, जहां शव उतरना था, वह इसी जोन में आता है, तब उन्होंने डैमेज कंट्रोल यानी शव के गिरने के बाद रेल महकमे द्वारा की गई कवायद के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जबलपुर के आरपीएफ अफसरों ने जानकारी दी है कि रास्ते में पागल सा दिखने वाला कोई शख्स ट्रेन के नजदीक आ गया था और उसने एसएलआर कोच की सील को तोड़ दिया था. इसी वजह से रास्ते में मैहर के पास ताबूत छिटककर गिर गया. जबकि नियम के मुताबिक जिस स्टेशन पर माल उतरता है वहां पर एस एल आर कोच को विधिवत सील किया जाता है.

इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई के सवाल को उन्होंने वेस्टर्न रेलवे पर छोड़ दिया. वहीं रेलवे की इस लापरवाही से मृतका के परिजनों में दुख के साथ गुस्सा भी है.

यहां मौजूद है दुर्लभ पुस्तकों तथा पांडुलिपियों का खजाना

जार्जटाउन स्थित हिन्दुस्तानी अकादमी

प्रयागराज स्थित हिन्दुस्तानी अकादमी लगातार हिन्दी भाषा को समृद्ध और लोकप्रिय करने का काम कर रही है.

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भारत विविधताओं का देश है, जहां अनेकों बोलियां और भाषाएं प्रचलित . लेकिन अगर हिंदी दिवस के मौके पर हिंदी भाषा की बात करें तो यह कई राज्यों और स्थानों में प्रचलित . यह हमारी राजभाषा है . लेकिन वक्त बदल रहा है, वैश्वीकरण के दौर ने हिंदी भाषा को पीछे की ओर धकेला है. भौतिकवाद ने अंग्रेजी के महत्व को बढ़ा दिया है . ऐसे में जरूरी है अपनी पहचान, हिंदी भाषा को सुरक्षित रखना और उसे आगे बढ़ाना.
आज इसी दिशा में बहुत सारी सरकारी तथा गैर-सरकारी संस्थाएं काम कर रही है. प्रयागराज स्थित \’हिंदुस्तानी अकादमी\’ भी इसी दिशा में लगातार 9 दशकों से काम कर रही है. इसकी स्थापना लखनऊ में तत्कालीन गवर्नर मैरिस द्वारा 27 मार्च 1927 में की गई थी. तब से लेकर आज तक यह संस्था कई प्रकार से हिंदी भाषा को समृद्ध और लोकप्रिय बना रही है .यह हिंदी और हिंदुस्तानी भाषा की पांचवी महत्वपूर्ण संस्था है. वैसे तो प्रयागराज में कई संस्थाएं हैं लेकिन राज्य सरकार के भाषा विभाग के अंतर्गत आने वाली हिंदुस्तानी अकादमी कई आयामों पर उल्लेखनीय कार्य कर रही है जिससे हिंदी विश्व की प्रमुख भाषाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सके .

प्रकाशन: यह संस्था बेहद पुरानी और दुर्लभ पुस्तकों का प्रकाशन करती है ताकि हमारी पहचान हमारा साहित्य आज और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके.
अनुवाद: हिंदुस्तानी अकादमी विदेशी भाषाओं की साहित्यिक कृतियों का हिंदी में अनुवाद करती है. अकादमी के अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने बताया कि लोगों की मांग और जरूरत के हिसाब से हम अन्य भाषा के साहित्य को भी हिंदी में अनुवाद कर आते हैं. जैसे हाल में ही थियोसॉफिकल सोसायटी द्वारा प्रकाशित सनातन धर्म की अंग्रेजी पुस्तिका को हिंदी में अनुवाद किया गया है.
• पुरुस्कार: संस्था लेखकों/ साहित्यकारों तथा उनकी रचनाओं को सम्मानित करके उन्हें अधिक काम करने के लिए प्रोत्साहित करती है. यहां तीन राष्ट्रीय स्तर तथा लगभग 10 प्रादेशिक स्तर के पुरस्कार दिए जाते हैं . जिसमें राष्ट्रीय स्तर के गुरु गोरखनाथ शिखर सम्मान, गोस्वामी तुलसीदास सम्मान , संत कबीर दास सम्मान शामिल है.
• संगोष्ठी और व्याख्यान कराना: हिंदुस्तान अकादमी समय-समय पर भिन्न-भिन्न स्थानों पर संगोष्ठी तथा व्याख्यान का आयोजन कराती है ताकि साहित्यकार अपने विचार अपनी रचनाएं समाज तक पहुंचा सके और लोग उनसे कुछ सीख कर प्रेरित हो सके.

यहां मौजूद है दुर्लभ पुस्तकों तथा पांडुलिपियों का खजाना
हिंदुस्तानी अकादमी में मौजूद है एक बड़ा पुस्तकालय. जहां स्थित है बेहद प्राचीन पुस्तके, साहित्य रचनाएं और पांडुलिपियां. पुस्तकालय अध्यक्ष रतन पांडेय ने हमें बताया कि यहां लगभग 25000 पुस्तकों का भंडार है, जिसमें से 17000 हिंदी की पुस्तकें हैं .इसके साथ ही साथ 300 पांडुलिपियां भी हैं जिनका डिजिटलाइजेशन भी किया जा रहा है.आम लोग यहां आकर इन पुस्तकों को पढ़ भी सकते हैं.

UP ANM Recruitment 2021: यूपी में एएनएम की बंपर भर्तियां, आज से करें आवेदन

UP ANM Recruitment 2021:उत्तर प्रदेश में एएनएम के पदों पर आज से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

UP ANM Recruitment 2021: यूपी में एएनएम के पदों पर भर्तियों के लिए आज से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 17:14 IST
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नई दिल्ली (UP ANM Recruitment 2021). राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, यूपी (UP ANM Recruitment 2021) ने एएनएम के पदों पर भर्तियों के लिए विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इन पदों के लिए आज यानी 15 सितंबर 2021 से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upnrhm.gov.in के जरिए 30 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. जारी नोटिफिकेशन के अनुसार कुल 5000 रिक्त पदों पर भर्तियां होनी हैं.

अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वह इन पदों के लिए विस्तृत नोटिफिकेशन को पढ़ने के बाद ही आवेदन करें. नियमानुसार किया गया आवेदन ही मान्य होगा, अन्यथा उसे रद्द भी किया जा सकता है.

UP ANM Recruitment 2021: इतनें पदों को किया गया है आरक्षित
सामान्य वर्ग – 2484
ओबीसी वर्ग  – 1381
एससी वर्ग – 1066
एसटी वर्ग – 69
ईडब्ल्यूएस – 463

UP ANM Recruitment 2021: शैक्षणिक योग्यता
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास राज्य सरकार नर्सिंग परिषद से मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से ऑग्जिलरी नर्सिंग और मिडवाइफ में दो-वर्षीय का डिप्लोमा होना चाहिए.

आयु सीमा
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की उम्र 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए. अधिकतम आयु सीमा में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 3 वर्ष और एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 वर्ष की छूट दी गई है.

UP ANM Recruitment 2021: इतना मिलेगा मानदेय
जारी नोटिफिकेशन के अनुसार इन पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को 12,128 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा. अभ्यर्थियों की नियुक्ति संविदा के आधार पर की जाएगी.

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UP ANM Recruitment 2021: इन तिथियों का रखें ध्यान
आवेदन शुरू होने की तिथि – 15 सितंबर 2021
आवेदन की अंतिम तिथि- 30 सितंबर 2021
आधिकारिक वेबसाइट –  upnrhm.gov.in

 यहां देखें नोटिफिकेशन 

नवोदय विद्यालय में छात्रा की मौत पर जवाब नहीं दे सके DGP, नाराज HC ने कहा- अब मत छोड़ना प्रयागराज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी छेड़छाड़ हुई लगती है. (फाइल फोटो)

Up News: जवाहर नवोदय विद्यालय मैनपुरी में हुई छात्रा की संदिग्‍ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुए DGP मुकुल गोयल, हाईकोर्ट ने कहा- कल की सुनवाई में पूरी तैयारी के साथ पेश हों, मैनपुरी एसपी को दें जबरन सेवा निवृत्ति.

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प्रयागराज. जवाहर नवोदय विद्यालय मैनपुरी में छात्रा की संदिग्‍ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार हो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया. मामले में दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल को तलब किया गया था. गोयल अदालत में हाजिर तो हुए लेकिन मामले में सफाई न दे सके. इस पर उन्हें कोर्ट की नाराजगी झेलनी पड़ी. कोर्ट ने डीजीपी गोयल को कड़े निर्देश दिए कि वे किसी भी हाल में प्रयागराज नहीं छोड़ सकते हैं.
दरअसल मामले में कोर्ट ने छात्रा के फांसी लगा लेने के बाद उसके पंचनामे का वीडियो देखा था. इसमें पुलिस के रवैये पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और डीजीपी गोयल को पूरी तैयारी के साथ गुरुवार को भी कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए.

एसपी मैनपुरी को जबरन करें सेवानिवृत्त
कोर्ट ने पुलिस के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताते हुए डीजीपी गोयल को आदेश दिया कि या तो वे एसपी मैनपुरी को तत्काल प्रभाव से हटा दें या फिर उन्हें जबरन सेवा से निवृत्त कर दें. कोर्ट ने कहा कि छात्रा की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट देखने से ये साफ पता चलता है कि उसके साथ छेड़छाड़ की गई है. गले में फांसी के निशान संदेह पैदा कर रहे हैं. कोर्ट ने डीजपी गोयल को सख्त लहजे में कहा कि या तो वे कार्रवाई करें नहीं तो कोर्ट कड़े कदम उठाएगा. अब इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी.
उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह की ओर जनहित याचिका दाखिल कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस एम एन भंडारी और जस्टिस ए के ओझा की खंडपीठ कर रही है.

क्या है मामला
गौरतलब है कि जवाहर नवोदय विद्यालय मैनपुरी में कक्षा 11 में पढ़ने वाली एक छात्रा की 16 सितंबर 2019 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. छात्रावास में ही छात्रा का शव मिला था. पुलिस और प्रशासन ने इसे आत्महत्या माना. लेकिन परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था. इस मामले में 26 सितंबर को राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की भी सिफारिश कर दी थी. आगरा की एफएसएल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी.

UP NHM CHO Answer Key 2021: यूपी एनएचएम सीएचओ की आंसर-की जारी, ऐसे करें चेक

UP NHM CHO Answer Key 2021: जारी प्रोविजनल आंसर-की पर अभ्यर्थी 16 सितंबर 2021 तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं.

UP NHM CHO Answer Key 2021: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, यूपी ने कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती परीक्षा की आंसर-की जारी कर दी है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर आंसर-की चेक कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 10:48 IST
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नई दिल्ली (UP NHM CHO Answer Key 2021). राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, यूपी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भर्ती परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की (UP NHM CHO Answer Key 2021) जारी कर दी गई है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upnrhm.gov.in से आंसर-की डाउनलोड कर सकते हैं. जारी आंसर-की पर अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए 16 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं.

बता दें कि प्राप्त आपत्तियों के निपटारे के बाद फाइनल आंसर-की जारी की जाएगी. कुल 2800 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएगी. 30 जून 2021 से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी और आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2021 निर्धारित की गई थी.

UP NHM CHO Answer Key 2021: ऐसे चेक करें आंसर-की
-सबसे पहले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upnrhm.gov.in पर जाएं.
-होम पेज पर दिए गए Updates  सेक्शन पर जाएं.
-अब Objection Portal for receiving representations from appeared candidates for 2800 CHO recruitment drive, which is valid from 14.09.2021 to 16.09.2021 (11.55PM) के लिंक पर क्लिक करें.
-अपना यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करें और लॉग इन पर क्लिक करें.
-आंसर- की आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा.

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